धर्म-अध्यात्म “महान ईश्वर व उसकी मत-मतान्तरों में फंसी अज्ञानी व अन्धविश्वासी सन्तानें” October 3, 2018 / October 3, 2018 | Leave a Comment मनमोहन कुमार आर्य, वेदों का सत्य स्वरूप व गुण, कर्म, स्वभाव का ज्ञान मत-मतान्तरों के किसी धर्म ग्रन्थ में प्राप्त नहीं होता अपितु यह वेद और वेदों पर आधारित ऋषियों के ग्रन्थ उपनिषद्, दर्शन आदि से ही विदित होता है। ऋषि दयानन्द के प्रमुख ग्रन्थ सत्यार्थप्रकाश, ऋग्वेदादिभाष्यभूमिका, आर्याभिविनय, पंचमहायज्ञ विधि आदि ग्रन्थ भी ईश्वर व […] Read more » अत्याचार अनाचार अन्याय असमानता झगड़े दुराचार भ्रष्टाचार महर्षि दयानन्द शोषण सर्वत्र शोषण स्वार्थ
धर्म-अध्यात्म “श्राद्ध और तर्पण – ज्ञानपूर्वक किया गया कर्म ही फल दायक होता है अन्य नहीं” October 2, 2018 | Leave a Comment मनमोहन कुमार आर्य, आजकल देश में श्राद्ध एवं तर्पण का पक्ष चल रहा है। श्राद्ध के बारे में मान्यता है कि भाद्रपद महीने के कृष्ण पक्ष में मृतक माता-पिता, दादी-दादा व परदादी-परदादा का का श्राद्ध करने से वह तृप्त होते हैं। इसके लिये पण्डितों व ब्राह्मणों को भोजन कराने सहित यज्ञ-हवन व दान-पुण्य का महत्व […] Read more » अन्धविश्वासों अन्न आचार्य चाचा ताऊ दादा दादी दुग्ध धार्मिक कर्मकाण्डों फल फूफा बहिन बुआ भाई मामा मौसी
धर्म-अध्यात्म आर्यसमाज धामावाला देहरादून का रविवारीय सत्संग- ‘‘यदि अपनी रक्षा चाहते हैं तो वैदिक विधि से ईश्वर की स्तुति करें: आचार्य सोमदेव,अजमेर’’ October 1, 2018 | Leave a Comment मनमोहन कुमार आर्य, आर्यसमाज धामवाला, देहरादून ने 5 दिवसीय वैदिक प्रचार का कार्यक्रम धूमधाम से मनाया जिसका आज समापन आर्यसमाज मन्दिर में हुआ। पांच दिवसीय कार्यक्रम में श्री श्रद्धानन्द बाल वनिता आश्रम सहित रामप्यारी आर्य कन्या पाठशाला में यज्ञ एवं सत्संग का आयोजन किया गया। इसके साथ अन्य-अन्य तिथियों व समय पर श्रीमती उमा आर्या […] Read more » र श्रीमती उमा आर्या जी श्रीमती रीता जी एवं श्रीमती सीमा महेन्द्रु श्रीमती वीरा गोयल श्रीमती शुभरानी जी श्रीमती स्नेहलता खट्टर जी
धर्म-अध्यात्म “ईश्वर-मनुष्य संबंध व्याप्य-व्यापक, स्वामी-सेवक और पिता-पुत्र का है” October 1, 2018 | Leave a Comment मनमोहन कुमार आर्य, ईश्वर इस संसार की रचना करने वाले, पालन करने वाले तथा सृष्टि की अवधि पूरी होने पर इसकी प्रलय करने वाली सच्चिदानन्दस्वरूप, निराकार, सर्वशक्तिमान, न्यायकारी, सर्वव्यापक, सर्वज्ञ, अजन्मा, नित्य व अविनाशी सत्ता को कहते हैं। मनुष्य का आत्मा एक अल्प परिमाण, चेतन, अल्पज्ञ, अनुत्पन्न, नित्य, अविनाशी, कर्म-फल के बन्धनों में आबद्ध, कर्मानुसार […] Read more » अजर अनन्त अनादि अनुत्पन्न वा अजन्मा अनुपम अभय दयालु निराकार निर्विकार पवित्र व सृष्टिकर्ता अविनाशी सर्वज्ञ सर्वव्यापक सर्वशक्तिमान सर्वाधार सर्वान्तर्यामी सर्वेश्वर
धर्म-अध्यात्म “क्या हमारा वर्तमान का जन्म पिछले जन्म का पुनर्जन्म नहीं है?” September 29, 2018 | Leave a Comment मनमोहन कुमार आर्य, वेद और वैदिक परम्परा में ईश्वर व जीवात्मा को सनातन, अजन्मा, अमर, अविनाशी, जन्म व मरण के बन्धन में बन्धा हुआ और कर्मों का कर्ता और उसके फलों को भोगने वाला माना गया है। वेद क्या हैं? वेद ईश्वरीय ज्ञान है जो ईश्वर ने सृष्टि को बनाकर मनुष्यादि प्राणियों की अमैथुनी कर […] Read more » अजन्मा अनन्त दयालु निराकार निर्विकार न्यायकारी सच्चिदानन्दस्वरूप सर्वशक्तिमान सृष्टिकर्ता
धर्म-अध्यात्म “आध्यात्मिकता रहित भौतिक सुखों से युक्त जीवन अधूरा व हानिकारक है” September 28, 2018 | 1 Comment on “आध्यात्मिकता रहित भौतिक सुखों से युक्त जीवन अधूरा व हानिकारक है” मनमोहन कुमार आर्य, मनुष्य मननशील प्राणी है। मनुष्य अन्नादि से बना भौतिक शरीर मात्र नहीं है अपितु इसमें एक अनादि, नित्य, अविनाशी, अमर, अल्पज्ञ, जन्म-मरण धर्मा, शुभाशुभ कर्मों का कर्ता व भोक्ता जीवात्मा भी है जो इस शरीर का स्वामी है। आश्चर्य है कि अधिकांश शिक्षित व भौतिक विज्ञानी भी अपनी आत्मा के स्वरूप व […] Read more » ईश्वर धार्मिक राजधर्म सच्चिदानन्दस्वरूप सर्वव्यापक सामाजिक
धर्म-अध्यात्म “वेदमार्ग ही मनुष्य को ईश्वर, जीवात्मा व संसार का ज्ञान कराकर मोक्ष में प्रवृत्त कराता है” September 27, 2018 | Leave a Comment मनमोहन कुमार आर्य, संसार में मुख्यतः दो प्रकार की जीवन शैली एवं संस्कृतियां हैं। एक त्याग की ओर प्रवृत्त करती हैं तो दूसरी भोग की ओर। वैदिक धर्म व संस्कृति मनुष्य को त्यागपूर्वक जीवन व्यतीत करने का सन्देश देती है। पाश्चात्य एवं अन्य विदेशी संस्कृतियां प्रायः अपने अनुयायियों को भोग करने का संकेत देती हैं। […] Read more » अजर अनादि अमर अविनाशी आत्मा आत्मोन्नति जन्म-मरण धर्मा नित्य पुनर्जन्म पूर्वजन्म शाश्वत् सनातन ससीम
धर्म-अध्यात्म “मनुष्य वही है जो सदा सत्य का आचरण करता है” September 26, 2018 | Leave a Comment मनमोहन कुमार आर्य, मनुष्य क्या वास्तव में मनुष्य है? यह प्रश्न इसलिये करना पड़ रहा है कि किसी देश व समाज के जो नियम होते हैं, उनका वर्तमान समय में पालन देखने को नहीं मिल रहा है। वैदिक शिक्षा है कि मनुष्य को सत्य बोलना चाहिये तथा असत्य नहीं बोलना चाहिये। सत्य बोलना धर्म के […] Read more » ईश्वर देश मनुष्य सत्य समाज व न्यायालय
धर्म-अध्यात्म “अग्निहोत्र-यज्ञ क्यों करें?” September 25, 2018 | Leave a Comment –मनमोहन कुमार आर्य, सृष्टि के आरम्भ में परमात्मा ने चार ऋषियों अग्नि, वायु, आदित्य व अंगिरा को वेदों का भाषा व उनके अर्थ सहित ज्ञान दिया था। वेदों में यज्ञ करने का विधान है जिसके आधार पर महर्षि दयानन्द जी ने यज्ञ की पूर्ण विधि पंचमहायज्ञ विधि सहित संस्कार विधि में दी है। यज्ञ क्यों […] Read more » “अग्निहोत्र-यज्ञ क्यों करें?” ऋषि दयानन्द महर्षि दयानन्द माता पिता
धर्म-अध्यात्म समाज -आर्यसमाज धामावाला, देहरादून का साप्ताहिक सत्संग-“माता-पिता व पितरों की सेवा से सन्तानों द्वारा उनका ऋण चुकता होता है : आचार्य वीरेन्द्र शास्त्री” September 24, 2018 | Leave a Comment मनमोहन कुमार आर्य, आर्यसमाज, धामावाला, देहरादून सन् 1879 में महर्षि दयानन्द जी द्वारा स्थापित आर्यसमाज है जहां उन्होंने विश्व में पहली बार एक मुस्लिम मत के बन्धु मोहम्मद उमर व उसके परिवार को उसकी इच्छानुसार वैदिक धर्म में दीक्षित कर उसे अलखधारी नाम दिया था। आज रविवार के सत्संग में यहां आरम्भ में अग्निहोत्र हुआ […] Read more » आचार्य वीरेन्द्र शास्त्री जी आर्यसमाज ईश्वर याज्ञवल्क्य श्राद्ध श्री वीरेन्द्र शास्त्री
प्रवक्ता न्यूज़ “मन को वश में करना कठिन है परन्तु इसकी साधना आवश्यक है” September 24, 2018 | Leave a Comment मनमोहन कुमार आर्य, मनुष्य का मन ही बन्धन व मोक्ष का कारण है। यह दर्शन शास्त्र का वचन है और यह सत्य सिद्धान्त है। मनुष्य जो भी कर्म करता है वह शुभ व अशुभ होने से दो प्रकार के कहे जाते हैं। शुभ कर्म करने का परिणाम शुभ व सुख होता है और अशुभ कर्म […] Read more » घूम्रपान चाय निराकार न्यायकारी मदिरापान मांसाहार सच्चिदानन्दस्वरूप सद्कर्मों सर्वज्ञ सर्वव्यापक
धर्म-अध्यात्म -वैदिक साधन आश्रम तपोवन का परिचय, कार्य एवं कुछ अन्य जानकारियां-‘वैदिक साधन आश्रम तपोवन का 5 दिवसीय शरदुत्सव आगामी 3 अक्तूबर 2018 से आरम्भ हो रहा है’ September 22, 2018 | Leave a Comment मनमोहन कुमार आर्य, हम विगत कुछ वर्षों से वैदिक साधन आश्रम तपोवन, देहरादून की गतिविधियों मुख्यतः इसके शरदुत्सव तथा ग्रीष्मोत्सवों में आयोजित कार्यक्रमों व प्रवचनों आदि से अपने पाठक मित्रों को जानकारी देते हैं। रहे आश्रम का सौभाग्य है कि यहां स्वामी चित्तेश्वरानन्द सरस्वती एवं आचार्य आशीष दर्शनाचार्य जी निवास करते हैं। इसके प्रधान श्री […] Read more » आर्यसमाज हिण्डोन सिटी ईश्वर व वेद ऋषि उद्यान अजमेर गुरुकुल गौतमनगर गुरुकुल पौंधा टंकारा