धर्म-अध्यात्म “सृष्टिकर्ता ईश्वर की आज्ञाओं का प्रचारक-प्रसारक है आर्यसमाज” August 13, 2018 / August 13, 2018 | Leave a Comment मनमोहन कुमार आर्य, आर्यसमाज एक संगठन है जिसकी स्थापना वेदों के उच्च कोटि के विद्वान, योगी व आप्त पुरुष ऋषि दयानन्द सरस्वती ने मुम्बई में 10 अप्रैल, 1875 को की थी। ऋषि दयानन्द ने अपने जीवन में सन् 1863 से आरम्भ करके सन् 1883 में मृत्यु पर्यन्त अविद्या के नाश और विद्या की वृद्धि के […] Read more » Featured आदित्य उपास्य-उपासक ऋषि दयानन्द सरस्वती ऋषि-आत्माओं अग्नि गुरू-शिष्य पिता-पुत्र प्रचारक-प्रसारक है आर्यसमाज” योगी व आप्त पुरुष वायु विद्वान सृष्टिकर्ता ईश्वर स्वामी-सेवक
धर्म-अध्यात्म ब्रह्मा आचार्य रणजीत शास्त्री का सम्बोधन” August 13, 2018 / August 13, 2018 | Leave a Comment मनमोहन कुमार आर्य, वैदिक साधन आश्रम तपोवन, देहरादून के यशस्वी मंत्री श्री प्रेम प्रकाश शर्मा जी द्वारा अपने निवास दून विहार, राजपुर रोड, देहरादून के समीप सनातन धर्म के राधाकृष्ण मन्दिर में आठ दिवसीय ‘यजुर्वेद पारायण यज्ञ एवं रामकथा’ का आयोजन किया गया है। यह आयोजन 4 अगस्त, 2018 को आरम्भ हुआ था जिसका समापन […] Read more » Featured आर्यसमाज ईश्वर ज्ञान प्रेमप्रकाश शर्मा बुद्धि ब्रह्मा आचार्य रणजीत शास्त्री का सम्बोधन” महर्षि दयानन्द विद्या विनम्रता वैदिक साधन शिक्षा
प्रवक्ता न्यूज़ “शिक्षापत्री- ध्वान्ति-निवारण लघु पुस्तक में कुछ आप्त ऋषि-वचन” August 13, 2018 / August 13, 2018 | Leave a Comment मनमोहन कुमार आर्य, ऋषि दयानन्द सरस्वती जी ने एक लघु पुस्तक स्वामी नारायण मत वा इस मत के आचार्य सहजानन्द की पुस्तक ‘शिक्षा पत्री’ के खण्डन में लिखी है। इस पुस्तक में प्रयोग में आये कुछ आप्त वचनों वा ऋषि-वचनों को हम यहां अपने श्रद्धास्पद आर्य बहिन-भाईयों के स्वाध्याय के लिए प्रस्तुत कर रहे हैं। […] Read more » Featured ईश्वर ऋषि दयानन्द सरस्वती कण्ठी पाषाण आदि मूर्तिपूजन लघु पुस्तक वीर्य्यरूप शिक्षापत्री- ध्वान्ति सर्वव्यापक
धर्म-अध्यात्म “वेद, ईश्वर, जीवात्मा और प्रकृति के सत्य स्वरुप का प्रचार करने से आर्यसमाज मुझे प्रिय है” August 11, 2018 / August 11, 2018 | Leave a Comment मनमोहन कुमार आर्य, संसार में सत्य और असत्य तथा विद्या और अविद्या का अस्तित्व है और मनुष्य को दोनों का ज्ञान होना चाहिये। यदि हमें पता हो कि सत्य क्या है और विद्या क्या है तो हम उसके विपरीत व उल्टे असत्य व अविद्या को भी समझ सकते हैं। मनुष्य के मन में अनेक बार […] Read more » Featured आर्यसमाज वेदों ईश्वर ऋषि दयानन्द धार्मिक व सामाजिक मनुष्य व प्राणी वेद संसार
धर्म-अध्यात्म समाज “पराधीन भारत में अंग्रेजों की आर्यसमाजियों पर क्रूर दृष्टि के कुछ उदाहरण” August 10, 2018 / August 10, 2018 | Leave a Comment मनमोहन कुमार आर्य, पराधीन भारत में अंग्रेज पादरियों और अधिकारियों की आर्यसमाज के अनुयायियों पर कू्रर दण्डात्मक दृष्टि थी। इसके लगभग 24 उदाहरण आर्यसमाज के विद्वान आचार्य पं. सत्यप्रिय शास्त्री, प्राचार्य, दयानन्द ब्राह्म महाविद्यालय, हिसार ने अपनी पुस्तक ‘भारतीय स्वातन्त्र्य संगाम में आर्यसमाज का योगदान’ में दिये हैं। वह पुस्तक के छठे अध्याय में […] Read more » ‘भारतीय स्वातन्त्र्य संगाम Featured आर्यसमाज भाई परमानन्द सहित पं. राम प्रसाद बिस्मिल लाला लाजपतराय शहीद भगत सिंह स्वामी श्रद्धानन्द
धर्म-अध्यात्म “राधा-कृष्ण मन्दिर में यजुर्वेद पारायण यज्ञ एवं रामकथा” August 9, 2018 / August 9, 2018 | Leave a Comment मनमोहन कुमार आर्य, वैदिक साधन आश्रम तपोवन, देहरादून के मंत्री श्री प्रेम प्रकाश शर्मा जी ने अपने दून विहार, राजपुर रोड, देहरादून निवास के समीप राधा–कृष्ण मन्दिर में ‘यजुर्वेद पारायण यज्ञ एवं श्री रामकथा’ का आठ दिवसीय आयोजन कराया है। आज कार्यक्रम के चौथे दिन अपरान्ह 4 बजे से यजुर्वेद पारायण यज्ञ आरम्भ हुआ। प्रतिदिन […] Read more » “राधा-कृष्ण मन्दिर में यजुर्वेद पारायण यज्ञ एवं रामकथा” Featured उर्मिला लक्ष्मण बाल्मीकि और तुलसी जी मैथिली शरण गुप्त राधा-कृष्ण
धर्म-अध्यात्म “विधवा विवाह के समर्थन में दो सनातनधर्मी पक्षों में हुए शास्त्रार्थ में आर्यसमाजी ठाकुर अमर सिंह एक पक्ष के शास्त्रार्थकर्ता बनाये गये” August 8, 2018 / August 8, 2018 | Leave a Comment –मनमोहन कुमार आर्य, सन् 1935 में होशियारपुर, पंजाब में सनातन धर्म के दो पक्षों में विधवाओं के पुनर्विवाह के समर्थन में शास्त्रार्थ होना निश्चित हुआ। सनातन धर्म में विधवा विवाह का निषेध मानने वालों को शास्त्रार्थ के लिए दो विद्वान पं. अखिलानन्द और पं. कालूराम शास्त्री मिल गये पर विधवा विवाह का समर्थन करने वाला […] Read more » ‘‘वैधव्य विध्वंसन चम्पू ‘अमर स्वामी अभिनन्दन ग्रन्थ’ Featured आर्यसमाजी ठाकुर अमर सिंह शास्त्रार्थ महारथी ठा. अमर सिंह” श्री कालूराम जी शास्त्री सनातन धर्मी
धर्म-अध्यात्म “आर्यसमाज और गुरुकुल” August 7, 2018 / August 7, 2018 | Leave a Comment –मनमोहन कुमार आर्य, आर्यसमाज वेद वा वैदिक धर्म के प्रचार व प्रसार का अद्वितीय व अपूर्व आन्दोलन है जो पूरे संसार के मनुष्यों का कल्याण करना चाहता है। यदि हम विचार करें कि मनुष्यों का सर्वोपरि व प्रमुख धर्म क्या है तो हमें इसका उत्तर यही मिलता है कि परमात्मा ने मनुष्यों को वेद […] Read more » “आर्यसमाज और गुरुकुल” Featured डा. अन्नपूर्णा जी डा. ज्वलन्तकुमार शास्त्री डा. नन्दिता शास्त्री डा. प्रियंवदा वेदभारती डा. रघुवीर वेदालंकार डा. सूर्यादेवी चतुर्वेदा डा. सोमदेव शास्त्री पं. वेदप्रकाश श्रोत्रिय स्वामी सत्यपति जी
शख्सियत “आजाद हिन्द फौज और आर्यसमाज” August 6, 2018 / August 6, 2018 | Leave a Comment –मनमोहन कुमार आर्य, देश की आजादी में नेताजी सुभाषचन्द्र बोस की महत्वपूर्ण व प्रमुख भूमिका है। वह देश की आजादी के नायकों में एक प्रमुख नायक हैं। देश में उनको उनके त्याग और कार्यों के अनुरूप स्थान नहीं मिला। आज भी वास्तविक लोकप्रियता में वह आजादी के अन्य नायकों से बहुत आगे हैं। 15 […] Read more » Featured ईवीएम की अग्नि परिक्षा गुरु गोविन्द सिंह देशद्रोह का मुकदमा नेताजी सुभाषचन्द्र बोस वीर शिवाजी स्वाधीनता देवी
धर्म-अध्यात्म “गृहस्थ आश्रम सुख का धाम कब होता है?” August 6, 2018 / August 6, 2018 | Leave a Comment –मनमोहन कुमार आर्य, हमें मनुष्य जीवन परमात्मा से मिलता है। हमारा परमात्मा सच्चिदानन्दस्वरूप, निराकार, सर्वशक्तिमान, सर्वज्ञ, सृष्टि का कर्ता, धर्त्ता व हर्त्ता है। संसार में तीन सत्तायें हैं जिन्हें ईश्वर, जीव व प्रकृति के नाम से जाना जाता है। तीनों सत्तायें अत्यन्त सूक्ष्म है। ईश्वर सर्वातिसूक्ष्म है। ईश्वर जीव व प्रकृति दोनों के भीतर विद्यमान […] Read more » “गृहस्थ आश्रम सुख का धाम कब होता है?” Featured अवतारवाद ईश्वर कृत्य मूर्तिपूजा फलित ज्योतिष मनुष्य समान है मृतक श्राद्ध सबका आदर करें समाज
धर्म-अध्यात्म “विद्यायुक्त सत्य वैदिक धर्म की उन्नति में बाधायें” August 4, 2018 / August 4, 2018 | Leave a Comment –मनमोहन कुमार आर्य, वैदिक धर्म संसार का सबसे प्राचीनतम एवं ज्ञान विज्ञान से युक्त प्राणी मात्र का हितकारी धर्म है। यही एक मात्र धर्म है जो मनुष्यों को श्रेष्ठ गुण, कर्म व स्वभाव को धारण करने की प्रेरणा करता है। वैदिक धर्म से इतर हिन्दू, जैन, बौद्ध, ईसाई, मुस्लिम आदि मत-मतान्तर हैं। धर्म श्रेष्ठ गुण–कर्म–स्वभाव […] Read more » “विद्यायुक्त सत्य वैदिक धर्म की उन्नति में बाधायें” Featured ऋषि दयानन्द कृपासागर नित्य मुक्तस्वभाव वाला नित्य शुद्ध पं. गुरुदत्त विद्यार्थी पं. लेखराम जी महात्मा हंसराज सच्चिदानन्दानन्तस्वरूप स्वामी श्रद्धानन्द जी
धर्म-अध्यात्म “देश में जन्मना जाति व्यवस्था 1350 वर्ष पूर्व आरम्भ हुई” August 3, 2018 / August 3, 2018 | Leave a Comment –मनमोहन कुमार आर्य, वेद मनुष्य के गुण, कर्म व स्वभाव को महत्व देते हैं। जो मनुष्य श्रेष्ठ गुण, कर्म व स्वभाव वाला है वह द्विज और जो गुण रहित है उसे शूद्र कहा जाता है। द्विज ब्राह्मण, क्षत्रिय व वैश्य को कहते हैं जो गुण, कर्म व स्वभाव की उत्तमता से होते हैं। […] Read more » 1350 वर्ष पूर्व आरम्भ हुई” Featured आचार्य ईश्वर ऋषि दयानन्द चाणक्य देश में जन्मना जाति व्यवस्था धर्म पिता पूर्व परजन्म ब्राह्मण माता मुक्ति विद्या वेद सत्संग