विश्ववार्ता केनेडी हवाई अड्डे के ध्वंस की साजिश व अमेरिकी निर्णय January 29, 2011 / December 16, 2011 | Leave a Comment हरिकृष्ण निगम क्या किसी को विश्वास होगा कि एक स्वतंत्र देश की संसद के किसी पूर्व सदस्य को भी अमेरिका अपने न्यूयार्क स्थित जॉन केनेडी हवाई अड्डे पर विस्फोट दे सकता है। पर हाल में ऐसी ही एक साजिश के लिए न्यूयार्क के ब्रूकलिन फेडरल कोर्ट ने ऐसा निर्णय दिया है। षड़यंत्र का भांडाफोड़ कर […] Read more » plan of destruction of Kennedy air port केनेडी हवाई अड्डे के ध्वंस की साजिश
धर्म-अध्यात्म स्वास्थ्य-योग योगविद्या को हिंदू आस्था का अंग मानने पर झिझक क्यों? January 29, 2011 / December 15, 2011 | 3 Comments on योगविद्या को हिंदू आस्था का अंग मानने पर झिझक क्यों? हरिकृष्ण निगम आज जब लगभग डेढ़ करोड़ लोग मात्र अमेरिका में ही योगाभ्यास, ध्यान और प्राणायाम से जुड़े हुए हैं इसकी अंतर्राष्ट्रीय लोकप्रियता एवं स्वास्थ जीवन के संदर्भ में प्रासंगिकता को समझा जा सकता है। यह भारतीय वैकल्पिक चिकित्सा पध्दति की बढ़ती हुई स्वीकृति का भी सूचक है जिसके बीच में आस्था, नस्ल, रंगभेद या […] Read more » hindu beliefs and yoga योगविद्या योगविद्या aur हिंदू आस्था
राजनीति कांग्रेस के दोहरे मापदंड और संघ January 29, 2011 / December 15, 2011 | 4 Comments on कांग्रेस के दोहरे मापदंड और संघ साकेंद्र प्रताप वर्मा कांग्रेसी खानदान आजकल जोर-शोर से संघ परिवार और संपूर्ण हिंदुत्व को आतंकवादी गतिविधियों में संलिप्त दर्शाने की कोशिश में जुटा है तथा आत्मप्रशंसा में स्वयं को सवा सौ साल की राजनैतिक परंपरा का वाहक बता रहा है। कांग्रेसी यह भूल जाते हैं कि उस परंपरा के बचपन की बचकानी हरकतों तथा जवानी […] Read more » dual character of congress कांग्रेस कांग्रेस के दोहरे मापदंड राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ
कविता डॉ. अरुण दवे की कविताएं January 28, 2011 / December 15, 2011 | 2 Comments on डॉ. अरुण दवे की कविताएं फक्कड़वाणी (1) आजादी के बाद भी, हुए न हम आबाद काग गिद्ध बक कर रहे, भारत को बर्बाद भारत को बर्बाद, पनपते पापी जावे तस्कर चोर दलाल, देश का माल उड़ावे कहे फक्कड़ानन्द, दांत दुष्टों के तोड़ो गद्दारों से कहे, हमारा भारत छोडो (2) कहता है इक साल में, लाल किला दो बार झोपड़ियाँ चिन्ता […] Read more » Dr.Arun Dave Poems कविताएं डॉ. अरुण दवे
प्रवक्ता न्यूज़ अभाविप ने किया जेएनयू में अलगाववादियों का पुतला दहन January 27, 2011 / January 27, 2011 | Leave a Comment जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय, अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद् इकाई ने गत ‘केंद्र सरकार, जम्मू और कश्मीर सरकार तथा अलगाववादियों’ का पुतला गंगा ढाबा पर 26 जनवरी को शाम सात बजे फूँका। विद्यार्थी परिषद् ने आरोप लगाया कि केंद्र और कश्मीर की उमर अब्दुल्ला सरकार ने अलगाववादियों के सामने घुटने टेक दिए हैं। देश की जनता को […] Read more » अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय जेएनयू
कविता कविता / तिरंगा January 26, 2011 / December 15, 2011 | 2 Comments on कविता / तिरंगा माँ के अंग तिरंगा चढ़ता हम ले चले भेंट मुस्काते घर-घर से अनुराग उमड़ता, दानव छल के जाल बिछाते लो छब्बीस जनवरी आती! माँ की ममता खड़ी बुलाती!! दाती कड़ी परीक्षा लेती तीनों ऋण से मुक्ति देती कुंकुम-रोली का क्या करना? खप्पर गर्म लहू से भरना! खोपे नहीं, खोपड़े अर्पित! चण्डी मुण्डमाल से अर्चित!! देखें […] Read more » poem on national flag तिरंगा
प्रवक्ता न्यूज़ नर्मदा सामाजिक कुंभ पर मीडिया के महाकुम्भ की तैयारी January 26, 2011 / December 16, 2011 | Leave a Comment 10, 11, 12 फरवरी को होने वाले माँ नर्मदा सामाजिक कुंभ की तैयारियाँ जोर पकड़ चुकी हैं। कुंभ स्थल पर मीडिया सेंटर भी कायम किया गया है। मीडिया कव्हरेज के लिए संचार की जरूरी सुविधाएं इस सेंटर पर जुटाई जा रही है। माँ नर्मदा सामाजिक कुंभ समिति ने कुंभ स्थल में एक उपयुक्त स्थान पर […] Read more » Narmada kumbh नर्मदा कुंभ
प्रवक्ता न्यूज़ राष्ट्रीय एकता को बल प्रदान करेगा नर्मदा कुंभ January 26, 2011 / December 16, 2011 | 2 Comments on राष्ट्रीय एकता को बल प्रदान करेगा नर्मदा कुंभ आगामी 10, 11 एवं 12 फरवरी 2011 को मध्यप्रदेश का पहला महाकुंभ पतित पावनी मॉ नर्मदा के पावन तट पर मंडला में होने जा रहा है। माँ नर्मदा सामाजिक कुंभ की कल्पना राष्ट्रीय एकता और सामाजिक समरसता को बल प्रदान करेगी। अनेक उददेश्यों से सामाजिक महाकुंभ के लिये मॉ रेवा के तट पर बसा मंडला […] Read more » National Unity नर्मदा कुंभ
कविता कविता/याचना January 26, 2011 / December 16, 2011 | 1 Comment on कविता/याचना मेरी ख़ामोशी का ये अर्थ नहीं कि तुम सताओगी तुम्हारी जुस्तजू या फिर तुम ही तुम याद आओगी वो तो मैं था कि जब तुम थी खड़ी मेरे ही आंगन में मैं पहचाना नहीं कि तुम ही जो आती हो सपनों में खता मेरी बस इतनी थी कि रोका था नहीं तुमको समझ मेरी न […] Read more » poem कविता
विविधा मनरेगा में उग रहा भ्रष्टाचार January 26, 2011 / December 16, 2011 | 2 Comments on मनरेगा में उग रहा भ्रष्टाचार विनोद उपाध्याय मध्य प्रदेश में महात्मा गांधी राष्ट्रीय रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के तहत उजाड़ और बीहड़ वनक्षेत्रों की बंजर भूमि पर वैकल्पिक ऊर्जा ईंधन या बायो फ्यूल उत्पादन के लिए जेट्रोफा की खेती करने का काम बड़ी जोर शोर के साथ शुरू किया गया था लेकिन अधिकारियों की करतुतों के कारण जेट्रोफा तो नहीं […] Read more » Corruption भ्रष्टाचार मनरेगा
विविधा साज नहीं, अब तो यहां सजता है जिस्म का बजार January 26, 2011 / December 16, 2011 | Leave a Comment विनोद उपाध्याय कभी दिन ढलते ही तबलों की थाप और घुंघरुओं की खनक से गूंजने वाला इलाके आज शांत पड़े हैं। अब यहां के कोठों पर तहज़ीब और कला के क़द्रदान नहीं, बल्कि शरीर पर नजऱ रखने वाले ही अधिक आते हैं। आज़ादी मिलने के पहले और उसके बाद के कुछ वर्षों तक सराय में […] Read more » Body Market जिस्म बजार
पर्यावरण जहरीली हो रही नर्मदा January 26, 2011 / December 16, 2011 | 4 Comments on जहरीली हो रही नर्मदा विनोद उपाध्याय देश की सबसे प्राचीनतम नदी नर्मदा का जल तेजी से जहरीला होता जा रहा है। अगर यही स्थिति रही तो मध्यप्रदेश की जीवनरेखा नर्मदा अगले 10-12 सालों में पूरी तरह जहरीली हो जाएगी और इसके आसपास के शहरों-गांवों में बीमारियों का कहर फैल जाएगा। हाल ही मध्यप्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की ओर से […] Read more » Narmada नर्मदा