राजनीति राजनैतिक विद्वेष की भावना से प्रेरित लिब्रहान आयोग की रिपोर्ट December 23, 2009 / December 25, 2011 | 1 Comment on राजनैतिक विद्वेष की भावना से प्रेरित लिब्रहान आयोग की रिपोर्ट सत्रह वर्षों में 399 बार सुनवाई, 102 गवाही, 48 बार कार्यकाल बढ़ाने और 8 करोड़ रूपये खर्च करने के बाद लिब्रहान आयोग की रिपोर्ट संसद में पेश होने से पहले ही एक अंग्रेजी दैनिक समाचार पत्र ‘द इण्डियन एक्सप्रेस’ में लीक हो गई, जिसके बाद विपक्षी दलों द्वारा रिपोर्ट को संसद में पेश करने की […] Read more » Librahan Commision लिब्रहान आयोग
राजनीति राजनीति गांधी दर्शन से प्रेरित हो December 22, 2009 / December 25, 2011 | Leave a Comment संसद में देश की मौलिक समस्याओं की उपेक्षा हो रही है। पवित्र सदन में असभ्य टिप्पणियां हो रही हैं। पूर्व प्रधानमंत्री अटल जी के विरूध्द अमर्यादित बातें कही गयीं। गांधी जी ने ब्रिटिश तर्ज की संसदीय परम्परा से आगाह किया है। भारत को गांधी की, गांधी दर्शन की, गांधी जी द्वारा स्मरण कराई गई प्राचीन […] Read more » Mahatma Gandhi महात्मा गांधी
समाज मुस्लिम औरतों की दयनीय स्थिति : ज़रूरत है एक बी आपा की December 18, 2009 / December 25, 2011 | 4 Comments on मुस्लिम औरतों की दयनीय स्थिति : ज़रूरत है एक बी आपा की महिलाएं चाहे जिस वर्ग, वर्ण, समाज की हों, सबसे ज्यादा उपेक्षित हैं, दमित हैं, पीड़ित हैं। इनके उत्थान के लिए बाबा साहब भीम राव आंबेडकर ने महिलाओं के लिए आरक्षण की वकालत की थी। महात्मा गांधी ने देश के उत्थान को नारी के उत्थान के साथ जोड़ा था। मुस्लिम औरतों की स्थिति सबसे बदतर है। […] Read more » Muslim lady मुस्लिम औरत
विविधा आत्मविश्वास से मिलती हैं कामयाबियां December 18, 2009 / December 25, 2011 | Leave a Comment सत्यनिष्ठ मनुष्य जीवन में आने वाली चुनौतियां का सामना कर सकता है। वह अपने प्रयास इतने आत्म-विश्वास के साथ करता है कि उसमें आकर्षण और सफलता दोनों ही विद्यमान रहते हैं। सभी मनुष्यों के मन में एक महान लक्ष्य होता है, एक ऊंचा उद्देश्य या कोई विशाल योजना होती हे। किन्तु मार्ग में पहली कठिनाई […] Read more » Confidence आत्मविश्वास
समाज रंभाती संस्कृति को भूलता समाज December 17, 2009 / December 25, 2011 | 1 Comment on रंभाती संस्कृति को भूलता समाज गो-माता के विषय में यह तर्क देने की आवश्यकता हिन्दू समाज को नहीं है कि उससे हमको क्या-क्या फायदे हैं। समाचार-पत्र और पत्रिकाएं संभवतः स्मृतिहीन नई-पीढ़ी के लिये ही खनिज-लवण और पौष्टिक तत्वों की लिस्ट छापकर गाय के पक्ष में नारेबाजी करती रही हैं, और निष्कर्ष निकाले जाते हैं कि गाय क्योंकि हमारी आर्थिकी का […] Read more » Society समाज
विविधा इतिहास के इतिहास की भारतीय दृष्टि December 15, 2009 / December 25, 2011 | 2 Comments on इतिहास के इतिहास की भारतीय दृष्टि भारत में ‘इतिहास के इतिहास’ पर बहसें चलती हैं। यूरोपीय विद्वान भारत पर इतिहास की उपेक्षा का आरोप लगाते हैं। एलफिन्सटन को सिकंदर के हमले के पूर्व किसी भी घटना का निश्चित समय नहीं दिखाई पड़ता। विटरनिट्ज यहां काव्य, नायकत्व और इतिहास का घालमेल देखते हैं। अलबेरूनी के आरोप ज्यादा सख्त है कि हिन्दू चीजों […] Read more » history इतिहास
राजनीति स्वर्णिम मध्यप्रदेश के नाम पर जनता के साथ छलावा December 14, 2009 / December 25, 2011 | 1 Comment on स्वर्णिम मध्यप्रदेश के नाम पर जनता के साथ छलावा सिवनी। मध्यप्रदेश में शिवराज सिंह चौहान के नेतृत्व में दोबारा भारतीय जनता पार्टी की सरकार को बने एक साल का अरसा बीत चुका है और इस पंचवर्षीय में सरकार विकास कार्य और नई घोषणायें करने की स्थिति मे नहीं लगती। प्रदेश में पूर्व से संचालित एवं घोषित योजनायें ही इतनी है कि उनके संचालन के […] Read more » Madhya Pradesh मध्यप्रदेश
मीडिया 2009-10 का “कोणार्क पत्रकारिता पुरुस्कार” प्रदीप श्रीवास्तव को December 14, 2009 / December 25, 2011 | Leave a Comment निज़ामाबाद. कला, संस्कृति एवम पत्रकारिता के लिए दिया जाने वाला “कोणार्कपुरुस्कार” इस बार निज़ामाबाद (आन्ध्र प्रदेश ) के हिंदी भाषी पत्रकार प्रदीप श्रीवास्तव को दिया जा रहा है.यह पुरुस्कार अगले वर्ष 26 जनवरी2010 कों उड़ीसा के कटक में आयोजित 15 से 28 जनवरी तक होने वाले थियेटर ओलंपियाड के दौरान दिया जायेगा. पुरुस्कार थियेटर मूवमेंट द्वारा […] Read more » Konark Journalism Award कोणार्क पत्रकारिता पुरुस्कार
विश्ववार्ता युद्ध का दर्शन विकसित करना चाहिए December 13, 2009 / December 25, 2011 | 3 Comments on युद्ध का दर्शन विकसित करना चाहिए दुर्भाग्य से हम अपने एक पड़ोसी देश, जो कल तक इस देश का ही एक अंग था, के साथ ऐसी स्थिति में जीने के लिए मजबूर हो गये हैं, जिसमें स्त्रायुतोड़क तनाव में जीना इस देश की नियति बन गया है। यह तनाव केवल भारत का ही नहीं है, पाकिस्तान भी इसमें पूरी तरह डूबा […] Read more » War युद्ध
पर्यावरण कोपेनहेगन जलवायु वार्ता: जनपक्षीय और समग्र हिमालयी नीति जरूरी December 13, 2009 / December 25, 2011 | Leave a Comment संयुक्त राष्ट्र के कोपेनहेगन जलवायु परिवर्तन शिखर सम्मेलन की पृष्ठभूमि में आज दुनिया भर में जिस विषय पर यकायक चर्चा केन्द्रित हो गई है, वह विषय है तेजी से गरमाती धरती और वातावरण के कारण हो रहा जलवायु परिवर्तन। बाली से बार्सेलोना तक और ऋषिकेश से लेकर बेलम (ब्राजील) तक विभिन्न स्तरों पर जलवायु परिवर्तन […] Read more » Kopenhegan climate discussion कोपेनहेगन जलवायु वार्ता
राजनीति राष्ट्रीय एकता की समस्या : हिन्दू और मुसलमान December 12, 2009 / December 25, 2011 | 8 Comments on राष्ट्रीय एकता की समस्या : हिन्दू और मुसलमान आधुनिक भारत एक संप्रभु राष्ट्र है, लेकिन भीतर-भीतर तमाम अंतर्विरोध भी हैं। क्षेत्रीयताएं उपराष्ट्रीयताएं जैसी हैं, इनका और भी संकीर्ण राजनैतिकरण हुआ है। भाषाई हिंसा है। राष्ट्र-भाषा हिन्दी बोलने वाले असम में मार दिए जाते हैं और महाराष्ट्र में पीटे जाते हैं। जाति अलग अस्मिता है, जाति के दल हैं, दलों की पहचान जाति है। […] Read more » National Unity राष्ट्रीय एकता
खेत-खलिहान किसान का गौरवशाली अतीत था, आज किसान को मार्गदर्शन चाहिए December 10, 2009 / December 25, 2011 | 1 Comment on किसान का गौरवशाली अतीत था, आज किसान को मार्गदर्शन चाहिए आज किसान बहुत दुविधा में पड़ा है। वह चाहता है कि वह रासायनिक खाद से कैसे छुटकारा पाए ताकि उसकी धरती फिर से उपजाऊ हो। वह भुल सा गया है कि उनके पुरखे गोबर और गोमूत्र से खाद बनाकर इतने सम्पन्न थे कि उन्होंने आजादी की लड़ाइयों अर्थात 1857, 1905 और 1930 स्वतंत्रता आंदोलनों में […] Read more » Farmer किसान