विविधा विकास ही मिलिटेंसी को खत्म कर सकती है July 16, 2013 / July 16, 2013 | Leave a Comment दिलपज़ीर अहमद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने राज्य से आर्म्ड फोर्स स्पेशल पावर एक्ट यानि अफस्पा हटाने या इसमें संशोधन की बात कर फिर से मुद्दे को गर्मा दिया है। यह एक ऐसा मुद्दा है जिसमें किसी भी प्रकार की बयानबाज़ी से परहेज़ करने वाली सेना भी अपनी चुप्पी तोड़कर विरोध पर उतर आती […] Read more »
धर्म-अध्यात्म धर्म और समाज में तालमेल जरूरी July 10, 2013 | Leave a Comment विमल कुमार सिंह पूर्ण मानव समाज, चाहे वह विश्व के किसी भी कोने में रहता हो, किसी न किसी धार्मिक विश्वास या मान्यता से अवश्य जुड़ा रहा है। यद्यपि कुछ लोग ऐसे भी रहे हैं जो धार्मिक विश्वास के सभी रूपों को नकारने में लगे रहे, परंतु इतिहास के पन्ने पलटने पर हमें ज्ञात होता […] Read more »
साहित्य पहाड़ी भाषा का मिटता अस्तित्व July 9, 2013 | Leave a Comment ख्वाजा परवेज दिलबर भाषा न केवल विचारों को अभिव्यक्त करने का सर्वाधिक महत्वपूर्ण साधन है बल्कि यह किसी भी समुदाय की सामाजिक और सांस्कृतिक पहचान को भी दर्शाने का एक सशक्त माध्यम होता है। देश के अन्य भागों की तरह जम्मू-कश्मी र में भी एक दर्जन से अधिक भाषा बोली और समझी जाती है। इनमें […] Read more »
पर्यावरण प्राकृतिक आपदा ऐसे ही नहीं आती June 26, 2013 | 1 Comment on प्राकृतिक आपदा ऐसे ही नहीं आती विपिन जोशी, उत्तराखंड उत्तराखंड में बीते सप्ताह कुदरत का जो क़हर टूटा उसकी कल्पना किसी ने भी नहीं की थी। तबाही का ऐसा खौ़फनाक मंजर पहले नहीं देखा गया। हांलाकि 1970 में चमोली जिले में गौनाताल में बादल के फटने से डरावने हालात बन गये थे, लेकिन इस प्रकार की क्षति नहीं हुई थी क्योंकि […] Read more »
विधि-कानून सर्वोच्च न्यायालय एवं उच्च न्यायालयों में भारतीय भाषा में न्याय पाने का हक May 18, 2013 | 4 Comments on सर्वोच्च न्यायालय एवं उच्च न्यायालयों में भारतीय भाषा में न्याय पाने का हक 1. यह है कि माननीय संसदीय राजभाषा समिति ने 1958 में संस्तुति की थी कि उच्चतम न्यायालय में कार्यवाहियों की भाषा हिंदी होनी चाहिए| उक्त अनुशंसा को पर्याप्त समय व्यतीत हो गया है किन्तु इस दिशा में आगे कोई प्रगति नहीं हुई है| 2. यह है कि राजभाषा विभाग ने अपने पत्रांक 1/14013/05/2011-O.L.(Policy/C.T.B.) दिनांक 11.09.12 […] Read more » न्याय की भाषा
प्रवक्ता न्यूज़ भाजयुमो का प्रधानमंत्री के कोयले घाटाले में शामिल होने को लेकर उग्र प्रदर्शन May 12, 2013 / May 12, 2013 | Leave a Comment भाजयुमो ने प्रधानमंत्री के खिलाफ किया उग्र प्रदर्शन भ्रष्टाचारी कांग्रेस रूपी रावण की नाभि में बैठा है, मनमोहन सिंह जैसा दोषी प्रधानमंत्री प्रधानमंत्री को लूट के लिए 10 जनपथ ने दिया, 10 साल को ठेका – अनुराग सिंह ठाकुर कार्यकर्ताओं ने तोडे़ बेरिकेट्स और पुलिस ने किया वाटर केनन का इस्तेमाल भारतीय जनता युवा […] Read more »
प्रवक्ता न्यूज़ गुर्जर समाज को राजस्थान में SBC आरक्षण देने के मुद्दे पर सम्मलेन : अखिल भारतीय गुर्जर परिषद् May 12, 2013 / May 12, 2013 | Leave a Comment आज, दिनांक 12 मई 2013, को अखिल भारतीय गुर्जर परिषद् के बैनर तले, मावलंकर हॉल, कंस्टीट्यूशन क्लब, रफ़ी मार्ग, नई दिल्ली में गुर्जर समाज को राजस्थान में विशेष अति पिछड़ा वर्ग (SBC) के अंतर्गत आरक्षण देने के मुद्दे पर सम्मलेन का आयोजन किया गया; आयोजन में देश भर के सभी गुर्जर समाज प्रमुखों सहित लगभग […] Read more »
प्रवक्ता न्यूज़ दिल्ली में जूड़-शीतल का आयोजन April 15, 2013 / April 15, 2013 | Leave a Comment मिथिला की प्रकृति पूजक संस्कृति का पर्व है जूड़-शीतल राजधानी में सतुआइन-धुलखेल का आयोजन नई दिल्ली 14 अप्रैल, बिहार के मिथिला क्षेत्र में लोकप्रिय, प्रकृति प्रेम का प्रतीक पर्व जूड़ शीतल का आयोजन शनिवार को राजधानी दिल्ली में किया गया। मैथिल युवाओं की संस्था “यूथ ऑफ मिथिला” और गैर सरकारी संस्था “माटी” के इस संयुक्त आयोजन […] Read more » जूड़-शीतल
धर्म-अध्यात्म प्रवक्ता न्यूज़ संत और सत्संग के द्वारा ही आत्मा का उद्धार होता है: संत श्री देवरहाशिवनाथ March 11, 2013 / March 11, 2013 | Leave a Comment परमपूज्य ब्रम्हलीन श्री देवरहा बाबा जी महाराज के परम शिष्य त्रिकालदर्शी संत श्री देवरहाशिवनाथदास जी के नेतृत्व में आलम नगर (बिहार) के बाबा सर्वेश्वरनाथ मंदिर में आयोजित त्रिदिवसीय अष्टयाम संकीर्तन व ज्ञान महायज्ञ का आज दिनांक ११ मार्च को समापन हो गया.इस यज्ञ में भारी संख्या में लोगों ने भाग लिया तथा महाप्रसाद ग्रहण किए. […] Read more » देवरहाशिवनाथ
राजनीति काश! राजनेता भी गरीब होते February 19, 2013 | 1 Comment on काश! राजनेता भी गरीब होते मोहम्मद फहद इस्लामी समाज का वह व्यक्ति जिस के पास अपार दौलत हो और गरीबी नाम से दूर दूर तक वास्ता न हो वह क्या जानें गरीबी क्या होती हैं, उन्हें भुखमरी का एहसास भला कैसे होगा? दिल्ली और पटना जैसी राजधानियों के वातानुकूलित कमरों में चैन की नींद सोने वाले से गांव में बसे […] Read more »
विविधा यह सरकारी अस्पताल है जनाब! January 5, 2013 / January 5, 2013 | Leave a Comment दीपिका कुमारी सेहत प्रकृति का दिया अनमोल उपहार है। कहा भी यही जाता है कि एक स्वस्थ व्यक्ति ही स्वस्थ समाज और एक स्वस्थ समाज ही विकसित देश की कल्पना को साकार कर सकता है। यही कारण भी है कि स्वास्थ्य के प्रति विश्वद के सभी देशों की सरकारें संवेदनशील हैं। लोगों को स्वास्थ्य के […] Read more »
विविधा नशे के शिकंजे में छत्तीसगढ़ का आदिवासी समाज January 5, 2013 | Leave a Comment गिरजा मानकर बीते साल केंद्र सरकार की अनुशंसा के बाद कई राज्यों ने गुटखा पर प्रतिबंध लगा दिया है। क्योंकि इसके सेवन से आम आदमी विशेषकर युवा वर्ग कैंसर जैसी गंभीर बीमारी का शिकार हो रहा था। हालांकि प्रतिबंध के बाद भी कई राज्यों में चोरी छुपे इसे बेचे देखा जा सकता है। गुटखा और […] Read more » नशा