कला-संस्कृति धर्म-अध्यात्म सर्वज्ञ ईश्वर से ही सर्गारम्भ में चार ऋषियों को चार वेद मिले थे June 28, 2023 / June 28, 2023 by मनमोहन आर्य | Leave a Comment –मनमोहन कुमार आर्य हमारा यह संसार स्वतः नहीं बना अपितु एक पूर्ण ज्ञानवान सर्वज्ञ सत्ता ईश्वर के द्वारा बना है। ईश्वर सच्चिदानन्दस्वरूप, सर्वशक्तिमान, न्यायकारी, सर्वव्यापक, सर्वातिसूक्ष्म, एकरस, अखण्ड, सृष्टि का उत्पत्तिकर्ता, पालनकर्ता तथा प्रलयकर्ता है। जो काम परमात्मा ने किये हैं व वह करता है, उन कामों को करना किसी मनुष्य के वश की […] Read more » In the beginning the four sages received the four Vedas from the omniscient God.
कला-संस्कृति संगीत शरीर, मन और प्राण में चैतन्यता लाता है संगीत June 21, 2023 / June 21, 2023 by सुनील कुमार महला | Leave a Comment संगीत की भाषा पूरी दुनिया समझती है और संगीत के बिना जीवन अधूरा अधूरा सा लगता है। संगीत हमें हंसाता है,गुदगुदाता है, अहसास जगाता है, यह हमारी बेजान जिंदगी में जोश, जज्बा भरता है। खुश होने पर हम संगीत का आनंद लेते हैं और दुखी होने पर हम संगीत को अपने हृदय में, अपनी आत्मा […] Read more » mind and soul Music brings consciousness to the body
कला-संस्कृति लेख सार्थक पहल विश्व के कई देशों में भारतीय मूल के नागरिकों की बढ़ती संख्या एवं भारतीय सनातन दर्शन का प्रसार May 8, 2023 / May 8, 2023 by प्रह्लाद सबनानी | Leave a Comment भारतीय मूल के नागरिकों का भारत से पलायन प्रमुख रूप से तीन खंडकालों के दौरान हुआ है। प्रथम, वर्ष 1833 में भारतीय मूल के नागरिकों को बड़ी संख्या में (लगभग 15 लाख) दक्षिणी अमेरिका एवं केरिबियन देशों में श्रमिकों के तौर पर भेजा गया था। उस समय भारत पर ब्रिटेन का प्रशासन चल रहा था। […] Read more » Increasing number of citizens of Indian origin in many countries of the world and spread of Indian Sanatan philosophy
कला-संस्कृति धर्म-अध्यात्म लेख एशिया का प्रकाश कहलाते हैं-गौतम बुद्ध May 5, 2023 / May 8, 2023 by सुनील कुमार महला | Leave a Comment वैशाख पूर्णिमा इस बार 5 मई 2023 को है, इस दिन बौद्ध धर्म के संस्थापक भगवान गौतम बुद्ध का जन्मोत्सव मनाया जाता है, इसे बुद्ध पूर्णिमा और बुद्ध जयंती के नाम से भी जाना जाता है। जानकारी देना चाहूंगा कि गौतम बुद्ध को एशिया का प्रकाश (लाइट ऑफ एशिया) कहा गया है। उनका जन्म नेपाल […] Read more » Gautam Buddha is called the light of Asia
कला-संस्कृति पर्व - त्यौहार लेख हिंदू बौद्ध संयुक्त रूप मे आज भी विश्वगुरु ही हैं हम May 4, 2023 / May 4, 2023 by प्रवीण गुगनानी | Leave a Comment बुद्ध जयंती, बुद्ध पूर्णिमा, वेसाक या हनमतसूरी समूचे भारत वर्ष के लिए एक महत्वपूर्ण, आस्था जन्य और उल्लासपूर्वक मनाया जाने वाला पर्व है। विश्व के अनेक भागों में फैले हुए हिंदू, बौद्ध इस पर्व को वेसाक (हिंदू कैलेंडर के वैशाख का अप्रभंश) के नाम से भी जानतें हैं। भगवान् बुद्ध के अवतरण के संग संग […] Read more » बुद्ध जयंती बुद्ध पूर्णिमा वेसाक
कला-संस्कृति लेख नृत्य है सृष्टि को संतुलित एवं ऊर्जावान बनाने का माध्यम April 28, 2023 / April 28, 2023 by ललित गर्ग | Leave a Comment विश्व नृत्य दिवस- 29 अप्रैल 2023-ललित गर्ग – अंतर्राष्ट्रीय नृत्य दिवस पूरे विश्व में 29 अप्रैल मनाया जाता है। अंतरराष्ट्रीय नृत्य दिवस की शुरुआत 29 अप्रैल 1982 से हुई। ‘बैले के शेक्सपियर’ की उपाधि से सम्मानित एक महान् रिफॉर्मर एवं लेखक जीन जार्ज नावेरे के जन्म दिवस की स्मृति में यूनेस्को के अंतर्राष्ट्रीय थिएटर इंस्टीट्यूट […] Read more » विश्व नृत्य दिवस- 29 अप्रैल
कला-संस्कृति प्रवक्ता न्यूज़ लेख अक्षय तृतीया: शरीर को तपाने की यात्रा April 20, 2023 / April 20, 2023 by ललित गर्ग | Leave a Comment -ललित गर्ग- अक्षय तृतीया महापर्व का न केवल सनातन परम्परा में बल्कि जैन परम्परा विशेष महत्व है। इसका लौकिक और लोकोत्तर-दोनों ही दृष्टियों में महत्व है। यह दिन किसानों के लिए महत्व का दिन हैं, कुंभकारों के लिए बड़े महत्व का दिन है। शिल्पकारों के लिए भी आज बहुत महत्व का दिन है। बैलों के […] Read more » Akshaya Tritiya
कला-संस्कृति धर्म-अध्यात्म महावीर को जीवन का हिस्सा बनाएं, जीवन में ढालें April 3, 2023 / April 3, 2023 by ललित गर्ग | Leave a Comment महावीर जयन्ती- 4 अप्रैल, 2023ललित गर्ग भगवान महावीर सामाजिक एवं व्यक्तिक्रांति के शिखर पुरुष थे। महावीर का दर्शन अहिंसा और समता का ही दर्शन नहीं है बल्कि क्रांति का दर्शन है। उनकी क्रांति का अर्थ रक्तपात नहीं! क्रांति का अर्थ है परिवर्तन। क्रांति का अर्थ है जागृति! क्रांति अर्थात् स्वस्थ विचारों की ज्योति! क्रांति का […] Read more » महावीर जयन्ती- 4 अप्रैल
कला-संस्कृति धर्म-अध्यात्म बल, बुद्धि और सिद्धि के सागर हैं हनुमान April 3, 2023 / April 3, 2023 by ललित गर्ग | Leave a Comment हनुमान जयन्ती- 6 अप्रैल 2023 पर विशेष– ललित गर्ग – आधुनिक समय के सबसे जागृत, सिद्ध, चमत्कार घटित करने वाले एवं अपने भक्तों के दुःखों को हरने वाले भगवान हनुमान हैं, उनका चरित्र अतुलित पराक्रम, ज्ञान और शक्ति के बाद भी अहंकार से विहीन था। यही आदर्श आज हमारे लिये प्रकाश स्तंभ हैं, जो विषमताओं […] Read more » Hanuman is the ocean of strength हनुमान जयन्ती- 6 अप्रैल
कला-संस्कृति हमेशा प्रासंगिक रहेगी भगवान महावीर की अमृतवाणी April 3, 2023 / April 3, 2023 by योगेश कुमार गोयल | Leave a Comment – योगेश कुमार गोयल‘अहिंसा परमो धर्मः’ सिद्धांत के लिए जाने जाते रहे भगवान महावीर का अहिंसा दर्शन आज के समय में सर्वाधिक प्रासंगिक और जरूरी हो गया है क्योंकि वर्तमान समय में मानव अपने स्वार्थ के वशीभूत कोई भी अनुचित कार्य करने और अपने फायदे के लिए हिंसा के लिए भी तत्पर दिखाई देता है। […] Read more » Amritvani of Lord Mahavir will always be relevant भगवान महावीर की अमृतवाणी
कला-संस्कृति लेख नव सम्वत् पर संस्कृति का सादर वन्दन करें March 27, 2023 / March 27, 2023 by डॉ. सौरभ मालवीय | Leave a Comment -डॉ. सौरभ मालवीयनवरात्र हवन के झोंके, सुरभित करते जनमन को।है शक्तिपूत भारत, अब कुचलो आतंकी फन को॥नव सम्वत् पर संस्कृति का, सादर वन्दन करते हैं।हो अमित ख्याति भारत की, हम अभिनन्दन करते हैं॥ 22 मार्च से विक्रम सम्वत् 2080 का प्रारम्भ गया है। विक्रम सम्वत् को नव संवत्सर भी कहा जाता है। संवत्सर पांच प्रकार […] Read more » Regards to the culture on the new year
कला-संस्कृति सांस्कृतिक और संस्कारिक एकता के मूल आधार है हमारे सामाजिक त्यौहार। March 23, 2023 / March 23, 2023 by डॉ. सत्यवान सौरभ | Leave a Comment हिंदुस्तान त्योहारों का देश है। त्योहार हमको सामाजिक और संस्कारिक रूप से जोड़ने का काम करते हैं। हमारी सांस्कृतिक और संस्कारिक एकता ही भारत की अखंडता का मूल आधार है। ‘‘व्रत -त्यौहारों के दिन हम देवताओं का स्मरण करते हैं, व्रत, दान तथा कथा श्रवण करते हैं, जिससे व्यक्तिगत उन्नति के साथ सामाजिक समरसता का […] Read more » सांस्कृतिक और संस्कारिक एकता