कला-संस्कृति धर्म-अध्यात्म विविधा अमरनाथ तीर्थ यात्रा पारंपरिक पूजा के साथ संपन्न August 23, 2016 / August 23, 2016 by डा. राधेश्याम द्विवेदी | Leave a Comment डा. राधेश्याम द्विवेदी कैलाश पर्वत शिवजी का मुख्य समाधिस्थ होने का स्थान है और केदारनाथ विश्राम भवन है । हिमालय का कण-कण शिव-शंकर का ही स्थान है। केदारनाथ से आगे अमरनाथ है और उससे आगे है कैलाश पर्वत है । बाबा अमरनाथ को आजकल स्थानीय लोग के ‘बर्फानी बाबा’ कहते हैं। उन्हें बर्फानी बाबा इसलिए […] Read more » Amarnath tirth yatra Featured अमरनाथ तीर्थ यात्रा अमरनाथ यात्रा
कला-संस्कृति विविधा भारत बलूचिस्तान का बहुत प्राचीन हिंगलाज माता मंदिर August 18, 2016 by डा. राधेश्याम द्विवेदी | Leave a Comment डा. राधेश्याम द्विवेदी पौराणिक मान्यता:-बलूचिस्तान की जमीन पर दुर्गम पहाड़ियों के बीच हिंगलाज माता का मंदिर बसा है। 51 शक्ति पीठ में सबसे प्रमुख है शक्तिपीठ। पौराणिक मान्यताओं के मुताबिक यहां सती का सिर गिरा था। इसके बावजूद भारत में भक्त हिंगलाज शक्ति पीठ के दर्शन के लिए तरसते हैं।प्रधानमंत्री मोदी के भाषण के बाद […] Read more » Featured बलूचिस्तान माता वैष्णो देवी भारत माता हिंगलाज देवी
कला-संस्कृति जरूर पढ़ें महत्वपूर्ण लेख विविधा भारत खो गया-भारत मिल गया August 16, 2016 by राकेश कुमार आर्य | 1 Comment on भारत खो गया-भारत मिल गया राकेश कुमार आर्य 15 अगस्त 1947 को जब स्वतंत्र हुआ तो उससे पूर्व 14 अगस्त को भारत का विभाजन हो चुका था, और पाकिस्तान नाम का एक नया देश विश्व मानचित्र पर उभर आया था। भारत से प्रेम करने वाले लोगों को देश का यह विभाजन बहुत ही कष्टकर प्रतीत हुआ। इस कष्ट को मिटाने […] Read more » Featured भारत 70वा स्वतन्त्रता दिवस
कला-संस्कृति वर्त-त्यौहार विविधा विश्वास की रक्षा ही रक्षाबंधन August 16, 2016 by बरुण कुमार सिंह | Leave a Comment बरुण कुमार सिंह भारतीय परम्परा में विश्वास का बंधन ही मूल है। रक्षाबंधन इसी विश्वास का बंधन है। यह पर्व मात्र रक्षा-सूत्र के रूप में राखी बांधकर रक्षा का वचन ही नहीं देता, वरन प्रेम, समर्पण, निष्ठा व संकल्प के जरिए हृदयों को बांधने का भी वचन देता है। पहले आपत्ति आने पर अपनी रक्षा […] Read more » Featured प्यार के धागों में बिंधा पर्वः रक्षाबंधन रक्षाबंधन विश्वास की रक्षा
कला-संस्कृति लेख साहित्य भक्तिधारा के महान कवि – गोस्वामी तुलसीदास August 10, 2016 / August 10, 2016 by मृत्युंजय दीक्षित | Leave a Comment 10 अगस्त पर विशेष:- मृत्युंजय दीक्षित हिंदी साहित्य के महान कवि संत तुलसीदास का जन्म संवत् 1956 की श्रावण शुक्ल सप्तमी के दिन अभुक्तमूल नक्षत्र में हुंआ था।इनके पिता का नाम आतमा रामदुबे व माता का नाम हुलसी था। जन्म के समय तुलसीदास रोये नहीं थे अपितु उनके मुंह से राम शब्द निकला था। साथ […] Read more » Featured गोस्वामी तुलसीदास भक्तिधारा के महान कवि
कला-संस्कृति समाज संकट में हैं महाभारतकालीन जलकुंड August 9, 2016 by प्रमोद भार्गव | Leave a Comment शिवपुरी में महाभारत कालीन ऐसे 52 कुंड हैं, जो जलराशि से तो बारह माह भरे ही रहते हैं, नवग्रह मंडल की सरंचना से भी जुड़े हुए थे। अब इन कुंडों में से 20 कुंड अस्तित्व में हैं, जबकि 32 कुंड लुप्त हो चुके हैं। हालांकि इन सभी कुंडों का अस्तित्व तीन किलोमीटर की लंबाई में […] Read more » Featured संकट में हैं महाभारतकालीन जलकुंड
कला-संस्कृति वर्त-त्यौहार विविधा जानिए की कब और कैसे और क्यों करें मंगला गोरी व्रत …??? August 9, 2016 by पंडित दयानंद शास्त्री | Leave a Comment श्रावण मास में श्रावण सोमवार के दूसरे दिन यानी मंगलवार के दिन ‘मंगला गौरी व्रत’ मनाया जाता है। श्रावण माह के हर मंगलवार को मनने वाले इस व्रत को मंगला गौरी व्रत (पार्वतीजी) नाम से ही जाना जाता है। धार्मिक पुराणों के अनुसार इस व्रत को करने से सुहागिन महिलाओं को अखंड सौभाग्य की प्राप्ति […] Read more » मंगला गोरी व्रत
कला-संस्कृति वर्त-त्यौहार विविधा रक्षाबंधन पर्व या राखी उत्सव August 8, 2016 / August 9, 2016 by सुरेन्द्र नाथ गुप्ता | Leave a Comment डा० सुरेन्द्र नाथ गुप्ता रक्षाबंधन पर्व या राखी उत्सव भारतीय हिंदू कैलेन्डर के श्रावण मास की पूर्णिमा को मनाया जाता है, इसीलिये इसे श्रावण-पूर्णिमा भी कहा जाता है | संपूर्ण भारत में और फिजी, मॉरीशस व् सूरीनाम सहित विश्व के अनेक देशों में जहाँ-जहाँ भी हिंदू रहते है, वे इस उत्सव को बड़े उत्साह के […] Read more » Featured रक्षाबंधन पर्व राखी उत्सव
कला-संस्कृति राजनीति पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर के हालात, विरोध प्रदर्शन : भारत में शामिल हो August 1, 2016 / August 1, 2016 by डा. राधेश्याम द्विवेदी | 1 Comment on पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर के हालात, विरोध प्रदर्शन : भारत में शामिल हो डा. राधेश्याम द्विवेदी गिल्गित बाल्टिस्तान में काराकोरम राजमार्ग पर 20,000 से अधिक पाषाण-कला एवं पेट्रोग्लिफ के नमूने हैं। इनमें से अधिकांश नमूने हुन्ज़ा एवं शातियाल के बीच दस प्रमुख स्थलों में स्थित हैं। ये नमूने इस मार्ग से निकलने वाले आक्रमणकारियों, व्यापारियों एवं तीर्थयात्रियों एवं स्थानीय निवासियों द्वारा तराशे गये थे। इसके प्राचीनतम ज्ञात काल […] Read more » condition of PoK Featured POK PoK part of Bharat Pok should be included in India PoK में पाक सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन :- अक्साई चिन : आजाद कश्मीर पाक अधिकृत' कश्मीर पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर भारत में शामिल होना चाहता है पाक अधिकृत कश्मीर
कला-संस्कृति धर्म-अध्यात्म साक्षात प्रकृति स्वरूपा शिव पत्नी पार्वती July 29, 2016 by अशोक “प्रवृद्ध” | Leave a Comment अशोक “प्रवृद्ध” पौराणिक ग्रन्थों के अनुसार कैलाशाधिपति शिव लय तथा प्रलय दोनों के देवता हैं और दोनों को ही अपने अधीन किये हुए हैं। इनकी पत्नी या शक्ति, स्वयं आद्या शक्ति काली के अवतार, पार्वती या सती हैं ।भगवान शंकर की पत्नी पार्वती हिमनरेश हिमावन तथा मैनावती की पुत्री हैं। मैना और हिमावन अर्थात हिमवान […] Read more » Featured पार्वती शिव साक्षात प्रकृति स्वरूपा
कला-संस्कृति जन-जागरण मीडिया हमारी भारतीय संस्कृति खुद उन्नति साधक एवं चरित्र निर्णायक July 23, 2016 / July 24, 2016 by शालिनी तिवारी | Leave a Comment खुला खत देशवासियों के नाम एक ऐसा खुला खत, जो प्रत्येक भारतीय को अपनी भारतीयता से रूबरू कराकर गौरवान्वित कर देगा और साथ ही साथ गर्त की ओर बढ़ रहे कदम पर भी विराम लगाने को मजबूर कर देगा । मेरे प्रिय देशवासियों, हम सबको पता है कि हममें से अधिकतर लोग या तो पाश्चात्य […] Read more » Featured भारतीय संस्कृति
कला-संस्कृति जन-जागरण धर्म-अध्यात्म यज्ञोपवीत संस्कार July 23, 2016 by डा. राधेश्याम द्विवेदी | 1 Comment on यज्ञोपवीत संस्कार डा. राधेश्याम द्विवेदी बहुत से लोग बाएं कांधे से दाएं बाजू की ओर एक कच्चा धागा लपेटे रहते हैं। इस धागे को जनेऊ कहते हैं। जनेऊ तीन धागों वाला एक सूत्र होता है। जनेऊ को संस्कृत भाषा में ‘यज्ञोपवीत’ कहा जाता है। यह सूत से बना पवित्र धागा होता है, जिसे व्यक्ति बाएं कंधे के […] Read more » upnayan sanskar यज्ञोपवीत संस्कार