कला-संस्कृति आंचलिक पर्यटन से विश्व पर्यटन की ओर September 1, 2025 / September 1, 2025 by प्रमोद भार्गव | Leave a Comment प्रमोद भार्गव भारत ग्रामों का देश है। 70 प्रतिशत आबादी ग्रामों में रहती है। ये ग्राम ही संस्कृति, विरासत और वन्य जीवन को संरक्षित किए हुए हैं। ग्राम संस्कृति में ही समाहित वह लोक है, जिसमें खेती-किसानी, हस्तशिल्प, लोककला और लोकगायन आज भी किसी न किसी रूप में प्रचलन में हैं। यही वे ग्रामीण क्षेत्र हैं, जिनमें नदियों, मंदिरों, षैलचित्रों, वन्यजीवों और हस्तशिल्प की वैभव […] Read more » From regional tourism to global tourism world tourism
कला-संस्कृति प्रेम, भक्ति एवं शक्ति की अनंत ज्योति हैं राधाजी August 30, 2025 / September 1, 2025 by ललित गर्ग | Leave a Comment राधाष्टमी- 31 अगस्त, 2025-ललित गर्ग- भाद्रपद शुक्ल पक्ष की अष्टमी का दिन भारतीय संस्कृति में प्रेम, भक्ति, शक्ति और समर्पण का अनोखा पर्व लेकर आता है-यह है राधाष्टमी। इसे राधा रानी का जन्मोत्सव माना जाता है। यह केवल किसी भक्ति की शिखर नारी चरित्र के जन्मोत्सव का पर्व नहीं, बल्कि उस दिव्य शक्ति की अभ्यर्थना […] Read more » राधाष्टमी
कला-संस्कृति रामचरितमानस में श्रीराम दर्शन August 28, 2025 by डॉ. नीरज भारद्वाज | Leave a Comment डॉ. नीरज भारद्वाज भगवान श्रीराम के दर्शनों के लिए यह मानव रूपी जीव लालायित रहा है। भगवान का धरा धाम पर आना भी एक पूर्ण योजना के आधार पर ही होता है। गोस्वामी तुलसीदास लिखते हैं कि, जब–जब होई धर्म कै हानी। बाढ़हिं असुर अधम अभिमानी।। तब तब धरि प्रभु विविध शरीरा, हरहि दयानिधि सज्जन पीरा।। भगवान श्रीमद्भगवतगीता के अध्याय चार के श्लोक […] Read more »
कला-संस्कृति गणेश वंदना August 27, 2025 / August 28, 2025 by प्रवक्ता ब्यूरो | Leave a Comment वक्रतुण्ड महाकाय,तेज तुम्हारा अनुपम छाय।सूर्यकोटि सम प्रभु दाता,विघ्न हरन जग के त्राता॥ गणपति बाप्पा मोरया,विघ्न विनाशक मोरया।सर्वकार्य सिद्धि कराओ,करुणा धारा बरसाओ॥ जहाँ तुम्हारा नाम लिया जाए,वहाँ न संकट पास आए।भक्ति-दीप हम जलाएँ,मन मंदिर में तुम्हें समाएँ॥ ज्ञान-विवेक का दीप जलाओ,भक्तों को सुख-शांति दिलाओ।मंगल-कथा सदा सुनाएँ,सिद्धि विनायक घर बसाएँ॥ गणपति बाप्पा मोरया,विघ्न विनाशक मोरया।सर्वकार्य सिद्धि कराओ,करुणा […] Read more »
कला-संस्कृति गणेश हैं विघ्नहर्ता-मंगलकर्ता एवं जीवंत राष्ट्रीयता के प्रतीक August 27, 2025 / August 28, 2025 by ललित गर्ग | Leave a Comment गणेश चतुर्थी- 27 अगस्त, 2025 पर विशेष-ललित गर्ग- भारतीय संस्कृति और धर्मजगत में गणेशजी का स्थान अद्वितीय है। वे विघ्नहर्ता, बुद्धिदाता, मंगलकर्ता और उन्नत राष्ट्र-निर्माता हैं। वे न केवल भारतीय संस्कृति एवं जीवनशैली के कण-कण में व्याप्त है बल्कि विदेशों में भी घर-कारों-कार्यालयों एवं उत्पाद केन्द्रों में विद्यमान हैं। किसी भी शुभ कार्य की शुरुआत […] Read more » गणेश चतुर्थी
कला-संस्कृति भक्ति, संस्कृति और सामाजिकता का संगम : श्रीकृष्ण जन्माष्टमी August 23, 2025 / August 23, 2025 by डा. शिवानी कटारा | Leave a Comment जन्माष्टमी, जिसे श्रीकृष्ण जन्मोत्सव के रूप में भी जाना जाता है, भारतीय धार्मिक और सांस्कृतिक परंपरा का एक अत्यंत महत्वपूर्ण पर्व है। भगवान श्रीकृष्ण का व्यक्तित्व धर्म, नीति, प्रेम, करुणा और कूटनीति का अद्वितीय संगम प्रस्तुत करता है, और उनका जन्मोत्सव सनातन संस्कृति के इन मूल्यों को पीढ़ी-दर-पीढ़ी संचारित करता आया है।श्रीमद्भागवत, महाभारत और विष्णु […] Read more »
कला-संस्कृति आत्मउन्नयन एवं जीवन-जागृति का पर्व है पर्युषण August 19, 2025 / August 23, 2025 by ललित गर्ग | Leave a Comment पर्युषण महापर्व- 20-27 अगस्त, 2025-ललित गर्ग- जैन धर्म में पर्युषण महापर्व का अपना विशेष महत्व है। यह केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं बल्कि आत्मा की गहराइयों तक जाने का, आत्मनिरीक्षण करने का और आत्मशुद्धि का अनूठा पर्व है। जैन संस्कृति ने सदियों से इस पर्व को आत्मकल्याण, साधना और तपस्या का महान माध्यम बनाया है। […] Read more » Paryushan is a festival of self-improvement and life-awakening आत्मउन्नयन एवं जीवन-जागृति का पर्व पर्युषण
कला-संस्कृति धर्म-अध्यात्म श्रीकृष्ण हैं शाश्वत एवं प्रभावी सृष्टि संचालक August 16, 2025 / August 16, 2025 by ललित गर्ग | Leave a Comment श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव-जन्माष्टमी- 16 अगस्त 2025 पर विशेष-ललित गर्ग – भगवान श्रीकृष्ण भारतीय संस्कृति के ऐसे अद्वितीय महापुरुष हैं, जिनके व्यक्तित्व में आध्यात्मिक ऊँचाई, लोकनायकत्व, व्यावहारिक बुद्धिमत्ता और कुशल प्रबंधन का अद्भुत संगम दिखाई देता है। वे केवल एक धार्मिक देवता नहीं, बल्कि सृष्टि के महाप्रबंधक, समय के श्रेष्ठ रणनीतिकार और जीवन के महान शिक्षक-संचालक […] Read more » श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव-जन्माष्टमी
कला-संस्कृति उडुपी का श्री कृष्ण मंदिर : जहाँ फर्श पर भक्त ग्रहण करते हैं प्रसाद August 15, 2025 / August 15, 2025 by कुमार कृष्णन | Leave a Comment कुमार कृष्णन उडुपी को दक्षिण भारत का मथुरा कहा जाता है। यहां का कृष्ण मंदिर दक्षिण भारत के सबसे प्रसिद्ध तीर्थ स्थलों में से एक है। यह मंदिर अपने आप में भक्ति के साथ आश्चर्य को समेटे हुए हैं। भगवान श्री कृष्ण का यह मंदिर आस्था का केन्द्र है। यहां मनोकामना पूरी होने पर भक्त […] Read more » Sri Krishna Temple of Udupi: Where devotees take prasad on the floor उडुपी का श्री कृष्ण मंदिर
कला-संस्कृति धर्म-अध्यात्म लोक जागरण का महापर्व है श्री कृष्ण जन्माष्टमी August 12, 2025 / August 12, 2025 by डा. विनोद बब्बर | Leave a Comment डा. विनोद बब्बर जागरण अर्थात चेतना जीवंतता की पहली शर्त है। यूं तो सभी जीवों में चेतना होती है लेकिन जागृत चेतना केवल मनुष्य में ही संभव है। जागृत चेतना का अभिप्राय अपने परिवेश की हलचल के प्रति सजग रहते हुए अपने परिवार, समाज और राष्ट्र के गौरव को सुरक्षित रखने का चिंतन के अतिरिक्त […] Read more » Shri Krishna Janmashtami is a great festival of public awakening श्री कृष्ण जन्माष्टमी
कला-संस्कृति रक्षाबंधन के बदलते मायने: परंपरा से आधुनिकता तक August 8, 2025 / August 8, 2025 by प्रियंका सौरभ | Leave a Comment रक्षाबंधन का धागा सिर्फ कलाई पर नहीं, दिल पर बंधता है। यह एक वादा है—साथ निभाने का, सुरक्षा का, और बिना कहे समझ लेने का। बहन की राखी में वो मासूम दुआ होती है जो शब्दों में नहीं कही जाती, और भाई की आंखों में वो संकल्प होता है जो हर चुनौती से लड़ने का […] Read more » रक्षाबंधन
कला-संस्कृति वर्त-त्यौहार एक भाव है राखी, हर भाई-बहन को बांधती है स्नेह की डोर से August 8, 2025 / August 8, 2025 by राजेश जैन | Leave a Comment राजेश जैन रक्षाबंधन हर साल आता है पर हर साल कुछ नया दे जाता है- नई यादें, वादे और भरोसे। यह त्योहार हमें याद दिलाता है कि रिश्तों की असली मिठास महंगे उपहार में नहीं बल्कि उस धागे में होती है जो प्रेम, विश्वास और अपनेपन से बुना होता है। इसलिए भले ही राखी का धागा है बहुत हल्का […] Read more » रक्षाबंधन