धर्म-अध्यात्म सार्वलौकिक व सार्वकालिक ग्रन्थ है भगवद्गीता December 29, 2011 / December 29, 2011 by पवन कुमार अरविन्द | Leave a Comment पवन कुमार अरविंद रूस की अदालत ने भगवद्गीता के रूसी भाषा में अनूदित संस्करण ‘भगवत् गीता एस इट इज’ पर रोक लगाने और इसके वितरण को अवैध घोषित करने की याचिका 28 दिसम्बर को खारिज कर दी। इसके अनुवादक इस्कान के संस्थापक ए.सी. भक्तिवेदांत स्वामी प्रभुपाद हैं। इसके प्रकाश में आने के बाद से ही […] Read more » geeta as it is गीता यथारूप
धर्म-अध्यात्म भारतीय दलित ईसाइयों द्वारा पोप बेनडिक्ट सोहलवें और चर्च अधिकारियों के नाम एक खुला पत्र December 29, 2011 / December 29, 2011 by आर.एल. फ्रांसिस | Leave a Comment मांगों तो तुम्हें दिया जायेगा, ढूढों तो तुम पाओगे, खटखआओ तो तुम्हारें लिये खोला जायेगा (मत्ती 7:7) शुक्रवार 23 दिसबर 2011 धर्मपिता पोप बेनडिक्ट सोहलवें, परफैचर ऑफ दा पैपल हाउस, 00120 वेटिकन सिटी स्टेट भारतीय दलित ईसाइयों द्वारा क्रिसमस एवं नव वर्ष की हार्दिक शुभकामनाए। धर्मपिता पोप बेनडिक्ट सोहलवें! जैसा कि आप जानते है कि […] Read more »
धर्म-अध्यात्म महत्वपूर्ण लेख क्यों और कैसे लिखा मैंने – कहो कौन्तेय December 27, 2011 / February 27, 2012 by विपिन किशोर सिन्हा | 7 Comments on क्यों और कैसे लिखा मैंने – कहो कौन्तेय विपिन किशोर सिन्हा भारत का सर्वाधिक प्रचलित ग्रन्थ ‘महाभारत’ हमें अनायास ही युगों-युगों से चले आ रहे उस संघर्ष की याद दिलाता है जो मानव हृदय को आज भी उद्वेलित कर रहा है। द्वापर के अन्तिम चरण में, आर्यावर्त और विशेष रूप से हस्तिनापुर की गतिविधियों को कथानक के रूप में, क्रमबद्ध तथा नियोजित विधि […] Read more » Kaho Kauntey कहो कौतेन्य
धर्म-अध्यात्म कहो कौन्तेय-८२ (महाभारत पर आधारित उपन्यास अंश) December 23, 2011 / December 23, 2011 by विपिन किशोर सिन्हा | Leave a Comment (दुर्योधन-वध) विपिन किशोर सिन्हा हम पांचों भ्राता श्रीकृष्ण के पीछे-पीछे सूर्यकुण्ड के किनारे पहुंचे। भीम ने ऊंचे स्वर में दुर्योधन को ललकारा लेकिन जल में कोई हलचल नहीं हुई। श्रीकृष्ण ने युधिष्ठिर के साथ संक्षिप्त मंत्रणा की। धर्मराज ने दुर्योधन को संबोधित करते हुए ऊंचे स्वर में कहा – “सुयोधन! समस्त क्षत्रियों तथा अपने कुल […] Read more » Mahabharat कहो कौन्तेय महाभारत
धर्म-अध्यात्म पहली सदी से है भारत में ईसाइयत December 22, 2011 / December 22, 2011 by आर.एल. फ्रांसिस | 2 Comments on पहली सदी से है भारत में ईसाइयत आर. एल. फ्रांसिस ईसाइयत का आगमन ईसा मसीह के शिष्य संत थॉमस द्वारा अरब की खाड़ी पार कर भारत में आने के साथ ही शुरु हो गया था। केरल और तमिलनाडु के कई परिवारों द्वारा ईसाइयत को अपनाने के बावजूद यह सुदूर दक्षिण के अलावा आगे नहीं बढ़ पाई। 14वीं सदी में पुर्तगाली नाविक वास्कोडिगामा […] Read more » Christian Church st thomas क्रिश्चियन चर्च संत थॉमस
धर्म-अध्यात्म महत्वपूर्ण लेख बाबा माधवदास की वेदना : शंकर शरण December 13, 2011 / February 27, 2012 by शंकर शरण | 6 Comments on बाबा माधवदास की वेदना : शंकर शरण शंकर शरण कई वर्ष पहले दूर दक्षिण भारत से बाबा माधवदास नामक एक संन्यासी दिल्ली में ‘वॉयस ऑफ इंडिया’ प्रकाशन के कार्यालय पहुँचे। उन्होंने सीताराम गोयल की कोई पुस्तक पढ़ी थी, जिसके बाद उन्हें खोजते-खोजते वह आए थे। मिलते ही उन्होंने सीताराम जी के सामने एक छोटी सी पुस्तिका रख दी। यह सरकार द्वारा 1956 […] Read more » Christianity ईसाई मिशनरी क्रिश्चियन
धर्म-अध्यात्म कहो कौन्तेय-74 (महाभारत पर आधारित उपन्यास अंश) December 10, 2011 / December 10, 2011 by विपिन किशोर सिन्हा | Leave a Comment (द्रोण-वध) विपिन किशोर सिन्हा कुरुक्षेत्र के समीप के अरण्य से एक वन्य कुक्कुट ने सूर्योदय की बांग दी। युद्ध के पन्द्रहवें दिन का सूरज पूरब के क्षितिज पर उदित हुआ। रात्रि-युद्ध की थकान सभी महारथियों पर स्पष्ट देखी जा सकती थी। लेकिन अवकाश का समय कहां था? पद्माकार सैन्य रचना के साथ गुरु द्रोण व्यूह […] Read more » Mahabharat कहो कौन्तेय महाभारत
धर्म-अध्यात्म ईसाई धर्मांतरण को रोकने का इस्लामी तरीका November 28, 2011 / December 4, 2011 by सुरेश चिपलूनकर | 5 Comments on ईसाई धर्मांतरण को रोकने का इस्लामी तरीका सुरेश चिपलूनकर घटना इस प्रकार है कि, कुछ समय पहले श्रीनगर स्थित चर्च के रेव्हरेंड (चन्द्रमणि खन्ना) यानी सीएम खन्ना(?) (नाम पढ़कर चौंकिये नहीं… ऐसे कई हिन्दू नामधारी फ़र्जी ईसाई हमारे-आपके बीच मौजूद हैं) ने घाटी के सात मुस्लिम युवकों को बहला-फ़ुसलाकर उन्हें इस्लाम छोड़, ईसाई धर्म अपनाने हेतु राजी कर लिया। जब यह मामला खुल गया, […] Read more » इस्लाम ईसाई धर्मांतरण
धर्म-अध्यात्म प्रवक्ता न्यूज़ जीवन साधना के चार चरण November 25, 2011 / November 27, 2011 by राजेश यादव | Leave a Comment राजेश यादव व्यक्तित्व निर्माण के कार्यक्रम की तुलना कृषक द्वारा किए जाने वाले कृषि कर्म से की जा सकती है । जैसे जुताई, बुआई, सिंचाई और विक्रय की चतुर्विधि प्रक्रिया सम्पन्न करने के बाद किसान को अपने परिश्रम का लाभ मिलता है, व्यक्तित्व निर्माण को भी इस प्रकार जीवन साधना की चतुर्विधी प्रक्रिया सम्पन्न करनी […] Read more » जीवन साधना
धर्म-अध्यात्म कहो कौन्तेय-६४ (महाभारत पर आधारित उपन्यास अंश) November 19, 2011 / December 3, 2011 by विपिन किशोर सिन्हा | Leave a Comment (भीष्म-वध के लिए भीष्म से मंत्रणा) विपिन किशोर सिन्हा सूर्यवंशी क्षत्रिय नित्य ही लक्ष-लक्ष की संख्या में विनाशकारी युद्ध की भेंट चढ़ रहे थे। लेकिन सूर्य को इससे क्या? वह चौथे दिन भी प्रखरता से निकला। कौरवों ने वृषभ व्यूह की रचना की, हमने गजराज। प्रतिदिन कम से कम एकबार मैं और पितामह आमने-सामने होते […] Read more » कहो कौन्तेय
धर्म-अध्यात्म मौत की आहुतियां लेते यज्ञ November 12, 2011 / December 3, 2011 by प्रमोद भार्गव | Leave a Comment प्रमोद भार्गव धार्मिक आयोजनों में जताई जाने वाली श्रद्धा और भक्ति से यह आशय कतई नहीं निकाला जा सकता कि वाकई इनमें भागीदारी से इहलोक और परलाक सुधरने वाले हैं। बल्कि जिस तरह से धार्मिक स्थलों पर हादसे घटने का सिलसिला शुरू हुआ है, उससे तो यह साफ हो रहा है कि हम इनमें शिरकत […] Read more » मौत की आहुतियां यज्ञ
धर्म-अध्यात्म कहो कौन्तेय-५८ (महाभारत पर आधारित उपन्यास अंश) November 12, 2011 / December 3, 2011 by विपिन किशोर सिन्हा | Leave a Comment (श्रीकृष्ण का विराट रूप दर्शन और महासमर की घोषणा) विपिन किशोर सिन्हा दुर्योधन का क्रोध दावानल की भांति बढ़ता जा रहा था। सांप की तरह फुफकारते हुए अपने सैनिकों को आदेश दिया – “मथुरा के कारागार में जन्म लेनेवाले इस यादव को इसके मूल स्थान पर भेजना अत्यन्त आवश्यक है। बांध लो इस छलिया को […] Read more » Kaho Kauntey कहो कौन्तेय