चिंतन धर्म-अध्यात्म “विश्व में ईश्वरीय ज्ञान वेद का सच्चा धारक, प्रचारक एवं रक्षक एकमात्र आर्यसमाज है” July 12, 2019 / July 12, 2019 by मनमोहन आर्य | 2 Comments on “विश्व में ईश्वरीय ज्ञान वेद का सच्चा धारक, प्रचारक एवं रक्षक एकमात्र आर्यसमाज है” -मनमोहन कुमार आर्य, देहरादून। क्या परमात्मा है? क्या वह ज्ञान से युक्त सत्ता है। क्या उसने सृष्टि की आदि में मनुष्यों को ज्ञान दिया है? यदि वह ज्ञान देता है तो वह ज्ञान उसने कब किस प्रकार से मुनष्यों को दिया था? इन प्रश्नों पर विचार करने पर उत्तर मिलता है कि परमात्मा का अस्तित्व […] Read more » Divine knowledge Knowledge vedas Publicist and protector
धर्म-अध्यात्म “आर्यसमाज के विद्वानों, नेताओं तथा कार्यकर्ताओं को निःस्वार्थ भाव एवं निर्भीकतापूर्वक वेदों का प्रचार करना चाहिये” July 11, 2019 / July 11, 2019 by मनमोहन आर्य | Leave a Comment –मनमोहन कुमार आर्य, देहरादून। महर्षि दयानन्द के आगमन से लोगों को यह ज्ञात हुआ कि विद्या व ज्ञान भी सत्य एवं असत्य दो प्रकार का हो सकता है। हम बचपन में माता-पिता द्वारा की जाने वाली मूर्तिपूजा एवं अल्पज्ञ मनुष्यों द्वारा रचित प्रार्थनाओं व आरती आदि करते थे। ऋषि दयानन्द के ग्रन्थों के स्वाध्याय एवं […] Read more » Aryasamaj promote vedas selflessly
धर्म-अध्यात्म “वेदों ने विद्या प्राप्त मनुष्यों के लिये द्विज शब्द का प्रयोग किया है” July 9, 2019 / July 9, 2019 by मनमोहन आर्य | Leave a Comment –मनमोहन कुमार आर्य, देहरादून। संसार में दो प्रकार के लोग हैं जिन्हें हम शिक्षित एवं अशिक्षित तथा चरित्रवान एवं चारीत्रिक दृष्टि से दुर्बल कह सकते हैं। सृष्टि के आरम्भ में वेदोत्पत्ति से पूर्व न तो भाषा थी, न ज्ञान और न ही किसी प्रकार का शब्द भण्डार। यह सब वेदों की देन है। वेदों की […] Read more » learned people used the word twin vedas
धर्म-अध्यात्म “वेदप्रचार में मुख्य बाधा वेदों के विद्यायुक्त सत्य सिद्धान्तों को स्वीकार न करना है” July 6, 2019 / July 6, 2019 by मनमोहन आर्य | 1 Comment on “वेदप्रचार में मुख्य बाधा वेदों के विद्यायुक्त सत्य सिद्धान्तों को स्वीकार न करना है” –मनमोहन कुमार आर्य, देहरादून। संसार में जड़ व चेतन अथवा भौतिक एवं अभौतिक दो प्रकार के पदार्थ हैं। भौतिक पदार्थों का ज्ञान विज्ञान के अध्ययन के अन्तर्गत आता़ है। अभौतिक पदार्थों में दो चेतन सत्ताओं ईश्वर एवं जीवात्मा का अध्ययन आता है। दोनों ही सूक्ष्म पदार्थ होने से हमें आंखों से दिखाई नहीं देते। जीवात्मा […] Read more » accept the truthful truths obstacle in the Ved truths of the Vedas vedprachar
चिंतन जब जीने की उम्मीद न हो तो क्या करें? July 4, 2019 / July 4, 2019 by ललित गर्ग | Leave a Comment – ललित गर्ग –जीने की इच्छा जब साथ छोड़ने लग जाए तो क्या किया जाना चाहिए है? जिसके जीने की इच्छा खत्म हो रही हो वह क्या करे और उसके आसपास के लोग क्या करें? आज इच्छा मृत्यु को वैध बनाने का मुद्दा न केवल हमारे देश में बल्कि दुनिया में प्रमुखता से छाया हुआ […] Read more » Death life want
धर्म-अध्यात्म “वैदिक धर्म एवं संस्कृति के अनन्य भक्त पं0 चमूपति” July 4, 2019 / July 4, 2019 by मनमोहन आर्य | Leave a Comment –मनमोहन कुमार आर्य, देहरादून। वेद संसार की सबसे पुरानी पुस्तक है। वेद ही संसार के अतीत, वर्तमान एवं भविष्य के धर्म विषयक ज्ञान के आदि स्रोत भी हैं। यह बात अनेक तर्क एवं युक्तियों से सिद्ध की जा सकती है। वेदों का इतर मत- पंथ के ग्रन्थों से तुलनात्मक अध्ययन भी इस बात की पुष्टि […] Read more »
धर्म-अध्यात्म “वेद ने ही सबसे पहले बताया कि सभी प्राणियों में एक जैसा जीवात्मा है” July 3, 2019 / July 3, 2019 by मनमोहन आर्य | Leave a Comment -मनमोहन कुमार आर्य, देहरादून। हम मनुष्य हैं। हम वेदों एवं अपने पूर्वज ऋषियों आदि की सहायता से जानते हैं कि संसार में जितनी मनुष्येतर योनियां पशु, पक्षी, कीट-पतंग व जीव-जन्तु आदि हैं, उन सबमें हमारी आत्मा के समान एक जैसी जीवात्मा विद्यमान है। यह जीवात्मा शरीर से पृथक एक सत्य, सनातन एवं चेतन सत्ता है। […] Read more » have the same soul in life The Vedas
धर्म-अध्यात्म “वेद न होते तो राम, कृष्ण, दयानन्द तथा वैदिक धर्म भी न होता” July 2, 2019 / July 2, 2019 by मनमोहन आर्य | Leave a Comment -मनमोहन कुमार आर्य, देहरादून। वेद शब्द का अर्थ ज्ञान है। वेद नामी ज्ञान ऋग्वेद, यजुर्वेद, सामवेद एवं अथर्ववेद नाम की चार मन्त्र संहिताओं की संज्ञा है। यह ज्ञान कब व कहा से प्राप्त हुआ? इसका स्रोत क्या है? हम जानते हैं कि ज्ञान का स्रोत विद्वान हुआ करते हैं। विद्वान गुरुओं व ग्रन्थों का अध्ययन […] Read more » god ram relegion Ved vedicc
धर्म-अध्यात्म राष्ट्रवाद को चुनौती देता “अल्पसंख्यकवाद” July 2, 2019 / July 2, 2019 by विनोद कुमार सर्वोदय | Leave a Comment अल्पसंख्यकवाद या मुस्लिम उन्मुखी राजनीति की विवशता आज राष्ट्रवादियों के समक्ष एक बड़ी चुनौती बन रही है। जबकि स्वतंत्र भारत के नीति नियंताओं का ध्येय स्वस्थ राष्ट्रवाद की परिकल्पना का अनुगामी था। क्योंकि उन्हें स्मरण था कि अखंड भारत के मुगल व ब्रिटिश शासनों में देश के मूल निवासियों (भूमि पुत्रो) अर्थात् हिन्दुओं के शोषण का […] Read more » Challenges minorityism Nationalism
चिंतन “ईश्वर का सत्यज्ञान वेद एवं वैदिक साहित्य में ही उपलब्ध है” July 1, 2019 / July 1, 2019 by मनमोहन आर्य | Leave a Comment -मनमोहन कुमार आर्य, देहरादून। हम जन्म लेने के बाद जब कुछ-कुछ समझना आरम्भ कर देते हैं तो इस संसार को देखकर आश्चर्यचकित होते हैं। हममें यह जिज्ञासा होती है कि यह वृहद संसार कैसे व किससे बना? इसका उत्तर हमें नहीं मिलता। माता-पिता से यदि पूछें तो एक पंक्ति का उत्तर होता है कि यह […] Read more » God literature true knowledge ved and vedic
धर्म-अध्यात्म “वैदिक जीवन ही श्रेष्ठ एवं सर्वोत्तम है” July 1, 2019 / July 1, 2019 by मनमोहन आर्य | Leave a Comment -मनमोहन कुमार आर्य, देहरादून। एक परमात्मा ने ही समस्त संसार के मनुष्यों एवं इतर प्राणियों को बनाया है। लोगों ने समय-समय पर अपनी बुद्धि के अनुसार अज्ञान दूर करने तथा मनुष्य समाज को सुखी करने के लिये मत, पन्थ व संस्थाओं की स्थापना की। यह सर्वमान्य तथ्य है कि मनुष्य अल्पज्ञ होता है। वेदज्ञान से […] Read more » life vedic vedic life
धर्म-अध्यात्म अध्यात्म के महानायक आचार्य महाप्रज्ञ June 28, 2019 / June 28, 2019 by ललित गर्ग | Leave a Comment -ः ललित गर्ग:- प्राचीन समय से लेकर आधुनिक समय तक अनेकों साधकों, आचार्यों, मनीषियों, दार्शनिकों, ऋषियों ने अपने मूल्यवान अवदानों से भारत की आध्यात्मिक परम्परा को समृद्ध किया है, उनमें प्रमुख नाम रहा है – आचार्य महाप्रज्ञ। उनका जन्म शताब्दी समारोह 30 जून 2019 से प्रारंभ हो रहा है। वे ईश्वर के सच्चे दूत थे, […] Read more » Religion sprituality