आर्थिकी ग्रामीण विकास से होगा देश का आर्थिक विकास December 5, 2020 by डॉ. सत्यवान सौरभ | Leave a Comment डॉo सत्यवान सौरभइन्फ्रास्ट्रक्चर किसी भी देश के आर्थिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। वर्तमान में भारत की 65% आबादी अपने ग्रामीण क्षेत्रों में निवास करती है। अगर हम देश में ग्रामीण बुनियादी ढांचे के बारे में बात करते हैं, तो यह कृषि, कृषि-उद्योगों और ग्रामीण क्षेत्रों में गरीबी उन्मूलन के लिए महत्वपूर्ण है। मूल रूप […] Read more » Rural development Rural development will lead to economic development Rural development will lead to economic development of the country The implementation of new labor laws may give wings to the economic development of the country. ग्रामीण विकास
आर्थिकी लेख सारे पूर्वानुमानों को नकारते हुए कहीं तेज़ी से आगे बढ़ रही है भारतीय अर्थव्यवस्था November 29, 2020 / November 29, 2020 by प्रह्लाद सबनानी | Leave a Comment देश में कोरोना महामारी के चलते दिनांक 27 नवम्बर 2020 को वर्ष 2020-21 की द्वितीय तिमाही में, सकल घरेलू उत्पाद में, वृद्धि सम्बंधी आंकड़े जारी कर दिए गए हैं। विभिन्न वित्तीय एवं शोध संस्थानों के पूर्वानुमानों को पीछे छोड़ते हुए भारत में सकल घरेलू उत्पाद में तेज़ गति से वृद्धि दर्ज की गई है। जहां […] Read more » Ignoring all forecasts Indian economy is growing at a fast pace तेज़ी से आगे बढ़ रही है भारतीय अर्थव्यवस्था भारतीय अर्थव्यवस्था
आर्थिकी राजनीति केंद्र सरकार द्वारा अब रोज़गार सृजन पर दिया जा रहा है विशेष ध्यान November 19, 2020 / November 19, 2020 by प्रह्लाद सबनानी | Leave a Comment एक अनुमान के अनुसार, कोरोना महामारी के चलते देश में लगभग 20 लाख रोज़गारों पर विपरीत प्रभाव पड़ा था। अतः केंद्र सरकार के सामने अब सबसे महत्वपूर्ण सोच का विषय यह है कि किस प्रकार देश में औपचारिक क्षेत्र में रोज़गार के अधिक से अधिक अवसर, निर्मित किए जायें। साथ ही, कोरोना महामारी के दौरान छोटे […] Read more » Special attention to employment generation Special attention to employment generation by the central government उत्पादन आधारित प्रोत्साहन योजना किसानों को खाद हेतु सब्सिडी गृह निर्माण उद्योग बेरोज़गारी की दर रोज़गार सृजन पर विशेष ध्यान वित्त मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमन
आर्थिकी भारत की आत्मा ग्रामों में बसती है अतः देश में ग्रामीण विकास ज़रूरी November 16, 2020 / November 16, 2020 by प्रह्लाद सबनानी | Leave a Comment अर्थ की महत्ता आदि काल से चली आ रही है। आचार्य चाणक्य ने भी कहा है कि राष्ट्र जीवन में समाज के सर्वांगीण उन्नति का विचार करते समय अर्थ आयाम का चिंतन अपरिहार्य बनता है। इस दृष्टि से जब हम इतिहास पर नज़र डालतें हैं तो पता चलता है कि भारतीय अर्थव्यवस्था का गौरवशाली इतिहास […] Read more » so rural development is essential in the country The soul of India resides in the villages ग्रामीण विकास भारत की आत्मा
आर्थिकी राजनीति अर्थव्यवस्था के फिर से पटरी पर लौटने के संकेत November 3, 2020 / November 3, 2020 by ललित गर्ग | Leave a Comment -ललित गर्ग-कोरोना वायरस के संक्रमण से जुड़ी खबरों ने फिलहाल थोड़ी राहत भले ही दी है, लेकिन खतरा टला नहीं है, इसके संकेत भी साफ है। जहां तक समाज एवं अर्थव्यवस्था पर पड़े इसके असर का मामला है, अभी इन सबसे उबरने में काफी समय लग सकता है। विशेषतः भारत की अर्थ-व्यवस्था तो पहले से […] Read more » signs-of-the-economy-coming-back-on-track अर्थव्यवस्था
आर्थिकी राजनीति भारतीय अर्थव्यवस्था में हो सकती है V आकार की बहाली November 3, 2020 / November 3, 2020 by प्रह्लाद सबनानी | Leave a Comment अर्थशास्त्र में V आकार की बहाली से आश्य यह है कि जिस तेज़ी से अर्थव्यवस्था में ढलान देखने में आया था उतनी ही तेज़ी से अर्थव्यवस्था में वापिस बहाली देखने को मिलेगी। पूरे विश्व में कोरोना वायरस महामारी के चलते आर्थिक गतिविधियां ठप्प पड़ गई थीं। भारत भी इस प्रभाव से अछूता नहीं रहा था। […] Read more » V shape can be restored in Indian economy भारतीय अर्थव्यवस्था
आर्थिकी राजनीति ग़रीबी रेखा को पुनर्निर्धारित करने का समय अब आ गया है November 2, 2020 / November 2, 2020 by प्रह्लाद सबनानी | Leave a Comment भारत में ग़रीबी रेखा के नीचे जीवन यापन कर रहे लोगों की संख्या में भारी कमी देखने में तो आई है परंतु क्या उन्हें स्वास्थ्य, शिक्षा एवं मकान की सुविधायें ठीक तरीक़े से उपलब्ध हो पा रही हैं एवं क्या सरकार द्वारा इन मदों पर उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं को ग़रीबी आंकने का पैमाने […] Read more » reschedule the poverty line The time has come to reschedule the poverty line ग़रीबी रेखा को पुनर्निर्धारित
आर्थिकी लेख नई ऊँचाईयों को छूता कृषि उत्पादों का निर्यात October 29, 2020 / October 29, 2020 by प्रह्लाद सबनानी | Leave a Comment भारत से कृषि उत्पादों के निर्यात को लेकर लगातार चिंताएं जताईं जाती रही हैं। परंतु, हाल ही के समय में केंद्र सरकार द्वारा लिए गए कई निर्णयों के चलते कृषि उत्पादों का निर्यात बहुत तेज़ी से वृद्धि दर्ज करता देखा जा रहा है। अप्रेल-सितम्बर 2019 के बीच 6 माह के दौरान भारत से कृषि उत्पादों […] Read more » Export of agricultural products touches new heights कृषि उत्पादों का निर्यात
आर्थिकी राजनीति भारतीय अर्थव्यवस्था में आ रहे हैं कई सकारात्मक बदलाव October 26, 2020 / October 26, 2020 by प्रह्लाद सबनानी | Leave a Comment कोरोना वायरस महामारी के चलते आर्थिक गतिविधियां पूरे विश्व में ठप्प पड़ गईं थीं। भारत भी इससे अछूता नहीं रहा एवं मार्च 2020 के बाद से देश में आर्थिक गतिविधियों में लगातार कमी दृष्टिगोचर हुई। जिसके चलते, कई देशवासियों के रोज़गार पर विपरीत असर पड़ा था एवं शहरों से भारी मात्रा में मज़दूरों का ग्रामों […] Read more » Many positive changes are coming in the Indian economy भारतीय अर्थव्यवस्था
आर्थिकी राजनीति अर्थव्यवस्था को लोकल से ग्लोबल बनाने की हो रही है तैयारी October 16, 2020 / October 16, 2020 by प्रह्लाद सबनानी | Leave a Comment देश के प्रधानमंत्री माननीय श्री नरेंद्र मोदी ने एक अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रम, “अमेरिका-भारत स्ट्रेटेजिक पार्टनरशिप फ़ोरम के तीसरे लीडरशिप समिट”, को सम्बोधित करते हुए अभी हाल ही में कहा है कि 130 करोड़ भारतीय अब देश को आत्म निर्भर बनाने के मिशन पर निकल पड़े हैं। भारत के आत्म निर्भर बनने की परिभाषा में पूरे विश्व […] Read more » economy from local to global Preparations are being made to make the economy from local to global अर्थव्यवस्था को लोकल से ग्लोबल आजीविका सुरक्षा इन्सॉल्वेन्सी एंड बैंकरपटसी कोड औद्योगिक संबंध संहिता बिल 2020 कॉंट्रैक्ट फ़ार्मिंग पद्धति जीएसटी सामाजिक सुरक्षा बिल 2020 स्वास्थ्य एवं कार्यदशा संहिता बिल 2020
आर्थिकी राजनीति अर्थव्यवस्था में प्राण फूंकने का तीसरा पैकेज October 14, 2020 / October 14, 2020 by ललित गर्ग | Leave a Comment -ललित गर्ग –कोरोना महामारी के कारण अस्तव्यस्त हुई अर्थ व्यवस्था को पटरी पर लाने के लिये केन्द्र सरकार की ओर से एक बार फिर प्रोत्साहन पैकेज घोषित किये गये हैं, यह पैकेज सुस्त अर्थ-व्यवस्था को स्पंदन एवं गति देने कितने सहायक होंगे, यह भविष्य के गर्भ में हैं। लेकिन उसका मूल मकसद बाजार को सक्रिय […] Read more » Third package of life in the economy अर्थव्यवस्था अर्थव्यवस्था में प्राण फूंकने का तीसरा पैकेज
आर्थिकी राजनीति ग्रामों को केंद्र में रखकर आत्म निर्भरता को दिया जा सकता है व्यापक स्वरूप October 12, 2020 / October 12, 2020 by प्रह्लाद सबनानी | Leave a Comment 21वीं सदी में यदि भारत को पुनः एक वैश्विक शक्ति बनाना है तो हर क्षेत्र में हमें आत्म निर्भरता हासिल करना ज़रूरी है। आत्म निर्भरता का सामान्यतः शाब्दिक अर्थ यह लगाया जाता है कि देश अर्थ केंद्रित स्वतंत्रता हासिल कर ले। अर्थात, सभी उत्पादों को हम हमारे देश में ही निर्मित करने लगें एवं आयात […] Read more » Self-reliance can be given a wider form by keeping the villages at the center आत्म निर्भरता ग्रामों में आत्म निर्भरता