आर्थिकी विदेशों में काला धन :सरकार की न नीयत साफ न उसके पास इच्छाशक्ति June 5, 2011 / December 11, 2011 by अम्बा चरण वशिष्ठ | Leave a Comment अम्बा चरण वशिष्ठ केवल कानून बनाने से ही कोई करिश्मा नहीं हो जाता। उसे कार्यरूप देने के लिये नीयत साफ, मन में लगन और इच्छाशक्ति की आवश्यकता होती है। इसका एक प्रबल उदाहरण श्री टी.एन. शेषन हैं। मुख्य चुनाव आयुक्त के रूप में उनकी नियुक्ति से पूर्व तो चुनाव आयोग केन्द्र सरकार का ही एक […] Read more » Black Money काला धन
आर्थिकी राजनीति नकली नोट रिजर्व बैंक और सरकार April 15, 2011 / December 13, 2011 by डॉ. मनीष कुमार | 7 Comments on नकली नोट रिजर्व बैंक और सरकार नकली नोट पर अब तक का सबसे बडा ख़ुलासा रिजर्व बैंक के ख़जाने में नकली नोट कैसे पहुँचे सीबीआई ने रिजर्व बैंक में क्यों छापा मारा नकली नोट के खुलासे से यूरोप में भुचाल क्यों आया देश के रिज़र्व बैंक के वाल्ट पर सीबीआई ने छापा डाला. उसे वहां पांच सौ और हज़ार रुपये के […] Read more » Reserve Bank नकली नोट और रिजर्व बैंक
आर्थिकी रोटी से हारा प्रगतिशील भारत March 30, 2011 / December 14, 2011 by शादाब जाफर 'शादाब' | 2 Comments on रोटी से हारा प्रगतिशील भारत शादाब जफर ”शादाब” आज देश में महंगाई किस चरम पर पहुंच चुकी है इस का उदाहरण मूल रूप से बिहार निवासी मेरठ उत्तर प्रदेश में रह रही सुनयना से बेहतर शायद कोई नहीं दे सकता। गरीबी और फाकाकशी से निजात पाने को 30 साल की इस महिला ने वो रास्ता चुना जिसे देख और […] Read more » Inflation महंगाई
आर्थिकी नया बजट और नए खतरे March 2, 2011 / December 15, 2011 by जगदीश्वर चतुर्वेदी | 1 Comment on नया बजट और नए खतरे नव्य उदारीकरण में भारत के अधिकांश बुद्धिजीवियों ने अपने को पूंजीपरस्ती से बांध लिया है। युवा इस पूंजी के नारकीय खेल से पीड़ित हैं । औरतें इसमें पिस रही हैं। किसानों और मजदूरों के जीवन में तबाही मची हुई है। इसके बाबजूद वित्तमंत्री प्रणव मुखर्जी और उनकी भक्तमंडली दावा कर रही है कि भारत विकास कर […] Read more » Budget बजट
आर्थिकी कालेधन की कलिख और कांग्रेस की कसक March 2, 2011 / December 15, 2011 by डॉ. मनोज जैन | 2 Comments on कालेधन की कलिख और कांग्रेस की कसक स्वामी रामदेव के कालाधन और भ्रष्ट्राचार बिरोधी अभियान से घबरा कर भ्रष्ट्राचार के दलदल में गहरे तक धंसी हुयी कांग्रेस पार्टी का बौखला कर अमर्यादित आचरण करना कोई नई बात नहीं है यह तो कांग्रेस की कार्यसंस्कृति का हिस्सा है। कांग्रेस पार्टी में भ्रष्ट्राचार का स्तर यह हो गया है कि भ्रष्ट्राचार और कांग्रेस एक […] Read more » Black Money कांग्रेस की कसक कालेधन की कलिख डॉ.मनोज जैन
आर्थिकी किसान का दर्द भी समझें नीता जी March 2, 2011 / December 15, 2011 by प्रवक्ता ब्यूरो | Leave a Comment सिवनी जिले के इतिहास का काला अध्याय है सिवनी विधानसभा के ग्राम थांवरी के एक किसान द्वारा की गई आत्महत्या। यह आत्महत्या किस कारण से की गई है, इसके पीछे तर्क कुतर्क जमकर हो रहे हैं। सियासी दल के नुमाईंदे आपस में इसे लेकर राजनैतिक रोटियां सेंकने से बाज नहीं आ रहे हैं। सिवनी की […] Read more » Farmers आत्महत्या किसान का दर्द नीता जी
आर्थिकी बजट: इधर का उधर-उधर का इधर March 1, 2011 / December 15, 2011 by विजय सोनी | 2 Comments on बजट: इधर का उधर-उधर का इधर भारत में केंद्र सरकार का आम बजट आयेगा ,आ रहा है ,आ गया और चला भी गया ,ज्वलंत समस्याएं जहाँ थीं वहीँ की वहीँ रह गई ,आम आदमी हताश निराश है,महंगाई की मार का मारा वह बेचारा सोच रहा है, की हमारे देश का वित्त मंत्री चिंता केवल चिंता व्यक्त कर रहा रहा है ,करने […] Read more » 2G स्पेक्ट्रम Budget इधर का उधर उधर का इधर प्रणव दा बजट महंगाई मुख्यमंत्री रमण सिंह
आर्थिकी बजट २०११-१२ : विसंगतियों का पिटारा….. March 1, 2011 / December 15, 2011 by श्रीराम तिवारी | 2 Comments on बजट २०११-१२ : विसंगतियों का पिटारा….. वर्तमान बजट पर देश के अर्थशास्त्रियों के सिरमौर कहे जाने वाले हमारे माननीय प्रधानमंत्री जब वित्तमंत्री जी को शाबासी देते हैं तो मेरे जैसे अज्ञानी की अनचाहे ही बजट के बारे में उत्सुकता होना स्वाभाविक ही है ,जब उत्सुकता है तो विषयांतरगत आद्द्योपंत बजट पर माथा-पच्ची भी जरुरी हो जाती है. यह मानवीय स्वभाव की […] Read more » Budget 2011-12 बजट 2011-2012
आर्थिकी त्वरित न्याय की संदेहीत प्रतिबद्धता February 20, 2011 / December 15, 2011 by संजय स्वदेश | Leave a Comment संजय स्वदेश केंद्रीय बजट आने वाला है। मीडिया अपेक्षित बजट पर चर्चा करा रही है। पर इन चर्चाओं में अन्य कई मुद्दों की तरह न्यायापालिका पर खर्च की जाने वाली राशि पर कोई हो-हल्ला नहीं है। एक अकेले न्यायापालिका ही है जिसने कई मौके पर सरकार की जन अनदेखी कदम पर अंकुश लगाने की दिशा […] Read more » Budget बजट
आर्थिकी आधुनिक भारत के मंदिरों की रक्षा कौन करेगा ? February 15, 2011 / December 15, 2011 by श्रीराम तिवारी | 14 Comments on आधुनिक भारत के मंदिरों की रक्षा कौन करेगा ? श्रीराम तिवारी वर्तमान २१ वीं शताब्दी के इस प्रथम दशक की समाप्ति पर वैश्विक परिदृश्य जिन्ह मूल्यों ,अभिलाषाओं और जन-मानस की सामूहिक हित कारिणी आकांक्षाओं – जनक्रांतियों के लिए मचल रहा है ,वे विगत २० वीं शतब्दी के ७०वें दशक में सम्पन्न तत्कालीन शीत युद्धोत्तर काल के जन -आन्दोलनों की पुनरावृति भर हैं .तब सोवियत […] Read more » temple मंदिर
आर्थिकी पूंजीवाद जी का जंजाल… महंगाई-भ्रष्टाचार से दुनिया बदहाल….. February 12, 2011 / December 15, 2011 by श्रीराम तिवारी | 2 Comments on पूंजीवाद जी का जंजाल… महंगाई-भ्रष्टाचार से दुनिया बदहाल….. श्रीराम तिवारी आधुनिकतम उन्नत सूचना एवं प्रौद्द्योगिकी के दौर में विश्व-रंगमंच पर कई क्षणिकाएं-यवनिकाएं बड़ी तेजी से अभिनीत हो रहीं हैं . २१ वीं शताव्दी का प्रथम दशक सावधान कर चुका है कि दुनिया जिस राह पर चल रही है वो धरती और मानव मात्र की जिन्दगी को छोटा करने का उपक्रम मात्र है .जीवन […] Read more » Capitalism पूंजीवाद
आर्थिकी राजनीति माछ भात और मनमोहन सिंह का अर्थशास्त्र February 7, 2011 / December 15, 2011 by डॉ. कुलदीप चन्द अग्निहोत्री | 6 Comments on माछ भात और मनमोहन सिंह का अर्थशास्त्र डॉ. कुलदीप चंद अग्निहोत्री देश में मंहगाई जिस बेतहाशा गति से बढ रही है उससे आम आदमी का चिंतित होना स्वभाविक ही है। दरासल मंहगाई से आम आदमी केवल चिंतित ही नही है बल्कि अनेक स्थानों पर जीवन यात्रा के सूत्र उनके हाथांे से छूटते भी जा रहे हैं। जो वर्ग उत्पादन के क्षेत्र में […] Read more » Manmohan Singh डॉ. मनमोहन सिंह