आर्थिकी बाजार को बढ़ावा देने वाला बजट July 11, 2014 / July 12, 2014 by प्रमोद भार्गव | 1 Comment on बाजार को बढ़ावा देने वाला बजट -प्रमोद भार्गव- रेल बजट ने ही नरेंद्र मोदी सरकार के बजट की दिशा तय कर दी थी। जाहिर है, आम बजट भी उसी दिशा आगे बढ़ना था। जिस तरह से रेलवे में एफडीआई और पीपीपी को प्रोत्साहित करने की खिड़कियां खोली गई हैं, उसे आगे बढ़ाते हुए आम बजट में इसके दरवाजे खोल दिए गए। […] Read more » अरुण जेटली आम बजट भाजपा सरकार राजग सरकार
आर्थिकी अब वसूली का समय है July 1, 2014 by आलोक कुमार | Leave a Comment -आलोक कुमार- कीमतें बढ़ने के पीछे उत्पादन की कमी, मानसून इत्यादि जैसे कारण तो हैं ही। लेकिन महंगाई की असली वजह यह है कि खेती की उपज के कारोबार पर बड़े व्यापारियों, बिचौलियों और काला-बाज़ारियों का कब्ज़ा है। ये ही जिन्सों के दाम तय करते हैं और जान-बूझ कर बाज़ार में कमी पैदा करके चीज़ों […] Read more » अब वसूली का समय है नरेंद्र मोदी महंगाई मोदी सरकार
आर्थिकी आर्थिक विकास को प्रभावित करते एनजीओ June 19, 2014 by प्रमोद भार्गव | Leave a Comment -प्रमोद भार्गव- संदर्भः- गुप्तचर ब्यूरो की जांच में एनजीओ की करतूत- देश के स्वयंसेवी संगठन एक बार फिर कठघरे में हैं। मध्य प्रदेश के सिंगरौली में कोयला खनन के खिलाफ आंदोलन जारी है। गुप्तचर ब्यूरो (आईबी) की जांच से खुलासा हुआ है कि यह विरोध विदेशी आर्थिक मदद प्राप्त एक गैर सरकारी संगठन कर रहा […] Read more » अर्थव्यवस्था आर्थिक विकास एनजीओ गैर सरकारी संगठन
आर्थिकी ‘वायदा’ के खेल पर रोक की जरूरत June 7, 2014 by प्रमोद भार्गव | Leave a Comment -प्रमोद भार्गव- केंद्र की नई सरकार और उसके प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सामने सबसे बड़ी और मुंहबाए खड़ी चुनौती ‘महंगाई’ है। वैसे तो वैष्विक स्तर पर रुपए की मजबूती से सोना और व्यावसायिक गैस सिलेण्डरों के दाम घटे हैं, लेकिन आम आदमी को राहत तब मिलेगी जब खाद्य वस्तुओं के दाम घटें। ऐसी आम धारणा […] Read more » नरेंद्र मोदी मोदी सरकार वायदा वायदा कारोबार
आर्थिकी अमल में लाया जाए सेबी का प्रस्ताव June 4, 2014 by रमेश पांडेय | Leave a Comment -रमेश पाण्डेय- सेबी का प्रस्ताव अगर अमल में आता है तो सरकार सार्वजनिक क्षेत्र की करीब 30 सूचीबद्ध कंपनियों में हिस्सेदारी बिक्री से 50,000 करोड़ रुपए से अधिक जुटा सकती है। सेबी ने सभी सूचीबद्ध कंपनियों में न्यूनतम 25 प्रतिशत सार्वजनिक हिस्सेदारी का प्रस्ताव किया है। इस बारे में निर्णय वित्त मंत्रालय को करना है। […] Read more » अमल में लाया जाए सेबी का प्रस्ताव सेबी सेबी प्रस्ताव
आर्थिकी नरेंद्र मोदी के सामने अर्थव्यवस्था की चुनौतियां May 21, 2014 by प्रवक्ता.कॉम ब्यूरो | Leave a Comment -नरेन्द्र देवांगन- आम चुनावों में देश के मतदाताओं ने कांग्रेस की कार्यशैली को पूरी तरह से नकार दिया है। पिछले एक दशक में अपनी सरकार के दौरान कांग्रेस ने देश को अच्छी विकास दर दी थी। एक समय तो यह दर 7.8 प्रतिशत से भी अधिक हो गई थी। लेकिन सरकार के अंतिम दो वर्षों […] Read more » अर्थव्यवस्था आर्थिक चुनौतियां नरेंद्र मोदी
आर्थिकी भारत के व्यापार को चौपट करने का यूरोपीय षड्यंत्र May 5, 2014 / May 5, 2014 by प्रवीण दुबे | Leave a Comment -प्रवीण दुबे- 1998 में जब श्री अटल बिहारी वाजपेयी देश के प्रधानमंत्री थे तब उन्होंने परमाणु परीक्षण करके पूरी दुनिया को भारत की ताकत का अहसास कराया था। वे विश्व की महाशक्ति अमेरिका द्वारा भारत पर लगाए गए तमाम आर्थिक प्रतिबंधों से न तो घबराए थे और न झुके थे। पूरी दुनिया ने देखा था […] Read more » भारत का व्यापार भारतीय व्यापार यूरोपीय षड्यंत्र
आर्थिकी कृषि निर्यात में फिसड्डी साबित हो रहा भारत May 3, 2014 by रमेश पांडेय | 2 Comments on कृषि निर्यात में फिसड्डी साबित हो रहा भारत -रमेश पाण्डेय- मई की तपती गरमी से लेकर अगस्त की सिंझाती सांझ तक पूरे देश में क्या राजा क्या रंक सबका मुंह मीठा करवाने के कारण ही शायद यहां आम को श्फलों का राजाश् कहा जाता है। लेकिन इस बार मई की शुरुआत में ही आमों के सरताज श्अल्फांसोश् का स्वाद श्फीकाश् पड़ गया है। […] Read more » कृषि कृषि व्यवस्था भारत की कृषि भारत में कृषि
आर्थिकी नयी सरकार की चुनौतियां April 21, 2014 / April 21, 2014 by कन्हैया झा | Leave a Comment -कन्हैया झा राजनैतिक दलों ने अपने घोषणा-पत्र में कई महत्वाकांक्षी योजनाओं का जिक्र किया है, जिनके लिए बजट में धन की व्यवस्था करनाएक चुनौती होगी. केंद्र सरकार एक वर्ष में लगभग 15 लाख करोड़ रुपये खर्च करती है, जबकि करों आदि से सरकार को केवल 9.4 लाख करोड़ रुपये प्राप्त होता है. यदि सरकार की आमदनी को 100 रुपये मानें तो […] Read more » challenges before new government नयी सरकार की चुनौतियां
आर्थिकी आर्थिक मंदी में चुनावी तड़का April 15, 2014 / April 15, 2014 by प्रमोद भार्गव | Leave a Comment -प्रमोद भार्गव- भारत में फिलहाल मंदी के आलम पर निर्वाचन का पर्दा डल गया है, लेकिन हकीकत यह है कि मजबूत अर्थव्यवस्था के दावे ढोल में पोल हैं। सरकारी मतदाताओं को लुभाने के दृष्टिगत केंद्र सरकार ने सातवें वेतन आयोग की जो घोषणा की हैं और अंतरिम बजट रोजगार योजनाओं के मद में आगामी वित्तीय […] Read more » election twist in economic crisis आर्थिक मंदी में चुनावी तड़का
आर्थिकी सच ही तो कह रहे हैं रिजर्व बैंक के गवर्नर April 12, 2014 by रमेश पांडेय | Leave a Comment -रमेश पाण्डेय- रिजर्व बैंक के गवर्नर रघुराम राजन का यह कहना कि किसी भी देश के पास पर्याप्त विदेशी मुद्रा भंडार, उस देश को अपने बाह्य झटकों से पूरी तरह नहीं बचा सकता। यह उनकी सही और सटीक दृष्टि है। हाल ही में वाशिंगटन के ब्रूकिंग्स इंस्टीच्यूशन द्वारा आयोजित एक सम्मेलन में राजन ने कहा […] Read more » Raghuram Rajan RBI governor सच ही तो कह रहे हैं रिजर्व बैंक के गवर्नर
आर्थिकी ‘मुहावरा रह गई दाल-रोटी’ February 28, 2014 by प्रवक्ता.कॉम ब्यूरो | Leave a Comment -भरतचंद्र नायक- हर मुल्क का आत्मदर्शन, प्रतिबद्धताएं और वर्जनाएं होती हैं जो कौम की दिशा निर्देश बनती है। भारत में दाल रोटी की पूर्ति करने के लिए आजीविका चलते रहना हमारे परम संतोष का विषय रहा है। इसलिए खेती को आजीविका के बजाय धर्म और संस्कृति के रूप में आत्मसात किया गया है। आाजदी के […] Read more » ‘मुहावरा रह गई दाल-रोटी’ Agriculture condition in India