आर्थिकी आरबीआई गवर्नर की चिंताएं वाजिब December 15, 2014 by मयंक चतुर्वेदी | 1 Comment on आरबीआई गवर्नर की चिंताएं वाजिब केंद्र में भारतीय जनता पार्टी की सरकार आ जाने के बाद से देश का संपूर्ण परिदृश्य बदला हुआ है। पूरा देश केंद्र में आज स्थायी सरकार होने का लाभ उठा रहा है। देश के आम नागरिक को भी लगता है कि अब जरूर अच्छे दिन आ गए हैं। विदेश नीति, आंतरिक मोर्चे तथा अन्य मुद्दों […] Read more » raghuram rajan concirn RBI Governor legitimate concerns आरबीआई गवर्नर की चिंताएं रघुराम राजन
आर्थिकी विकास परियोजनाओं में बैंकों की सीधी भागीदारी का वक्त December 13, 2014 / December 13, 2014 by मयंक चतुर्वेदी | Leave a Comment डॉ. मयंक चतुर्वेदी केंद्र में नई सरकार बने छह माह बीत चुके हैं, इन गुजरे महिनों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनकी टीम ने देश के विकास के लिए ऐसा बहुत कुछ नया किया है जिसे बताया जाए तो संभवत: शब्द भी कम होंगे, किंतु इसके बाद भी विपक्ष द्वारा सरकार को कई मुद्दों पर […] Read more » direct involvement of banks in development projects बैंकों की सीधी भागीदारी विकास परियोजनाओं में बैंकों की सीधी भागीदारी
आर्थिकी कालाधन December 10, 2014 / December 10, 2014 by फखरे आलम | 1 Comment on कालाधन कालेधन पर बहुत बात हो चुकी है। हमारे देश और समाज में गजब की असमानता और संतुलन का अभाव है। किसी के पास इतने धन है कि वह अपने, अपनों और सरकार से छुपाये छुपाये विदेशी बैंकों के शरण में पहुँच गया है। देश में कई कर्मचारी धन्ना सेठ निकल रहे हैं। कहीं अनाज […] Read more » कालाधन
आर्थिकी आम आदमी के हक में रिजर्व बैंक की नीतियां December 5, 2014 by मयंक चतुर्वेदी | Leave a Comment डॉ. मयंक चतुर्वेदी भारत में वित्तीय समावेश को लेकर केंद्र सरकार जो कार्य कर रही है, आज उसकी जितनी तारीफ की जाए, वह कम ही कहलाऐगी। वस्तुत: ऐसा कहने के पीछे कई वाजिब तर्क हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सत्ता में बैठने के बाद से लगातार देश में वैसे तो कई क्षेत्रों में अच्छा काम […] Read more » policies of reserve bank poloicies of reserve bank in the interest of common man रिजर्व बैंक की नीतियां
आर्थिकी जन-जागरण दुनिया से भूख मिटाने की पहल करता भारत December 5, 2014 by मयंक चतुर्वेदी | Leave a Comment डॉ. मयंक चतुर्वेदी विश्व बैंक ने दुनिया से अत्याधिक गरीबी और भूख को वर्ष 2030 तक मिटाने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य तय किया है। किंतु जलवायु परिवर्तन गरीबी को मिटाने के लिए किए जा रहे वैश्विक प्रयासों को कमजोर कर रहा है। ग्लोबल वार्मिंग के असर पर हाल में प्रकाशित रिपोर्ट में विश्व बैंक के चेतावनी […] Read more » दुनिया से भूख मिटाने की पहल
आर्थिकी देश के आर्थिक मोर्चे पर केंद्र सरकार की सफलता December 3, 2014 / December 3, 2014 by मयंक चतुर्वेदी | Leave a Comment डॉ. मयंक चतुर्वेदी देश की जनता ने कांग्रेसनीत संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन को लगातार दो बार केंद्र में सरकार बनाने का अवसर दिया था। उम्मीद की थी कि भारत दस सालों में जरूर आंतरिक और विदेशी मोर्चे पर अपनी फर्राटेदार उड़ान भर लेगा, लेकिन हुआ इसके विपरीत। सभी ने देखा कि देश की साख घरेलु और […] Read more » the government's success on the economic front केंद्र सरकार की सफलता
आर्थिकी माल कम मूल्य अधिक : यह कैसा बाज़ार ? November 28, 2014 by निर्मल रानी | Leave a Comment निर्मल रानी कुछ समय पहले की बात है जब हम दूध की डेयरी पर दूध लेने जाते थे तो यदि हम एक लीटर दूध डेयरी वाले से मांगते थे तो वह एक लीटर दूध नापने के बाद सौ या पचास ग्राम दूध अलग से डाल दिया करता था। किसी सब्ज़ी कीे दुकान पर सब्ज़ी बेचने […] Read more » माल कम मूल्य अधिक
आर्थिकी भारतीय व्यापार को चीन की चुनौती November 25, 2014 by मयंक चतुर्वेदी | Leave a Comment डॉ. मयंक चतुर्वेदी भारतीय जनता ने देश में भले ही स्थायी सरकार दे दी हो, लेकिन सरकार के बनने के बीत रहे छह माह के बाद भी कई राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय मुद्दे ऐसे हैं जिन पर भारत को ठोस समाधान की दरकार बनी हुई है। भारत अपनी नीतियों के कारण अभी भी व्यापार विस्तार को […] Read more » China's challenge to the indian economy भारतीय व्यापार
आर्थिकी भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए घातक मीट निर्यात November 22, 2014 / November 22, 2014 by सुधीर तालियान | Leave a Comment सुधीर तालियान मीट निर्यात भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए कुत्ते की हड्डी बन चुका है। खून कुत्ते के मसूड़ों से आता है लेकिन वो समझता है कि ये हड्डी का कमाल है। स्वार्थ और राजनीति के चलते भारत की अर्थव्यवस्था भी इस बीमारी से ग्रस्त हो चुकी है। हमारे नीति नियंताओं का कहना है कि इससे […] Read more » meat export deadly for Indian economy meat exports मीट निर्यात
आर्थिकी ‘यात्रा व पर्यटन से देवपूजा व संगतिकरण का लाभ, November 12, 2014 / November 15, 2014 by मनमोहन आर्य | Leave a Comment ओ३म् -मनमोहन कुमार आर्य, जब हम किसी उद्देश्य से एक स्थान से अन्य दूरस्थ स्थान पर जाते हैं तो घर से निकल कर घर वापिस लौटने तक भ्रमण किये गये स्थानों पर जाने को हम यात्रा का नाम देते हैं। यात्रा के अनेक उद्देश्य हुआ करते हैं। जैसे बच्चे सुदूर स्थानों पर रहने वाले अपने […] Read more » benefits of heritage tours in any state पर्यटन से देश की एकता व अखण्डता को बढा़वा पर्यटन से प्रदेशों का आर्थिक विकास यात्रा व पर्यटन से देवपूजा व संगतिकरण का लाभ
आर्थिकी जीएसटी पर केंद्र की सफलता November 9, 2014 / November 15, 2014 by मयंक चतुर्वेदी | Leave a Comment वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) की राह में उत्पन्न सभी समस्याएं नई सरकार के आते ही दूर हो गई हैं। वस्तुत: जीएसटी का विचार केंद्र की तरफ से 2006 में आया था। इसे एक अप्रैल, 2010 से लागू होना था। तत्कालीन संप्रग सरकार ने वर्ष 2011 में जीएसटी विधेयक भी पेश किया, लेकिन केंद्र और […] Read more » The success of the Centre on GST जीएसटी जीएसटी पर केंद्र की सफलता वस्तु एवं सेवा कर
आर्थिकी मुफलिसी की सरमाएदारी में अतुल्य भारत October 29, 2014 by प्रणय विक्रम सिंह | Leave a Comment प्रणय विक्रम सिंह सौ में सत्तर आदमी फिलहाल जब नाशाद है, दिल पर हाथ रखकर कहिये देश क्या आजाद है? जनकवि अदम गोंडवी की ये पंक्तियां मौजूदा परिदृश्य में चरितार्थ होती दिख रही है। आज भारत में वैभव का आभास, अनवरत नवीन प्रतिमानों के प्रस्तर खण्ड उत्कीर्ण कर रहा है। चहुंओर गगनचुम्बी भवन, चमचमाती लग्जरी […] Read more » अतुल्य भारत