सिनेमा ‘बोल’ में क्या बोल? September 11, 2011 / December 6, 2011 by डॉ. मनोज चतुर्वेदी | Leave a Comment डॉ. मनोज चतुर्वेदी अंतर्राष्ट्रीय ख्यातिप्राप्त फिल्मकार शोएब मंसूर ने ‘खुदा के लिए’ के बाद ‘बोल’ में एक ऐसी औरत की जिंदगी के पक्ष को उभारने का प्रयास किया है जो पुरूषवादी मानसिकता का शिकार हो जाती है। नारी मात्र देह नहीं है वह भोग्या नहीं है पर ऐसा देखने को मिलता है कि पुरूषवादी सामंती […] Read more » Bol बोल
सिनेमा फिल्म ‘बॉडीगार्ड’ में सलमानी जलवा September 11, 2011 / December 6, 2011 by डॉ. मनोज चतुर्वेदी | Leave a Comment डॉ. मनोज चतुर्वेदी बॉलीवुड में खान बंधुओं का जलवा भारत में ही नहीं, विश्व प्रसिध्द है। शाहरूख खान, सलमान खान, आमिर खान, सैफ अली खान तथा जायद खान से भी भारतीय फिल्म उद्योग की कहानी में परिवर्तन आता है। ‘वांटेड’, ‘दबंग’ और ‘रेड्डी’ के बाद सलमान खान ने बॉडीगार्ड में गजब का अभिनय किया है। […] Read more » Film Bodyguard बॉडीगार्ड
खेल जगत रन के अरण्य में रणनीति भी नगण्य September 1, 2011 / December 6, 2011 by जगमोहन फुटेला | 3 Comments on रन के अरण्य में रणनीति भी नगण्य जगमोहन फुटेला शुरू में ही साफ़ कर दूं कि मैं प्रभाष नहीं हूँ. उनके आस पास भी नहीं हूँ. लेकिन क्रिकेट में जब हार होती है तो मन अपना भी दुखता है. और वो जीतने के लिए नहीं खेलने की वजह से होती है तो चीयर के लिए उठ सकने वाले हाथों की नसों में […] Read more »
संगीत अमर गायक मुकेश August 26, 2011 / December 7, 2011 by विपिन किशोर सिन्हा | Leave a Comment (पुण्य तिथि २७ अगस्त के अवसर पर) विपिन किशोर सिन्हा प्रख्यात संगीतकार सरदार मलिक कहा करते थे – जब मुकेश गाते हैं, तो ऐसा लगता है, जैसे सात बाँसुरी के मीठे स्वर एक साथ निकल रहे हों.संगीतकार अनिल विश्वास मुकेश की मीठी आवाज के दीवाने थे. वे कहते थे – मुकेश के स्वर में जो […] Read more » Mukesh मुकेश
सिनेमा याहू और जंगली शमशेर यानी शम्मी August 14, 2011 / December 7, 2011 by राम कृष्ण | Leave a Comment रामकृष्ण कहते हैं, सुप्रसिद्ध शिक्षाविद् अमरनाथ झा ने एक शिक्षक के रूप में जब इलाहाबाद विश्वविद्यालय में प्रवेश किया तब उनकी अवस्था मात्र इक्कीस वर्ष की थी – जब कि उनके अधिकांश छात्र उस उम्र को काफ़ी पहले पार कर चुके थे. कुछ कुछ ऐसा ही हाल शमशेरराज यानी शम्मीकपूर का भी रहा. अपनी बीसवीं […] Read more » Shammi Kapoor शम्मी कपूर
सिनेमा फिल्म ”गांधी टू हिटलर मेरे नाटक की नकल है – फ्रैंक हुजूर August 14, 2011 / December 7, 2011 by सुनील अमर | Leave a Comment सुनील अमर गत दिनों देश के कुछ सिनेमाघरों में प्रदर्शित द्विभाषी फिल्म ‘गॉंधी टू हिटलर’ की पटकथा विवाद में आ गई है। देश के युवा अंग्रेजी लेखक मनोज खान उर्फ फ्रैंक हुजूर ने आरोप लगाया है कि यह फिल्म उनके 1998 में लिखे नाटक ‘हिटलर इन लव बिद मैडोना’ की भावाभिव्यक्ति है। फ्रैंक कहते हैं […] Read more » Gandhi to hitler गांधी टू हिटलर
सिनेमा ‘आरक्षण’ फिल्म और खोखली दलित चिन्ताएं August 14, 2011 / December 7, 2011 by जगदीश्वर चतुर्वेदी | Leave a Comment जगदीश्वर चतुर्वेदी आरक्षण फिल्म रिलीज हो गयी। तीन राज्यों उत्तरप्रदेश,पंजाब और आंध्र ने इसके प्रदर्शन पर रोक लगायी हुई है। आंध्र में कांग्रेस ,यू.पी. में बहुजन समाज पार्टी और पंजाब में अकाली-भाजपा की राज्य सरकार है। यह संकेत है कला और राजनीति के अन्तर्विरोध का। सुप्रीम कोर्ट और बॉम्बे हाईकोर्ट में मामला विचाराधीन है। इस […] Read more » Reservation आरक्षण
सिनेमा सामाजिक समानता के लिए ‘आरक्षण’ अनिवार्य ! August 12, 2011 / December 7, 2011 by राजेश कश्यप | Leave a Comment राजेश कश्यप जाने माने फिल्मकार प्रकाश झा की बहुविवादित फिल्म ‘आरक्षण’ अंतत: अपनी निर्धारित तिथि 12 अगस्त को प्रदर्शित हो ही गई। पंजाब, उत्तर प्रदेश एवं आन्ध्र प्रदेश की राज्य सरकारों द्वारा पूर्ण प्रतिबन्ध लगाने के बाद तो मामला एकदम अति संवेदनशील हो गया था। पाठकों की बेसब्री को देखते हुए बता दें कि फिल्म […] Read more » Reservation आरक्षण प्रकाश झा
सिनेमा हिन्दुस्तान में हिन्दी के प्रचार प्रसार का प्रभावी एवं सशक्त माध्यम – बॉलीवुड एवं दूरदर्शन August 10, 2011 / December 7, 2011 by उमेश कुमार यादव | 4 Comments on हिन्दुस्तान में हिन्दी के प्रचार प्रसार का प्रभावी एवं सशक्त माध्यम – बॉलीवुड एवं दूरदर्शन उमेश कुमार यादव आज के तारीख में हिन्दी फिल्म इतनी लोकप्रिय हो चुकी है कि चाहे जो भी भाषा-भाषी हो, हिन्दी फिल्म अवश्य देखते हैं । उनके हिट गानें अवश्य गुनगुनाते हैं, भले ही उसका अर्थ नहीं पता हो । क्योंकि आज लोगों को लगने लगा है कि यदि नाम कमाना है या फिर लोकप्रिय […] Read more » hindi हिन्दी
खेल जगत ‘बाप भए चयनकर्ता तो जुगाड़ काहे न होए’ August 2, 2011 / December 7, 2011 by राजकुमार साहू | Leave a Comment राजकुमार साहू यह तो सभी जानते हैं कि आज कि्रकेट, भारत ही नहीं, दुनिया भर में एक ग्लैमरस खेल है और खेलप्रेमियों में इस खेल का जुनून सिर च़कर बोलता है। देशदुनिया में ऐसे भी खेल प्रेमी मिलते हैं, जिनके लिए कि्रकेट ही सब कुछ है तथा उनके पसंदीदा कि्रकेटर भगवान होते हैं। कि्रकेट के […] Read more » बाप भए चयनकर्ता तो जुगाड़ काहे न होए’
सिनेमा 1 अगस्त जन्मदिन पर विशेष: मीना कुमारी August 1, 2011 / December 7, 2011 by शादाब जाफर 'शादाब' | 1 Comment on 1 अगस्त जन्मदिन पर विशेष: मीना कुमारी शादाब जफर “शादाब’’ मीना कुमारी हम तुम्हे कभी नही भूला सकते शायद ही कोई हिन्दी फिल्म प्रेमी ऐसा हो जिस ने अपने जीवन काल में फिल्म पाकीज़ा एक बार न देखी हो। आज फिल्मे किस स्तर पर पहुच गई है कुछ कहने की जरूरत नही। आज की फिल्मे और फिल्म हीरोईनो की ऐसी कहानी हो […] Read more » Meena Kumari मीना कुमारी
कार्टून कार्टून : बी.जे.पी. को भाई कैटरीना की ‘राजनीति’ July 31, 2011 / December 7, 2011 by प्रवक्ता ब्यूरो | 2 Comments on कार्टून : बी.जे.पी. को भाई कैटरीना की ‘राजनीति’ Read more » bjp बी.जे.पी.