आलोचना जन-जागरण अन्धविश्वास से उपजी कोरोना महामाई June 10, 2020 / June 10, 2020 by प्रियंका सौरभ | Leave a Comment प्रियंका सौरभ कोरोना वायरस से पूरी दुनिया लड़ रही है। कोरोना से छुटकारा पाने के लिए कई देश इसकी वैक्सीन बनाने पर रिसर्च कर रहे हैं लेकिन अभी तक कोरोना की वैक्सीन तैयार नहीं हो पाई हैं। ऐसे में कोरोना को लेकर तमाम तरह की अफवाहें, अंधविश्वास और भ्रम भी फैलाए जा रहे हैं।कोविड-19 महामारी का […] Read more » women-worshiping-coronavirus-as-goddess-in-uttar-pradesh-kushinagar-district कोरोना महामाई
आलोचना साहित्य मैंने तुम पर भरोसा किया, तुमने किया विश्वासघात। June 8, 2020 / June 8, 2020 by डॉ. सत्यवान सौरभ | Leave a Comment डॉo सत्यवान सौरभ, आदमी अपने जीवन काल में किसी न किसी जानवर को पानी पिलाता ही है या किसी न किसी रूप में उसे खाना देता ही है। ऐसे में मनुष्य और इन जानवरों के बीच कम से कम एक भरोसे का रिश्ता तो रहा ही है। बेशक कोई व्यक्ति हाथी को अपने घर में नहीं […] Read more » elephant death by eating eating pineapple full of explosives विश्वासघात
आलोचना राजनीति नायक नहीं, खलनायक हूं मैं May 4, 2017 by वीरेंदर परिहार | Leave a Comment वीरेन्द्र सिंह परिहार अन्ना हजारे के भ्रष्टाचार विरोधी आंदोलन की उत्पत्ति समझे जानें वाले अरविन्द केजरीवाल के मामले में पूर्व में आम लोगों की धारणा आम राजनीतिज्ञों से कुछ अलग किस्म की थी। यह माना गया था कि पेषेवर राजनीतिज्ञों की जगह केजरीवाल भारतीय राजनींति को नई दिषा देंगे। उनकी ‘आप’ पार्टी के बढ़ते ग्राफ […] Read more » AAP AAP Party Arbind Kejriwal Featured kejriwal खलनायक नायक नहीं
आलोचना साहित्य मोदी राज में कितनी बदली भारतीय रेल …!! March 22, 2017 / March 22, 2017 by तारकेश कुमार ओझा | Leave a Comment इस साल मार्च में होली के दौरान उत्तर प्रदेश जाने का अवसर मिला। संयोग से इसी दौरान प्रदेश में चुनावी बुखार चरम पर था।वाराणसी से इलाहाबाद जाने के लिए ट्रेन को करीब पांच घंटे इंतजार करना पड़ा। वाराणसी से ही खुलने वाली कामायिनी एक्सप्रेस इस सीमित दूरी की यात्रा में करीब घंटे भर विलंबित हो गई। वापसी में भी कुछ ऐसा ही अनुभव हुआ। प्लेटफार्मों पर किसी ट्रेन की बार - बार उद्घोषणा हो रही थी, तो कुछ ट्रेनों के मामलों में उद्घोषणा कक्ष की अजीब खामोशी थी। Read more » कितनी बदली भारतीय रेल
आलोचना साहित्य सच निकली सपा में चुनावी स्क्रिप्ट की बात, साथ दिखे अखिलेश-शिवपाल March 17, 2017 by प्रवक्ता ब्यूरो | Leave a Comment राजधानी लखनऊ में स्थित पार्टी मुख्यालय के सभागार में 104 दिन के बाद एसपी सुप्रीमो अखिलेश यादव और उनके चाचा शिवापाल यादव एक साथ दिखे। बैठक में पार्टी के सभी नवनिर्वाचित 47 विधायक मौजूद थे। जसवंत नगर से समाजवादी पार्टी के विधायक शिवपाल यादव बैठक के दौरान खामोश ही रहे। Read more » अखिलेश-शिवपाल
आलोचना राजनीति विचार और व्यवहार के बीच झूलती भारतीय राजनीति January 29, 2017 by विजय कुमार | 1 Comment on विचार और व्यवहार के बीच झूलती भारतीय राजनीति भारतीय राजनीति और राजनेता अजीब असमंजस में हैं। विचार पर दृढ़ रहें या व्यावहारिक बनें। पांच राज्यों के चुनाव के बीच यह यक्षप्रश्न एक बार फिर सिर उठाकर खड़ा हो गया है। आजादी से पहले भारत में कांग्रेस ही एकमेव दल था। उसका मुख्य लक्ष्य आजादी प्राप्त करना था। इसलिए विभिन्न विचारों वाले नेता वहां […] Read more » dynasty politics in political parties dynasty principle in political parties Featured pariwarwad in BJP परिवारवाद भा.ज.पा. में परिवारवाद भारतीय राजनीति राजनेता विचार और व्यवहार
आर्थिकी आलोचना जिन पर देश बदलने की जिम्मेदारी है वो नहीं बदल रहे तो देश कैसे बदलेगा December 12, 2016 by डॉ नीलम महेन्द्रा | 1 Comment on जिन पर देश बदलने की जिम्मेदारी है वो नहीं बदल रहे तो देश कैसे बदलेगा कभी हमारी सरकार ने सोचा है कि भारत के जिस आम आदमी ने भारत के स्वतंत्रता संग्राम में देश के लिए अपना सब कुछ लुटा दिया था औरतों ने अपने गहने कपड़े ही नहीं अपने बच्चों तक को न्यौछावर कर दिया था , वो आम आदमी जो मन्दिरों में दान करने में सबसे आगे होता […] Read more » currency crisis created by banks Featured money laundering by banks
आलोचना साहित्य काश! सुप्रीमो, सुप्रीम को अहमियत देते! September 30, 2016 / September 30, 2016 by शिव शरण त्रिपाठी | Leave a Comment सोमवार को जब उन गायत्री प्रसाद प्रजापति ने पुन: मंत्री पद की शपथ ली जिन्हे मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कथित भ्रष्टाचार के आरोपों के चलते अपने मत्रिमंडल से बर्खास्त कर दिया था तो लोगो के मुंह से बरबस निकल पड़ा कि काश! सुप्रीमों मुलायम सिंह यादव ने सुप्रीम मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के पूर्व के निर्णय का सम्मान किया होता। Read more »
आलोचना अनाथ बच्चे बनाम केजरीवाल ! September 17, 2016 by हरिहर शर्मा | 1 Comment on अनाथ बच्चे बनाम केजरीवाल ! आज के दैनिक भास्कर में प्रकाशित दो आलेखों ने चेतना को झकझोर दिया ! श्री एन. रघुरामन के आलेख में झारखंड की राजधानी रांची से महज 20 कि.मी. दूर ब्राम्बे के एक स्कूल की कहानी है, जिसमें प्री नर्सरी से लेकर दसवीं क्लास तक के बच्चे पढ़ते है ! ये सभी बच्चे या तो अनाथ […] Read more » अनाथ बच्चे केजरीवाल
आलोचना साहित्य आप के चाल, चरित्र और चिंतन पर संदेह के गहरे बादल September 16, 2016 by मृत्युंजय दीक्षित | 2 Comments on आप के चाल, चरित्र और चिंतन पर संदेह के गहरे बादल मृत्युंजय दीक्षित मात्र डेढ़ वर्ष में ही दिल्ली में शासन कर रही आम आदमी पार्टी का चाल, चरित्र और चिंतन अब देश की जनता के सामने जगजाहिर हो चुका है तथा लगातार हो रहा है ।वर्तमान समय में दिल्ली सरकार के महिला बाल विकास कल्याण मंत्री संदीप कुमार की सेक्स कांड वाली सीडी टी वी […] Read more » Featured आप आशुतोष चरित्र और चितन पर संदेह के गहरे बादल संजय सिंह संदीप कुमार
आलोचना व्यभिचार का महिमामंडन September 8, 2016 by हरिहर शर्मा | Leave a Comment परंपरागत राजनीति से ऊबी हुई दिल्ली की जनता ने बड़ी आशा और विश्वास के साथ आम आदमी पार्टी को विजयश्री प्रदान की थी ! किन्तु एक के बाद एक दिल्ली सरकार के कुल छह मंत्रियों में से तीन को विभिन्न आरोपों के चलते हटाना पड़ा ! किन्तु सबसे ज्यादा चोंकाने वाली विदाई हुई है महिला […] Read more » AAP Featured Sandeep Kumar Sex CD व्यभिचार का महिमामंडन
आलोचना राजनीति यूपी बीजेपीः एक अदद ‘मोदी’ की अधूरी तलाश September 3, 2016 by संजय सक्सेना | Leave a Comment संजय सक्सेना भारतीय राजनीति का दुर्भाग्य है कि यहां विरोधी दलों के नेताओं की किसी भी बात और सुझाव को तब तक गंभीरता से नहीं लिया जाता हैं,जब तक की सत्तारूढ़ दल को इस बात का अहसास नहीं हो जाता है कि उसके विरोधी उसे किसी तरह का नुकसान पहंचा सकते हैं। वहीं विरोधी दलों […] Read more » Featured यूपी बीजेपी