कविता समाज ज़ुल्म का शिकार क्यों हैं लड़कियां ? October 6, 2023 / October 6, 2023 by चरखा फिचर्स | Leave a Comment सिमरन कुमारीमुजफ्फरपुर, बिहार क्यों अपने सपनों को पूरा ना कर पाए लड़कियां?क्यों मर्यादा की जंजीरों में बांध के रखी जाए लड़कियां?क्यों अपनी उड़ानों को ना भर पाए लड़कियां?क्यों घुट-घुट कर घर में रहती है लड़कियां?क्यों चारदीवारी के भीतर दम तोड़ देती हैं लड़कियां?क्यों अपनी मर्जी का कुछ ना कर पाए लड़कियां?क्यों अपने ही घर में […] Read more » Why are girls victims of oppression
कविता मां क्यों तूने मुझे रोका? October 6, 2023 / October 6, 2023 by चरखा फिचर्स | Leave a Comment वर्षा आर्या मां क्यों तूने मेरी उड़ान कोघर की चारदीवारी में कैद करके रखा?क्यों तूने शाम चार बजे के बादघर से बाहर जाने से रोका?क्यों तूने सपनों को पंख लगाने से रोका?इन हैवानों के डर से मेरी इच्छा को तोड़ा?एक बार मुझे भी कदम तो उठाने देती,शैतानों को नारी शक्ति का एहसास कराने देती,मैं नारी […] Read more » मां क्यों तूने मुझे रोका?
कविता एक छात्र की जिज्ञासा ? October 4, 2023 / October 3, 2023 by आत्माराम यादव पीव | Leave a Comment हे आजाद भारत के माता पिताओं क्या है हम ? हमें तुम बताओ ? भेजा है जबसे स्कूल में आपने दबाते है किताबों के बोझ हमें आप में । किकर्तव्यमूढ़ पंक्तिबद्ध प्रार्थनाएँ हम गाते है अनभिज्ञ है हम, कभी समझ नहीं पाते है । स्कूलों में जब भी , हम अव्वल नंबर आते है आदर्श और उसूलों का, तब मेडल हम पाते है […] Read more » एक छात्र की जिज्ञासा ?
कविता मोबाईल बीमारी लाया है October 3, 2023 / October 3, 2023 by आत्माराम यादव पीव | Leave a Comment भूल चुके हो भावी चिंताएं, जब से मोबाइल हाथ आया है। घिर चुको हो समस्याओं में, संग ये कई बीमारी लाया है व्हाट्सएप-फेसबुक इंटरनेट ने, लील लिया है तुम्हारा कल।। करों चिंतन बैठ कर देखो, मोबाईल कितनी बीमारी लाया है? गुलाम हुए मोबाइल के इतने, खुमारी में रहते इसके हर पल अपना अमूल्य समय क्यों […] Read more » मोबाईल बीमारी लाया है
कविता लेख कुछ ऐसा काम करो जिससे मानवता की पहचान हो October 3, 2023 / October 3, 2023 by विनय कुमार'विनायक' | Leave a Comment –विनय कुमार विनायक कुछ ऐसा काम करो जिससे मानवता की पहचान हो ईश्वर खुदा के नाम हैवान ना हो जाओ! कुछ ऐसा काम करो जिसमें धर्म मजहब का गुमान ना हो जिसमें धन वैभव का गुणगान ना हो! कुछ ऐसा काम करो जिसमें अलग सा दिखने का अहंकार ना हो दूसरे धर्म मजहब के लिए […] Read more » do something that reflects humanity
कविता मौत का अपमान October 3, 2023 / October 3, 2023 by आत्माराम यादव पीव | Leave a Comment एक दुधमुंहे शिशु का शव कारूणिक आर्तनाद के बीच सुर्ख लाल कपड़े में लिपटा अपने घर से निकला। जिसे कलेजे पर पत्थर रख उसकी जननी ने लोगों को सौंपा। उस परिवार में छाया रहा मातमी शोक जिसमें घर की दीवारें तक नम थी। ये सुबह उनके परिवार पर बिजली बनकर टूटी। बुझ गया उनके कुल […] Read more »
कविता सड़क की पीड़ा September 18, 2023 / September 18, 2023 by प्रभुनाथ शुक्ल | Leave a Comment प्रभुनाथ शुक्ल मैं ने सुनी हैं उसकी आहटें मौन पीड़ा और अकुलाहटें वह बिलखती और तड़पती भी है आँसूओं से नहाती भी है लेकिन… उसकी आवाज़ मौन है क्योंकि वह एक सड़क है ! अब वह अकेली है उजड़ गए हैं उसके श्रृंगार विस्तार के लिए काट दिए गए पेड़ वह अब नंगी […] Read more » road pain
कविता मां शब्द की क्या ही परिभाषा दूं? September 18, 2023 / September 18, 2023 by चरखा फिचर्स | Leave a Comment भावना मेहराकपकोट, बागेश्वरउत्तराखंड मां शब्द की क्या ही परिभाषा दूं?मां एक शब्द है न लेख है,ना ही इस शब्द का कोई मोल है,मां शब्द एक एहसास है, एक प्यार है,जिंदगी के हर दुख में छुपे एक हंसी का एहसास है,जो साथ न होकर भी आसपास है,छोटे-छोटे कदमों का साथ है,जो आज भी हमारे साथ है,मां […] Read more » What definition should I give of the word mother?
कविता कश्मीर का गोनन्द से कर्कोटक कायस्थ,उत्पल कल्यपाल,लोहर खस,शाहमीर छिभ राजवंश September 18, 2023 / September 18, 2023 by विनय कुमार'विनायक' | Leave a Comment —विनय कुमार विनायक ये कश्मीर वही है जहाँ ज्ञान की देवी श्री शारदा पीठ में रहती, शारदा कश्मीर की अधिष्ठात्री देवी जिससे निकली शारदा लिपी, ये कश्मीर वही जहाँ सती देह से सतीसर बना,वितस्ता निकली, सती ही कश्मीरा देवी,कश्यपमेरु से कश्यपमीड़ संज्ञा कश्मीर की कश्मीर के मूल निवासी नाग पिशाच व आर्य कश्यप की संतति […] Read more » Gonand to Karkotak Kayastha Lohar Khas Shahmir Chhib dynasty of Kashmir. Utpal Kalypal
कविता माफी सभी से सभी को प्रणाम September 18, 2023 / September 18, 2023 by आत्माराम यादव पीव | Leave a Comment प्रणाम प्रणाम प्रणाम, मेरा आखिरी प्रणाम अंतिम सांसे है, शेष जीवन को प्रणाम देह में बसी थी, एक अंजान सी आत्मा तलाशती रही वह, न मिल सका परमात्मा अधूरी बची है साँसे, जीवन का है खात्मा आ रही है मृत्यु, यह जीवन मृत्यु के नाम प्रणाम प्रणाम प्रणाम ,मेरा मृत्यु को प्रणाम॥ 1।। बचपन का […] Read more » Apologies to all and greetings to all.
कविता तीन भाई सबसे जुदा September 14, 2023 / September 14, 2023 by आत्माराम यादव पीव | Leave a Comment अपने ही घर में, एक कमरे में है बूढ़े माता पिता एक बेटे ने, नौकरी लगते ही उन्हे छोड़ दिया एक बेटे ने, घर की मर्यादा के लिए उन्हे छोड़ दिया दोनों निठल्लों के रहते, एक ने माँ बाप को छोड़ दिया ॥ एक भाई सुखी है, तमाम उम्मीदों के साथ एक भाई दुखी है, खुद की बुनी उलझनों में एक […] Read more »
कविता भारत से इंडिया बनने तक हमने क्या क्या खोया September 13, 2023 / September 13, 2023 by विनय कुमार'विनायक' | Leave a Comment —विनय कुमार विनायक जब हमारे देश का नाम भारतवर्ष था तब सिंधु रावी चिनाव झेलम सतलज ये पंच नद से हिन्दुकुश के आगे कैश्पियन सागर यानि कश्यप सागर तक संपूर्ण जम्बूद्वीप एशिया स्वायंभुव मनु के प्रपौत्र आदिनाथ प्रथम जैन तीर्थंकर ऋषभदेव पुत्र भरत के साम्राज्य का हिस्सा था मोहनजोदड़ो औ’ हड़प्पा की सिंधु सभ्यता भारतवर्ष […] Read more » What did we lose from Bharat to becoming India? भारत से इंडिया बनने तक हमने क्या क्या खोया