कविता मनुष्य में उत्तम पुरुष मैं का भाव बहुत देर से आता April 6, 2022 / April 6, 2022 by विनय कुमार'विनायक' | Leave a Comment —विनय कुमार विनायकमनुष्य में उत्तम पुरुष मैं का भाव बहुत देर से आतामनुष्य कभी भी पहले पहल स्वयं को नहीं देख पातास्वयं को देखने के लिए मनुष्य को चाहिए पराई आंखेंये पराई आंखें मां पिता बहन अग्रज पूर्वज की होतीमनुष्य में जन्म से प्रथम पुरुष अहम का भाव नहीं होतामनुष्य किसी दूसरे मध्यम पुरुष के […] Read more » मनुष्य में उत्तम पुरुष मैं का भाव बहुत देर से आता
कविता समय आ गया सिख सिंहों के पंच ककार दस गुरुओं को अपनाने का April 5, 2022 / April 5, 2022 by विनय कुमार'विनायक' | Leave a Comment —विनय कुमार विनायकसुनो सुप्त हिन्दुओं अब जग जा अब समय आ गयासिख सिंहों के पंच ककार दश गुरुओं को अपनाने का! राम कृष्ण बुद्ध जिन की संतति समस्त हिन्दुओं कोदशमेश गुरु गोबिंदसिंह सा केसरिया बाना पहनाने का! जबतक जाति रहेगी,हिन्दू धर्मी एकमेव नहीं हो पाता,वीर सिंह बनकर मिथ्या जातिवाद भेदभाव मिटाने का! तोड़ फेंको उस […] Read more » Time has come to adopt Panch Kakar ten Gurus of Sikh lions सिख सिंहों के पंच ककार
कविता उदंतपुरी विद्याविहार खाककर खिलजी ने बिहारशरीफ नाम दिया April 4, 2022 / April 4, 2022 by विनय कुमार'विनायक' | Leave a Comment —विनय कुमार विनायककुमारगुप्त के नालंदा विश्वविद्यालय के तर्ज परआठवीं ईस्वी सदी में पालवंश के संस्थापकबंगाल बिहार के प्रथम पाल शासक गोपाल नेअपनी राजधानी उदंतपुरी संप्रति बिहारशरीफ मेंबौद्ध धर्म,ज्ञान दर्शन पठन पाठन के हित मेंउदंतपुरी विद्या महाविहार किया था स्थापित!! उदंतपुरी मगध के पंचानन नदी के किनारेहिरण्य प्रभात पर्वत शिखर पर था अवस्थित! यह उदंतपुरी भाषागत […] Read more » उदंतपुरी विद्याविहार
कविता ए टू जेड सभी माताओं के नाम April 4, 2022 / April 4, 2022 by आर के रस्तोगी | Leave a Comment ए से है सर्वप्रथम मेरी अम्बे माता,बी से बनती है मेरी भवानी माता।सी से है मां चामुण्डा देवी,डी से है मां मेरी दुर्गा देवी।ई से है एक ही है एकरूपी माता,एफ से मेरी फरसाधारणी माता।जी से है ज्ञान देने वाली गायत्री माता,एच से है हिमलाज हमारी माता।आई से है इंद्र की इंद्राणी माता,जे से है […] Read more » A to Z all mothers name
कविता हिन्दी के बारह महीने April 2, 2022 / April 2, 2022 by आर के रस्तोगी | 1 Comment on हिन्दी के बारह महीने अंग्रेजी महीनो के नाम सभी है जानते।हिंदी के महीनो के नाम बच्चे न जानते।। हिंदी के महीनो के नाम हम विस्तार से बताते।कर लो इनके नाम याद केवल तुम आते जाते।। चैत्र मास है हिंदू वर्ष का प्रथम महीना।वैशाख है हिंदू वर्ष का दितीय महीना।। जेष्ठ आषाढ़ है महीना तीसरा चौथा।इसमें गर्मी का प्रकोप बड़ा […] Read more » हिन्दी के बारह महीने
कविता कहो नालंदा ज्ञानपीठ भग्नावशेष तुम कैसे थे? March 22, 2022 / March 22, 2022 by विनय कुमार'विनायक' | Leave a Comment —विनय कुमार विनायककहो नालंदा ज्ञानपीठ भग्नावशेष तुम कैसे थे?क्या वाल्मीकि, कण्व, संदीपनी के गुरुकुल जैसेवन प्रांत में बसे या गुरु परशुराम द्रोण सरीखेपूर्वाग्रह भावयुक्त गुरुदक्षिणा जीवी आश्रम थे? या तक्षशिला विश्वस्तरीय विश्वविद्यालय जैसे,जहां सवर्ण को शुल्क,निम्न निःशुल्क पढ़ते थे,या फिर बुद्ध के निःशुल्क बौद्धमठ महाविहारनालंदा, विक्रमशिला, उदन्तपुरी, वज्रासन अनोखे! हां सचमुच में अनोखे विश्वविद्यालय विश्व […] Read more » कहो नालंदा ज्ञानपीठ भग्नावशेष तुम कैसे थे?
कविता गरीब March 22, 2022 / March 22, 2022 by अजय एहसास | Leave a Comment कोई ना जाना चाहता उसके करीबरुपए, पैसे नहीं , जो है गरीब । कह रहे हैं वोगरीबी दूर होगीथक कर हालत भीउसी की चूर होगीझोपड़ी में भीअब कोहिनूर होगीरोटियों से दूर होता वो गरीबकोई ना जाना चाहता उसके करीब। ना बड़े सपने है उसकेना कोई अपना लगेखुद बनाता महल कोपर रहना तो सपना लगेकहते रहे […] Read more »
कविता मोदी चालीसा March 21, 2022 / March 21, 2022 by आर के रस्तोगी | Leave a Comment जय मोदी ज्ञान गुण सागर,सारे विश्व में नाम उजागर।शांति दूत अतुलित बल धामा,दामोदर दास पुत्र नरेन्द्र नामा।। तुम उपकार राष्ट्र का कीना,योगी अमित साथ है लीना।राष्ट्रहित के तुम हो रखवारे,भ्रष्टाचार निकंदन राष्ट्र दुलारे।। दुश्मन कभी निकट न आवे,मोदी का जब नाम सुनावे।वे मोदी से अब सब डरते,पास नही अब वे फटकते।। सबका विकास तुम हो […] Read more » मोदी चालीसा
कविता पति पत्नि की नोक झोंक पर हास्य व्यंग रचना March 21, 2022 / March 21, 2022 by आर के रस्तोगी | Leave a Comment मै सीधी सादी गैया हूं,तुम मरखने सांड प्रिय।मै किसी बगिया की कोयल हूं,तुम किसी दरबार के भांड प्रिय।। मै सुबह सुबह उठती हूं,तुम सोने मे कुंभकर्ण प्रिय।जब हलक में जाती है चाय,तब तुम उठते हो प्राण प्रिय।। मै सारे दिन व्यस्त रहती हूं,तुम गोबर के हो चौथ प्रिय।एक जगह बैठे रहते हो तुम,टस से मस […] Read more »
कविता आर्यभट्ट हिन्दू अरबी अंक पद्धति हिंदसा के जनक थे March 9, 2022 / March 9, 2022 by विनय कुमार'विनायक' | Leave a Comment —विनय कुमार विनायकआर्यभट्ट खगोलविद; मगध कुसुमपुर पटना के,तारेगना गांव खगोल में,तारे की गणना में लगे,चार सौ छिहत्तर से पांच सौ पचास ई. मध्य मेंविश्व के प्रथम खगोलवेत्ता नक्षत्र शास्त्री ब्राह्मण,वे हिन्दू-अरबी अंक पद्धति हिंदसा के जनक थे! आर्यभट्ट ने ‘आर्यभट्टीयम’ ग्रन्थ की रचना की,जिसमें दशगीतिका व आर्याष्टाशत विवेचना थी,प्रथम गीति मंगलाचार द्वितीय अक्षरांक पद्धति‘वर्गाक्षराणि वर्गाऽवर्गेऽवर्गाक्षराणि […] Read more » Aryabhata was the father of Hindu Arabic numeral system Hindsa आर्यभट्ट हिन्दू अरबी अंक पद्धति हिंदसा के जनक थे
कविता दुनिया की पहचान है औरत March 8, 2022 / March 8, 2022 by आर के रस्तोगी | Leave a Comment दुनिया की पहचान है औरत,दुनिया पर एहसान है औरत।मत समझो इसको कमजोर,पुरुष से बलवान है औरत।। हर घर की शान है औरत,हर घर की जान है औरत।इसको तुम कम न समझना,हर रिश्ते की डोर है औरत।। मर्यादा की देवी है औरत,सम्मान की देवी है औरत।इसका सदा सम्मान करना,पूजा योग्य है सब औरत।। सबसे आगे आज […] Read more » Woman is the identity of the world
कविता स्त्री जीवन March 7, 2022 / March 7, 2022 by अजय एहसास | Leave a Comment दया प्रेम ममता की मूरततेरी अजब कहानी हैत्याग करें और कष्ट में रहेफिर भी मधुरी बानी है । वात्सल्य से ओतप्रोतहै करुण ह्रृदय और निश्चल मनहंसी सदा रहती होठों पर,पर आंखों में पानी है। मां ,पत्नी, बेटी बनकरअपना कर्तव्य निभाया हैभाई के आंसू पोछे परअपना नीर बहाया है । कभी प्रेयसी बन कदमों कोकिसी के […] Read more » स्त्री जीवन