पर्यावरण लेख बढता जल संकट: भविष्य की बड़ी चेतावनी December 31, 2025 / December 31, 2025 by डॉ वीरेन्द्र भाटी मंगल | Leave a Comment भारत जैसे देश में, जहां एक ओर गंगा, यमुना, ब्रह्मपुत्र जैसी महान नदियां हैं, वहीं दूसरी ओर करोड़ों लोग पीने के पानी के लिए संघर्ष कर रहे हैं। भूजल स्तर लगातार गिरता जा रहा है। अनेक शहरों में टैंकरों पर निर्भरता बढ़ गई है। Read more » Growing water crisis बढता जल संकट
लेख तैयार हैं हम संकल्प और उमंग के साथ ? December 31, 2025 / December 31, 2025 by प्रभुनाथ शुक्ल | Leave a Comment उमंग और उत्साह बाहरी नहीं, भीतरी ऊर्जा होनी चाहिए। नूतन साल अक्सर जोश और उमंग का प्रतीक माना जाता है। लोग कहते है इस साल कुछ बड़ा करेंगे। पर आधुनिक सोच यह कहती है कि उमंग का स्रोत बाहर नहीं, भीतर होना चाहिए। क्षणिक उत्साह, जो कुछ दिनों में बुझ जाए, वह परिवर्तन नहीं ला सकता। सच्ची उमंग वह है जो कठिन परिस्थितियों में भी हमें आगे बढ़ने की शक्ति दे। Read more » नया साल
लेख कड़ाके की ठंड और एम्स में इलाज December 31, 2025 / December 31, 2025 by प्रवक्ता ब्यूरो | Leave a Comment मनोज बिसारिया सर्दियाँ शुरु होते ही सरकार रैन-बसेरों की व्यवस्था में लग जाती है। कहीं सरकारी ख़र्च पर अलाव जलाए जाते हैं तो कहीं संस्थाओं द्वारा कंबल बांटे जाते हैं। ऐसा लगभग हर साल होता है लेकिन ये भी सच है कि बावजूद इसके बहुत -से लोगों को ख़ुले आसमां तले सोना ही पड़ता है। […] Read more » कड़ाके की ठंड और एम्स में इलाज
पर्व - त्यौहार लेख नववर्ष जीवन को मंगलमय बनाने के लिए संकल्प लेने का दिन December 31, 2025 / December 31, 2025 by अशोक “प्रवृद्ध” | Leave a Comment र्तमान में हमारे देश में आंग्ल संवत्सर एवं वर्ष का प्रचलन है। इस आंग्ल अर्थात अंग्रेजी वर्ष का आरम्भ 2026 वर्ष पूर्व ईसा मसीह के जन्म वर्ष व उसके एक वर्ष बाद हुआ था। Read more »
लेख नववर्ष का संकल्प: समतामूलक समाज की ओर कदम December 30, 2025 / December 30, 2025 by बाबूलाल नागा | Leave a Comment नववर्ष केवल कैलेंडर की तारीख बदलने का नाम नहीं है बल्कि यह आत्ममंथन, आत्मसमीक्षा और नए संकल्पों का अवसर होता है। हर नया साल हमें यह सोचने का मौका देता है कि बीते समय Read more » नववर्ष का संकल्प
लेख नववर्ष का संकल्प: समतामूलक समाज की ओर कदम December 30, 2025 / December 30, 2025 by बाबूलाल नागा | Leave a Comment आज जब समाज अनेक तरह की चुनौतियों—असमानता, भेदभाव, जातिवाद, सांप्रदायिकता और सामाजिक विघटन—से जूझ रहा है, तब नववर्ष पर समतामूलक समाज के निर्माण का संकल्प लेना समय की सबसे बड़ी आवश्यकता बन गया है। ऐसा समाज, जहां व्यक्ति की पहचान उसकी जाति, धर्म, भाषा या वर्ग से नहीं बल्कि उसकी मानवता से हो. जहां हर नागरिक को समान अवसर, सम्मान और न्याय मिले—यही एक सशक्त लोकतंत्र की पहचान है। Read more » नववर्ष का संकल्प
लेख पेंशन का सवाल: नेता और विधायक मालामाल, जनता और कर्मचारी बेहाल December 29, 2025 / December 29, 2025 by डॉ. सत्यवान सौरभ | Leave a Comment एक से अधिक पेंशन, यात्रा भत्ते की सर्वसम्मति और 60 साल सेवा के बाद भी पेंशन से वंचित कर्मचारी—लोकतंत्र की उलटी प्राथमिकताओं की कहानी Read more » the public and employees are in trouble The question of pension: leaders and MLAs are rich पेंशन
पर्यावरण लेख अरावली: जनता के दबाव में झुकी सरकार, लेकिन लड़ाई अभी बाकी है December 29, 2025 / December 29, 2025 by प्रवक्ता ब्यूरो | Leave a Comment अरावली वही क्षेत्र मानी जाएगी जिसकी ऊंचाई आसपास की जमीन से कम से कम 100 मीटर अधिक हो। इस फैसले के बाद यह डर पैदा हुआ कि अरावली का लगभग 90 प्रतिशत हिस्सा कानूनी संरक्षण से बाहर हो जाएगा। ऐसा होने पर वहां खनन और रियल-एस्टेट जैसी गतिविधियां करने, अरावली की हत्या करने के लिए रास्ता खुल जाएगा। Read more » अरावली
लेख वन्यजीवन विकास की पटरी पर कुचला December 27, 2025 / December 27, 2025 by डॉ. सत्यवान सौरभ | Leave a Comment दिसंबर 2025 में असम के होजाई ज़िले में सात हाथियों—जिनमें शावक भी शामिल थे—की रेल दुर्घटना में हुई मृत्यु कोई साधारण हादसा नहीं थी। यह घटना भारत के विकास मॉडल और पर्यावरणीय संवेदनशीलता के बीच बढ़ते टकराव का प्रतीक बनकर सामने आई। तेज़ रफ्तार ट्रेन की चपेट में आकर न केवल हाथियों की जान गई, बल्कि इंजन और कई डिब्बों के पटरी से उतरने से यह भी स्पष्ट हुआ कि Read more » असम के होजाई ज़िले असम के होजाई ज़िले में सात हाथियों की रेल दुर्घटना में हुई मृत्यु सात हाथियों की रेल दुर्घटना में हुई मृत्यु
लेख अरावली की चिन्ताः नारे से आगे, अस्तित्व की लड़ाई December 24, 2025 / December 24, 2025 by प्रवक्ता ब्यूरो | Leave a Comment अरावली की आयु भूगर्भीय दृष्टि से करोड़ों वर्षों में आंकी जाती है। यह हिमालय से भी पुरानी है। यही कारण है कि अरावली का स्वरूप अपेक्षाकृत निचला और क्षरित दिखाई देता है, Read more » a fight for survival of Aravali Concerns about Aravalli: Beyond slogans अरावली की चिन्ताः नारे से आगे अस्तित्व की लड़ाई
लेख अलविदा 2025 : बदलाव,बहस और उम्मीदों का साल ! December 23, 2025 / December 23, 2025 by डॉ घनश्याम बादल | Leave a Comment इसी वर्ष लाल सागर और फारस की खाड़ी में समुद्री मार्गों पर अस्थिरता के कारण कई देशों को अपने व्यापारिक रास्ते बदलने पड़े। ऊर्जा आपूर्ति बाधित होने से कच्चे तेल की कीमतों में उतार–चढ़ाव देखा गया। Read more » अलविदा 2025
लेख स्वास्थ्य-योग भारत की पारंपरिक चिकित्सा की रोशनी में विश्व-स्वास्थ्य December 23, 2025 / December 23, 2025 by ललित गर्ग | Leave a Comment प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत की इन पारंपरिक चिकित्सा को वैश्विक मंच पर प्रतिष्ठा दिलाने में निर्णायक भूमिका निभाई है। उन्होंने इसे केवल सांस्कृतिक धरोहर के रूप में नहीं, बल्कि भविष्य की एक प्रभावी, सुलभ और टिकाऊ स्वास्थ्य व्यवस्था के रूप में प्रस्तुत किया है। उनके नेतृत्व में आयुष मंत्रालय की स्थापना, अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की शुरुआत Read more » Global health in the light of India's traditional medicine भारत की पारंपरिक चिकित्सा