लेख काशी से भारत को एक नई पहचान मिलेगी December 16, 2021 / December 16, 2021 by ललित गर्ग | Leave a Comment -ललित गर्ग- काशी विश्वनाथ मंदिर ही नहीं बल्कि सम्पूर्ण काशी के विकास, पुनरुद्धार और विस्तार से समूची दुनिया में काशी को एक नई पहचान मिलेगी। राष्ट्रीयता का प्रतीक बनकर यह सशक्त भारत का आधार बनेगा। इससे न सिर्फ वहां जाने वाले श्रद्धालुओं को काफी सुविधा मिलेगी, बल्कि संकीर्ण दायरों में सिकुड़ते गए एक आस्था और […] Read more » India will get a new identity from Kashi काशी से भारत को नई पहचान
लेख क्या सचमुच में गुमनामी बाबा ही थे नेताजी सुभाष चंद्र बोस ? December 16, 2021 / December 16, 2021 by श्रीनिवास आर्य | Leave a Comment अयोध्या में गुमनामी बाबा की जांच के लिए गठित जस्टिस विष्णु सहाय आयोग की रिपोर्ट विधान मंडल के अगले सत्र में पटल पर रखी जाएगी। कैबिनेट की बैठक में इसको मंजूरी दे दी। गुमनामी बाबा उर्फ भगवान जी की जांच के लिए गठित एक सदस्यीय न्यायमूर्ति विष्णु सहाय आयोग की रिपोर्ट विधान मंडल के पटल […] Read more » Was Netaji Subhash Chandra Bose really the only Gumnami Baba? गुमनामी बाबा ही थे नेताजी सुभाष चंद्र बोस
लेख मनुष्य का सदोष अन्तःकरण ईश्वर की प्रतीती में बाधक December 16, 2021 / December 16, 2021 by मनमोहन आर्य | Leave a Comment -मनमोहन कुमार आर्यवैदिक सिद्धान्त है कि संसार में ईश्वर, जीव और प्रकृति तीन अनादि व नित्य सत्तायें हैं। यह तीनों सत्तायें सदा से हैं और सदा रहेंगी। इनका अभाव कभी नहीं होगा। वेद ईश्वरीय ज्ञान होने से स्वतः प्रमाण ग्रन्थ है। वेदों में ईश्वर को सच्चिदानन्दस्वरूप, सर्वातिसूक्ष्म, सर्वव्यापक, सर्वान्तर्यामी, न्यायकारी, सबके कर्मों का फल प्रदाता, […] Read more » Wrong conscience of man hinders the realization of God मनुष्य का सदोष अन्तःकरण
लेख अंतिम ऋण चिता की लकड़ी… December 14, 2021 / December 14, 2021 by प्रवक्ता ब्यूरो | Leave a Comment क्या आप जानते हैं मृत्यु के बाद भी कुछ ऋण होते हैं जो मनुष्य का पीछा करते रहते हैं। हिंदू धर्म शास्त्रों में पांच प्रकार के ऋण बताए गए हैं देव ऋण, पितृ ऋण, ऋषि ऋण, भूत ऋण और लोक ऋण।इनमें से प्रथम चार ऋण तो मनुष्य के इस जन्म के कर्म के आधार […] Read more » final debt funeral wood अंतिम ऋण चिता की लकड़ी कैसे उतारें लोक-ऋण
लेख महर्षि अरविंद क्रांतिकारी परंपरा से बने महामानव थे December 14, 2021 / December 14, 2021 by ललित गर्ग | Leave a Comment ललित गर्ग देश को आजादी दिलाने में जिन महान क्रांतिकारियों का योगदान रहा है, उनमें महर्षि अरविन्द शीर्ष पर है, इन्होंने युवा अवस्था में स्वतन्त्रता संग्राम में क्रान्तिकारी के रूप में भाग लिया, किन्तु बाद में यह एक योगी एवं दार्शनिक बन गये और इन्होंने पांडिचेरी में एक आश्रम स्थापित किया। वे देश की राजनीतिक […] Read more » Maharishi Arvind was a great man made of revolutionary tradition. महर्षि अरविंद
आर्थिकी लेख राष्ट्रवाद का भाव जगाकर कई देशों की अर्थव्यवस्थाएं विकसित अवस्था में पहुंची हैं December 13, 2021 by प्रह्लाद सबनानी | Leave a Comment वर्ष 1945 में द्वितीय विश्व युद्ध की समाप्ति के बाद जापान, जर्मनी एवं ब्रिटेन अपनी अर्थव्यवस्थाओं को नए सिरे से खड़ा करना शुरू किया, क्योंकि द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान इन तीनों देशों की अर्थव्यस्थाएं पूर्ण रूप से ध्वस्त हो गई थीं। उक्त तीनों देशों के साथ ही इजराइल ने भी अपनी भूमि वापिस प्राप्त […] Read more » राष्ट्रवाद का भाव
लेख विमान दुर्घटना मे देश ने खो दिया सीडीएस बिपिन रावत रूपी अनमोल हीरा December 12, 2021 / December 12, 2021 by भगवत कौशिक | Leave a Comment जनरल बिपिन लक्ष्मण सिंह रावत उसी यूनिट में तैनात हुए, जिसमें पिता की नियुक्ति हुई थी , भगवत कौशिक।नई दिल्ली – देश बुधवार दोपहर एक दुर्घटना की खबर सुनकर सन्न रह गया। चंद घंटे बाद कुहासा साफ हुआ। और जो हकीकत सामने आई उसके बाद देश की आंखें नम हो गईं। तमिलनाडु में कुन्नूर के […] Read more » death of cds vipin rawat जनरल बिपिन रावत जनरल बिपिन लक्ष्मण सिंह रावत
लेख तमाशा बनते अवसरवादी ‘धर्म परिवर्तन’ December 12, 2021 / December 12, 2021 by तनवीर जाफरी | 2 Comments on तमाशा बनते अवसरवादी ‘धर्म परिवर्तन’ तनवीर जाफ़री Read more » Opportunistic religion change अवसरवादी धर्म परिवर्तन धर्म परिवर्तन
लेख मनुष्य और परमात्मा का मूल्यवान संवाद है ‘गीता’ December 12, 2021 / December 12, 2021 by प्रमोद भार्गव | 1 Comment on मनुष्य और परमात्मा का मूल्यवान संवाद है ‘गीता’ संदर्भः गीता जयंती 14 दिसंबर पर विशेष- प्रमोद भार्गवश्रीमद्भगवत् गीता देश का सर्वाधिक लोकप्रिय एवं पवित्र ग्रंथ है। इसे विद्वानों ने ‘परमात्मा का गीत’ भी कहा है। परंतु वास्तव में यह मनुष्य और प्रकृति के बीच ऐसा मूल्यवान संदेश है, जो ब्रह्मांडीय ज्ञान को विज्ञान से जोड़ने के साथ मनुष्य को अपने जीवन मूल्य और […] Read more » Geeta Jayanti 14 December गीता जयंती 14 दिसंबर
लेख समाज कृषि क्षेत्र में भी लैंगिक असमानता, कैसे आगे बढ़ें आधी आबादी?… December 11, 2021 / December 11, 2021 by सोनम लववंशी | Leave a Comment सोनम भारतीय मीडिया या यूं कहें टीवी पत्रकारिता के दौर में जनसरोकार के विषय नदारद ही दिखते हैं। लेकिन बीते दिनों एक ऐसा मामला निकलकर सुर्खियों में आया। जो अपना एक व्यापक सरोकार रखता है। जी हां कहने को तो भारतीय संविधान में समानता और स्वतंत्रता की लंबी- चौड़ी बातें लिखी हुईं हैं। फिर भी […] Read more » Gender inequality even in agriculture how to proceed with half the population? कृषि क्षेत्र में भी लैंगिक असमानता
लेख यदि ईश्वर न होता तो क्या संसार का अस्तित्व होता? December 11, 2021 / December 11, 2021 by मनमोहन आर्य | Leave a Comment -मनमोहन कुमार आर्यहमारे इस संसार में जन्म लेने से पूर्व से ही यह संसार इसी प्रकार व्यवस्थित रुप से चल रहा है। हमसे पूर्व हमारे माता-पिता, उससे पूर्व उनके माता-पिता और यही परम्परा सृष्टि के आरम्भ से चली आ रही है। इस परम्परा का आरम्भ कब व कैसे हुआ? इसका उत्तर है कि यह परम्परा […] Read more » If there was no God would the world exist? ईश्वर न होता तो क्या संसार का अस्तित्व होता
लेख वेदों का सत्यस्वरूप, ईश्वर विषयक वेद-विचार और ऋषि दयानन्द December 11, 2021 / December 11, 2021 by मनमोहन आर्य | Leave a Comment -मनमोहन कुमार आर्ययह निर्विवाद है कि मूल वेद संहितायें ही संसार में सबसे पुरानी पुस्तकें हैं। वेद शब्द का अर्थ ज्ञान होता है। अतः चार वेद ऋग्वेद, यजुर्वेद, सामवेद तथा अथर्ववेद ज्ञान की पुस्तकें हैं। इन चारों वेदों पर ऋषि दयानन्द का आंशिक और अनेक आर्य वैदिक विद्वानों का सभी वेदों पर भाष्य वा टीकायें […] Read more » Truth of Vedas Vedas and thoughts about God and Sage Dayanand ईश्वर विषयक वेद-विचार और ऋषि दयानन्द