लेख एक और क्रूर घटना से संवेदनाएं कांप गयी November 24, 2021 / November 24, 2021 by ललित गर्ग | Leave a Comment -ललित गर्ग – मध्य प्रदेश में रीवा जिले के पड़री गांव में एक गरीब मजदूर का हाथ इसलिये काट दिया गया कि उसने अपनी मेहनत का मेहनताना मांगा। इस क्रूर, बर्बर एवं हिंसक घटना ने समूचे राष्ट्र को झकझोर दिया है। एक मजदूर पर जानलेवा हमला करने और उसका हाथ काट देने की यह घटना […] Read more » Sensations trembled by yet another brutal incident गरीब मजदूर का हाथ काट दिया गया
लेख क्या कंगना इतिहासकार हैं? November 24, 2021 / November 24, 2021 by प्रो. रसाल सिंह | Leave a Comment -प्रो. रसाल सिंहउपेक्षा ऊलजलूलपन का सबसे अच्छा उत्तर है। परन्तु हम ऐसे समय में जीने के लिए अभिशप्त हैं, जबकि बेतुकी बातें भी विमर्श बन जाती हैं। इसलिए ऐसी बात बोलने वालों का प्रतिरोध अनिवार्य हो जाता है। अपने दमदार अभिनय से दर्शकों को प्रभावित करने वाली अभिनेत्री कंगना रनौत का विवादों से भी पुराना […] Read more » 'भीख' के रूप में आज़ादी Is Kangana a historian भीख के रूप में आज़ादी
लेख सन्तान के जीवन में माता-पिता का स्थान स्वर्ग से भी बढ़कर है November 23, 2021 / November 23, 2021 by मनमोहन आर्य | Leave a Comment –मनमोहन कुमार आर्य हम संसार में अपनी अपनी माता के गर्भ से उत्पन्न हुए हैं वा हमने अपनी माता से जन्म लिया है। यदि माता न हो तो हम अपने जन्म की कल्पना भी नहीं कर सकते। परमात्मा ने इस सृष्टि को बनाया है और उसी ने इस माता–पुत्र के पवित्र सम्बन्ध को भी […] Read more » The place of parents in the life of a child is more than heaven माता-पिता का स्थान स्वर्ग से भी बढ़कर
लेख शख्सियत बाबा साहेब पुरंदरे : महानाट्य जाणता राजा के ओजस्वी रचनाकार November 22, 2021 / November 22, 2021 by विवेक कुमार पाठक | Leave a Comment दर्द को शब्दों में बयां नहीं कर सकता। बाबासाहेब का जाना इतिहास और संस्कृति की दुनिया में बड़ा शून्य छोड़ गया है। उनका धन्यवाद है कि आने वाली पीढ़ियां छत्रपति शिवाजी महाराज से जुड़ी रहेंगी। बाबासाहेब का काम प्रेरणा देने वाला था। मैं जब पुणे दौरे पर गया था तो उनका नाटक जनता राजा देखा, […] Read more » Babasaheb Purandare The brilliant creator of the great drama Janta Raja
लेख गुरुनानक देव : सनातन धर्म संस्कृति के विराट दर्शन November 19, 2021 / November 19, 2021 by कृष्णमुरारी त्रिपाठी अटल | Leave a Comment कृष्णमुरारी त्रिपाठी अटल भारतीय सनातन धर्म- संस्कृति के कालजयी अतीत में दृष्टिपात करने पर हम पाते हैं कि सम्पूर्ण विश्व में जागृति एवं ईश्वरीय शक्ति चेतना के प्रसार के लिए महापुरुषों, सन्त-महात्माओं के प्रादुर्भाव के साथ – साथ स्वयं भगवान ने इस पावन पुण्य भूमि में समय-समय पर अवतीर्ण होकर सम्पूर्ण सृष्टि के उत्थान एवं […] Read more » Guru Nanak Dev Guru Nanak Dev: The Great Philosophy of Sanatan Dharma Culture The Great Philosophy of Sanatan Dharma Culture गुरूनानक देव जी महाराज
लेख भारत का वास्तविक राष्ट्रपिता कौन ? श्रीराम या ……. सांस्कृतिक राष्ट्रवाद के पुरोधा : भगवान श्रीराम November 17, 2021 / November 18, 2021 by राकेश कुमार आर्य | Leave a Comment राक्षसों के संहारक बनो शूर्पणखा का कार्य अनैतिक और अनुचित था। जिसके अनुचित और अनैतिक कार्य का सही फल लक्ष्मण जी ने उसे दे दिया था। इसके पश्चात अब वे परिस्थितियां बननी आरंभ हुईं जो उस कालखंड की ऐतिहासिक क्रांति का सूत्रपात करने वाली थीं।यह घटना राक्षस वंश के लिए ऐसी घटना सिद्ध हुई जिसने […] Read more » Who is the real father of the nation of India? Shri Ram or ……. Father of cultural nationalism: Lord Shri Ram श्रीराम सांस्कृतिक राष्ट्रवाद के पुरोधा
लेख समाज मासूम बच्चों पर अपराध का बढ़ता दायरा November 17, 2021 / November 17, 2021 by ललित गर्ग | Leave a Comment -ललित गर्ग-राष्ट्रीय अपराध रिकार्ड ब्यूरो के ताजा आंकड़े के अनुसार देश में बच्चों के खिलाफ साइबर अपराधों में 2019 की तुलना में 2020 में चार सौ फीसद की बढ़ोतरी हुई। इनमें से ज्यादातर मामले यौन कृत्यों में बच्चों को चित्रित करने वाली सामग्री के प्रकाशन और प्रसारण से जुड़े हैं। बच्चों को भगवान का स्वरूप […] Read more » Cyber crime cyber crimes against children Increasing scope of crime on innocent children बच्चों के खिलाफ साइबर अपराध बच्चों पर अपराध का बढ़ता दायरा
लेख शख्सियत स्मृति शेष: मन्नू भंडारी की ‘एक इंच मुस्कान’ November 17, 2021 / November 17, 2021 by प्रभुनाथ शुक्ल | Leave a Comment मन्नू भंडारी का खालीपन हिंदी साहित्य कभी भर नहीं पाएगा। मन्नू को हम जाने से रोक नहीं सकते थे, क्योंकि यहीं जीवन का सत्य है और नाश्वरता ही जीवन का प्रकृति का सत्य है। लेकिन उस खालीपन को भरना भी हमारे लिए सहज नहीं है। यह भी एक जीवन की बिडम्बना है। हिंदी साहित्य की […] Read more » Mannu Bhandari मन्नू भंडारी
लेख समाज पुरुष प्रधान समाज की वीभत्स कल्पना है भूतनी या चुड़ैल November 17, 2021 / November 17, 2021 by निर्मल रानी | Leave a Comment निर्मल रानीपिछले दिनों भारत के राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद जी ने देश की अनेक हस्तियों को देश के सबसे बड़े एवं प्रमुख पदम् पुरस्कारों से नवाज़ा। इनमें सरकार द्वारा संस्तुति प्राप्त जहाँ कंगना रानावत जैसे कई नाम ऐसे थे जिन्हें सरकार ने ‘अपना समझकर ‘ पदम् पुरस्कार दिलवाये वहीँ निश्चित रूप से कई ऐसे लोगों को […] Read more » Horrible fantasy of male dominated society is ghost or witch कल्पना है भूतनी या चुड़ैल वीभत्स कल्पना है भूतनी या चुड़ैल
लेख बंकिम की लेखनी, तिलक की परिकल्पना, सावरकर की जीवन पद्धति, अटल की कविता का आधार, आतंकवाद नहीं ये है हिंदुत्व का सार November 17, 2021 / November 17, 2021 by प्रवक्ता ब्यूरो | Leave a Comment अभिनय आकाश वर्तमान राजनीतिक विर्मश में जिन्हें ‘हिंदुत्व’ का जनक कहा जाता है। भारत में ‘हिंदुत्व की विचारधारा को वीर सावरकर से जोड़ा जाता रहा है। सावरकर के नाम पर देश के तमाम राजनीतिक दलों और बुद्धिजीवियों द्वारा अलग-अलग तरह के तथ्य और तर्क गढ़े जाते रहे हैं। सावरकर ने कहा कि वह हिंदू हैं […] Read more » अटल की कविता का आधार आतंकवाद नहीं ये है हिंदुत्व का सार तिलक की परिकल्पना बंकिम की लेखनी सावरकर की जीवन पद्धति
लेख विधि-कानून इन महिलाओं की रही थी भारतीय संविधान बनाने में महत्वपूर्ण भागीदारी November 16, 2021 / November 16, 2021 by प्रवक्ता ब्यूरो | Leave a Comment स्वाति सिंह भारत में 26 नवंबर 1949 को निर्वाचित संविधान सभा द्वारा भारतीय संविधान अपनाया गया था और 26 जनवरी 1950 को इसे लागू किया गया था। संविधान सभा में कुल 389 सदस्य थे। लेकिन अब इसे संयोग कहें या दुर्भाग्य कि संविधान निर्माण के संदर्भ में हमें केवल अग्रणी पुरुष सदस्यों के रूप में […] Read more » women contribution in drafting indian constitution महिलाओं की रही थी भारतीय संविधान बनाने में महत्वपूर्ण भागीदारी
लेख भारत का वास्तविक राष्ट्रपिता कौन ? श्रीराम November 16, 2021 / November 16, 2021 by राकेश कुमार आर्य | Leave a Comment तुम्हें देखते ही देशद्रोही भाग खड़े हों शूर्पणखा का कार्य अनैतिक और अनुचित था। जिसके अनुचित और अनैतिक कार्य का सही फल लक्ष्मण जी ने उसे दे दिया था। इसके पश्चात अब वे परिस्थितियां बननी आरंभ हुईं जो उस कालखंड की ऐतिहासिक क्रांति का सूत्रपात करने वाली थीं।यह घटना राक्षस वंश के लिए ऐसी घटना […] Read more » Who is the real father of the nation of India Sriram भारत का वास्तविक राष्ट्रपिता