लेख समाज कोरोना का सामाजिक-आर्थिक प्रभाव May 25, 2020 / May 25, 2020 by डॉ. ज्योति सिडाना | Leave a Comment कोरोना का सामाजिक-आर्थिक प्रभाव डॉ. ज्योति सिडाना हम सब जानते हैं कि आज कोरोना वायरस के कारण अपने अस्तित्व को बचाने के लिए पूरी दुनिया दहशत में है, वहीं परिवार संस्था भी इसकी चुनौती से अछूती नहीं रही। इस महामारी के प्रकोप के कारण सभी को अपने घरों में रहने की हिदायत दी गई यानी […] Read more » Socio-Economic Impact of Corona कोरोना का आर्थिक प्रभाव कोरोना का सामाजिक प्रभाव कोरोना प्रभाव
लेख विश्ववार्ता मजदूर भैया से विहीन होती मुंबई May 25, 2020 / May 25, 2020 by प्रवीण गुगनानी | Leave a Comment इस लेख में आप मुंबई को कोई एक शहर का नाम नही बल्कि सभी बड़े नगरों व प्रवासी मजदूरों को रखने वाले राज्यों का एक प्रतिनिधि नाम समझें। मुंबई शब्द को एक प्रवृत्ति माने जो इन दिनों मेहनतकश, गरीब और गांव छोड़कर शहर आये हुए लोगों को हिकारत, नीची और उपेक्षा भरी दृष्टि से देख रही है। मुंबई उस आचरण का नाम […] Read more » migrant labourers प्रवासी मजदूर
लेख विश्ववार्ता महर्षि व युग-ऋषि के कथन का क्रियान्वयन May 25, 2020 / May 25, 2020 by मनोज ज्वाला | Leave a Comment मनोज ज्वाला इन दिनों सम्पूर्ण देश-दुनिया में कॉरोना-वायरस की महामारी सेउत्त्पन्न हालातों के कारण भय व संशय का वातावरण बनता जा रहा है । कितुवास्तव में यह तो नवसृजन से पहले की अपरिहार्यताओं का क्रियान्वयन […] Read more » कॉरोना-वायरस की महामारी युग-ऋषि श्रीराम शर्मा आचार्य स्वतंत्रता सेनानी महर्षि अरविन्द
लेख विश्ववार्ता भारतीय गोरैया पक्षी : खुद में ऐतिहासिक कथा बनती जा रही ! May 23, 2020 / May 23, 2020 by डॉ. सदानंद पॉल | Leave a Comment ■ डॉ. सदानंद पॉल हे फुतकी गोरैया ! गोरैया पक्षी (Sparrow Birds) की एक युगल जोड़ी सप्ताह में एक दिन कहीं से उड़ मेरे आंगन आती हैं । मेरे यहाँ कबूतर है, सोचा– वे भी कहीं न कहीं घोंसले बनाकर टिक जाएंगी । परंतु नहीं, वह कबूतर को दिए चावल के दाने चुन फुर्र उड़ […] Read more » भारतीय गोरैया पक्षी
लेख समाज सादगी से ईद मनाने का वक्त May 23, 2020 / May 23, 2020 by शकील अख्तर | Leave a Comment – शकील अख़्तर घर में ही अदा करना नमाज़ शुक्रिया ख़ुदा का मना लेना बहुत रंजो-ग़म में है दुनिया ईद तुम सादगी से मना लेना इसी पैग़ाम को लेकर इस बार ईद आई है। ख़ुशी का ये दिन कोरोना संकट के बीच आया है। लॉक डाउन में रमज़ान का पूरा एक महीना गुज़र गया। यह […] Read more » Time to celebrate Eid with simplicity सादगी से ईद
लेख स्वास्थ्य-योग हमें एक नयी जीवन शैली अपनानी होगी May 23, 2020 / May 23, 2020 by डॉ. अजय पाण्डेय | Leave a Comment कोरोना महामारी के कहर ने सब कुछ बदल दिया है। बहुत सारी अपरिहार्य चीजें भी आज एक अलग दुनिया की हो गई है। यह एक यक्ष प्रश्न है कि क्या हम अपनी पहले जैसी जीवन शैली प्राप्त करेंगे? क्या लॉकडाउन में ढील दिए जाने या खत्म होने के बाद जीवनशैली फिर पुराने ढर्रे पर लौटेगी? […] Read more » We have to adopt a new lifestyle amid corona नयी जीवन शैली अपनानी होगी
लेख स्वास्थ्य-योग जीवन रूकने नहीं चलने का नाम है# कोरोना May 23, 2020 / May 23, 2020 by डॉ नीलम महेन्द्रा | 1 Comment on जीवन रूकने नहीं चलने का नाम है# कोरोना विज्ञान के दम पर विकास की कीमत वैसे तो मानव वायु और जल जैसेजीवनदायिनी एवं अमृतमयी प्राकृतिक संसाधनों के दूषित होने के रूप में चुका ही रहा था किंतु यही विज्ञान उसे कोरोना नामक महामारी भी भेंट स्वरूप देगा इसकी तो उसने स्वप्न में भी कल्पना नहीं की होगी। अब जब मानवप्रयोगशाला का यह जानलेवा उपहार उस पर थोपा जा ही चुका […] Read more » कोरोना जीवन रूकने नहीं चलने का नाम है
लेख कालपी का वह ऐतिहासिक किला जहां पर आज के दिन दिया था क्रांतिकारियों ने अपना सर्वोत्कृष्ट बलिदान May 23, 2020 / May 23, 2020 by राकेश कुमार आर्य | 4 Comments on कालपी का वह ऐतिहासिक किला जहां पर आज के दिन दिया था क्रांतिकारियों ने अपना सर्वोत्कृष्ट बलिदान जब जब भी मई का महीना आता है तो प्रत्येक राष्ट्रभक्त भारतवासी के मन मस्तिष्क में 1857 की क्रांति के नायकों से जुड़ी वीर गाथाएं अनायास ही उभर आती हैं । 10 मई 1857 को उत्तर प्रदेश के मेरठ से इस क्रांति का शुभारंभ करने वाले क्रांतिवीर कोतवाल धनसिंह गुर्जर , महर्षि दयानंद , तात्या […] Read more » The historic fort of Kalpi where the revolutionaries gave their best sacrifice कालपी कालपी का ऐतिहासिक किला क्रांतिवीर कोतवाल धनसिंह गुर्जर तात्या टोपे बहादुर शाह जफर महर्षि दयानंद रानी लक्ष्मीबाई
लेख शख्सियत एक सपने के सच हो जाने जैसा हैै संजय का कार्यवाहक कुलपति बन जाना May 23, 2020 / May 23, 2020 by मनोज कुमार | Leave a Comment मनोज कुमार वो एक दुबला-पतला सा लड़का। आंखों में सपने लिए दूर एक कस्बानुमा शहर से भोपाल चला आया था। उत्तरप्रदेश के कस्बानुमा बस्ती शहर के इस लड़के के भीतर आग थी। इसी आग के कारण वह पत्रकारिता की पढ़ाई करने चला आया था। जैसा कि होता है युवा मन में आमूलचूल परिवर्तन की आग […] Read more » कार्यवाहक कुलपति संजय द्विवेदी
लेख शख्सियत समाज स्वदेशी आंदोलन के अग्रणी महानायक राष्ट्रवादी दिव्यद्रष्टा बिपिन चन्द्र पाल May 20, 2020 / May 20, 2020 by प्रवक्ता ब्यूरो | Leave a Comment दीपक कुमार त्यागी हमारे देश की आजादी में ‘गरम दल’ के ‘लाल-बाल-पाल’ की मशहूर तिकड़ी की बहुत ही अहम भूमिका मानी जाती है, इस महान तिकड़ी में ‘लाल’ थे लाला लाजपत राय, ‘बाल’ थे बालगंगाधर तिलक और ‘पाल’ थे बिपिन चन्द्र पाल, इन सभी महान क्रांतिकारियों के नाम भारतीय स्वाधीनता संग्राम आंदोलन के इतिहास में […] Read more » Bipin Chandra Pal Nationalist Divyadrishta राष्ट्रवादी दिव्यद्रष्टा बिपिन चन्द्र पाल
लेख हिंदी का पहला ‘ध्वनि व्याकरण’ May 20, 2020 / May 20, 2020 by डॉ. सदानंद पॉल | Leave a Comment ■लेखक : डॉ. सदानंद पॉल जब मैंने 2000-2001ई. में हिंदी शब्द ‘श्री’ को 2,05,00,912 तरीके से लिखा । मूलरूप से उनमें 30,736 (कैलीग्राफी सहित) शब्दों को 666 चिह्नों/प्रतीकों से जोड़ते हुए उनके ध्वन्यात्मक-अर्थ के साथ ‘श्री’ का सार्थक उच्चारण कराया, तो ‘ध्वनि-व्याकरण’ की प्रत्यर्थ अवधारणा मानस – पटल पर आयी, जिनके विन्यसत: संलग्न-दस्तावेज़ में 16 […] Read more » ध्वनि व्याकरण
लेख महाभारत की भ्रांतियां : पांच पांडवों को नहीं , पांचाली पुत्रों को मारने के लिए ही अश्वत्थामा गया था May 20, 2020 / May 20, 2020 by राकेश कुमार आर्य | Leave a Comment महाभारत के बारे में तथ्यों के विपरीत जाकर एक दन्तकथा यह भी प्रचलित की गई है कि जब युद्ध के अन्त में गदा युद्ध में भीम ने दुर्योधन का वध कर दिया तो उसके पश्चात मौत की अन्तिम घड़ियां गिन रहे दुर्योधन के पास अश्वत्थामा , कृपाचार्य और कृतवर्मा रात्रि में आए । तब दुर्योधन […] Read more » अश्वत्थामा अश्वत्थामा द्वारा द्रौपदी-पुत्रों की हत्या पांचाली पुत्रों को मारने के लिए ही अश्वत्थामा गया था