पर्व - त्यौहार लेख 26 जनवरी / गणतंत्र दिवस विशेष / गणतंत्र के समक्ष समस्याएं यत्र-तत्र-सर्वत्र January 25, 2012 / January 25, 2012 by राजेश कश्यप | 1 Comment on 26 जनवरी / गणतंत्र दिवस विशेष / गणतंत्र के समक्ष समस्याएं यत्र-तत्र-सर्वत्र -राजेश कश्यप छह दशक पार कर चुके गौरवमयी गणतंत्र के समक्ष यत्र-तत्र-सर्वत्र समस्यांए एवं विडम्बनाएं मुंह बाए खड़ी नजर आ रही हैं। देशभक्तों ने जंग-ए-आजादी में अपनी शहादत एवं कुर्बानियां एक ऐसे भारत के निर्माण के लिए दीं, जिसमें गरीबी, भूखमरी, बेरोजगारी, बेकारी, शोषण, भेदभाव, अत्याचार आदि समस्याओं का नामोनिशान भी न हो और राम […] Read more » 26 januaryAC 26 जनवरी गणतंत्र के समक्ष समस्याएं यत्र-तत्र-सर्वत्र गणतंत्र दिवस विशेष
लेख समाज फ़ेसबुक से दुःखी January 24, 2012 / January 24, 2012 by प्रवक्ता.कॉम ब्यूरो | Leave a Comment आजकल हर कोई फ़ेसबुक से दुःखी है. सबसे ज्यादा दुःखी तो सरकार है. सरकार फ़ेसबुक से इतना दुःखी हो चुकी है कि वो इस पर बैन करने की बात कहने लगी है. और अब तो न्यायालय भी चीनी तर्ज पर फ़ेसबुक को ब्लॉक करने की धमकियाँ देने लगी है. उधर फ़ेसबुक में घुसे पड़े रहने […] Read more » Facebook फ़ेसबुक फ़ेसबुक से दुःखी
लेख समाज आस्था के नाम पर शोर से कब तक ब्लैकमेल किया जाता रहेगा ? January 24, 2012 / January 24, 2012 by इक़बाल हिंदुस्तानी | Leave a Comment -इक़बाल हिंदुस्तानी अंधश्रध्दा और कर्मकांड के बहाने लोगों का जीना हराम मत करो! प्रैस काउंसिल के प्रेसीडेंट और न्यायविद मार्कंडेय काटजू का कहना है कि जब भारत वैज्ञानिक रास्ते पर था, तब उसने तरक्की की। साइंस के सहारे हमने विशाल सभ्यताओं का निर्माण हज़ारों साल पहले किया, जब अधिकतर यूरोप जंगलों में रहता था, उन […] Read more » Blackmail आस्था आस्था के नाम पर शोर ब्लैकमेल
लेख साहित्य संस्कृत, भारत की आत्मा ! January 16, 2012 / January 16, 2012 by प्रमोद भार्गव | 2 Comments on संस्कृत, भारत की आत्मा ! प्रमोद भार्गव दिल्ली में संपन्न हुए पन्द्रहवें विश्व संस्कृत सम्मेलन के उद्घाटन समारोह में प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह ने संस्कृत को भारत की ‘आत्मा’ बतलाते हुए, संस्कृत की महत्ता व महिमा के दृष्टिगत कई महत्वपूर्ण बातें कहीं। उन्होंने कहा, संस्कृत दुनिया की सबसे प्राचीनतम जीवंत भाषाओं में से एक है। यदि हम इसकी टूटी हुई […] Read more » heart of all languages-sanskrit Sanskrit भारत की आत्मा संस्कृत
लेख सैर-सपाटा तारीफ करूं क्या उसकी जिसने तुझे बनाया : सिक्किम January 5, 2012 / January 12, 2012 by अन्नपूर्णा मित्तल | Leave a Comment क्या आपको पता चला आज हम यहाँ किस विषय में बात कर रहे हैं. मैं आपको बता दूँ कि आज हम भारत के छोटे से मगर सुंदर राज्य सिक्किम की बात कर रहे हैं. सिक्किम भारत का गोवा के बाद दूसरा सबसे छोटा प्रदेश है. यह भारत का एक पर्वतीय राज्य है जो भारत के […] Read more » second smallest state Sikkim sikkim tourism Sikkim's beauty गोवा के बाद दूसरा सबसे छोटा प्रदेश सिक्किम
लेख शख्सियत हैप्पी बर्थ डे रहमान…… January 5, 2012 / January 2, 2012 by शादाब जाफर 'शादाब' | Leave a Comment जन्म दिन 6 जनवरी पर:- शादाब जफर शादाब अल्लाह रक्खा रहमान का जन्म 06 जनवरी 1966 को चेन्नई में हुआ। इन के बचपन का नाम दिलीप कुमार था। अपने पिता की मौत के बाद ए आर रहमान ने अपने पिता के म्यूजिक इंस्टूमेंट किराये पर देकर घर का खर्च चलाया। मशहूर गायक और संगीतकार ए […] Read more »
लेख समाज महिला क्रू मेंबर्स के जीत के मायने(Air India crew members) January 4, 2012 / January 4, 2012 by डॉ.प्रेरणा चतुर्वेदी | Leave a Comment डॉ प्रेरणा दूबे भारतीय समाज में जाति के आधार पर भेदभाव, धर्म के आधार पर भेदभाव, प्रदेश के आधार पर भेदभाव, रूप-रंग के आधार भेदभाव, छोटे-ब़डे के आधार पर भेदभाव और अमीर-गरीब के आधार पर भेदभाव को देखकर लगता है। पता नहीं कि इसके धर्म-दर्शन कहां चले गए? सुना था कि शकों, हुणों, कुशाणों, पहलवों, […] Read more » crew members of AirIndia lady crew menbers in AirIndia महिला क्रू मेंबर्स के जीत
लेख वर्तमान में स्वामी विवेकानन्द के विचारों की प्रासंगिकता January 4, 2012 / January 4, 2012 by प्रवक्ता.कॉम ब्यूरो | 1 Comment on वर्तमान में स्वामी विवेकानन्द के विचारों की प्रासंगिकता राजेन्द्र चड्ढा गर्व से कहो हिंदू हैं-इस मंत्र के दृष्टा थे, स्वामी रामकृष्ण परमहंस के “सप्तर्षि मण्डल के महर्षि” स्वामी विवेकानन्द, जो हमेशा कहा करते थे जब मनुष्य अपने पूर्वजों के बारे में लज्जित होने लगे तो सोच लो की उनका अन्त आ गया है। मैं हिन्दू हूँ, मुझे अपनी जाति पर गर्व है, अपने […] Read more » swami vivekanand and todays world thoughts of swami vivekanand वर्तमान में स्वामी विवेकानन्द के विचारों की प्रासंगिकता स्वामी विवेकानन्द के विचारों की प्रासंगिकता
लेख स्त्री पति की संपत्ति नहीं January 4, 2012 / January 4, 2012 by डॉ.प्रेरणा चतुर्वेदी | 9 Comments on स्त्री पति की संपत्ति नहीं डॉ प्रेरणा दूबे संपत्ति शब्द का नाम सुनते ही मेरे मन में यह प्रश्न उठता है कि स्त्री पति की संपत्ति है क्या? तो पति भी स्त्री की संपत्ति हुआ। परंतु ऐसी बाते नहीं है। पुरूष प्रधान समाज में विवाहित स्त्री को संपत्ति माना जाता है। वह स्त्री को जिस प्रकार चाहे उपयोग करे या […] Read more » wemen not the property of men स्त्री पति की संपत्ति नहीं
लेख अन्ना की नहीं 100 करोड़ जनता का अपमान है ? January 3, 2012 / January 3, 2012 by इक़बाल हिंदुस्तानी | 9 Comments on अन्ना की नहीं 100 करोड़ जनता का अपमान है ? इक़बाल हिंदुस्तानी अगर नौकर मालिक की बात नहीं मानेंगे तो उनको हटाया जायेगा एक सोची समझी योजना के तहत खोखला और बोगस लोकपाल बिल लाया गया जो तयशुदा नाटक के बाद राज्यसभा में बिना मतदान के बजट सत्र तक के लिये लटका दिया गया। पहले विपक्ष सरकार पर यह आरोप लगा रहा था कि लोकपाल […] Read more » 100 करोड़ जनता का अपमान Anna Hazare Anna Hazare and his fight against corruption अन्ना
लेख शख्सियत खलनायकत्व के आवरण में लिपटा एक प्यारा इंसान January 2, 2012 / January 2, 2012 by राम कृष्ण | 3 Comments on खलनायकत्व के आवरण में लिपटा एक प्यारा इंसान रामकृष्ण ख़त-किताबत के ज़रिए तो मैंको एक लम्बे अरसे से जानता रहा हूं, लेकिन रू-बरू उनसे मेरी मुलाक़ात कुल दो बार हो पायी – और वह भी बम्बई में नहीं बल्कि लखनऊ में. यह एक अजीब आश्चर्य है कि अपने बरसों लम्बे बम्बई प्रवास में, जिसमें मैं वहां के लगभग सभी फ़िल्मकारों के निकटतम सम्पर्क […] Read more » PRAN Pran the villain villain of the Indian movies खलनायकत्व के आवरण में लिपटा एक प्यारा इंसान प्राण-खलनायकत्व के आवरण में लिपटा
लेख नववर्ष शुभ कहने से ही शुभ कैसे हो सकता है ? January 2, 2012 / January 2, 2012 by इक़बाल हिंदुस्तानी | 3 Comments on नववर्ष शुभ कहने से ही शुभ कैसे हो सकता है ? इक़बाल हिंदुस्तानी जिसके प्रति शुभकामनायें व्यक्त करें उसके लिये काम भी करें ! ‘नववर्ष शुभ हो’ ‘नया साल मुबारक’ और ‘हेप्पी न्यू इयर’ मात्र ये कुछ जुमले हैं जो हर साल हर आदमी एक दूसरे से 31 दिसंबर से लेकर 1 जनवरी तक बेसाख़्ता बेसबब और बेमतलब बोलता है। इसका एक ताज़ा उदाहरण है कांग्रेस […] Read more » new year wishes नववर्ष शुभ कहने से ही शुभ कैसे हो सकता है