लेख साहित्य भारत में देशी रियासतें और उनका इतिहास August 18, 2016 by डा. राधेश्याम द्विवेदी | 3 Comments on भारत में देशी रियासतें और उनका इतिहास डा. राधेश्याम द्विवेदी ब्रिटिश राज के दौरान अविभाजित भारत में नाममात्र के स्वायत्त राज्य थे। इन्हें आम बोलचाल की भाषा में “रियासत”, “रजवाड़े” या व्यापक अर्थ में देशी रियासत कहते थे। ये ब्रिटिश साम्राज्य द्वारा सीधे शासित नहीं थे बल्कि भारतीय शासकों द्वारा शासित थे। परन्तु उन भारतीय शासकों पर परोक्ष रूप से ब्रिटिश शासन […] Read more » Featured आसाम इंदौर उडीसा कछार काठियावाड़ कुर्ग कोल्हापुर ग्वालियर छत्तीसगढ़ जयंतिया ट्रावनकोर तंजोर त्रिपुरा देशी रियासतें का इतिहास नागपुर बघेलखण्ड बड़ौदा तथा राजपूताना बुंदेलखण्ड भारत में देशी रियासतें मध्य भारत और हिमांचल प्रदेश मनीपुर सतारा
लेख साहित्य स्वाभिमानी महाराणा प्रतापसिंह बढ़ चले हल्दीघाटी की ओर August 18, 2016 by राकेश कुमार आर्य | Leave a Comment राकेश कुमार आर्य शक्तिसिंह का शक्ति प्रदर्शन एक बार की बात है कि राणा उदयसिंह के दरबार में हथियार निर्यातक/निर्माता व्यक्ति अपने हथियारों का प्रदर्शन करने के लिए आया हुआ था, तब वह हथियार निर्यातक व्यक्ति अपनी एक तलवार की तीव्र धार का प्रदर्शन रूई को काट-काटकर के दिखा रहा था। इतने में ही […] Read more » Featured महाराणा प्रतापसिंह हल्दीघाटी
लेख साहित्य भारत का स्वतंत्रता दिवस – 15 अगस्त 2016 August 14, 2016 by डा. राधेश्याम द्विवेदी | Leave a Comment भारत में प्रत्येक वर्ष 15 अगस्त को “स्वन्त्रता दिवस” के रुप में मनाया जाता है। वर्ष 2016 में भारत अपना 70वाँ स्वतंत्रता दिवस मनायेगा।15 अगस्त 1947 को भारत में प्रथम स्वतंत्रता दिवस मनाया गया था। भारत के लोगों के लिये ये दिन बहुत महत्वपूर्ण होता है। वर्षों की गुलामी के बाद ब्रिटिश शासन से इसी […] Read more » Featured तिरंगा भारतीय ध्वज संहिता राष्ट्रीय ध्वज
लेख साहित्य अकबर जैसे पहाड़ से टकराने को उद्यत हो गये महाराणा प्रताप August 11, 2016 by राकेश कुमार आर्य | Leave a Comment राकेश कुमार आर्य महाराणा से अपेक्षित व्यवहार महाराणा प्रताप के जीवन का उद्देश्य (राजकाज संभालने के पश्चात) अकबर का विरोध करना ही हो सकता था या कोई और भी? क्या उस समय कोई ऐसा मार्ग था -जिसे अपनाकर महाराणा प्रतापसिंह अपना और अपने देश का सम्मान बचा सकते थे? यदि इस प्रश्न पर गंभीरता से […] Read more » Featured अकबर महाराणा प्रताप
लेख साहित्य भारत का सबसे युवा शहीद खुदीराम बोस August 10, 2016 by मृत्युंजय दीक्षित | Leave a Comment 11 अगस्त पर विशेष:- मृत्युंजय दीक्षित क्रांतिकारी खुदीराम बोस भारत के ऐये महान सपूत थे जिन्होने सबसे कम आयु मंे भारत को आजादी दिलाने के लिए व अंग्रेजों के मन में भय उत्पन्न करने के कारण फांसी का फंदा चूम लिया। खुदीराम बोस का जन्म 3 दिसम्बर 1889 को बंगाल के मिदनापुर जिले के एक […] Read more » खुदीराम बोस
लेख शख्सियत साहित्य गुदड़ी के लाल : लालबहादुर शास्त्री August 10, 2016 by डा. राधेश्याम द्विवेदी | Leave a Comment डा. राधेश्याम द्विवेदी संक्षिप्त जीवनी:- भारत के प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री का जन्म 2 अक्टूबर, 1904 को मुगलसराय, उत्तर प्रदेश के एक सामान्य निम्नवर्गीय परिवार में हुआ था। आपका वास्तविक नाम लाल बहादुर श्रीवास्तव था। शास्त्री जी के पिता शारदा प्रसाद श्रीवास्तव एक शिक्षक थे अत: सब उन्हें मुंशीजी ही कहते थे । बाद में […] Read more » Featured गुदड़ी के लाल लालबहादुर शास्त्री
लेख साहित्य संस्कृत भाषा: विश्व की प्रथम अमरभाषा है August 10, 2016 by डा. राधेश्याम द्विवेदी | 2 Comments on संस्कृत भाषा: विश्व की प्रथम अमरभाषा है डा. राधेश्याम द्विवेदी जिस प्रकार देवता अमर हैं उसी प्रकार सँस्कृत भाषा भी अपने विशाल-साहित्य, लोक हित की भावना ,विभिन्न प्रयासों तथा उपसर्गो के द्वारा नवीन-नवीन शब्दों के निर्माण की क्षमता आदि के द्वारा अमर है ।आधुनिक विद्वानों के अनुसार संस्कृत भाषा का अखंड प्रवाह पाँच सहस्र वर्षों से बहता चला आ रहा है। भारत […] Read more » Featured heart of all languages Sanskrit विश्व की प्रथम अमरभाषा संस्कृत भाषा
कला-संस्कृति लेख साहित्य भक्तिधारा के महान कवि – गोस्वामी तुलसीदास August 10, 2016 / August 10, 2016 by मृत्युंजय दीक्षित | Leave a Comment 10 अगस्त पर विशेष:- मृत्युंजय दीक्षित हिंदी साहित्य के महान कवि संत तुलसीदास का जन्म संवत् 1956 की श्रावण शुक्ल सप्तमी के दिन अभुक्तमूल नक्षत्र में हुंआ था।इनके पिता का नाम आतमा रामदुबे व माता का नाम हुलसी था। जन्म के समय तुलसीदास रोये नहीं थे अपितु उनके मुंह से राम शब्द निकला था। साथ […] Read more » Featured गोस्वामी तुलसीदास भक्तिधारा के महान कवि
लेख साहित्य गोरी हुकूमत को खुली चुनौती थी काकोरी कांड August 8, 2016 by पुष्पेन्द्र दीक्षित | Leave a Comment क़ाकोरी कांड विशेष -9 अगस्त स्वतंत्रता आंदोलन का बहुचर्चित काकोरी कांड जिसने ब्रिटिश हुकूमत की नींव हिला कर रख दी थी। वह काकोरी कांड 9 अगस्त 1947 को काकोरी स्टेशन पर हुआ था किन्तु यदि हमारे क्रांति पुरोधाओं को पहुँचने में देरी न हुई होती तो इस कांड को 8 अगस्त 1947 को ही अंजाम […] Read more » Featured Kakori Kand काकोरी कांड गोरी हुकूमत को खुली चुनौती
लेख नैतिक मूल्य मानवता की पहचान होते हैं August 8, 2016 by डा. राधेश्याम द्विवेदी | Leave a Comment डा. राधेश्याम द्विवेदी असंतोष, अलगाव, उपद्रव, आंदोलन, असमानता, असामंजस्य, अराजकता, आदर्श विहीनता, अन्याय, अत्याचार, अपमान, असफलता अवसाद, अस्थिरता, अनिश्चितता, संघर्ष, हिंसा यही सब घेरे हुए है आज हमारे जीवन को.व्यक्ति में एवं समाज में साम्प्रदायिकता, जातीयता, भाषावाद, क्षेत्रीयतावाद, हिंसा की संकीर्ण कुत्सित भावनाओं व समस्याओं के मूल में उत्तरदायी कारण है मनुष्य का नैतिक और […] Read more » नैतिक मूल्य मानवता की पहचान
लेख नये सपने बुनकर स्वतंत्रता को सार्थक दिशा दें August 6, 2016 / August 6, 2016 by ललित गर्ग | Leave a Comment ललित गर्ग पन्द्रह अगस्त हमारे राष्ट्र का गौरवशाली दिन है, इसी दिन स्वतंत्रता के बुनियादी पत्थर पर नव-निर्माण का सुनहला भविष्य लिखा गया था। इस लिखावट का हार्द था कि हमारा भारत एक ऐसा राष्ट्र होगा जहां न शोषक होगा, न कोई शोषित, न मालिक होगा, न कोई मजदूर, न अमीर होगा, न कोई गरीब। […] Read more » independence आजादी के 69 वर्ष स्वतंत्रता
लेख शख्सियत साहित्य राष्ट्रकवि मैथिलीशरण गुप्त की जयंती ‘कवि दिवस’ August 2, 2016 by डा. राधेश्याम द्विवेदी | Leave a Comment डा. राधेश्याम द्विवेदी जीवन परिचय:- मैथिलीशरण गुप्त का जन्म ३ अगस्त सन १८८६ ई. में पिता सेठ रामचरण कनकने और माता कौशिल्या बाई की तीसरी संतान के रुप में उत्तर प्रदेश में झांसी के पास चिरगांव में हुआ। माता और पिता दोनों ही वैष्णव थे। वे “कनकलता” नाम से कविता करते थे। इनके पिता सेठ […] Read more » ‘कवि दिवस’ मैथिलीशरण गुप्त राष्ट्रकवि मैथिलीशरण गुप्त