लेख मीडिया का नैतिक पतन : एक विवेचना October 17, 2011 / December 5, 2011 by सिद्धार्थ मिश्र “स्वतंत्र” | 4 Comments on मीडिया का नैतिक पतन : एक विवेचना सिद्धार्थ मिश्र स्वतंत्र खींचो न कमानों को न तलवार निकालो, जब तोप मुकाबिल हो तो अखबार निकालो, अकबर इलाहबादी’ की ये पंकितयाँ मीडिया की तात्कालिक स्थिति का बखूबी वर्णन करती है। स्वतन्त्रता संग्राम में पत्र –पत्रिकाओं की महती भूमिका से इंकार नहीं किया जा सकता। उस दौर में पत्रकारो ने अपनी कलम की रोशनार्इ […] Read more » media मीडिया का नैतिक पतन
लेख समाज युवा पीढी नही देश का भविष्य बिगड़ रहा है ? October 13, 2011 / December 5, 2011 by शादाब जाफर 'शादाब' | 8 Comments on युवा पीढी नही देश का भविष्य बिगड़ रहा है ? आज हमारी युवा पीढी को न जाने क्या हो रहा है माँ बाप और टीचरों की जरा जरा सी बातो और डाट फटकार पर खुदकुशी और मारपीट की खबरें बहुत तेजी से सुनने को मिल रही हैं। अभी पिछले दिनों ही एक छात्र की करतूत ने गुरू शिष्य परंपरा को ही कलंकित कर के रख […] Read more » Country Future Young Generation देश का भविष्य युवा पीढी
लेख श्रद्वांजलि:जगजीत सिंह October 13, 2011 / December 5, 2011 by शादाब जाफर 'शादाब' | Leave a Comment शादाब जफर ”शादाब होठो से छू लो तुम……………………. ”होठे से छू लो तुम मेरा गीत अमर कर दो…..” 1981 में रमन कुमार द्वारा निर्देशित हिन्दी फिल्म ”प्रेम गीत के इस गीत को अपने होठो से छूकर वास्तव में स्व: जगजीत सिह जी ने अमर बना दिया। आज भी जब जब ये नगमा लोगो के कानो […] Read more » Jagjeet Singh जगजीत सिह
लेख चालाक चीन पर चिंतन आवश्यक October 12, 2011 / December 5, 2011 by सिद्धार्थ मिश्र “स्वतंत्र” | Leave a Comment सिद्धार्थ मिश्र “स्वतंत्र” विश्व के सबसे बडे़ लोकतांत्रिक राष्ट्र के रूप में मान्य भारतवर्ष चारों तरफ से विभिन्न पड़ोसी राष्ट्रों से जुडा है। पड़ोसी राष्ट्रों से सीमाएं लगी होने के कारण अक्सर विवाद जन्म लेते हैं। इन विवादों को जन्म देना और भारतीय सीमावर्ती क्षेत्रों पर आधिपत्य जमाना शुरू से ही चीन का प्रिय कार्य […] Read more » China चिंतन चीन
लेख पैट्रोल के दाम बार बार क्यों बढ़ा रही है सरकार? October 9, 2011 / December 5, 2011 by इक़बाल हिंदुस्तानी | Leave a Comment इक़बाल हिंदुस्तानी रूपये का मूल्य गिरने से इंटरनेषनल मार्केट में सस्ता हो रहा तेल भी मिल रहा है महंगा! आज देश में पैट्रोल की कीमत बढ़ते बढ़ते 70 रूपये तक जा पहुंची है लेकिन हमारी सरकार एक व्यापारी की तरह अधिक से अधिक मुनाफा टैक्स के रूप में कमाने से परहेज़ करने को तैयार नज़र […] Read more » petrol price पैट्रोल सरकार
लेख भाजपा में वरिष्ठ नागरिकों की दशा October 9, 2011 / December 5, 2011 by वीरेन्द्र जैन | Leave a Comment वीरेन्द्र जैन पिछले दिनों विश्व वरिष्ठ नागरिक दिवस 1 अक्टूबर को नई दिल्ली में आयोजित एक गैर सरकारी संस्था ‘सम्पूर्णा’ की ओर से वरिष्ठ नागरिकों क सम्मान किया गया था। इस सम्मान समारोह में भाजपा के वरिष्ठ नेता लाल कृष्ण आडवाणी ने कहा था कि न केवल समाज सेवी संस्थाएं और सरकार अपितु औद्योगिक घरानों […] Read more » Bhajpa old people वरिष्ठ नागरिक
लेख तेलंगाना पर घिरती कांग्रेस……………. October 9, 2011 / December 5, 2011 by शादाब जाफर 'शादाब' | Leave a Comment शादाब जफर “शादाब’’ आंध्र प्रदेश से दिल्ली तक तेलंगाना के मुद्दे पर देश में एक बार फिर से चुनावी आग भडकाई जा रही है। आंध्र प्रदेश में रोज रोज बंद, हिंसक रेल रोको आन्दोलन, अहम यह है कि तेलंगाना अलग राज्य का मसला आज आंध्र प्रदेश के लोगो के लिये एक गंभीर राजनीतिकआर्थिक-सामाजिक मुद्दा बन […] Read more » Congress Telangana कांग्रेस तेलंगाना
लेख गरीबी के बदलते पैमाने और मायने October 6, 2011 / December 5, 2011 by राजेश कश्यप | Leave a Comment राजेश कश्यप गत दिनों सुप्रीम कोर्ट में दाखिल की गई अपनी एक रिपोर्ट में योजना आयोग ने कहा कि शहर में 32 रूपये और गाँव में 26 रूपये प्रतिदिन खर्च करने वाला व्यक्ति गरीबी रेखा (बीपीएल) की परिधि में नहीं आता है। कमाल की बात तो यह रही कि देश की शीर्ष अदालत में दाखिल […] Read more » poverty गरीबी गरीबी के बदलते पैमाने और मायने
लेख सरकार के विरोध से विपक्ष को लाभ मिले तो अन्ना का क्या क़सूर October 6, 2011 / December 5, 2011 by इक़बाल हिंदुस्तानी | 1 Comment on सरकार के विरोध से विपक्ष को लाभ मिले तो अन्ना का क्या क़सूर इक़बाल हिंदुस्तानी जनता के दबाव में बदल रहा है बीजेपी का एजेंडा ? अन्ना हज़ारे ने एक बार फिर जनलोकपाल बिल को लेकर हुंकार भरी है। हज़ारे का यह कहना बिल्कुल ठीक है कि उनको इस बात का विश्वास होता जा रहा है कि कांग्रेस की नीयत यह बिल पास करने की नहीं है। अन्ना […] Read more » Anna Hazare Janlikpal Bill अन्ना का क्या क़सूर अन्ना हज़ारे जनलोकपाल बिल बीजेपी का एजेंडा राइट टू रिकाल
लेख शिव के राज में माता के वाहन पर संकट! October 4, 2011 / December 5, 2011 by लिमटी खरे | Leave a Comment लिमटी खरे भगवान शिव बेहद भोले हैं वे थोड़ी सी ही भक्ति में प्रसन्न हो जाते हैं। मध्य प्रदेश में शिव का ही राज है। ये हैं पांव पांव वाले भईया शिवराज सिंह चौहान। शिव के गणों में वनों की देखभाल का जिम्मा है सरताज सिंह के कांधों पर। सरताज तो सरताज हैं उनकी देखरेख […] Read more » shiv ke raj शिव के राज
लेख चिलमन को जलाता सूचना का अधिकार October 4, 2011 / October 4, 2011 by डॉ0 शशि तिवारी | 3 Comments on चिलमन को जलाता सूचना का अधिकार डॉ. शशि तिवारी चिलमन न केवल कुरूपता को ढंकता है बल्कि रहस्यों को भी छिपाता है, जिसके परिणामस्वरूप उत्सुकता की प्यास भी और भी बढ़ती है। चिलमन अर्थात् पर्दा पारदर्शी या अपारदर्शी भी हो सकता है। पर्दा कभी भी हकीकत से रूबरू नहीं होने देता और राज, राज ही रहता है, कभी-कभी तो ये राज […] Read more » RTI सूचना का अधिकार
लेख आरक्षण: दलितों में क्रीमीलेयर तो अभी गिनती के हैं! October 2, 2011 / December 5, 2011 by इक़बाल हिंदुस्तानी | 1 Comment on आरक्षण: दलितों में क्रीमीलेयर तो अभी गिनती के हैं! इक़बाल हिंदुस्तानी पिछड़ों का कोटा कम होने से इसकी ज़रूरत वहां वाजिब थी! देश में एक वर्ग ऐसा मौजूद है जो इस सच को आज भी समझने को तैयार नहीं है कि आरक्षण उसके साथ अन्याय नहीं बलिक उनके साथ आंशिक न्याय है जिनके साथ सदियों से या तो जानबूझकर नाइंसाफी की गयी है या […] Read more » Reservation आरक्षण दलितों में क्रीमीलेयर