पुस्तक समीक्षा मॉरीशस और फीजी : विश्व हिंदी सम्मेलन के झरोखे से July 17, 2024 / July 17, 2024 by प्रवक्ता ब्यूरो | Leave a Comment समीक्षक-डॉ. सुभाषिनी लता कुमार प्रलेक, मुंबई ने अभी-अभी एक पुस्तक प्रकाशित की है। उसका शीर्षक है ‘मॉरीशस और फीजी: विश्व हिंदी सम्मेलन के झरोखे से’। इसके लेखक हैं कृपाशंकर चौबे जो हिंदी साहित्य और पत्रकारिता में सुप्रतिष्ठित हैं। यह पुस्तक 2018 में मॉरीशस में आयोजित 11वें विश्व हिंदी सम्मेलन और 2023 में फीजी में आयोजित […] Read more » मॉरीशस और फीजी
आलोचना आओ बाबा बाबा खेलें… .. July 17, 2024 / July 17, 2024 by अनिल अनूप | Leave a Comment अनिल अनूप पिछले हफ्ते भोले बाबा के धार्मिक समागम में भगदड़ मच गई जिसमें सौ से ज्यादा श्रद्धालुओं की मौत हो गई। इस आयोजन के लिए 80,000 लोगों के आने की व्यवस्था की गई थी, लेकिन लगभग 2.5 लाख भक्त वहां पहुंच गए। यह घटना इस बात की ओर इशारा करती है कि भोले बाबा […] Read more »
आलोचना ‘विवाह अनंत’ : बड़ा हुआ तो क्या हुआ ? July 17, 2024 / July 17, 2024 by निर्मल रानी | Leave a Comment निर्मल रानी मीडिया के माध्यम से पूरे देश ने पिछले दिनों एक ‘अनंत विवाह ‘ के आयोजन का ‘लुत्फ़’ उठाया। उद्योगपति मुकेश अंबानी के नूर-ए-नज़र अनंत अंबानी का अलग अलग आयोजनों के नाम से लंबे समय तक चला यह विवाह समारोह भारतीय इतिहास का अब तक का सबसे ख़र्चीला विवाह बताया जा रहा है। हमारे देश में […] Read more » अनंत विवाह
लेख सुविधाओं के बिना संचालित ग्रामीण स्वास्थ्य केंद्र July 16, 2024 / July 16, 2024 by चरखा फिचर्स | Leave a Comment सुशीला सिद्धलूणकरणसर, राजस्थान “मैं चार माह की गर्भवती हूं. लगभग प्रतिदिन कोई न कोई समस्या आती है. जिसके जांच के लिए मुझे अस्पताल की ज़रूरत होती है. लेकिन यहां स्वास्थ्य केंद्र में न तो जांच की कोई सुविधा है और न ही दवा उपलब्ध है. जब भी यहां आती हूं मुझे लूणकरणसर जाने के लिए […] Read more » सुविधाओं के बिना संचालित ग्रामीण स्वास्थ्य केंद्र
धर्म-अध्यात्म मीडिया लेख चातुर्मास है संस्कृति की एक अमूल्य धरोहर July 16, 2024 / July 16, 2024 by ललित गर्ग | Leave a Comment चातुर्मास शुभारंभ-17 जुलाई 2024 पर विशेष-ललित गर्ग- भारतीय धार्मिक और सांस्कृतिक परंपरा में चातुर्मास का विशेष महत्व है। विशेषकर वर्षाकालीन चातुर्मास का। हमारे यहां मुख्य रूप से तीन ऋतुएँ होती हैं- ग्रीष्म, वर्षा और शरद। वर्ष के बारह महीनों को इनमें बॉंट दें, तो प्रत्येक ऋतु चार-चार महीने की हो जाती है। वर्षा ऋतु के […] Read more » चातुर्मास
लेख आतंक के विरुद्ध जिहाद की सबसे बड़ी मिसाल है “करबला ” July 15, 2024 / July 15, 2024 by तनवीर जाफरी | Leave a Comment (17 जुलाई मुहर्रम पर विशेष) तनवीर जाफ़री इन दिनों पूरे विश्व में इस्लामिक कलेण्डर के पहले महीने यानी माह ए मुहर्रम के दौरान इस्लामी […] Read more » "Karbala" is the biggest example of jihad against terrorism. 17 जुलाई मुहर्रम
लेख ग्रामीण क्षेत्रों में बच्चों की शिक्षा और सरकारी स्कूलों की स्थिति July 15, 2024 / July 15, 2024 by चरखा फिचर्स | Leave a Comment बबन मिश्राअजमेर, राजस्थानराजस्थान में शिक्षा की गुणवत्ता को बेहतर बनाने के लिए राज्य सरकार ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए सभी सरकारी स्कूलों का जिला स्तर पर निगरानी करने का फैसला किया है. इसके लिए प्रशासन और विभागीय अधिकारियों को जिला प्रभारी नियुक्त किया गया है. जो अपने-अपने प्रभारित जिले में प्रतिमाह दो दिवसीय दौरा कर राजकीय […] Read more » ग्रामीण क्षेत्रों में बच्चों की शिक्षा बच्चों की शिक्षा और सरकारी स्कूलों की स्थिति
लेख तुझे भी सब कुछ करना है July 15, 2024 / July 15, 2024 by चरखा फिचर्स | Leave a Comment दिव्या धपोलाकपकोट, बागेश्वरउत्तराखंड बस की तेरे सब कुछ है,तू क्यों नहीं कुछ करती है?जानते हुए भी क्यों अनजान बनती है?मन में तेरे बहुत सारे सपने हैं,कब तक दबा कर रखेगी इन्हें?ये दुनिया है बस चलती रहेगी,तू अपना रास्ता बनाती रहना,कुछ बड़ा करके दिखाना है,विफल होने पर भी तुझे नहीं घबराना है,बस अपने लगन और हौसले […] Read more » you also have to do everything
कविता स्त्री की प्यारी दुनिया July 15, 2024 / July 15, 2024 by चरखा फिचर्स | Leave a Comment कल्पना जोशीकक्षा-9 ,उम्र-17गरुड़ , बागेश्वरउत्तराखंड स्त्री की प्यारी दुनिया,इतनी न्यारी होगी क्या?दर्द झेलती दुनिया से सारी,फिर भी न समझे कोई प्यारा,समाज से करते इसे हैं दूर,और फिर करते जीने को मजबूर,करते ना स्त्री का कोई सम्मान, कहते हैं, नहीं है उसका कोई काम, स्त्री का करोगे अगर तुम अपमान, नहीं होगा फिर जीवन कोई आसान। […] Read more » lovely world of woman स्त्री की प्यारी दुनिया
कविता हर वक्त एक ही सवाल July 15, 2024 / July 15, 2024 by चरखा फिचर्स | Leave a Comment साक्षी देवरारीगरुड़, बागेश्वरउत्तराखंड हर वक्त एक ही सवाल मन में दौड़ता है,कैसे कोई पल में अच्छा और बुरा बन जाता है? बैठे-बैठे यही सोचती हूं, जवाब नही मिल पता है,जब वह अच्छा बनता है, तो तारीफें करता है,और जब बुरा बनता है तो बुराइयां करता है,हर बार अपना अलग रंग दिखलाता है,उसका रंग देखते-देखते जीवन […] Read more »
कविता मुझे भी तो चाहिए आजादी July 15, 2024 / July 15, 2024 by चरखा फिचर्स | Leave a Comment दीपा लिंगढियागरुड़, बागेश्वरउत्तराखंड मुझे भी तो चाहिए आजादीहां, थी मैं अनजान की,दुनिया ऐसी भी होती है,बचपन की हर बात याद आती है,तुम किसी से बात नहीं कर सकती,लड़की हो, अपनी मर्यादा में रहो,तुम सिर्फ घर के ही काम करो,तुम ही घर की इज्जत हो,अपनी नजरें झुकाकर रखो,तुम्हें कल पराये घर जाना है,हर चीज को तरीके […] Read more » I also want freedom
कविता श्री राम प्रभु का नाम, जगत में सबसे प्यारा है July 15, 2024 / July 15, 2024 by नन्द किशोर पौरुष | Leave a Comment मेरे राम प्रभु का नाम, मेरे राघव जी का नामजगत में सबसे प्यरा है -4, मेरे राम प्रभु का नाम………. Read more » जगत में सबसे प्यारा है श्री राम प्रभु का नाम