लेख युवा भारत के लिए स्वामी विवेकानंद का संदेश January 11, 2024 / January 11, 2024 by मनोज कुमार | Leave a Comment मनोज कुमारवर्तमान भारत वर्ष युवा भारत है और इस युवा भारत को युवा संन्यासी स्वामी विवेकानंद ने संदेश दिया था कि ‘व्यक्ति कितना ही बड़ा क्यों ना हो, उसका अंधानुसरणना करें।’ आज के युवा भारत के लिए स्वामी विवेकानंद का यह संदेश एक मार्गदर्शक के रूप में स्थापित है. 1893 में इसी सन्यांसी स्वामी विवेकानंद […] Read more » Swami Vivekananda's message for young India
कविता प्रेयसी – मिलन January 11, 2024 / January 11, 2024 by अजय एहसास | Leave a Comment पता नहीं कुछ वर्षों की या जन्मों का है सहारा ना तेरा ना मेरा कहता, कहता सब है हमारा उसे प्रेयसी ने जब प्रथम मिलन को पुकारा मन में खुशी लिए तुरत ही हो गया नौ दो ग्यारा मन में था डर, क्या करता पर यह ना सोचा क्या होगा तब जान जाये जब सबके […] Read more » beloved - union
लेख कभी वज्र थी किसान की छाती, अब कमजोर क्यों ? January 11, 2024 / January 11, 2024 by आत्माराम यादव पीव | Leave a Comment कृषि कल्याण आयोग गठित कर किसान को दी जा सकती है सुरक्षा – आत्माराम यादव पीव भारत के किसान को देश का मेरुदंड माना गया है ओर उसके जीवन के संघर्षों से उबरकर साहसी बनने के कारण ही कभी उसकी छाती व्रज के समान कठोर हुआ करती थी, जो किसान को उसकी […] Read more » The farmer's chest was once a thunderbolt
लेख पतई वाले बाबा संत रामस्वरूप महाराज ने बांद्राभान को बनाया है तपस्थली January 11, 2024 / January 11, 2024 by आत्माराम यादव पीव | Leave a Comment भारत संत-महात्मा और सिद्धों का देश है। देश में संत ही है जो मानव जीवन में निराशा के दंश को निकाल फैकते है। संत ही की कृपा है जो हर अशुभ को शुभ और हर अमंगल को मंगल कर सकती है। हमारे जीवन में भी इन संतों का […] Read more » Baba Sant Ramswaroop Maharaj of Patai has made Bandrabhan a place of penance. पतई वाले बाबा संत रामस्वरूप महाराज
लेख राम मंदिर: सियासी मंच या आस्था का उत्सव January 11, 2024 / January 11, 2024 by प्रियंका सौरभ | Leave a Comment राजनीति अपनी जगह है लेकिन राम मंदिर करोडों भारतीयों के लिए आस्था का विषय है। राजनीति कैसे साधारण विषयों को भी उलझाकर मुद्दे में तब्दील कर देती है, रामजन्मभूमि का विवाद इसका उदाहरण है। आज के भारत का मिजाज़, अयोध्या में स्पष्ट दिखता है। आज यहां प्रगति का उत्सव है, तो कुछ दिन बाद यहां […] Read more » Ram Mandir: Political platform or celebration of faith राम मंदिर
लेख शख्सियत समाज नर्मदा क्षेत्र के उदारमना महंत दौलत दास जी ग्वाल January 11, 2024 / January 11, 2024 by आत्माराम यादव पीव | Leave a Comment आत्माराम यादव पीव नर्मदापुरम नगर के ग्वालटोली में निवासरत हीरालाल बानिये के घर दौलतराम जी का जन्म सन् 1918 में हुआ। दौलतराम जी की माॅ श्रीमति विनियाबाई एक धार्मिकप्रवृत्ति की महिला थी जो पूरे समय पूजापाठ मे निमग्न रहती। जन्म के बाद बालक दौलतराम अपनी माॅ के […] Read more » Udarmana Mahant Daulat Das Ji Gwal of Narmada region महंत दौलत दास जी ग्वाल
कविता अनुबाद January 8, 2024 / January 8, 2024 by माधब चंद्र जेना | Leave a Comment जीवन मृत्यु में अनुबाद होता है धीरे-धीरे, बेहद धीरे-धीरे l पिता से पुत्र का अनुवाद पुत्र से पिता का, माँ से बेटी का अनुवाद पुनः बेटी से मां का बादल से वर्षा और बरसा से बादल जल का सटिक अनुवाद असंभव है जब तक प्यास का अनुवाद न हो जाए सभी अनुवाद पूरा पूरा असंभव […] Read more »
कविता पेड़ की हत्या January 8, 2024 / January 8, 2024 by माधब चंद्र जेना | Leave a Comment जब में पेड़ बनके मरता हूँ मेरे हत्यारे कहीं फरार नहीं होता वल्कि वह अस्त्र उठाके ऐसे चलता है जैसे कोई युद्ध जीतके लौटा है l मेरा जब हत्या होता है वहां कोई अपराध नहीं होता क्योंकि पेड़ का इनसान जैसा कोई प्राण नहीं होता पेड़ का माँ बाप नहीं होते, कोई अपने नहीं होते […] Read more »
कविता कितना अच्छा होता January 8, 2024 / January 8, 2024 by माधब चंद्र जेना | Leave a Comment कितना अच्छा होता अगर दुनिआ में इनसान नहीं होते चारो तरफ जंगल ही जंगल होता पानी ही पानी होता चिड़िया अपने सुर में गाते सारे अपने धुन में जीते हवा अपने मन से बहता पानी अपने मन से बहता कभी कहीं पे कान फटने वाला डी जे नहीं होता बारात नहीं होता की बारदात भी […] Read more »
लेख ग्रामीण क्षेत्रों की लचर शिक्षा व्यवस्था January 8, 2024 / January 8, 2024 by चरखा फिचर्स | Leave a Comment मुरली कुमारीबीकानेर, राजस्थान पिछले कुछ वर्षों में देश के ग्रामीण क्षेत्रों में शहरी क्षेत्रों की तरह कई स्तरों पर विकास हुआ है. विशेषकर सड़क और रोज़गार के मामलों में देश के गांव पहले की तुलना में तेज़ी से विकास की ओर अग्रसर हैं. प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत गांव-गांव तक सड़कों का जाल बिछाया […] Read more » Poor education system in rural areas
लेख हिन्दी है राष्ट्रीयता की प्रतीक भाषा, फिर उपेक्षा क्यों? January 8, 2024 / January 8, 2024 by ललित गर्ग | Leave a Comment विश्व हिन्दी दिवस- 10 जनवरी 2024 पर विशेष-ललित गर्ग-विश्व हिन्दी दिवस मनाने का उद्देश्य दुनियाभर में फैले हिंदी जानकारों को एकजुट करना, हिन्दी को विश्व स्तर पर स्थापित एवं प्रोत्साहित करना और हिंदी की आवश्यकता से अवगत कराना है। अंग्रेजी भाषा भले ही दुनियाभर के कई देशों में बोली है और लिखी जाती है. लेकिन […] Read more » Hindi is the symbolic language of nationalism विश्व हिन्दी दिवस- 10 जनवरी
लेख विश्वभर में फ़ैल रहा हिन्दी का साम्राज्य January 5, 2024 / January 5, 2024 by अर्पण जैन "अविचल" | Leave a Comment डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल‘ जीवन और जतन में, प्रेम और विरोध में, राग और द्वेष में, विरोध और समर्थन में, संवाद और सम्बन्ध में, व्यापार और विनिमय आदि में भी कोई तत्व यदि सहायक है तो वह केवल भाषा है। किसी भी राष्ट्र की अस्मिता और अखण्डता में कई कारक उत्तरदायी होते हैं, उनमें से एक कारक उस राष्ट्र का भाषाई ढाँचा भी है। […] Read more »