कविता प्रकृति के विरुद्ध आचरण ही मृत्यु का कारण होता November 6, 2023 / November 6, 2023 by विनय कुमार'विनायक' | Leave a Comment —विनय कुमार विनायक जीव जगत को चलानेवाला सातवें आसमान में बैठा कोई ईश्वर अल्लाह खुदा अवतार पैगम्बर नहीं होता, जो भी होता जन-जन कण-कण धरा-गगन में होता, प्रकृति के विरुद्ध आचरण ही मृत्यु का कारण होता! ये धरा जल पवन अगन गगन के मिलन से जीवन, ये धरणी हमें धारण करती,धरा ही अन्न धन भोजन, […] Read more » प्रकृति के विरुद्ध आचरण ही मृत्यु का कारण होता
कला-संस्कृति लेख वर्त-त्यौहार रंगत खोते हमारे सामाजिक त्यौहार। November 6, 2023 / November 6, 2023 by डॉ. सत्यवान सौरभ | Leave a Comment बाजारीकरण ने सारी व्यवस्थाएं बदल कर रख दी है। हमारे उत्सव-त्योहार भी इससे अछूते नहीं रहे। शायद इसीलिए प्रमुख त्योहार अपनी रंगत खोते जा रहे हैं और लगता है कि त्योहार सिर्फ औपचारिकताएं निभाने के लिए मनाये जाते हैं। किसी के पास फुरसत ही नहीं है कि इन प्रमुख त्योहारों के दिन लोगों के दुख […] Read more » Our social festivals are losing their colour.
पर्यावरण राजनीति लेख सांसों का ये कैसा आपातकाल? November 6, 2023 / November 6, 2023 by योगेश कुमार गोयल | Leave a Comment टूट रहे हैं प्रदूषण के सारे रिकॉर्ड– योगेश कुमार गोयलदिल्ली-एनसीआर की हवा में दीवाली से कुछ दिन पहले ही इस कदर जहर घुल चुका है और हवा इतनी दमघोंटू हो चुकी है कि लोगों को न केवल सांस लेना मुश्किल हो गया है बल्कि अन्य खतरनाक बीमारियों का खतरा भी बढ़ रहा है। केन्द्रीय प्रदूषण […] Read more » What kind of respiratory emergency is this?
लेख मेरे ही कफन का साया छिपाया है November 4, 2023 / November 4, 2023 by आत्माराम यादव पीव | Leave a Comment ओठों ने करके दफन अपने तेरे प्यार को भुलाया है सताया है रूलाया है मुझे तेरा यादों ने बुलाया है। चाहा था दिल में, हम गम की कब्र खोदेगें दिल का क्या कसूर, जो इसमें गम ही नहीं समाया है। दिखती है मेरे लबों पर, तुमको जमाने भर की हंसी हॅसी में मेरे ही कफन का, मैंने साया छिपाया […] Read more » मेरे ही कफन का साया छिपाया है
आर्थिकी लेख वैश्विक स्तर पर नया आकार ले रहा है भारत का सांस्कृतिक वैभव November 4, 2023 / November 4, 2023 by प्रह्लाद सबनानी | Leave a Comment भारतीय सनातन संस्कृति, सभ्यता और परम्पराएं विश्व में सबसे अधिक प्राचीन मानी जाती है। भारतीय संस्कृति को विश्व की अन्य संस्कृतियों की जननी भी माना गया है। भारत की संस्कृति और सभ्यता आदि काल से ही अपने परम्परागत अस्तितिव के साथ अजर अमर बनी हुई है। भारत में गीत संगीत, नाटक परम्परा, लोक परम्परा, धार्मिक […] Read more » India's cultural splendor is taking a new shape at the global level
कविता आज जैन बौद्ध वैदिक सिख मिलकर हिन्दू कहलाने लगे November 3, 2023 / November 3, 2023 by विनय कुमार'विनायक' | Leave a Comment —विनय कुमार विनायक वर्तमान हिन्दू धर्म बौद्ध जैन धर्म का ब्राह्मणीकरण है, बुद्ध ने कहा ‘एस धम्मो सनंतनो’ धम्म ही सनातन है! सच यह है कि बौद्ध धर्म का धम्म ही सनातन धर्म है, बुद्ध का ये धम्म सनातन है,सनातन कोई धर्म नहीं है! बुद्ध के धम्म औ वैदिक धर्म में अंतर होता बहुत अधिक, […] Read more »
कविता दानी और उदार होने के लिए जरूरी नहीं है धनी होना November 3, 2023 / November 3, 2023 by विनय कुमार'विनायक' | Leave a Comment —विनय कुमार विनायक दानी और उदार होने के लिए जरूरी नहीं है धनी होना अक्सर अधिक धनी व्यक्ति अत्यधिक कृपण होता ज्यों-ज्यों धन बढ़ते जाता त्यों-त्यों कृपणता बढ़ती जाती! कृपण व्यक्ति अंततः अपना ही कर लेता है क्षति धन जमा करने की नशा ऐसी होती कि हर रोजमर्रा के खर्च में करने लगता है वो […] Read more » It is not necessary to be rich to be charitable and generous.
व्यंग्य खादी,खाकी और काले रंग में रंगी जा रही पत्रकारिता November 3, 2023 / November 3, 2023 by आत्माराम यादव पीव | Leave a Comment आत्माराम यादव आज के समय की पत्रकारिता विकास के पथ को तलाशती, जनआकांक्षाओं के समक्ष समपर्ण कर, भ्रष्टाचार की भूलभुलैया मे थककर स्वयं का ही गलाघोटते हुये अधर्म का शिकार हो गयी है। पत्रकार स्वयं पत्रकारिता के अवमूल्यन और तमाम तरह की मर्यादाओं को तोड़ने के लिये खुद अग्रणी हो गया है। वह अपने कर्तव्य […] Read more » Journalism is being painted in khadi khaki and black colors
व्यंग्य गपोड़ी एण्ड सपोड़ी वोट बैंक November 3, 2023 / November 3, 2023 by आत्माराम यादव पीव | Leave a Comment हमारे देश में रंगा और बिल्ला नाम के दो भाई हुए थे, उनके बेटे गपोड़ी और सपोड़ी ने चुनावी मौसम का बारीकी से अध्ययन कर जान लिया कि जिस प्रकार दुनियाभर में पर्यावरण असंतुलन ने नींद उड़ा दी है, उसी तर्ज पर उनकी गपोड़ी एण्ड़ सपोड़ी बैंक खुल जाये तो वे इससे मिलने वाले मुनाफें […] Read more »
पर्यावरण लेख अंतर्राष्ट्रीय सोलर गठबंधन सोलर परियोजनाओं की वायबिलिटी गैप फंडिंग में करेगा इज़ाफ़ा November 3, 2023 / November 3, 2023 by निशान्त | Leave a Comment विकासशील देशों में सोलर एनर्जी को अपनाने में तेजी लाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए, अंतर्राष्ट्रीय सोलर गठबंधन (आईएसए) ने सोलर परियोजनाओं के लिए व्यवहार्यता या वायबिलिटी गैप फंडिंग (वीजीएफ़) में पर्याप्त वृद्धि की घोषणा की है. आईएसए, जिसमें 120 से अधिक सदस्य देश शामिल हैं, निवेश के अवसरों को बढ़ाने और स्वच्छ, टिकाऊ ऊर्जा समाधानों को बढ़ावा […] Read more » International Solar Alliance to increase viability gap funding for solar projects
कविता मैं तो तेरे पास हूँ November 3, 2023 / November 3, 2023 by आत्माराम यादव पीव | Leave a Comment मैं तो तेरे पास हूँ अन्तर्मन के आंखे खोल वंदे मैं तो तेरे पास हूँ कर्म में धर्म में भक्ति में शक्ति में राग में रंग में हरदम बैठा मैं तेरे साथ हूँ । सरिता में सिंधु में धरा में गगन में अगन में पवन में करता मैं ही वास हूँ ॥ सृष्टि में वंदनीय […] Read more » I am with you
कविता निजत्व की ओर November 2, 2023 / November 2, 2023 by आत्माराम यादव पीव | Leave a Comment मेरा नगर शाश्वत काल से अत्यन्त रमणीक और सुन्दर रहा है और उसका महाशून्य कार आकाश शाश्वत निर्मल असीम नीलिमा लिये रहा है। न जाने कहां से मॅडराते घने काले बादलों ने मेरे नगर के सौन्दर्य को निगल लिया है। मैं दूसरे नगर में गया हूँ तब मेरे नगर में ये बादल शुभ्र रहे थे […] Read more » निजत्व की ओर