कविता मां पिता और मेरी मां December 9, 2022 / December 9, 2022 by विनय कुमार'विनायक' | Leave a Comment —विनय कुमार विनायकमां! मां तुम कहां हो?मां तुम यहां हो! मां तुम वहां हो!मां तुम जमीं में हो या आसमां में होमां तुम चाहे जहां हो तुझमें ये सारा जहांमां तुम तो सारा जहां हो! मां तुझमें राम है/मां तुझमें श्याम हैमां तुझसे ही मेरा अस्तित्व व नाम है! मां तुम शतरुपा हो! मां तुम […] Read more »
पर्यावरण लेख नहीं हुआ कोयला बिजली का वित्तपोषण, 2021 में मिली रिन्यूबल एनेर्जी को तरजीह December 8, 2022 / December 8, 2022 by निशान्त | Leave a Comment साल 2021 में कोयले और रिन्यूबल स्त्रोतों से जुड़ी ऊर्जा परियोजनाओं की एक एनालिसिस से पता चलता है कि साल 2021 में कोयला बिजली परियोजनाओं के लिए कोई नया वित्तपोषण नहीं किया गया था। इतना ही नहीं, 2021 में नई ऊर्जा परियोजनाओं के लिए कुल वित्तपोषण, वित्त वर्ष 2017 के स्तर की तुलना में 60% कम था। क्लाइमेट ट्रेंड्स और सेंटर फॉर फाइनेंशियल अकाउंटेबल (सीएफए) द्वारा […] Read more »
लेख डिजिटल शिक्षा से नई उम्मीदों को गढ़ती किशोरियां December 8, 2022 / December 8, 2022 by चरखा फिचर्स | Leave a Comment नीराज गुर्जर अजमेर, राजस्थान 21वीं सदी के दौर को डिजिटल युग कहा जाता है तो गलत नहीं है. इसने न केवल सामाजिक रूढ़िवादी परंपराओं को चुनौती दी है बल्कि डिजिटल शिक्षा के माध्यम से विकास के कई नए रास्ते भी खोले हैं. वहीं वैज्ञानिक तर्क के साथ नई अवधारणाओं को भी जन्म भी दिया है. ख़ास […] Read more »
कविता वैसा वैभव बेकाम की जो मिले किसी के रुदन में December 8, 2022 / December 8, 2022 by विनय कुमार'विनायक' | Leave a Comment —विनय कुमार विनायकदूसरों के प्रतिजितनी जहर होती इंसानी जेहन मेंउतनी ही जहरउग आती संतान के बीज बपन में! जिसने जितना विष घोलारिश्ते और पराए जीवन मेंउतना हलाहल लहलहाएगानिज संतति के अंतर्मन में! कोई जितनी घृणा द्वेष फैलातेबड़े छोटे स्वजन मेंवो सब कुछ उन्हें लौटकर आतेउनके वृद्धापन में! अगर मां पिता बंधु कोअपमानित किया धनार्जन मेंतो […] Read more » Such splendor is of no use
लेख समाज किशोरियों में कुपोषण से गंभीर बीमारियों का खतरा December 7, 2022 / December 7, 2022 by चरखा फिचर्स | Leave a Comment रेहाना कौसर पुंछ, जम्मू केंद्रशासित प्रदेश जम्मू कश्मीर के सीमावर्ती जिला पुंछ की तहसील मंडी के दरहा दीना गांव की निवासी 13 वर्षीय नजमा सातवीं कक्षा की छात्रा थी. एक दिन जब वह स्कूल से घर वापस आई तो उसके पेट में भयानक दर्द होने लगा. इससे उसका पूरा शरीर कांपने लगा. दस दिनों तक दर्द चलता रहा. दर्द की गंभीरता […] Read more » Risk of serious diseases due to malnutrition in adolescent girls
लेख समाज मानव तस्करों के जाल में ग्रामीण किशोरियां December 7, 2022 / December 7, 2022 by चरखा फिचर्स | Leave a Comment सीटू तिवारी पटना, बिहार 21 साल की समता (बदला हुआ नाम) ने किताबों से पक्की वाली दोस्ती कर ली है। वह अपने परिवार की पहली मैट्रिक पास तो है ही, लेकिन उसका एक दूसरा परिचय भी है। मात्र ग्यारह साल की उम्र में उसके माता पिता ने बेटी ‘सुख से रहेगी’, के लालच में उसकी शादी कर दी थी। लेकिन […] Read more » Rural girls in the trap of human traffickers ब्राइड ट्रैफिकिंग
लेख स्वास्थ्य-योग आधी आबादी के लिए माहवारी अब भी समस्या है December 6, 2022 / December 6, 2022 by चरखा फिचर्स | Leave a Comment शिल्पा कुमारी मुजफ्फरपुर, बिहार किसी भी देश के विकास में पुरुष और महिलाओं का समान योगदान होता है. लेकिन ऐसा तभी मुमकिन हो सकता है जब वह देश अपने सभी नागरिकों को समान रूप से बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध हो सके. परंतु हमारे देश में आज भी आधी आबादी विशेषकर ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाओं और किशोरियों को […] Read more » Menstruation is still a problem for half the population
लेख पुस्तक ”सामूहिक हिंसा एवं दाण्डिक न्याय पद्धति” की विषैली बातें December 6, 2022 / December 6, 2022 by मयंक चतुर्वेदी | Leave a Comment डॉ. मयंक चतुर्वेदी पुस्तकों को लेकर प्राय: यही कहा जाता है कि पुस्तकें ही हमारी सच्ची दोस्त हैं जिनके रहते जीवन को एक सही दिशा मिलती है। यदि आपके पास एक अच्छी पुस्तक है तब उस स्थिति में आप उसके ज्ञान से ऊंचाईयों को छू सकते हैं । किंतु यही पुस्तकें जब मनों में जहर […] Read more » सामूहिक हिंसा एवं दाण्डिक न्याय पद्धति
लेख माहवारी से गांव अशुध्द हो जाएगा इसलिए गांव बाहर डिलेवरी December 5, 2022 / December 5, 2022 by प्रवक्ता ब्यूरो | Leave a Comment अधिकारो से बेखबर अंधविश्वास के अंधेरे में जकड़ी महिलाएं मातृत्व सुरक्षा के संविधान में मिले अधिकार. सरकारी योजनाओं के दावे और हकीकत के बीच अंधविश्वास की ज़मीन पर खड़ा एक ऐसा गांव जिसकी पहचान ये है कि इस गांव में आज़ादी के पहले से आज तक किसी नवजात की रुलाई नहीं सुनी. नरसिंहगढ़ जिले का […] Read more » no delivery in sanka shyam ji mandir सांका श्याम
लेख समाज दुुनिया के प्रसन्न समाजों में हम क्यों पिछड़ रहे हैं? December 5, 2022 / December 5, 2022 by ललित गर्ग | Leave a Comment -ललित गर्ग- संयुक्त राष्ट्र की ने वर्ष 2022 की पहली तिमाही में सालाना वर्ल्ड हैपीनेस रिपोर्ट जारी की है। 149 देशों की सूची में भारत का स्थान खुशी और प्रसन्नता के मामले में 136वां है, जो हैरानी का बड़ा कारण है। इस सूची में फिनलैंड लगातार पांचवीं बार अव्वल रहा है। डेनमार्क, आइसलैंड, स्विटजरलैंड और […] Read more » Why are we lagging behind the happy societies of the world?
कविता रिश्तेदार सुख में साथ होते दुःख में बेवफा हो जाते December 5, 2022 / December 5, 2022 by विनय कुमार'विनायक' | Leave a Comment —विनय कुमार विनायक अमीरी और गरीबी स्थाई पहचान नहीं होती है आदमी की आज का अमीर कल गरीब हो जाता फिजूलखर्ची अनाचार से आज का गरीब कल संपन्न हो सकता शिक्षा और संस्कार से! मगर आदमी गरीबों से अपनी करीबी रिश्तेदारी को भी छिपाता और अमीरों से दूर की रिश्तेदारी भी बढ़ा चढ़ाकर बताता! पर […] Read more » Relatives remain unfaithful in sorrow while being together in happiness.
लेख शख्सियत समाज ‘इंडियन रॉबिन हुड’ यानि वीर सिपाही टंट्या मामा December 2, 2022 / December 2, 2022 by मनोज कुमार | Leave a Comment मनोज कुमार हम आजादी के 75वां वर्ष का उत्सव मना रहे हैं तब ऐसे अनेक प्रसंग से हमारी नयी पीढ़ी को रूबरू कराने का स्वर्णिम अवसर है। मध्यप्रदेश ऐसे जाने-अनजाने सभी वीर योद्धाओं का स्मरण कर आजादी के 75वें वर्ष को यादगार बना रहा है। खासतौर पर उन योद्वाओं का जिन्होंने अपने शौर्य से अंग्रेजी […] Read more » 'Indian Robin Hood' i.e. brave soldier Tantya Mama वीर सिपाही टंट्या मामा