लेख हिंद महासागर की बढ़ती गर्मी मानसून पर डाल रही है असर February 6, 2022 / February 6, 2022 by निशान्त | Leave a Comment हिन्द महासागर की बढ़ती गर्मी मॉनसून की बारिश को भी प्रभावित कर रही है। हिन्द महासागर की तेज़ी से गर्मी बढ्ने की वजह है एल नीनो नाम के समुद्री करेंट या महासागर धारा। दरअसल इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ ट्रॉपिकल मीटरोलॉजी (आईआईटीएम), पुणे के वैज्ञानिक रॉक्सी मैथ्यू कोल के नेतृत्व में हुए एक अध्ययन से इन बातों […] Read more » The rising heat of the Indian Ocean is affecting the monsoon
लेख हम भारत के लोग कब चेतेंगे_? February 6, 2022 / February 6, 2022 by विनोद कुमार सर्वोदय | 1 Comment on हम भारत के लोग कब चेतेंगे_? “आज देश में लोकतांत्रिक राजनीति को प्रभावित करने वाले टुकड़े-टुकड़े गैंग और ‘नागरिकता संशोधन अधिनियम’ व ‘कृषि कानूनों’ में सुधार के विरोधी आंदोलनजीवियों के सशक्त होने से अलगाववादियों और आतंकवादियों सहित भारत विरोधी शक्तियों का दुस्साहस चरम पर है l देशद्रोहियों और भारत विरोधियों के गठबंधन ने वोट बैंक की राजनीति को हाइजैक करके शासकीय […] Read more » When will we the people of India warn
कविता हे भारत की कोकिला…. February 6, 2022 / February 6, 2022 by डॉ. सत्यवान सौरभ | Leave a Comment ●●●सूने-सूने गीत अब,सूने-सूने साज !संग लता के खो गयी,भारत की आवाज़ !!●●●आँखों में पानी भरा,पूरा देश उदास !गयी हमें तुम छोड़कर,गए नहीं अहसास !!●●●स्वर आपकी शान थे,स्वर आपकी आन !स्वर आपने जो चुने,स्वर बने पहचान !!●●●गूँज रही है आपकी,कण-कण में आवाज़ !हे भारत की कोकिला,हमको तुम पर नाज़ !!●●●नहीं नाम ये अब गुमे,अक्स रहेगा याद […] Read more » O Nightingale of India हे भारत की कोकिला
कविता बसंत ऋतु है आई February 4, 2022 / February 4, 2022 by आर के रस्तोगी | Leave a Comment आलोकिक आनंद देने वाली, बसंत ऋतु है आई।धरती ने फूलो के गहने पहने,वह आज है मुस्काई।। महक उठी सारी धरती,गगन से मिलने को है आतुर।पहन बसंती वस्त्र नर नारी बसंत मनाने को है आतुर।। पुष्प चढ़ाकर, करते है मां सरस्वती को हम नमन।देती विद्या का दान,जब हो जाती वह हमसे प्रसन्न।। ओढ़ी पीली चादर खेतो […] Read more » it's spring बसंत ऋतु है आई
पर्व - त्यौहार लेख अध्यात्म, देवत्व व भौतिकता का अद्भुत समन्वयक वसंतोत्सव February 3, 2022 / February 3, 2022 by अशोक “प्रवृद्ध” | Leave a Comment -अशोक “प्रवृद्ध” शीतातंक के अपसार हो चलने के पश्चात जराजीर्ण शिशिर का का बहिष्कार करते हुए वसंत ऋतु ने समस्त वसुंधरा सहित मानव मन के ह्रदय पटल पर एक साथ अपने आगमन की दुदुम्भि बजा दी है। मधुमाधवौ वसंत: स्यात् -की उक्ति को चरितार्थ करते हुए वनस्पतियों में नवीन रस का संचार ऊपर की ओर […] Read more » divinity and materiality spring festival The wonderful coordinator of spirituality वसंतोत्सव
कला-संस्कृति लेख दुनिया का एक निराला त्यौहार है मर्यादा महोत्सव February 3, 2022 / February 3, 2022 by ललित गर्ग | Leave a Comment मर्यादा महोत्सव 5, 6 एवं 7 फरवरी 2022 पर विशेष-ः ललित गर्ग:-जीवन का पड़ाव चाहे संसार हो या संन्यास, सीमा, संयम एवं मर्यादा जरूरी है। मर्यादा जीवन का पर्याय है। धरती, अंबर, समन्दर, सूरज, चांद-सितारें, व्यक्ति, धर्म एवं समाज सब अपनी-अपनी सीमाओं में बंधे हैं। जब भी उनकी मर्यादा एवं सीमा टूटती है, प्रकृति प्रलय […] Read more » Maryada Mahotsav is a unique festival of the world मर्यादा महोत्सव
व्यंग्य कुछ व्यंग्य पर बिल्कुल सच February 3, 2022 / February 3, 2022 by आर के रस्तोगी | Leave a Comment बाप के कपड़े उतर गए,बेटी को कपड़े पहनाने में।बेटी के कपड़े उतर गए,फॉलोअर्स को बढ़ाने में।। बाप बेचारा थक गया,रोटी दाल कमाने में।बेटा अभी थका नही,मस्ती मौज मनाने में।। बाप गर्मी में जलता है,मां चूल्हे में जलती है।तब कही मुश्किल सेघर की रोटी चलती है।। बाप तन ना ढक पाया,बेचारा मर गया सर्दी में।बच्चे ए […] Read more » Absolutely true on some sarcasm कुछ व्यंग्य पर बिल्कुल सच
कविता जातिवाद, वृन्दावन से लुम्बिनीवन तक February 3, 2022 / February 3, 2022 by विनय कुमार'विनायक' | Leave a Comment —–विनय कुमार विनायकजातिवाद का जहरवृन्दावन से लुम्बिनीवन तकजस का तस पसरा पड़ा है! प्रिय दलित-अंत्यजो!ईश्वर-खुदा-भगवान भीहो सकते नहीं इस मर्ज की दवासदियों से सैकड़ों दिए इम्तहानपर क्या मिला तुम्हें आज तकएक अदद आदमी होने का सम्मान? तुम्हें शुद्ध करने में खुदभगवान हो गए अशुद्धबुद्ध से गांधी तक खूब फजीहत हुईतुम्हारी और तुम्हारे भगवान की भी! […] Read more » Casteism from Vrindavan to Lumbinivan जातिवाद वृन्दावन से लुम्बिनीवन तक
लेख अफवाहों से जन्मी ये February 3, 2022 / February 3, 2022 by चरखा फिचर्स | Leave a Comment दिया आर्य असों, कपकोट उत्तराखंड सही करो फिर भी दुनिया क्यों देती है मुझको ये इल्जाम नजरिया गलत तो दुनिया का है, मैं क्यों छोड़ दूं अपना काम।। अफवाहे-ताने सुनते हुए भी, मै नहीं रुकी चलते चलते, अफवाहों से जन्मी ये आग भी, अब थक गई जलते-जलते।। बाधा डालना दुनिया का काम, मै करुंगी वही […] Read more » it was born from rumors अफवाहों से जन्मी ये
लेख पद्म पुरस्कारों की प्रामाणिकता? February 3, 2022 / February 3, 2022 by डॉ. वेदप्रताप वैदिक | Leave a Comment डॉ. वेदप्रताप वैदिक इस बार घोषित पद्म पुरस्कारों पर जमकर वाग्युद्ध चल रहा है। कश्मीर के कांग्रेसी नेता गुलाम नबी आजाद को पद्मभूषण देने की घोषणा क्या हुई, कांग्रेस पार्टी के अंदर ही संग्राम छिड़ गया है। एक कांग्रेसी नेता ने बंगाल के पूर्व मुख्यमंत्री और कम्युनिस्ट नेता बुद्धदेव भट्टाचार्य के कंधे पर रखकर अपनी […] Read more » Authenticity of Padma Awards पद्म पुरस्कारों की प्रामाणिकता
कविता ऐसे रब किस काम के जो सबके काम न आवे February 3, 2022 / February 3, 2022 by विनय कुमार'विनायक' | Leave a Comment —विनय कुमार विनायकऐसे रब को क्या माननाजिसको मानने के लिए पड़ जाएसर पर कफन को बांधनाजिसे मनवाने के लिए जरूरी हो जाएविधर्मियों पर मुक्का ताननाजिसको फरियाद सुनाने के लिए जरूरीबुक्का फाड़ फाड़कर चिल्लाना! ऐसे रब को क्या माननाजो उपलब्ध हो किसी खास स्थान मेंजिससे मिलने जाने के लिए पड़ जाएपरदेश जाना भीसा पासपोर्ट बनवाना! ऐसे […] Read more » What is the use of such a Lord who does not work for everyone? ऐसे रब किस काम के जो सबके काम न आवे
व्यंग्य दलबदल का बासंती मौसम आयो रे February 1, 2022 / February 1, 2022 by प्रभुनाथ शुक्ल | Leave a Comment प्रभुनाथ शुक्ल मौसम और राजनीति के जीन में कोई फर्क नहीं है। दोनों में काफी समानता है। तभी तो दोनों गिरगिट की तरह रंग बदलते हैं। कभी -कभी दोनों अपनी वफादारी को कूड़ेदान में डालकर बेईमान हो जाते हैं। तभी तो हिंदी के […] Read more » defection season of the politicians have come दलबदल का बासंती मौसम