लेख ज्ञान का उजियारा फ़ैलाने वाले साक्षरता कर्मियों का जीवन अंधकारमय July 30, 2020 / July 30, 2020 by भगवत कौशिक | Leave a Comment भगवत कौशिक अनपढ़ ग्रामीण महिला -पुरुषो को साक्षर बनाने और सरकारी योजनाओ में बढ़ चढ़ भाग लेने वाले शिक्षा प्रेरक आज दर -दर की ठोकरे खाने पर मजबूर है | हम बात कर रहे है साक्षर भारत मिशन के तहत लगी देश की लगभग 160000 महिला शिक्षा प्रेरको सहित 321000 के करीब साक्षरता कर्मचारीओ […] Read more »
कविता कवि नहीं वह अभिनेता है July 29, 2020 / July 29, 2020 by मनीषा कुमारी आर्जवाम्बिका | Leave a Comment कुछ लोगों को लगता हैकि वह एक कवि हैक्योंकि वह कविताएँ लिखता हैपरंतु कविताएँ लिखी नहीं जातींउनका तो जन्म होता हैकविताएँ उन्मुक्त होती हैंकिंतु वह उन्हें बाँधकर रखना चाहता हैअपनी संकीर्ण मानसिकता की परिधि में वह अपने गाँव में रहता हैगाँव में रहना विवशता है उसकीक्योंकि नगर ने उसे कभी नहीं अपनायाइसलिए वह अपनी कविताओं […] Read more » कवि नहीं वह अभिनेता है
लेख ‘कोरोना की भेंट’ चढ़ गया विश्व के सबसे ऊँचे रावण का पुतला July 29, 2020 / July 29, 2020 by निर्मल रानी | Leave a Comment निर्मल रानी कोरोना महामारी, शताब्दी की सबसे बड़ी एवं प्रलयकारी समस्या के रूप में पूरे विश्व में उथल पुथल मचाए हुए है।आर्थिक,राजनैतिक,सामाजिक,धार्मिक,साहित्यिक, खेल कूद,मनोरंजन आदि कोई भी क्षेत्र ऐसा नहीं है जिसे कोरोना ने प्रभावित न किया हो।उदाहरणार्थ जी 7 देशों का शिखर सम्मेलन जो इसी वर्ष 10-12 जून को वाशिंगटन में होना तय था।परन्तु कोरोना […] Read more » कोरोना बराड़ा श्री राम लीला क्लब
कविता उलझ गया हूं खुद मै,खुद की तलाश में July 28, 2020 / July 28, 2020 by आर के रस्तोगी | Leave a Comment चल पड़ा हूं राहो में,खुद की तलाश में।उलझ गया हूं ख़ुद मै खुद की तलाश में।। झाक लेता अगर तू,अपने आपके अंदर में।इधर उधर न भटकता तू खुद की तलाश में।। तलाश किसे करता है जो तुझे नहीं मिलता।खुद को तू तलाश,जो तेरे में ही अंदर रहता।। तलाश के चक्कर में,तलाशी लेता है दूसरों की।लेते […] Read more » खुद की तलाश में
लेख शख्सियत आज भी तुलसी दास एक पहेली हैं July 28, 2020 / July 28, 2020 by प्रेमकुमार मणि | Leave a Comment प्रेमकुमार मणि कवि तुलसीदास का जन्म,जीवन,जन्मस्थान,वय और यहां तक कि उनकी जाति आज भी एक पहेली है. पहेली बने रहने के कुछ लाभ हैं. और ये लाभ उस निहित स्वार्थ वाले तबके को ही मिल सकते हैं, जो तुलसी और उनके साहित्य के मनमाने अर्थ सम्प्रेषित करता आ रहा है. तुलसी -विषयक वैज्ञानिक अध्ययन की […] Read more » Tulsidas तुलसी दास
लेख समाज कोरोना काल में विस्थापित मज़दूरों के बच्चे July 28, 2020 / July 28, 2020 by चरखा फिचर्स | Leave a Comment पूजा मारवाह जब कोविड-19 से संबंधित काम करने वाली एक सहायता समूह के सदस्य ने सात साल की बच्ची आशा (बदला हुआ नाम) से मुलाकात की तो उस समय वह अपने चार साल के भाई की सुरक्षा कर रही थी। क्योंकि उसके माता पिता कहीं खाने की व्यवस्था करने गए हुए थे और वह बच्ची बहुत ही […] Read more » Children of workers displaced during the Corona period कोरोना काल में विस्थापित मज़दूरों के बच्चे
कविता हे मातु नर्मदे ….. July 27, 2020 / July 27, 2020 by आत्माराम यादव पीव | Leave a Comment माॅ नर्मदा से प्रार्थना***हे मातु नर्मदे हम है तेरे तट के वासीकरूणा कर दे ऐसी, बने सभी सुखरासी।न कोई दुखी न पीड़ा हो, ऐसी करूणा करोन कोई भ्रमित न वेदना हो माॅ संताप हरो।। हे मातृ.. . .तेरे अमृतमय जल की, सब पर हो अमृतमयी कृपान भ्रान्तियाॅ हो बाकी, सबकी कामना तू मिटा।शीतल-स्नेह पावन जल […] Read more » हे मातु नर्मदे
कविता खुली आंखों का सपना ….!! July 27, 2020 / July 27, 2020 by तारकेश कुमार ओझा | Leave a Comment तारकेश कुमार ओझा सुबह वाली लोकल पकड़ीपहुंच गया कलकताडेकर्स लेन में दोसा खायाधर्मतल्ला में खरीदा कपड़ा – लत्तासियालदह – पार्क स्ट्रीट में निपटाया कामदोस्तों संग मिला – मिलायाजम कर छलकाया कुल्हड़ों वाला जाममिनी बस से हावड़ा पहुंचाभीड़ इतनी कि बाप रे बापलोकल ट्रेन में जगह मिली तोखाई मूढ़ी और चॉपचलती ट्रेन में चिंता लगी झकझोरनेइस […] Read more » Dream with open eyes खुली आंखों का सपना
कविता तुम मेरे बादल हो,मै तुम्हारी काली घटा हूं। July 27, 2020 / July 27, 2020 by आर के रस्तोगी | Leave a Comment न सावन सूखी हूं मै,न भादो हरी हूं,बस मै तो आपके दिल की परी हूं। रखो जिस हाल में तुम अब मुझको,मै तो तुम्हारी जीवन की सहचरी हूं।। करतीं हूं प्यार तुमसे अपने दिल से ज्यादा,बेवफा न कभी होना,करो तुम ये वादा।चलते रहना इस राह पर भले रोडे आए,तोड़ना न कभी ये जीवन की ये […] Read more »
लेख शिक्षा का निजीकरण व व्यापारीकरण ढकेल रहा है युवाओं को बेरोजगारी के गढ्ढे मे। July 26, 2020 / July 26, 2020 by प्रवक्ता ब्यूरो | 1 Comment on शिक्षा का निजीकरण व व्यापारीकरण ढकेल रहा है युवाओं को बेरोजगारी के गढ्ढे मे। भगवत कौशिक किसी भी देश की आर्थिक व राजनैतिक ताकत उस देश के युवाओं के कंधो पर टिकी होती है।सदियों से युवा शक्ति के बल पर हम दुनिया मे भारत का लौहा मनवाते आ रहे है,लेकिन आज देश की वहीं युवाशक्ति दो वक्त की रोटी के जुगाड़ के लिए दर दर की ठोकरें खाने पर […] Read more » privatization-and-commercialization-of-education-is-pushing-the-youth-into-the-pit-of-unemployment unemployment बेरोजगारी शिक्षा का निजीकरण शिक्षा का निजीकरण व व्यापारीकरण
कला-संस्कृति लेख शिव, शक्ति और प्रकृति को निहारने का मौसम है सावन July 26, 2020 / July 26, 2020 by सोनम लववंशी | Leave a Comment हम ज़िन्दगी को जिस नजरिये से देखते है जिंदगी हमें वैसी ही नजर आने लगती है। ये हमारी आस्था और मन का विश्वास ही तय करता है कि हमें ज़िन्दगी को किस चश्मे से देखना है। जीवन में आशा-निराशा, सुख-दुःख और जीवन-मरण की प्रक्रिया अपनी गति से चलती रहती है। ये सत्य है कि […] Read more » Sawan is the season to see Shiva Shakti and nature शक्ति और प्रकृति शिव
कविता जब पिया घर नहीं आए July 26, 2020 / July 26, 2020 by आर के रस्तोगी | Leave a Comment साजन मेरे नहीं आए,मेरा सावन सूखा जाए।मै क्या करू राम अब ?जब पिया घर नहीं आए।। उमड़ घुमड़ कर बदरा आए,प्यासी धरती की प्यास बुझाएमेरी प्यास अब कौन बुझाए ?जब पिया मेरे घर नहीं आए।। झूले पड़ गए है बागन में,कोयल कूके मेरे कानन में।मुझे अब कौन झुलाए ?जब पिया घर नहीं आए।। मनरा गली […] Read more » जब पिया घर नहीं आए