प्रवक्ता न्यूज़ लेख कुलपति बनाने वालों की जबावदेही भी तय हो November 8, 2019 / November 8, 2019 by प्रो. एस. के. सिंह | Leave a Comment 1948 में डाॅ. सर्वपल्ली राधाकृश्णन की अध्यक्षता में गठित ‘विश्वविद्यालय शैक्षिक आयोग’ की अनुशंसा पर विश्वविद्यालयों की आर्थिक स्थिति की जाॅच करने, उन्हें अनुदान देने एवं उच्च शिक्षा के प्रचार-प्रसार हेतु 1956 में ‘विश्वविद्यालय अनुदान आयोग’ की स्थापना की गई। इस आयोग का प्रमुख कार्य विश्वविद्यालयीन शिक्षा की अभिवृद्वि, एकसूत्रता, अध्यापन, परीक्षा तथा अनुसंधान के […] Read more » यूजीसी विश्वविद्यालय शैक्षिक आयोग
लेख जल-जीवन मिशन : भूमिका बदलने की ज़रूरत November 8, 2019 / November 8, 2019 by अरुण तिवारी | Leave a Comment हर घर में नल, हर नल में जल। एक नज़र से देखें तो यह सपना प्रभावित करता है। भारतीय जनता पार्टी के घोषणापत्र में घोषित ’जल-जीवन मिशन’ का लक्ष्य यही है। इस लक्ष्य को हासिल करने की समय-सीमा वर्ष 2024 रखी गई है। इस इस सपने और लक्ष्य के पक्ष मंे कई तर्क हो सकते […] Read more » decrease in water level jal jiwan mission जल-जीवन मिशन भूजल स्तर भूजल स्तर में आती गिरावट
कविता तुमने अभी हठधर्मिता देखी ही कहाँ है November 8, 2019 / November 8, 2019 by सलिल सरोज | Leave a Comment तुमने अभी हठधर्मिता देखी ही कहाँ है अंतर्मन को शून्य करने का व्याकरण मुझे भी आता है अल्पविराम,अर्धविराम,पूर्णविराम की राजनीति मैं भी जानती हूँ यूँ भावनाशून्य आँकलन के सिक्के अब और नहीं चलेंगे स्त्रियों का बाजारवाद अब समझदार हो चुका है खुदरे बाजार से लेकर शेयर मार्किट तक में इनको अपनी कीमत पता है तुम्हारी […] Read more » हठधर्मिता
धर्म-अध्यात्म लेख महायोगी आचार्य महाप्रज्ञ की विलक्षण जीवनगाथा November 7, 2019 / November 7, 2019 by ललित गर्ग | 1 Comment on महायोगी आचार्य महाप्रज्ञ की विलक्षण जीवनगाथा -ः ललित गर्ग:- सदियों से भारत वर्ष की यह पावन धरा ज्ञानी-ध्यानी, ऋषि-मुनियों एवं सिद्ध साधक संतों द्वारा चलायी गई उस संस्कृति की पोषक रही है, जिसमें भौतिक सुख के साथ-साथ आध्यात्मिक आनंद की भागीरथी भी प्रवाहित होती रही है। संबुद्ध महापुरुषों ने, साधु-संतों ने समाधि के स्वाद को चखा और उस अमृत रस को […] Read more » महायोगी आचार्य महाप्रज्ञ
लेख शिक्षा का कोरियाई मॉडल और सरकारी स्कूलों की जमीनी हकीकत November 7, 2019 / November 7, 2019 by डॉ अजय खेमरिया | Leave a Comment *मप्र सरकार दक्षिण कोरिया के स्टीम एजुकेशन सिस्टम को लागू करना चाहती है मप्र मे डॉ अजय खेमरिया मप्र की कमलनाथ सरकार प्रदेश में शालेय शिक्षा को कौशल विकास के साथ जोड़ने के लिये दक्षिण कोरिया का मॉडल अपनाना चाहती है ।इसके लिये मप्र के चुनिंदा 35 अफसरों और शिक्षकों का एक दल इन दिनों […] Read more » शिक्षा का कोरियाई मॉडल सरकारी स्कूलों की जमीनी हकीकत
लेख कहीं दिल्ली न बन जाये उत्तराखंड! November 6, 2019 / November 6, 2019 by चरखा फिचर्स | Leave a Comment बसंत पांडेय हल्द्वानी, उत्तराखंड दिल्ली की जानलेवा ज़हरीली हवाओं ने वातावरण को इस क़दर प्रदूषित कर दिया कि सरकार को स्वास्थ्य आपातकाल लगानी पड़ी। परिस्थिती की भयावता का अंदाज़ा इसी बात से लगाया जा सकता है कि दिल्ली के सभी स्कूलों को बंद कर दिया गया और लोगों को घरों में रहने की सलाह दी गई। सभी प्रकार […] Read more » जानलेवा धुंए और प्रदूषित जल स्वास्थ्य आपातकाल
लेख विविधा शहरीकरण है वायु प्रदूषण के खतरे का कारण November 6, 2019 / November 6, 2019 by ललित गर्ग | Leave a Comment -ः ललित गर्ग:-राजधानी दिल्ली में वायु प्रदूषण को लेकर जिस तरह के इमरजेंसी से बुरे हालात बने हुए है, धरती-आसमान एक करते हुए किसानों के माथे पर इसका दोष मढ़ने के प्रयास हो रहे हैं, समस्या की जड़ को पकड़ने की बजाय इस तरह के अतिश्योक्तिपूर्ण आरोपों को किसी भी रूप में तर्कपूर्ण नहीं कहा […] Read more » वायु प्रदूषण
कविता रात रोता है मेरा,सवेरा रोता है मेरा November 5, 2019 / November 5, 2019 by सलिल सरोज | Leave a Comment रात रोता है मेरा,सवेरा रोता है मेरा तेरे बगैर यूँ ही गुज़ारा होता है मेरा तुम थे तो ज़िंदगी कितनी आसाँ थी अब हर काम दो-बारा होता है मेरा किस- किस पल को हिदायत दूँ मैं हरेक पल ही आवारा होता है मेरा तुझे नहीं तेरा साया ही तो माँगा था फ़कीरी किन्हें गवारा होता […] Read more » रात रोता है मेरा सवेरा सवेरा रोता है मेरा
कविता हम राजा हैं November 5, 2019 / November 5, 2019 by प्रभुदयाल श्रीवास्तव | Leave a Comment हम राजा हैं Read more » तुम घोड़ा बन जाओ भैया मैं बैठूंगी पीठ पर
कविता यह खेल खतरनाक है,खेल को समझिए जरा November 4, 2019 / November 4, 2019 by सलिल सरोज | Leave a Comment यह खेल खतरनाक है,खेल को समझिए जरा कत्लों -गाह का ग़र तजुर्बा है तो उतरिए ज़रा बाकायदा खून की बू आपको पसंद आती हो तब ही इन सियासती गलियों से गुजरिए ज़रा कभी अपनों के लाश देखो और गौर से देखो फिर अपने किए झूठे वायदों से मुकरिए ज़रा ये चीख, ये चिल्लाहट ,ये झुंझलाहट, […] Read more » यह खेल खतरनाक है
कविता कुछ देर में ये नज़ारा भी बदल जाएगा November 4, 2019 / November 4, 2019 by सलिल सरोज | Leave a Comment कुछ देर में ये नज़ारा भी बदल जाएगा ये आसमाँ ये सितारा भी बदल जाएगा कितना मोड़ पाओगे दरिया का रास्ता किसी दिन किनारा भी बदल जाएगा दूसरों के भरोसे ही ज़िंदगी गुज़ार दी वक़्त बदलते सहारा भी बदल जाएगा झूठ की उम्र लम्बी नहीं हुआ करती ये ढोल ये नगाड़ा भी बदल जाएगा गिनतियों […] Read more » कुछ देर में ये नज़ारा भी बदल जाएगा
कविता वो इस कदर बरसों से मुतमइन* है November 4, 2019 / November 4, 2019 by सलिल सरोज | Leave a Comment वो इस कदर बरसों से मुतमइन* है जैसे बारिश से बेनूर कोई ज़मीन है साँसें आती हैं, दिल भी धड़कता है सीने में आग दबाए जैसे मशीन है आँखों में आखिरी सफर दिखता है पसीने से तरबतर उसकी ज़बीन* है अपने बदन का खुद किरायेदार है खुदा ही बताए वो कैसा मकीन* है ज़िंदगी मौत […] Read more »