कविता पाक को चेतावनी September 2, 2019 / September 2, 2019 by आर के रस्तोगी | Leave a Comment जितनी है पाक औकात तेरी,उतनी कर अब तू बात |तीन युद्ध हार चुका है,कितनी खायेगा अब तू मात || बना है तू सेना की कठपुतली,तेरे नहीं कोई साथ |ले देके एक चीन बचा है,जिससे मिलाया तूने हाथ || देता है न्यूकिल्यर की धमकी,तू उसको भी छुटा कर देख |बचेगा न तेरा कोई बन्दा,खुद गिरेबान में […] Read more » warning to pakistan पाक को चेतावनी
कविता साहित्य तुम जलाते रहे,मै जलती रही August 30, 2019 / August 30, 2019 by आर के रस्तोगी | Leave a Comment आर के रस्तोगी तुम जलाते रहे,मै जलती रही | बिन आग के ही,मै जलती रही || तुम यकीन देते रहे,मै करती रही | धोखा खाया तो,हाथ मलती रही || वादा मुझसे किया,शादी और से की | ये बात जिन्दगी में,मुझे खलती रही || तुम वादा करते रहे,और मुकरते रहे | धीरे धीरे पैरो की जमीं […] Read more » fire of love suffering
गजल हिंदी ग़ज़ल August 28, 2019 / August 28, 2019 by प्रवक्ता ब्यूरो | Leave a Comment अविनाश ब्यौहार चाँदनी रात हमको बोना। अंधकार घिस घिस कर धोना।। पुलकित सभी दिशाएं दिखतीं, जगमग करता कोना कोना। कविता का मख्खन निकलेगा, भावों को तुम खूब बिलोना। मावस की काली रातें हैं, ठगी गई किस्मत का रोना। जीवन को संबल देता है, उनका मात्र ख्वाब में होना। अविनाश ब्यौहार जबलपुर Read more » hindi gazal
कविता एक अनुभव August 28, 2019 / August 28, 2019 by राकेश कुमार पटेल | Leave a Comment माँ तुम बिन सब अधूरी है जीना तो चाहता नहीं , मगर तेरे सपनों के लिये जीना जरुरी है माँ तुम बिन सब अधूरी है | ओ चाँद जिसे तुम ने मामा बताया उस मामा और मेरे बीच जाने कितने मीलों की दुरी है माँ तुम बिन सब अधूरी है | लौटता हूँ घर को […] Read more » Hindi Poem poem poem on experience
लेख आनन्दीबेन पटेल की अनुकरणीय पहल August 28, 2019 / August 28, 2019 by ललित गर्ग | Leave a Comment -ललित गर्ग- आज जीवन में प्रेरणा के स्रोत सूख गये हंै। भगवान की साक्षी से सेवा स्वीकारने वाला डाक्टर भी रोगी से व्यापार करता है। जिस मातृभूमि के आंगन में छोटे से बड़े हुए हैं, उसका भी हित कुछ रुपयांे के लालच में बेच देते हैं। पवित्र संविधान की शपथ खाकर कुर्सी पर बैठने वाला […] Read more » Anandiben Patel exemplary initiative
कविता हिन्दी- महिमा August 28, 2019 / August 28, 2019 by शकुन्तला बहादुर | Leave a Comment भारत में जो रची बसी है , वह जनभाषा है हिन्दी। भारतमाँ के माथे की है , वह प्यारी सी बिन्दी ।। * उत्तरदिशि केदारनाथ में , गूँज रही है ये हिन्दी। दक्षिण में रामेश्वरम तक, व्याप रही अपनी हिन्दी।। * पूर्वदिशा में जगन्नाथपुरि , में भी तो छाई हिन्दी। पश्चिम में है बसी द्वारिका,वहाँ […] Read more » hindi glory Hindi Poem poem
लेख राष्ट्र निर्माण की चिकीर्षा August 27, 2019 / August 27, 2019 by विनोद कुमार सर्वोदय | Leave a Comment स्वतंत्र भारत के इतिहास में सत्ता में बैठे शासकों ने सम्भवतः प्रथम बार राजनीति को राष्ट्रनीति में परिवर्तन करने का संकल्प दिखाया है। तीन मूर्ति मोदी-शाह-डोभाल ने “राष्ट्र निर्माण की चिकिर्षा” का अद्भुत परिचय दिया है। देश के साथ विश्वासघात करके अनुच्छेद 35 A व 370 को संविधानिक बना कर विभाजनकारी नीतियों को अभी तक […] Read more » Education nation building
गजल हिंदी गजल -तेरे दिल को पहले ही निकल रख रक्खा है August 27, 2019 / August 27, 2019 by आर के रस्तोगी | 2 Comments on हिंदी गजल -तेरे दिल को पहले ही निकल रख रक्खा है ख्याल तुम्हारा हर तरह से रख रक्खा है |दिल भी तुम्हारा सभांल रख रक्खा है || हुआ नहीं मै कभी अलग तुमसे |खुद को भी सभांल रख रक्खा है || नहीं किया शक कभी तुम पर मैंने |अपने ऊपर ही शक रख रक्खा है || तेरे प्यार की निशानी में मिला जो था |अभी तक […] Read more » hindi gazal your heart
कविता रात के ख्वाब जो दिन में देखने लगे है August 26, 2019 / August 26, 2019 by आर के रस्तोगी | Leave a Comment रात के ख्वाब जो दिन में देखने लगे |उन्ही को दिन में अब तारे दिखने लगे || खता करके पूछती हो,ऐसा मैंने क्या किया ?नयनो से तीर चलाये थे,आशिक मरने लगे || तुम्हारा चेहरा आईने में कैसे दिखाई देता ?चेहरा देखते ही,आयने के अंग फडकने लगे || हटाये जो गेसू,उसने अपने खूबसूरत चेहरे से |लगा […] Read more » night night dreams poem poetry
लेख मजबूत इच्छाशक्ति से बदलता भारत August 26, 2019 / August 26, 2019 by आचार्य डाॅ. लोकेशमुनि | Leave a Comment आचार्य डाॅ. लोकेशमुनि- देश में जब से नरेन्द्र मोदी प्रधानमंत्री बने हंै, सकारात्मक परिवर्तन की बयार बहती दिख रही है। इसके पीछे मजबूत नेतृत्व, विकास नीतियां एवं आदर्श मूल्यों की स्थापना का संकल्प है। राष्ट्र में राजनीतिक परिवेश ही नहीं बदला बल्कि जन-जन के बीच का माहौल, मकसद, मूल्य और मूड सभी कुछ परिस्थिति और […] Read more » changes india strong willpower
कविता सागर August 26, 2019 / August 26, 2019 by बीनू भटनागर | Leave a Comment सागर मौला मस्त सा ख़ुद से ही अंजान, वाष्प बना उड़ता गया बादल बन बरस गया। कौन तूफ़ानों में घिरा, कब सुनामी आई, वो तो मौला मस्त सा वहीं का वहीं रहा। सागर सारे जुडे हुए हैं, सागर को पता नहीं, कहीं कोई सीमा नहीं। कहाँ प्रशांत ख़त्म हुआ, और हिंद शुरू हुआ। सागर तट […] Read more » Hindi Poem poetry
कविता सफ़र लम्बा है | August 26, 2019 / August 26, 2019 by राकेश कुमार पटेल | Leave a Comment सफ़र लम्बा है मगर जाना तो पड़ेगा | टूटी है चप्पल , मगर पांव को पहनना तो पड़ेगा | भूख है जोरो की और चावल बासी है , मगर खाना तो पड़ेगा | धुप है तेज और फटी है पोषक , मगर काया को पहनना तो पड़ेगा | नींद है जोरों की कुछ पाना है […] Read more » Hindi Poem path