व्यंग्य जिया जले, जाँ जले ! April 13, 2018 by देवेंद्रराज सुथार | Leave a Comment देवेंद्रराज सुथार अब तो न दिन को चैन आता है और न ही रात को नींद आती है। इस आलम में कुछ नहीं भाता है और न ही कोई ख्याल आता है। जिया जलता है। जाँ जलती है। नैनों तले धुआँ चलता है। रुक जाइए ! यदि आप मुझे प्रेमी समझने की भूल कर रहे […] Read more » Featured आमीर इंसान ऐसी गरीब गर्मी जानवर ठंड सर्दी
कविता आरक्षण या सरक्षण April 13, 2018 / April 13, 2018 by आर के रस्तोगी | Leave a Comment नारी ने नर को जन्म दिया नर ने उस को बाजार दिया जब चाहा उसका रेप किया जब चाहा उसको मार दिया ये नेता नहीं,नारी पिशाच है जो नारी का शोषण करते है अपनी काम वासना पूरी कर पिता को जेल भिजवाते है ये कैसी हमारी पुलिस व्यवस्था है जहाँ नेताओ को संरक्षण मिलता है […] Read more » Featured आरक्षण चीफ मिनिस्टर नारी नारी पिशाच रेप
कविता आरक्षण के पीछे छिपा क्या है? April 11, 2018 by आर के रस्तोगी | 2 Comments on आरक्षण के पीछे छिपा क्या है? आर के रस्तोगी क्यों लड़ते हो आरक्षण के मुद्दे पर ? असली मुद्दे पर क्यों नहीं लड़ते हो ? असली मुद्दा आरक्षण नहीं है जिसके की लिए तुम लड़ते हो असली मुद्दा सत्ता की लोलुपता है जिसके लिए आपस में लड़ते हो छोडो ये सत्ता की लोलुपता क्यों देश को तुम बर्बाद करते हो ? […] Read more » Featured आरक्षण गरीबी जातियों देश वासियों मुद्दा संविधान
लेख असुरक्षा का भाव : पलायन का एक प्रमुख कारण April 10, 2018 / June 10, 2022 by अरूण कुमार जैन | Leave a Comment ईस्ट इंडिया कंपनी के आने के बाद जिस प्रकार अंग्रेजों एवं अंग्रेजियत ने हिन्दुस्तान को जकड़ लिया था, उससे ऐसा प्रतीत होने लगा था कि हिन्दुस्तान अब गुलामी की जंजीरों में जकड़ा ही रहेगा किंतु देशभक्त क्रांतिकारियों या यूं कहिए कि देशभक्ति से ओत-प्रोत देशवासियों ने अहिंसक एवं बाद में हिंसक तरीकों से अंग्रेजी सरकार […] Read more » a major reason for migration Feeling of insecurity असुरक्षा का भाव पलायन का एक प्रमुख कारण
कविता अगर 19 का चुनाव जीतना है प्रिये ! April 9, 2018 / April 9, 2018 by आर के रस्तोगी | Leave a Comment तुम चली आ आना मेरे पास प्रिये भले ही दुश्मनी रही हो कभी हमारी पार्टी के दर खुले है हमेशा तुम्हारे लिए भले ही साईकिल में पंचर हो जाये प्रिये ! पक्का पंचर लगवा दूंगा, सुनो तो प्रिये ! गददी पर बैठा कर संसद ले जाऊँगा तुझे ये साईकिल तुम्हारी है तुम्हारी रहेगी प्रिये ! […] Read more » Featured गठबंधन पंक्चर प्रधानमंत्री मोदी साईकिल हाथी
समाज साहित्य साहित्य समाज का दर्पण है April 9, 2018 by आर के रस्तोगी | 2 Comments on साहित्य समाज का दर्पण है आर के रस्तोगी “साहित्य समाज का दर्पण है” वो कैसे ?जिस तरह से आप दर्पण या शीशे (Miror) में अपने आप को देखते हो या निहारते हो तो आप उसी तरह से दिखाई देते हो जैसे आप हो| ठीक उसी तरह से साहित्य भी ऐसे देखने को मिलेगा जैसा समाज है क्योकि कोई लेखक या […] Read more » "कफ़न" "निर्मला" "मंगल सूत्र" Featured इतिहास गोदान दर्पण समाज साहित्य
लेख गीता का कर्मयोग और आज का विश्व, भाग-86 April 9, 2018 by राकेश कुमार आर्य | Leave a Comment राकेश कुमार आर्य   गीता का सत्रहवां अध्याय मनुष्य के पतन का कारण कामवासना होती है। बड़े-बड़े सन्त महात्मा और सम्राटों का आत्मिक पतन इसी कामवासना के कारण हो गया। जिसने काम को जीत लिया वह ‘जगजीत’ हो जाता है। सारा जग उसके चरणों में आ जाता है। ऐसे उदाहरण भी हमारे इतिहास में […] Read more » Featured geeta karmayoga of geeta आज का विश्व गीता गीता का कर्मयोग गीता का सत्रहवां अध्याय
लेख साहित्य गीता का कर्मयोग और आज का विश्व, भाग-85 April 9, 2018 by राकेश कुमार आर्य | Leave a Comment राकेश कुमार आर्य   गीता का सोलहवां अध्याय काम, क्रोध और लोभ इन तीनों को गीता नरक के द्वार रहती है। आज के संसार को गीता से यह शिक्षा लेनी चाहिए कि वह जिन तीन विकारों (काम, क्रोध और लोभ) में जल रहा है-इनसे शीघ्र मुक्ति पाएगा। आज के संससार में गीता से दूरी […] Read more » Featured karmayoga of geeta आज का विश्व गीता गीता का कर्मयोग गीता का सोलहवां अध्याय
लेख गीता का कर्मयोग और आज का विश्व, भाग-84 April 7, 2018 by राकेश कुमार आर्य | Leave a Comment राकेश कुमार आर्य   गीता का सोलहवां अध्याय श्रीकृष्णजी की यह सोच वर्तमान विश्व के लिए हजारों वर्ष पूर्व की गयी उनकी भविष्यवाणी कही जा सकती है जो कि आज अक्षरश: चरितार्थ हो रही है। स्वार्थपूर्ण मनोवृत्ति के लोगों ने जगत के शत्रु बनकर इसके सारे सम्बन्धों को ही विनाशकारी और विषयुक्त बना दिया […] Read more » Featured geeta karmayoga of geeta आज का विश्व गीता गीता का कर्मयोग गीता का सोलहवां अध्याय
लेख साहित्य गीता का कर्मयोग और आज का विश्व, भाग-83 April 7, 2018 by राकेश कुमार आर्य | Leave a Comment राकेश कुमार आर्य   गीता का सोलहवां अध्याय माना कि अर्जुन तू और तेरे अन्य चार भाई दुर्योधन और उसके भाइयों के रक्त के प्यासे नहीं हो, पर तुम्हारा यह कत्र्तव्य है कि संसार में ‘दैवीय सम्पद’ लोगों की सुरक्षा की जाए और ‘आसुरी सम्पद’ लोगों की गतिविधियों पर रोक लगाने के लिए उनके […] Read more » Featured geeta karmayoga of geeta आज का विश्व गीता गीता का कर्मयोग गीता का सोलहवां अध्याय
कविता नायक से खलनायक बने है सलमान April 6, 2018 / April 6, 2018 by आर के रस्तोगी | Leave a Comment ज्योही कोर्ट ने दिया अपना फरमान नायक से खलनायक बने है सलमान पांच साल की सजा मिली है उसको अब कैसे काटेगे उसको श्री सलमान आज की रात वे जेल में बितायेंगे कैसे एक कम्बल में वे सो पायेंगे पर मिला साथी आसाराम उनको उसके साथ वे अपनी रात बितायेंगे बीस साल में देश बदल […] Read more » Featured काले हिरण जेल जोधपुर सलामन खान हम साथ साथ हैं
कविता न मै बीजेपी का प्रवक्ता April 5, 2018 / April 6, 2018 by आर के रस्तोगी | Leave a Comment न मै बीजेपी का प्रवक्ता न मै कांग्रेस का प्रवक्ता मै तो बिलकुल निष्पक्ष हूँ सही बात को हमेशा लिखता न मै सत्ता का भूखा न मै कुर्सी का भूखा मै तो केवल एक कवि हूँ जो केवल तालियों का भूखा जो मेरे मस्तिष्क में आता उसे सच्चाई से मै कहता कलम मेरी बनी है […] Read more » Featured कवि कांग्रेस चमचा तालियों देश बीजेपी भक्ति