व्यंग्य मीडिया में माफी और मार….!! April 14, 2015 by तारकेश कुमार ओझा | Leave a Comment तारकेश कुमार ओझा सचमुच मीडिया से माननीयों का रिश्ता भी बड़ा अजीब है। मीडिया को ले हमारे माननीयों का रवैया न निगलते बने न उगलते वाली जैसी है। सुबह किसी सेमिनार में प्रेस की स्वतंत्रता पर लंबा व्याख्यान दिया और शाम को उसमीडिया पर बरसने लगे। कभी फटकार तो कभी पुचकार। क्या आपकी नजर में ऐसा कोई […] Read more » Featured मीडिया मीडिया में माफी मीडिया में मार
कविता जीवन क्या है ? April 14, 2015 / April 14, 2015 by तुषार रस्तोगी | Leave a Comment जीवन, प्रभु की लिखी सुन्दर कविता है जीवन, ख़ुद के लिए स्वयं लिखी गीता है जीवन, गर्मी की रात में आती कपकपी है जीवन, मुश्किलातों में मिलती थपथपी है जीवन, कानों के बीच का अंतरिक्ष है जीवन, गालों के बीच खिलता वृक्ष है जीवन, गीत है जिसे हर कोई सुनता है जीवन, […] Read more » Featured meaning of life what is life? जीवन क्या है ?
लेख मेरे हृदय का एक कोना April 14, 2015 / April 14, 2015 by अनुप्रिया अंशुमान | Leave a Comment मेरा नाम प्रियांशी है। मै एक एहसास हूँ अपनी माँ के सपनों का, भावनाओं का.और ये मेरा नाम भी मैंने अपनी माँ से ही लिया है.हर माँ अपनी बेटी को अपने तरीके से संजोना चाहती है पर मेरी माँ तो बस मुझे अपनी कल्पनाओं में ही सवारतीं रहती है। मै अपनी माँ के दिल का […] Read more » Featured अनुप्रिया अन्शुमान बेटी मेरे हृदय का एक कोना
व्यंग्य संयोग…!! April 13, 2015 by तारकेश कुमार ओझा | Leave a Comment जहरखुरानों से सावधान…। यह आपको बर्बाद कर सकता है। इसलिए किसी पर भरोसा न करें … न किसी का दिया कुछ खाए -पीएं… वगैरह – वगैरह…। इलाहाबाद जंक्शन पर लगे इस आशय के बड़े से बोर्ड ने मेरा तनाव बढ़ा दिया था। क्योंकि अपनी वापसी यात्रा पर मैं बिल्कुल अकेला था। ट्रेन आने वाली थी। […] Read more » Featured जहरखुरानों से सावधान तारकेश कुमार ओझा संयोग...!!
कविता हर हुस्न का जो जश्न था April 12, 2015 / April 12, 2015 by गोपाल बघेल 'मधु' | Leave a Comment हर हुस्न का जो जश्न था, एक रोशनी में ढ़ल गया; हर अहं का जो बहम था, परमात्म में मिल घुल गया । बिन बात के जीवन तरी, थी उछलती नदिया रही; सब कुछ गँवा उसमें समा, वह समुन्दर समगे रही । हर अंग की जो थी उमंग, बस चन्द रातों की रही; अनुराग की […] Read more » Featured हर हुस्न का जो जश्न था
कविता सहज April 10, 2015 / April 11, 2015 by प्रवक्ता ब्यूरो | Leave a Comment सहज शब्द सरल नही है ,सहने की मजबूरी है जिस तरह प्रसव पीडा में ,पीडा सहना जरूरी है साथ में जन्म लेने वाला भी ,सहज कहलाता है जोकि ज का अर्थ जन्म ,लेने वाला हो जाता है सहज में ह को निकाले ,दुनिया जो सज जाती है वही ह फिर स को जोडे ,मधुरता मुस्काती […] Read more » Featured सहज सुनील एक्सरे
लेख विविधा धारा में April 9, 2015 / April 11, 2015 by गंगानन्द झा | Leave a Comment पण्डित अनन्तलाल ठाकुर का सत्संग मुझे कुछ ही दिनों के लिए मिला था । वे दरभंगा के संस्कृत शोध संस्थान के निर्देशक के पद से सेवानिवृत्त होकर अपने एक आत्मीय के साथ रह रहे थे। मैं वहाँ दो तीन दिनो के लिए ठहरा था । अति सामान्य दिखनेवाले इस व्यक्ति की बातें सुनते रहना एक अद्भुत […] Read more » Featured गंगानाथ झा धारा में संस्मरण
व्यंग्य बोली पर ब्रेक… April 6, 2015 / April 11, 2015 by तारकेश कुमार ओझा | Leave a Comment चैनलों पर चल रही खबर सचमुच शाकिंग यानी निराश करने वाली थी। राष्ट्रीय अध्यक्ष ने मातहतों को आगाह कर दिया था कि गैर जिम्मेदाराना बयान दिए बच्चू तो कड़ी कार्रवाई झेलने को तैयार रहो। मैं सोच में पड़ गया। यदि सचमुच नेताओं की जुबान पर स्पीड ब्रेकर या ब्रेक लग गया तो …। कैसे चलेगा […] Read more » Featured कड़ी कार्रवाई तारकेश कुमार ओझा बयानवीर बोली पर ब्रेक...
साहित्य शशि-धरा का लुका-छिपी महोत्सव April 4, 2015 / April 7, 2015 by एल. आर गान्धी | Leave a Comment शशि- धरा की लुक्का छिपी का महोत्सव है आज . महोत्सव का श्रीगणेश सांय 3.45 पर होगा और सांय ७. १५ तक चलेगा . विश्व के प्राचीनतम प्रेमी इस महोत्सव के मुख्य पात्र हैं. अबकी शशि छिपेंगे और धरा सदैव की भांति ढूँढेंगी .... रवि ने मंच सञ्चालन का जिम्मा सम्हाल लिया है. पिछले कई […] Read more » Earth moon एलआर गाँधी शशि-धरा का लुका-छिपी महोत्सव
व्यंग्य माय चॉइस इज़ राईट चॉइस April 4, 2015 / April 7, 2015 by अमित शर्मा | Leave a Comment मुन्ना आज बहुत खुश था. मैंने पूछा, ‘का हुआ मुन्ना, आज बड़ा खुश दिख रहा है. बात का है? कोई लाटरी-वाटेरी निकल गयी है क्या?’ ‘लो, अब कर लो बात. इनको तो कुछ पता इच नहीं’ मुन्ना मेरे ऊपर झल्लाने वाले अंदाज़ में बोला, ‘आपको कुछ पता बी है क्या? अबी अपनी कंट्री में असली […] Read more » अमित शर्मा दीपिका पादुकोण माय चॉइस माय चॉइस इज़ राईट चॉइस
व्यंग्य एक चप्पल की चाहत April 4, 2015 / April 7, 2015 by रवि कुमार छवि | Leave a Comment दोपहर के लगभग 1.30 बजे हुए थे। दफ्तर में लेट पहुंचने डर माथे पर साफ देखा जा सकता था। ऑटो में बमुश्किल से 8 लोग इस कदर बैठे हुए थे मानो ये दुनिया का आखिरी ऑटो हो। मैं, ऑटो की आगे वाली सीट पर बैठने की क्षीण होती संभावना के बीच विकल्प की तलाश कर […] Read more » auto autoriksha Featured this auto respects woman एक चप्पल की चाहत रवि कुमार छवि
राजनीति व्यंग्य लव सेक्स धोखा और “आप” April 3, 2015 / April 4, 2015 by नीरज वर्मा | 3 Comments on लव सेक्स धोखा और “आप” 70 सीटों वाली दिल्ली विधानसभा में 67 विधायक अरविन्द केजरीवाल के हैं ! ये सबको मालूम हैं ! कमाल का बन्दा है ये केजरीवाल ! क्या सहयोगी, क्या विरोधी ! सबको ठिकाने लगा देता है ! क्या अपने- क्या पराये ! “जो हमसे टकराएगा-चूर चूर हो जाएगा ” के मंत्र का निरंतर जाप करता हुआ […] Read more » aam aadami party infight AAP aap party Featured अरविन्द केजरीवाल नीरज वर्मा लव सेक्स धोखा और आप