कला-संस्कृति व्यंग्य ये कार्टून बोलता है ! May 7, 2015 / May 7, 2015 by प्रवक्ता.कॉम ब्यूरो | Leave a Comment -गर्वित बंसल- रात्रि को सोने से पहले फेसबुक अकाउंट की हलचल का जायजा लेते हुए अचनाक से दृष्टि एक कार्टून पर पड़ी ! लगा कि ये कार्टून कुछ बता रहा है, कुछ बोल रहा है! कार्टून का बारीकी से जायजा लेते हुए समझ आया कि यह तो आज़ाद हिंदुस्तान की उस तथाकथित महान परम्परा का बखान कर […] Read more » Featured ये कार्टून बोलता है ! राजनीतिक व्यंग्य व्यंग्य सोनिया गांधी
मीडिया व्यंग्य विश्वास के चक्कर में लोगो की टक्कर May 6, 2015 by दीपक शर्मा 'आज़ाद' | Leave a Comment -दीपक शर्मा “आज़ाद”- ना ना ना भाई विश्वास करो वो साहब निर्दोष है, एकदम शरीफ की जात है। आपको मालूम नहीं क्या उनके पास देश की एकमात्र साफ़, स्वच्छ पार्टी का सर्टिफिकेट भी है। फिर आप कैसे उनको झूठा बोल सकते हो। देखा नहीं वो देश की राजनीतिक स्थिति को बदलने के लिए कितना प्रयास […] Read more » Featured न्यूज चैनल्स मीडिया मीडिया पर व्यंग्य विश्वास के चक्कर में लोगो की टक्कर
विविधा व्यंग्य अफवाहें हैं अफवाहों का क्या… May 4, 2015 / May 5, 2015 by दीपक शर्मा 'आज़ाद' | 2 Comments on अफवाहें हैं अफवाहों का क्या… अफवाहे है अफवाहों का क्या… कभी कभी कुछ कहा हुआ इतना फ़ैल जाता है कि उसके आगे फैला हुआ रायता भी कम लगने लगता है। मुझे अक्सर लगता है कि आखिर वे कौन लोग है जो इस तरह से बातों को इधर से उधर फैला कर अच्छे-खासे दिमाग की भुजिया बनाने पर तुले रहते है। […] Read more » Featured rumours अफवाह अफवाहे है अफवाहों का क्या... अफवाहों का क्या...
विविधा व्यंग्य एक पाती राहुल बचवा के नाम May 1, 2015 by विपिन किशोर सिन्हा | 4 Comments on एक पाती राहुल बचवा के नाम प्यारे राहुल बचवा, तुम दो महीने की छुट्टी बैंकाक में बिताकर इन्डिया आ गए, मनवा को बड़ा सकून मिला। बचवा, इस तरह कबतक कभी बैंकाक में तो कभी कैलिफ़ोर्निया में छुट्टी मनाते रहोगे? राजनीति तो तुम्हारा पुश्तैनी धंधा है, कान्ग्रेस की अध्यक्षी कहीं भागे थोड़े जा रही है? देखो, दिग्गी चचवा बुढ़ौती में अमृता को […] Read more » एक पाती राहुल बचवा के नाम
विविधा व्यंग्य गड़बड़ चौथ April 27, 2015 by विजय कुमार | Leave a Comment –विजय कुमार- पिछले रविवार को शर्मा जी ने अपने घर यज्ञ का आयोजन किया। यज्ञ के बाद कुछ खानपान का भी प्रबन्ध था। इसलिए हम सभी मित्र समय से पहुंच गये। यज्ञ में तो मैं सैकड़ों बार गया हूं; पर यह यज्ञ कुछ अलग प्रकार का था। इसमें हवन सामग्री के साथ ही ढेर सारी […] Read more » Featured गड़बड़ चौथ जीवन जीवन व्यंग्य
विविधा व्यंग्य ‘सेवा’ में करियर…!! April 24, 2015 by तारकेश कुमार ओझा | Leave a Comment तारकेश कुमार ओझा साइकिल – घड़ी और रेडियो। यदि एेसी चीजें सात फेरे लेने जा रहे दुल्हे की खिदमत में पेश की जाती थी, तो आप सोच सकते हैं कि वह जमाना कितना वैकवर्ड रहा होगा। तब की पीढ़ी के लिए करियर का मतलब साइकिल के पीछे लगे उस सहायक उपकरण से था, जिस पर […] Read more » Featured करियर
कविता राजनीति व्यंग्य नेता चालीसा April 22, 2015 / April 22, 2015 by रवि श्रीवास्तव | 1 Comment on नेता चालीसा -रवि श्रीवास्तव- जय जय भारत देश के नेता तुम्हरी चालाकी से न कोई जीता तुम हो देश के भाग्य विधाता , देश को लूटना तुमको आता तुम्हरे हाथ में देश की सत्ता मिलता है सरकारी भत्ता महंगाई के तुम हो दाता,, इसके सिवा और कुछ भी न आता घोटाले पर करते घोटाला , छिनो गरीबों के मुंह का […] Read more » Featured नेता चालीसा. राजनीतिक व्यंग्य राजनीतिक कविता व्यंग्य
व्यंग्य व्यंग्य बाण : मेरा पिया घर आया… April 17, 2015 / April 17, 2015 by विजय कुमार | Leave a Comment हमारे प्रिय शर्मा जी बहुमुखी प्रतिभा के धनी हैं। वे कभी लेखक बन जाते हैं, तो कभी कवि। कभी गायक तो कभी वादक और संगीतकार। कभी पत्रकार तो कभी वक्ता या अधिवक्ता। सफाई से लेकर कपड़े धोने और भोजन बनाने तक में वे माहिर हैं। यद्यपि ये घरेलू काम उन्होंने विवाह के बाद मजबूरी में […] Read more » Featured rahul gandhi returning home sattire on rahul gandhi
व्यंग्य मीडिया में माफी और मार….!! April 14, 2015 by तारकेश कुमार ओझा | Leave a Comment तारकेश कुमार ओझा सचमुच मीडिया से माननीयों का रिश्ता भी बड़ा अजीब है। मीडिया को ले हमारे माननीयों का रवैया न निगलते बने न उगलते वाली जैसी है। सुबह किसी सेमिनार में प्रेस की स्वतंत्रता पर लंबा व्याख्यान दिया और शाम को उसमीडिया पर बरसने लगे। कभी फटकार तो कभी पुचकार। क्या आपकी नजर में ऐसा कोई […] Read more » Featured मीडिया मीडिया में माफी मीडिया में मार
व्यंग्य संयोग…!! April 13, 2015 by तारकेश कुमार ओझा | Leave a Comment जहरखुरानों से सावधान…। यह आपको बर्बाद कर सकता है। इसलिए किसी पर भरोसा न करें … न किसी का दिया कुछ खाए -पीएं… वगैरह – वगैरह…। इलाहाबाद जंक्शन पर लगे इस आशय के बड़े से बोर्ड ने मेरा तनाव बढ़ा दिया था। क्योंकि अपनी वापसी यात्रा पर मैं बिल्कुल अकेला था। ट्रेन आने वाली थी। […] Read more » Featured जहरखुरानों से सावधान तारकेश कुमार ओझा संयोग...!!
व्यंग्य बोली पर ब्रेक… April 6, 2015 / April 11, 2015 by तारकेश कुमार ओझा | Leave a Comment चैनलों पर चल रही खबर सचमुच शाकिंग यानी निराश करने वाली थी। राष्ट्रीय अध्यक्ष ने मातहतों को आगाह कर दिया था कि गैर जिम्मेदाराना बयान दिए बच्चू तो कड़ी कार्रवाई झेलने को तैयार रहो। मैं सोच में पड़ गया। यदि सचमुच नेताओं की जुबान पर स्पीड ब्रेकर या ब्रेक लग गया तो …। कैसे चलेगा […] Read more » Featured कड़ी कार्रवाई तारकेश कुमार ओझा बयानवीर बोली पर ब्रेक...
व्यंग्य माय चॉइस इज़ राईट चॉइस April 4, 2015 / April 7, 2015 by अमित शर्मा | Leave a Comment मुन्ना आज बहुत खुश था. मैंने पूछा, ‘का हुआ मुन्ना, आज बड़ा खुश दिख रहा है. बात का है? कोई लाटरी-वाटेरी निकल गयी है क्या?’ ‘लो, अब कर लो बात. इनको तो कुछ पता इच नहीं’ मुन्ना मेरे ऊपर झल्लाने वाले अंदाज़ में बोला, ‘आपको कुछ पता बी है क्या? अबी अपनी कंट्री में असली […] Read more » अमित शर्मा दीपिका पादुकोण माय चॉइस माय चॉइस इज़ राईट चॉइस