खेत-खलिहान समाज भारतीय कृषि में महिलाओं की दयनीय स्थिति November 27, 2017 by मयंक चतुर्वेदी | Leave a Comment डॉ. मयंक चतुर्वेदी भारत अपने अस्तित्वकाल से ही कृषि प्रधान देश रहा है। यहां जिस तरह से पुरुष और महिलाओं के बीच श्रम का विकेंद्रीकरण किया गया है, उसमें महिलाओं के जिम्मे जो कार्य है, वह तुलनात्मक रूप में समग्रता के साथ पुरुषों के मुकाबले स्त्रियों के पास अधिक है। इसमें शहरों की तुलना में […] Read more » condition of women in farming farming and women Featured women in farming कृषि नेशनल सैंपल सर्वे ऑफिस
खेत-खलिहान समाज भोजन करते समय यह ध्यान रहे कि हम जो पदार्थ खा रहे हैं, क्या वह परमात्मा ने खाने के लिए ही बनाये हैं? November 9, 2017 by मनमोहन आर्य | Leave a Comment मनमोहन कुमार आर्य आजकल मनुष्य अपने घरों व होटलों आदि में जो भोजन करते हैं वह या तो उन्हें माता-पिता द्वारा दिये संस्कारों के अनुसार होता है या फिर वह दूसरे लोगों से संगति के कारण भी ऐसा करते हैं। भोजन करते समय शायद ही कोई मनुष्य विचार करता हो कि वह जो भोजन कर […] Read more » भोजन
खेत-खलिहान विविधा परंपरागत खेती से दूर होते लद्दाख के किसान October 11, 2017 by चरखा फिचर्स | Leave a Comment अंज़ारा अंजुम खान लद्दाख याक की तरह ही गाय की नस्लों में से एक डज़ो लद्दाख जैसे संवेदनशील क्षेत्र में कृषि के लिए हमेशा से उपयुक्त माना जाता था। यह 9800 फीट की उंचाई तक और ठंड में आसानी से खेत जोत सकता है। यही कारण है कि इसे खेती के लिए सस्ता और सुविधाजनक विकल्प माना […] Read more » लद्दाख के किसान
खेत-खलिहान जन-जागरण समाज सार्थक पहल शुद्ध पियो शुद्ध जियो July 25, 2017 by चरखा फिचर्स | Leave a Comment सरस्वती अग्रवाल “शद्ध पियो- शुद्ध जियो” ये लाईन किसी उत्पाद के विज्ञापन की नही बल्कि ये वाक्य है उत्तराखण्ड के राज्य जनपद चमोली के गडोरा गांव के 38 वर्षिय निवासी लक्ष्मण सिंह का। जो फलो का जूस बेचकर परिवार चला रहे हैं। इन्होने 12वीं तक पढ़ाई की है। 3 बेटियों- एक बेटे तथा पत्नी को मिलाकर परिवार […] Read more » फल प्रसंस्करण ट्रेड
खेत-खलिहान समाज कृषि संकट की जड़ें July 22, 2017 by जावेद अनीस | Leave a Comment जावेद अनीस आज भारत के किसान खेती में अपना कोई भविष्य नहीं देखते हैं, उनके लिये खेती-किसानी बोझ बन गया है हालात यह हैं कि देश का हर दूसरा किसान कर्जदार है. 2013 में जारी किए गए राष्ट्रीय नमूना सर्वेक्षण के आंकड़े बताते है कि यदि कुल कर्ज का औसत निकाला जाये देश के प्रत्येक […] Read more » basic problem of agriculture Featured कृषि संकट
खेत-खलिहान साहिब,वक्त बदल रहा है July 1, 2017 by पारसमणि अग्रवाल | Leave a Comment वोट बैंक की राजनीति के लिये मुआवजा का लॉलीपाप न पकड़ा कर सरकार को कृषि के क्षेत्र में मौजूद समस्याओं के प्रति गम्भीरता से योजनाबद्ध तरीके से कार्य कर समस्याओं के निस्तारण कराने की जरूरत है साथ ही किसानों को मुआवजा का लत लगाने के वजह उन्हें आत्मनिर्भर बनाना भी सरकार, समाजिक संगठनों एवं संस्थाओं का नैतिक कर्तव्य है Read more » compensation to farmers farmers suicide किसानों को मुआवजा किसानों को मुआवजा का लत वक्त वोट बैंक की राजनीति
खेत-खलिहान विविधा उत्तराखंड का ग्रामीण परिवेश :समस्याए और समाधान March 15, 2017 by प्रदीप रावत | Leave a Comment लोग कहते है उत्तराखंड बदल रहा है लेकिन गाँवो में जाकर देखो तो बदला हुवा कही भी नज़र नही आता । आज भी गाँवो में शिक्षा,मेडिकल सुविधा व सड़क आदि विकाश के मानको का बुरा हाल है । उत्तराखंड बनने के बाद से ही पलायन को रोकना व ,गाँवो का विकाश दो महत्वपूर्ण […] Read more » Featured problems and solutions of villages in uttrakhand villages in uttrakhand उत्तराखंड उत्तराखंड का ग्रामीण समस्याए उत्तराखंड का ग्रामीण समाधान ग्रामीण परिवेश
खेत-खलिहान विविधा असली खाद के पहचान की घरेलू विधि February 6, 2017 / February 6, 2017 by राजमणि | Leave a Comment राजमणि यूरिया किसान भाइयों यूरिया की असली पहचान है इसके सफेद चमकदार लगभग समान आकार के कड़े दाने इसका पानी में पूर्णतया घुल जाना तथा इसके घोल को छूने पर शीतल अनुभूति होना ही इसकी असली पहचान है। किसान भाइयों यूरिया को तवे पर गर्म करने से इसके दाने पिघल जाते है यदि हम आंच […] Read more » dap urea potash zink sulphate जिंक सल्फेट डी.ए.पी. पोटास यूरिया सिंगल सुपर फॉस्फेट
खेत-खलिहान जन-जागरण पर्यावरण विविधा हवा की शुद्वता के लिए प्रदूषण के खिलाफ जनान्दोलन छेड़ने की जरूरत November 7, 2016 by महेश तिवारी | 1 Comment on हवा की शुद्वता के लिए प्रदूषण के खिलाफ जनान्दोलन छेड़ने की जरूरत खेती और किसानों के लिए अहम पराली को संरक्षित करने के बाबत बनाई गई राष्ट्रीय पराली नीति भी राज्य सरकारों के ठेंगा पर दिख रही है। गेहूं, धान और गन्ने की पत्तियां सबसे ज्यादा जलाई जाती है। अधिकृत रिपोर्ट के अनुसार देश के सभी राज्यों को मिलाकर सालाना 50 करोड़ टन से अधिक पराली निकलती है उम्मीदों से भरे प्रदेश उत्तर प्रदेश मे छह करोड़ टन पराली में से 2.2 करोड़ टन पराली जलाई जाती है। Read more » Environmental Pollution Featured pollution control प्रदूषण के खिलाफ जनान्दोलन हवा की शुद्वता
खेत-खलिहान ज्योतिष विविधा कहीं आपकी जन्म कुंडली में व्यभिचारी जीवनसाथी मिलने के योग तो नहीं? October 24, 2016 by पंडित दयानंद शास्त्री | Leave a Comment यदि जन्म कुंड़ली मे सप्तम भाव में राहु होने पर जीवनसाथी धोखा देने वाला कई स्त्री-पुरुष से संबंध रखने वाला व्यभिचारी होता हैं व विवाह के बाद अवैध संबंध बनाता है। उक्त ग्रह दोष के कारण ऐसा जीवनसाथी मिलता हैं जिसके कई स्त्री-पुरुष के साथ अवैध संबंध होते हैं। जो अपने दांपत्य जीवन के प्रति अत्यंत लापरवाह होते हैं। Read more » व्यभिचारी जीवनसाथी
खेत-खलिहान विविधा फसल की अनिश्चिन्तताओं को दूर करता प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना July 24, 2016 by सुवर्णा सुषमेश्वरी | 1 Comment on फसल की अनिश्चिन्तताओं को दूर करता प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना सुवर्णा सुषमेश्वरी कृषि प्रधान अर्थव्यवस्था पर आधारित होने के कारण कृषि के विकास के लिए विभाजित भारत में भारत सरकार के द्वारा समय –समय पर अनेक कार्यक्रमों , योजनाओं का प्रारम्भ किया गया , लेकिन भारतीय कृषि के विकास के लिए ये योजनायें ढाक का पात ही साबित हुई हैं । विभाजन के पश्चात कृषि […] Read more » Featured pradhanmantri fasal bima yojna प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना फसल फसल की अनिश्चिन्तताओं को दूर करता
खान-पान खेत-खलिहान विज्ञान विविधा जैविक कृषि : कृषि विचार मन्थन से अमृत तत्व July 17, 2016 by शिवदेव आर्य | Leave a Comment किसी भी कार्य की दिशा में बढाया गया प्रथम कदम सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण होता है, क्योंकि प्रथम कदम मार्ग को प्रशस्त करता है। समय तथा हमारा जीवन हमसे अपेक्षा करता है कि हम स्वयं का ध्यान रखें तथा ध्यान हम तभी रख सकते हैं जब हमारा आहार शुध्द हो एवं शुध्द आहार के लिए कृषि […] Read more » Featured Organic Farming अमृत तत्व कृषि विचार मन्थन जैविक कृषि