Category: खेत-खलिहान

खेत-खलिहान लेख विधि-कानून

अधिसंख्य किसान तो खड़ी फसल बेचने को ही मजबूर हैं

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रंजन कुमार सिंहकृषि कानूनों को लेकर माहौल गरम है। लंबे समय से किसान दिल्ली को घेरे बैठे हैं और दिल्ली उनकी बात सुनने को तैयार नहीं है। मैं कोई विधिवेत्ता तो हूं नहीं कि इस विवादास्पद अधिनियम के वैधानिक पहलुओं पर अपनी कोई राय दे सकूं, पर कुछ व्यावहारिक कठिनाइयां जो मुझे सूझ पड़ती हैं, […]

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खेत-खलिहान टॉप स्टोरी विधि-कानून

कृषि बिल पर पूरी जानकारी के अभाव में स्वार्थ-प्रेरित राजनीति के शिकार एवं गुमराह हो रहे है अन्नदाता

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अवधेश कुमार सिंह लोकसभा के मानसून सत्र में अमर्यादित हंगामे के बीच किसानों के हितों में तीन बिल (विधेयक) पारित होने के साथ ही कृषि सुधार की पहल एक राजनीतिक मुद्दा बन गई है। कुछ राजनीतिक दल और संगठन किसानों को भड़काकर राजनीतिक रोटियां सेंक रहे है। परिणामस्वरूप कई राज्यों में किसान सड़क पर उतर […]

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