मीडिया ताक में पत्रकारिता, तकनीकी का दौर May 29, 2015 by मनोज कुमार | Leave a Comment -मनोज कुमार- -30 मई हिन्दी पत्रकारिता दिवस पर विशेष- साल 1826, माह मई की 30 तारीख को ‘उदंत मार्तंड’ समाचार पत्र के प्रकाशन के साथ हिन्दी पत्रकारिता का श्रीगणेश हुआ था. पराधीन भारत को स्वराज्य दिलाने की गुरुत्तर जवाबदारी तब पत्रकारिता के कांधे पर थी. कहना न होगा कि हिन्दी पत्रकारिता ने न केवल अपनी […] Read more » Featured तकनीकी दौर ताक में पत्रकारिता पत्रकार पत्रकारिता
मीडिया चैनल पर चेहरा… May 19, 2015 / May 19, 2015 by तारकेश कुमार ओझा | Leave a Comment -तारकेश कुमार ओझा- आप किस चैनल से हैं…। किसी खास कवरेज के लिए ग्रामांचलों में जाने पर अक्सर मुझे ग्रामीणों के इस सवाल से रू – ब- रू होना पड़ता है। यह जानते ही कि मेरा ताल्लुक प्रिंट मीडिया से है, सवाल पूछने वाले ग्रामीणों का उत्साह एकबारगी ठंडा पड़ जाता है। लेकिन उनकी निगाहें […] Read more » Featured चैनल चैनल पर चेहरा...
मीडिया मीडिया की हकीकत May 12, 2015 / May 12, 2015 by विपिन किशोर सिन्हा | 7 Comments on मीडिया की हकीकत -विपिन किशोर सिन्हा- मैं अरविन्द केजरीवाल का समर्थक नहीं हूं, बल्कि उनके घोर विरोधियों में से एक हूं। पाठकों को याद होगा – मैंने उनके खिलाफ कई लेख लिखे हैं। लेकिन मीडिया के खिलाफ़ उनके द्वारा जारी किए गए सर्कुलर का मैं समर्थन करता हूं। कारण यह है कि भारत की मीडिया, विशेष रूप से […] Read more » Featured अरविंद केजरीवाल आधुनिक मीडिया मीडिया मीडिया की हकीकत
मीडिया व्यंग्य उबाऊ होता ‘दाऊद – पुराण’…! May 12, 2015 / May 12, 2015 by तारकेश कुमार ओझा | Leave a Comment -तारकेश कुमार ओझा- अपना बचपन फिल्मी पर्दो पर डाकुओं की जीवन लीला देखते हुए बीता। तब कुछ डाकू अच्छे भी होते थे, तो कुछ बुरे भी। किसी के बारे में बताया जाता कि फलां डाकू है तो काफी नेक, लेकिन परिस्थितियों ने उसे हाथों में बंदूक थामने को मजबूर कर दिया। कुछ डाकू जन्मजात दुष्ट […] Read more » Featured उबाऊ होता 'दाऊद - पुराण'...! दाउद दाउद इब्राहिम
मीडिया सोशल नेटवर्किंग पर बढ़ता झूठ और नफ़रत का ज़हर May 12, 2015 / May 12, 2015 by इक़बाल हिंदुस्तानी | Leave a Comment -इक़बाल हिंदुस्तानी- -आखि़र इससे देश और समाज का क्या हश्र हो सकता है ?- हाल ही में सोशल नेटवर्किंग साइट्स पर एकाएक एंटी सोशल गतिविधियां अचानक तेज़ी से बढ़ती जा रही हैं। हालांकि हमारे देश के सियासतदां तो पहले से ही जाति धर्म और क्षेत्र की संकीर्ण राजनीति करते रहे हैं लेकिन यह अलग बहस […] Read more » Featured सोशल नेटवर्किंग सोशल नेटवर्किंग पर बढ़ता झूठ और नफ़रत का ज़हर !
मीडिया व्यंग्य विश्वास के चक्कर में लोगो की टक्कर May 6, 2015 by दीपक शर्मा 'आज़ाद' | Leave a Comment -दीपक शर्मा “आज़ाद”- ना ना ना भाई विश्वास करो वो साहब निर्दोष है, एकदम शरीफ की जात है। आपको मालूम नहीं क्या उनके पास देश की एकमात्र साफ़, स्वच्छ पार्टी का सर्टिफिकेट भी है। फिर आप कैसे उनको झूठा बोल सकते हो। देखा नहीं वो देश की राजनीतिक स्थिति को बदलने के लिए कितना प्रयास […] Read more » Featured न्यूज चैनल्स मीडिया मीडिया पर व्यंग्य विश्वास के चक्कर में लोगो की टक्कर
मीडिया विविधा तो जल्द ही अभिजात्य वर्ग की गिरफ्त में होगी पत्रकारिता भी…! May 5, 2015 by तारकेश कुमार ओझा | Leave a Comment -तारकेश कुमार ओझा- क्या गीत – संगीत व कला से लेकर राजनीति के बाद अब लेखन व पत्रकारिता के क्षेत्र में भी जल्द ही ताकतवर अभिजात्य वर्ग का कब्जा होने वाला है। क्या बड़े – बड़े लिक्खाड़ इस वर्ग के पीछे वैसे ही घूमते रहने को मजबूर होंगे , जैसा राजनीति के क्षेत्र में देखने […] Read more » Featured आधुनिक मीडिया तो जल्द ही अभिजात्य वर्ग की गिरफ्त में होगी पत्रकारिता भी...! पत्रकारिता
जरूर पढ़ें मीडिया बौद्धिक विमर्शों से नाता तोड़ चुके हैं हिंदी के अखबार April 27, 2015 / April 27, 2015 by संजय द्विवेदी | Leave a Comment -संजय द्विवेदी- हिंदी पत्रकारिता को यह गौरव प्राप्त है कि वह न सिर्फ इस देश की आजादी की लड़ाई का मूल स्वर रही, बल्कि हिंदी को एक भाषा के रूप में रचने, बनाने और अनुशासनों में बांधने का काम भी उसने किया है। हिंदी भारतीय उपमहाद्वीप की एक ऐसी भाषा बनी, जिसकी पत्रकारिता और साहित्य […] Read more » Featured आधुनिक पत्रकारिता पत्रकारिता बौद्धिक विमर्शों से नाता तोड़ चुके हैं हिंदी के अखबार हिन्दी पत्रकारिता
जरूर पढ़ें मीडिया आधुनिक जमाने की पत्रकारिता का जीवन जोखिम भरा ? April 22, 2015 / April 22, 2015 by लक्ष्मी नारायण लहरे कोसीर पत्रकार | 1 Comment on आधुनिक जमाने की पत्रकारिता का जीवन जोखिम भरा ? लक्ष्मी नारायण लहरे- लोकतंत्र के चैथे स्तंभ के खिलाफ लगातार दुर्भावनापूर्ण अभियान चल रहा है ? समाज की अंतिम व्यक्ति की लड़ाई लड़़ने वाला मीडिया चैक चैराहों से लेकर दफ्तर तक तृस्कार और अपमानजनक शब्दों का घूंट पी रहा है। यह बात किसी से छिपी नहींं है। मीडिया को कभी प्रोस्टीट्यूट तो कभी बिकाऊ […] Read more » Featured आधुनिक जमाने की पत्रकारिता का जीवन जोखिम भरा ? आधुनिक पत्रकारिता जर्नलिज्म पत्रकारिता
मीडिया शख्सियत समाज मानवतावादी रचनाकार विष्णु प्रभाकर April 10, 2015 / April 11, 2015 by डॉ. सौरभ मालवीय | Leave a Comment कालजयी जीवनी आवारा मसीहा के रचियता सुप्रसिद्ध साहित्यकार विष्णु प्रभाकर कहते थे कि एक साहित्यकार को केवल यह नहीं सोचना चाहिए कि उसे क्या लिखना है, बल्कि इस पर भी गंभीरता से विचार करना चाहिए कि क्या नहीं लिखना है. वह अपने लिखने के बारे में कहते थे कि प्रत्येक मनुष्य दूसरे के प्रति उत्तरदायी […] Read more » Featured मानवतावादी रचनाकार मानवतावादी रचनाकार विष्णु प्रभाकर विष्णु प्रभाकर
टॉप स्टोरी मीडिया जांबाज जनरल वी के सिंह बनाम हीन-भावना से ग्रसित अरनब गोस्वामी April 9, 2015 / April 11, 2015 by डॉ. मनीष कुमार | 5 Comments on जांबाज जनरल वी के सिंह बनाम हीन-भावना से ग्रसित अरनब गोस्वामी रात में ही ये पोस्ट लिखना पड़ रहा है क्योंकि सबेरे से टाइम्स नाउ, अरनब गोस्वामी और साथ में कुछ मीडिया के संदिग्ध लोग हंगामा मचाने वाले है. न्यूज ट्रेडर्स के निशाने पर जनरल वी के सिंह होंगे. आज एडिटर्स गिल्ड भी जागृत हो जाएगा. देश के महान महान अंग्रेजी के संपादकों का भाषण भी […] Read more » Featured prostitute to media by general v k singh जनरल वी के सिंह ने मीडिया को प्रेसटीट्यूट कहा जनरल वी.के.सिंह हीन-भावना से ग्रसित अरनब गोस्वामी
आलोचना जरूर पढ़ें महत्वपूर्ण लेख मीडिया विधि-कानून विविधा व्यंग्य वाकई, मॉल के पास तक ही रहता है संविधान का राज March 17, 2015 / March 17, 2015 by बी.पी. गौतम | Leave a Comment फिल्में सिर्फ मनोरंजन भर का साधन नहीं हैं। आंदोलन का भी माध्यम हैं फिल्में। देश और समाज की दशा प्रदर्शित कर सामाजिक परिवर्तन में बड़ी सहायक रही हैं फिल्में। दलितों और महिलाओं के साथ पिछड़े वर्ग की सोच बदलने में फिल्मों की भूमिका अहम रही है। हाल-फिलहाल एनएच- 10 नाम की फिल्म चर्चा में है। […] Read more » comments against woman dangerous delhi eve teasing law Mall मॉल मॉल के पास तक ही रहता है संविधान का राज वाकई संविधान का राज