मीडिया लेख सवालों में पत्रकारिता और पत्रकारिता पर सवाल May 29, 2022 / May 29, 2022 by मनोज कुमार | Leave a Comment हिन्दी पत्रकारिता दिवस पर विशेष लेख सवाल करती पत्रकारिता इन दिनों स्वयं सवालों के घेरे में है. पत्रकारिता का प्रथम पाठ यही पढ़ाया जाता है कि जिसके पास जितने अधिक सवाल होंगे, जितनी अधिक जिज्ञासा होगी, वह उतना कामयाब पत्रकार होगा. आज भी सवालों को उठाने वाली पत्रकारिता की धमक अलग से दिख जाती है […] Read more » journalism day न्दी पत्रकारिता दिवस पत्रकारिता पर सवाल सवालों में पत्रकारिता
मीडिया लेख मीडिया में हिंदी का बढ़ता वर्चस्व May 29, 2022 / May 29, 2022 by डॉ. पवन सिंह मलिक | Leave a Comment -डॉ. पवन सिंह मलिक 30 मई ‘हिंदी पत्रकारिता दिवस’ देश के लिए एक गौरव का दिन है। आज विश्व में हिंदी के बढ़ते वर्चस्व व सम्मान में हिंदी पत्रकारिता का विशेष योगदान है। हिंदी पत्रकारिता की एक ऐतिहासिक व स्वर्णिम यात्रा रही है जिसमें संघर्ष, कई पड़ाव व सफलताएं भी शामिल है। स्वतंत्रता संग्राम या उसके बाद के उभरते नये भारत की बात हो, तो उसमें हिंदी पत्रकारिता के भागीरथ प्रयास को नकारा […] Read more » Hindi's growing dominance in the media मीडिया में हिंदी का बढ़ता वर्चस्व
धर्म-अध्यात्म मीडिया लेख सर्वश्रेष्ठ लोक संचारक एवं आदर्श आदि पत्रकार देव ऋषि नारद May 16, 2022 / May 16, 2022 by ललित गर्ग | Leave a Comment नारद जयंती (17 मई) के पर विशेष ललित गर्ग –देव ऋषि नारद या नारद मुनि ब्रह्माजी के पुत्र और भगवान विष्णु के बहुत बड़े भक्त महान तपस्वी, तेजस्वी, सम्पूर्ण वेदान्त एवं शस्त्र के ज्ञाता तथा समस्त विद्याओं में पारंगत हैं, वे ब्रह्मतेज एवं अलौकिक तेजोरश्मियों से संपन्न हैं। हैं। वे आदि-पत्रकार हैं जो सम्पूर्ण ब्रह्माण्ड […] Read more » Best public communicator and ideal journalist Dev Rishi Narad देव ऋषि नारद नारद जयंती सर्वश्रेष्ठ लोक संचारक एवं आदर्श आदि पत्रकार देव ऋषि नारद
टेलिविज़न मीडिया पत्रकारिता के नैतिक मापदंडों पर पश्चिमी मीडिया का दागदार चेहरा July 11, 2021 / July 11, 2021 by डॉ अजय खेमरिया | Leave a Comment डॉ अजय खेमरिया कोविड 19 की वैश्विक आपदा ने भारत के विरुद्ध पश्चिमी मीडिया के दुराग्रह को पूरी प्रमाणिकता के साथ पुनः बेनकाब कर दिया है।सच्चाई और जबाबदेही के युग्म से पत्रकारिता के आदर्श का खंब ठोकने वाला पश्चिमी मीडिया स्वयं किस हद दर्जे के दोहरे मापदंड पर जिंदा है यह कोरोना की दूसरी लहर […] Read more » tainted face of western media The tainted face of western media on ethical standards of journalism पश्चिमी मीडिया का दागदार चेहरा
मनोरंजन मीडिया ट्विटर पर स्थायी पाबन्दी क्यों नहीं? July 1, 2021 / July 1, 2021 by शिव शरण त्रिपाठी | Leave a Comment यदि बार-बार चेतावनियों के बाद भी ट्विटर सरकार के नये नियमों का पालन करने को किसी भी कीमत पर तैयार नहीं है और तीन महीने की अवधि समाप्त हो जाने के बाद भी जिस तरह ट्विटर ने सरकार को छका रखा है उससे तो यही लगता है उसे सरकार का तनिक भी भय नहीं रह […] Read more » Why not a permanent ban on Twitter? ट्विटर पर स्थायी पाबन्दी
मनोरंजन मीडिया लेख ‘स्वदेश कुल’ की वैचारिक पत्रकारिता के ‘कुलपति’ हैं राजेंद्र शर्मा June 15, 2021 / June 15, 2021 by संजय द्विवेदी | Leave a Comment 75 वीं वर्षगांठ (18 जून) पर विशेष पत्रकारिता की उजली परंपरा के वाहक -प्रो.संजय द्विवेदी विचारधारा के प्रति अविचल आस्थाः ‘स्वदेश’ की विस्तार यात्रा के सारथीः श्री राजेंद्र शर्मा का पिंड पत्रकार का है,लेखक का है , संपादक का है। बावजूद इसके वे चुनौतियों से भागने वाले व्यक्ति नहीं हैं। एक सफल संपादक के नाते ग्वालियर में […] Read more » ideological journalism राजेंद्र शर्मा स्वदेश कुल
टेलिविज़न मनोरंजन मीडिया लेख एजेंडा सेटिंग नहीं, लोकमंगल है मीडिया का धर्म June 4, 2021 / June 4, 2021 by संजय द्विवेदी | Leave a Comment -प्रो.संजय द्विवेदी शानदार जनधर्मी अतीत और उसके पारंपरिक मूल्यों ने मीडिया को समाज में जो आदर दिलाया है, वह विलक्षण है। हिंदी पत्रकारिता की नींव में ही संस्कारों का पाठ है और गहरा मूल्यबोध उसकी चेतना में रचा-बसा है। 30 मई,1826 को कोलकाता से जब पं. युगुल किशोर शुक्ल ने उदंत मार्तंण्ड का प्रकाशन प्रारंभ […] Read more » Agenda setting Lokmangal is the religion of media लोकमंगल है मीडिया का धर्म
मनोरंजन मीडिया लेख पठनीयता के संकट के बीच खुद को बदल रहे हैं अखबार May 31, 2021 / May 31, 2021 by संजय द्विवेदी | Leave a Comment -प्रो. संजय द्विवेदी Read more » Newspapers changing themselves Newspapers changing themselves amid readability crisis readability crisis of newspaper खुद को बदल रहे हैं अखबार
टेलिविज़न मीडिया लेख भारत की अखंडता-संप्रभुता के लिए बड़ा खतरा है विदेशी सोशल मीडिया May 31, 2021 / May 31, 2021 by संजय सक्सेना | Leave a Comment इस्ट इंडिया कम्पनी की तरह की आज टिव्टर एवं वाॅटस एप कम्पनिया भी भारतीय संविधान की धज्जियां उड़ाते हुए केन्द्र सरकार पर आंखे तरेर रही हैं। हालांकि अब समय बदल गया है,तब देश पर कब्जा करने के लिए ईस्ट इंडिया कम्पनी आई थी, आज की ’ईस्ट इंडिया कम्पनियां’ देश के बाजार पर कब्जा करने की […] Read more » Foreign social media is a big threat to India's integrity-sovereignty toolkit भारत की अखंडता-संप्रभुता के लिए खतरा विदेशी सोशल मीडिया विदेशी सोशल मीडिया
मीडिया लेख हिंदी दिवस संभावनाओं भरा है हिंदी पत्रकारिता का भविष्य May 29, 2021 / May 29, 2021 by डॉ. पवन सिंह मलिक | Leave a Comment -डॉ. पवन सिंह मलिक 30 मई ‘हिंदी पत्रकारिता दिवस’ देश के लिए एक गौरव का दिन है। आज विश्व में हिंदी के बढ़ते वर्चस्व व सम्मान में हिंदी पत्रकारिता का विशेष योगदान है। हिंदी पत्रकारिता की एक ऐतिहासिक व स्वर्णिम यात्रा रही है जिसमें संघर्ष, कई पड़ाव व सफलताएं भी शामिल है। स्वतंत्रता संग्राम या […] Read more » Hindi journalism and value perception Increasing Hindi supremacy in Internet media Unreasonable relation of journalism and literature इंटरनेट मीडिया में बढ़ता हिंदी का वर्चस्व पत्रकारिता व साहित्य का अभेद संबंध हिंदी पत्रकारिता का भविष्य हिंदी पत्रकारिता व मूल्य बोध
टेलिविज़न मीडिया उजली विरासत को सहेजने की जरूरत : उठ रहे सवालों के ठोस और वाजिब हल तलाशने होंगें May 29, 2021 / May 29, 2021 by संजय द्विवेदी | Leave a Comment एक समय में प्रिंट मीडिया ही सूचनाओं का वाहक था, वही विचारों की जगह भी था। 1990 के बाद टीवी घर-घर पहुंचा और उदारीकरण के बाद निजी चैनलों की बाढ़ आ गयी। इसमें तमाम न्यूज चैनल भी आए। जल्दी सूचना देने की होड़ और टीआरपी की जंग ने माहौल को गंदला दिया। इसके बाद शुरू […] Read more » पत्रकारिता के सामने आ रहे संकटों पर बात हिंदी पत्रकारिता दिवस 30 मई
मीडिया लेख नारद दृष्टि : पत्रकारिता का पथ प्रदर्शक May 27, 2021 / May 27, 2021 by डॉ. पवन सिंह मलिक | Leave a Comment आज पूरा विश्व भारत की ओर आशा भरी नजरों से देख रहा है, क्योंकि भारत ही विश्व को सही दिशा और दशा देने की क्षमता रखता है। ऐसे में लोकतंत्र का चौथा स्तम्भ होने के कारण मीडिया जगत की भूमिका और अधिक बढ़ जाती है कि विश्व के समक्ष अपने राष्ट्र की कैसी तस्वीर प्रस्तुत […] Read more » Narada pioneer of journalism Narada vision पत्रकारिता का पथ प्रदर्शक