मनोरंजन मीडिया समाज जन-जन को जगाता “सोशल मीडिया” November 29, 2020 / November 29, 2020 by विनोद कुमार सर्वोदय | Leave a Comment राष्ट्रीय उपलब्धियों,समस्याओं और अन्य समाचारों का प्रसार व प्रचार करने के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभाने में समाचार पत्रों व टीवी न्यूज चैनलों का वर्षो से विशेष योगदान बना हुआ है। उसी कड़ी में बढ़ते संचार संसाधनों के कारण ट्विटर,फेसबुक व व्हाट्सऐप आदि की जन जन तक पहुँच होने से बढ़ते संवादों ने सोशल मीडिया को […] Read more » Social media awakens people अल्पसंख्यक आयोग अल्पसंख्यक मन्त्रालय इस्लामिक आतंकवाद जनसंख्या नियंत्रण कानून सामान नागरिक संहिता सोशल मीडिया
मीडिया लेख पत्रकारिता के व्यवहार में आई गिरावट November 7, 2020 / November 7, 2020 by अनिल अनूप | Leave a Comment अनिल अनूप मीडिया को कोई एक पक्ष कभी मजबूत नहीं कर सकता, लेकिन परस्पर विरोधी विचारधाराओं के बीच पत्रकारिता का खनन अब लाभ-हानि का सबब है। पत्रकार के पत्रकार के प्रति सम्मान की शून्यता में उगते अर्णब गोस्वामी को शिखर मानने वालों की कमी नहीं और न ही विनोद दुआ के खिलाफ हिमाचल में देशद्रोह […] Read more » Decline in journalistic behavior पत्रकारिता पत्रकारिता के व्यवहार में गिरावट
मनोरंजन मीडिया सिटिज़न जर्नलिज़्म: प्रोत्साहन के साथ-साथ प्रशिक्षण भी जरुरी October 26, 2020 / October 26, 2020 by डॉ. पवन सिंह मलिक | Leave a Comment डॉ. पवन सिंह मलिक सिटिज़न जर्नलिज़्म शब्द जिसे हम नागरिक पत्रकारिता भी कहते है आज आम आदमी की आवाज़ बन गया है। यह समाज के प्रति अपने कर्तव्य को समझते हुए, संबंधित विषय को कंटेंट के माध्यम से तकनीक का सहारा लेते हुए अपने लक्षित समूह तक पहुंचाने का एक ज़ज्बा है। वर्तमान में नागरिक […] Read more » citizen journalism Citizen Journalism: Along with encouragement training is also necessary for citizen journalism सिटिज़न जर्नलिज़्म
मीडिया लेख लोकमंगल की पत्रकारिता और वर्तमान चुनौतियां October 15, 2020 / October 15, 2020 by मनोज कुमार | Leave a Comment मनोज कुमारअपने जन्म से लेकर अब तक की पत्रकारिता लोकमंगल की पत्रकारिता रही है। लोकमंगल की पत्रकारिता की चर्चा जब करते हैं तो यह बात शीशे की तरह साफ होती है कि हम समाज के हितों के लिए लिखने और बोलने की बात करते हैं। लोकमंगल के वृहत्तर दायित्व के कारण ही पत्रकारिता को समाज […] Read more » journalism and current challenges Lokmangal journalism पत्रकारिता और वर्तमान चुनौतियां लोकमंगल की पत्रकारिता
टेलिविज़न मनोरंजन मीडिया टीआरपी: मीडिया की साख पर आंच October 10, 2020 / October 10, 2020 by डॉ. पवन सिंह मलिक | Leave a Comment – डॉ. पवन सिंह मलिक चौबीस घंटे सबकी खबरें देने वाले टीवी न्यूज़ चैनल अगर खुद ही ख़बरों में आ जाए, तो इससे बड़ी हैरानी व अचंभित करने वाली ख़बर क्या होगी। परंतु पिछले कुछ घंटो में ऐसा ही नज़ारा टीवी पर हम सब देख रहे है। पर ये तो सीधा-सीधा उन करोड़ों दर्शकों की आस्था के […] Read more » hit on Media credibility TRP टीआरपी टेलीविजन रेटिंग प्वाइंट्स
टेलिविज़न मनोरंजन मीडिया मीडिया का संकीर्णतावादी चरित्र September 25, 2020 / September 25, 2020 by डॉ. ज्योति सिडाना | Leave a Comment डॉ. ज्योति सिडाना मीडिया को लोकतंत्र का चौथा स्तम्भ कहा जाता है क्योंकि सार्वजनिक जीवन की गुणवत्ता में सुधार करने के एक साधन के रूप में तथा देश के लोकतान्त्रिक चरित्र का प्रचार-प्रसार करने में मीडिया की भूमिका से इंकार नहीं किया जा सकता है. यह एक तथ्य है कि मीडिया समाज के सभी सदस्यों […] Read more » Media parochial character मीडिया का संकीर्णतावादी चरित्र
टेलिविज़न टॉप स्टोरी मीडिया गंभीर समस्याओं का समाधान करने की जगह ध्यान हटाने की कला में माहिर होते सिस्टम में बैठे कुछ लोग September 22, 2020 / September 22, 2020 by दीपक कुमार त्यागी | Leave a Comment दीपक कुमार त्यागी विश्व में भारत की पहचान एक सबसे बड़े पूर्णतः लोकतांत्रिक व्यवस्था को मानने वाले देश के रूप में होती है, जहां पर आम लोगों के द्वारा चुनी गयी सरकार लोकतंत्र के मूल्यों की रक्षा करते हुए जनहित के सभी कार्यों को समय रहते संपन्न कराती रहती है। हमारा प्यारा देश भारत सम्पूर्ण […] Read more » Some people sitting in the system specializing in the art of deflecting instead of solving serious problems अभिनेत्री कंगना रनौत पर हो रहे अत्याचार कोरोना वायरस महामारी सुशांत सिंह राजपूत की आत्महत्या की घटना
टेलिविज़न मनोरंजन मीडिया ब्रेकिंग न्यूज के दौर में हिन्दी पर ब्रेक September 14, 2020 / September 14, 2020 by मनोज कुमार | Leave a Comment मनोज कुमार ब्रेकिंग न्यूज के दौर में हिन्दी के चलन पर ब्रेक लग गया है. आप हिन्दी के हिमायती हों और हिन्दी को प्रतिष्ठापित करने के लिए हिन्दी को अलंकृत करते रहें, उसमें विशेषण लगाकर हिन्दी को श्रेष्ठ से श्रेष्ठतम बताने की भरसक प्रयत्न करें लेकिन सच है कि नकली अंग्रेजियत में डूबे हिन्दी समाचार […] Read more » Breaking on Hindi during the breaking news हिन्दी पर ब्रेक
टेलिविज़न मीडिया सच्चाई की अभिव्यक्ति पर प्रहार क्यों September 13, 2020 / September 13, 2020 by विनोद कुमार सर्वोदय | 1 Comment on सच्चाई की अभिव्यक्ति पर प्रहार क्यों सुदर्शन न्यूज चैनल के प्रधान श्री सुरेश चौहान के. जी की साहसिक पत्रकारिता का अद्भूत पराक्रम वर्षों से देशभक्तों को प्रेरित कर रहा हैं। जबकि देश विरोधी शक्तियां इनकी सच्ची अभिव्यक्ति पर प्रहार करने से कभी भी नहीं चूकती। इनके “बिंदास बोल” कार्यक्रम में वर्षों से राष्ट्र हित के विषयों को प्रमुखता से उठाया जाता […] Read more » ban on sudarshan channel sudarshan channel Why the expression of truth strikes सच्चाई की अभिव्यक्ति पर प्रहार सुदर्शन न्यूज चैनल
मीडिया विविधा विश्ववार्ता ई-मीडिया, बिग डेटा और कठपुतली नाच September 10, 2020 / September 10, 2020 by संदीप प्रसाद | Leave a Comment संदीप प्रसाद कुछ सालों के अंदर सोशल मीडिया के चलन में बहुत बढ़त हुई है। गूगल, फेसबुक, ट्विटर, व्हाट्सऐप, इंस्टाग्राम ने सारी दुनियाँ से स्त्री-पुरुष, बेरोजगार-रोजगार हर तपके और उम्र के लोगों को अपनी ओर खींचा है। सब अपने-अपने तरीके और स्तर से इस क्षेत्र में अपनी आजमाईश कर रहे हैं। तकनीक जगत में लगातार […] Read more » Big Data and Puppet Dance E-Media ई-मीडिया
मनोरंजन मीडिया सिनेमा सुशांत सिंह राजपूत केस में टीआरपी के लिए न्यायिक व जांच प्रक्रिया का मीडिया ट्रायल करते न्यूज चैनल! September 7, 2020 / September 7, 2020 by दीपक कुमार त्यागी | Leave a Comment दीपक कुमार त्यागीजब से मुंबई में प्रसिद्ध फिल्म अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत ने 14 जून 2020 को आत्महत्या की है, तब से उनके परिवार व सभी चाहने वाले इस आत्महत्या की घटना की एक-एक सच्चाई जानना चाहते हैं, वो चाहते है कि इस मामले में अगर कुछ झोलझाल है तो वो सभी देशवासियों के सामने […] Read more » टीआरपी न्यायिक व जांच प्रक्रिया का मीडिया ट्रायल मीडिया ट्रायल करते न्यूज चैनल सुशांत सिंह राजपूत
मीडिया लेख पत्रकारिता पर क्यों उठते सवाल ? September 3, 2020 / September 3, 2020 by प्रभुनाथ शुक्ल | Leave a Comment प्रभुनाथ शुक्ल पत्रकारिता के आगे एक हांसिया खड़ा है ? वह हांसिया उसे कटघरे में खड़ा करता है। पत्रकारिता ख़ुद न्याय की मांग कर रहीं है। उसकी आजादी और निष्पक्षता प्रभावित हो रहीं है। वह कराहती, टूटती और बिखरती नज़र आती है। उसकी […] Read more » question arising on journalism पत्रकारिता पर क्यों उठते सवाल पत्रकारिता पर सवाल