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महाशक्ति नहीं वरण मुफ्तखोरों का देश बना रही हैं अनुदान आधारित अर्थात खैराती योजनायें

-अशोक “प्रवृद्ध”- विभाजन के पश्चात् हमारे देश भारतवर्ष में अधिकांश समय तक केन्द्र की सत्ता