राजनीति राष्ट्रसंस्कृति से आप्लावित पं.दीनदयाल उपाध्याय का राजनैतिक दर्शन February 11, 2022 / February 11, 2022 by कृष्णमुरारी त्रिपाठी अटल | Leave a Comment कृष्णमुरारी त्रिपाठी अटलभारतीय राजनीति के वृहदाकाश में दैदीप्यमान पं. दीनदयाल उपाध्याय अपने राष्ट्रीय विचारों, राष्ट्रवाद व भारतीय सनातन हिन्दू संस्कृति के मुखर पक्षधर व तदानुरुप रीति-नीति के आधुनिक राजनैतिक प्रवर्तकों में लब्ध-प्रतिष्ठित हैं।उन्होंने केवल विचार ही नहीं दिए,अपितु जनसंघ व राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के माध्यम से विचारों को धरातलीय रुप भी दिया। एकात्ममानव दर्शन व […] Read more » Political Philosophy of Pt. Deendayal Upadhyay immersed in national culture राष्ट्रसंस्कृति से आप्लावित पं.दीनदयाल उपाध्याय
राजनीति चुनाव पूर्व ‘पी एम’ व ‘सी एम’ का चेहरा घोषित करना कितना उचित ? February 9, 2022 / February 9, 2022 by निर्मल रानी | Leave a Comment निर्मल रानीभारतीय संविधान के अनुसार जो भी व्यक्ति चुनवोपरांत बहुमत प्राप्त संसदीय दल के सदस्यों द्वारा अपना नेता चुना जाता है राष्ट्रपति द्वारा वही व्यक्ति देश का प्रधानमंत्री मनोनीत कर दिया जाता है। चाहे वह लोकसभा अथवा राज्यसभा में से किसी भी सदन का सदस्य हो अथवा न हो। यदि प्रधानमंत्री नामित व्यक्ति किसी सदन […] Read more »
राजनीति ‘ज्ञान प्रकाश से दीप्त पर्वत’ के अस्तित्व पर संकट February 9, 2022 / February 9, 2022 by इ. राजेश पाठक | Leave a Comment तिरुवान्नामलाई तमिलनाडु का वो जिला है जहां अरुणाचलम पर्वत स्थित है, जिसकी ऊंचाई 814 मीटर है. तमिल परंपरा में इसे ‘ज्ञान प्रकाश से दीप्त पर्वत’ माना गया है. १९वीं सदी में महान संत रमण महर्षि नें इसी भूमि को अपनी तपोभूमि के रूप में चुना था. स्थानीय निवासी बताते हैं कि यहाँ कभी विष्णु […] Read more » अरुणाचलम पर्वत
आर्थिकी राजनीति आम बजट में एमएसएमई क्षेत्र पर दिया गया है विशेष ध्यान February 8, 2022 / February 8, 2022 by प्रह्लाद सबनानी | Leave a Comment भारत में एमएसएमई क्षेत्र कृषि के बाद दूसरा सबसे बड़ा रोजगार उपलब्ध कराने वाला क्षेत्र माना जाता है। एमएसएमई क्षेत्र में करीब 11 करोड़ लोगों को रोजगार प्राप्त होता है। एमएसएमई क्षेत्र का देश के सकल घरेलू उत्पाद में 30 प्रतिशत और देश के निर्यात में 48 प्रतिशत का योगदान रहता है। भारत में 6.3 […] Read more » Special attention has been given to MSME sector in the general budget आम बजट में एमएसएमई क्षेत्र पर दिया गया है विशेष ध्यान
राजनीति हिन्दु होने का आरोप लगा कर सुनील जाखड किए पंजाब की राजनीति से बाहर February 8, 2022 / February 8, 2022 by डॉ. कुलदीप चन्द अग्निहोत्री | Leave a Comment – डा० कुलदीप चन्द अग्निहोत्री Read more » Sunil Jakhar out of Punjab politics by accusing him of being a Hindu सुनील जाखड पंजाब की राजनीति से बाहर हिन्दु होने का आरोप लगा कर सुनील जाखड किए पंजाब की राजनीति से बाहर
राजनीति इंडिया नाम बदलकर भारत करने का उचित समय February 7, 2022 / February 7, 2022 by अशोक “प्रवृद्ध” | 1 Comment on इंडिया नाम बदलकर भारत करने का उचित समय -अशोक “प्रवृद्ध” देश के कई शहरों व प्रदेशों के नाम परिवर्तित कर पारम्परिक नामों में बदले जाने के पश्चात क्या ऐसा नहीं लगता कि अब देश का नाम भी इंडिया से बदलकर भारत कर देने का उचित समय आ गया है? विभाजित भारत का कोई हिस्सा अब ऐसा नहीं रह गया है, जो अब ब्रिटिश […] Read more » Appropriate time to change the name of India to Bharat इंडिया नाम बदलकर भारत
राजनीति भूख की व्याकुलता एवं खाद्य पदार्थों की बर्बादी February 7, 2022 / February 7, 2022 by ललित गर्ग | Leave a Comment -ः ललित गर्ग:- संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम और साझेदार संगठन डब्ल्यूआरएपी की ओर से जारी खाद्यान्न बर्बादी सूचकांक रिपोर्ट 2021 में कहा गया है कि 2019 में 93 करोड़ 10 लाख टन खाना बर्बाद हुआ, जिसमें से 61 फीसद खाना घरों से, 26 फीसद भोजन विक्रेता के यहां से और 13 फीसद खुदरा क्षेत्र से […] Read more » food waste hunger pangs hunger pangs and food waste खाद्य पदार्थों की बर्बादी भूख की व्याकुलता
राजनीति लोकतंत्र दागी राजनीति से कब मुक्त होगा? February 4, 2022 / February 4, 2022 by ललित गर्ग | Leave a Comment ललित गर्ग-आजादी का अमृत महोत्सव मनाते हुए भारतीय राजनीतिक की शुचिता, चारित्रिक उज्ज्वलता और स्वच्छता पर लगातार खतरा मंडराना गंभीर चिन्ता का विषय है। स्वतंत्र भारत के पचहतर वर्षों में भी हमारे राजनेता अपने आचरण, चरित्र, नैतिकता और काबिलीयत को एक स्तर तक भी नहीं उठा सके। हमारी आबादी पचहतर वर्षों मंे करीब चार गुना […] Read more » When will democracy be free from tainted politics दागी राजनीति
राजनीति बजट में विभाजनकारी नीतियाँ February 3, 2022 / February 3, 2022 by विनोद बंसल | 1 Comment on बजट में विभाजनकारी नीतियाँ -विनोद बंसल बजट का शब्द सुनते ही मन में एक ही बात आती है कि यह भविष्य के अर्थ-प्रबंधन का एक खाका होगा। आगे आने वाले समय में क्या आय-व्यय होगा तथा किस मद पर कितना व्यय करने का लक्ष्य रखा जाएगा यह सब उसमें विस्तार से वर्णित होता है। देश के समेकित विकास हेतु, […] Read more » divisive policies in the budget बजट में विभाजनकारी नीतियाँ
आर्थिकी राजनीति आम जन की अपेक्षाओं के अनुरूप नहीं है बजट February 3, 2022 / February 3, 2022 by योगेश कुमार गोयल | 1 Comment on आम जन की अपेक्षाओं के अनुरूप नहीं है बजट योगेश कुमार गोयलसबसे लंबा बजट भाषण देने, परम्परा में बदलाव और पेपरलेस बजट जैसे कई रिकॉर्ड कायम करने के बाद वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने वित्त वर्ष 2022-23 के लिए एक फरवरी को अपना चौथा आम बजट पेश किया। यह बजट मोदी सरकार का दसवां और केन्द्र सरकार के मौजूदा कार्यकाल का चौथा बजट था। इस […] Read more » budget 2022 The budget is not as per the expectations of the general public बजट 2022
राजनीति राजनीति नहीं, देशहित का दूरगामी अमृत बजट February 3, 2022 / February 3, 2022 by ललित गर्ग | 1 Comment on राजनीति नहीं, देशहित का दूरगामी अमृत बजट -ः ललित गर्ग:-सशक्त एवं विकसित भारत निर्मित करने, उसे दुनिया की आर्थिक महाशक्ति बनाने और कोरोना महामारी से ध्वस्त हुई अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने की दृष्टि से वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा मंगलवार को लोकसभा में प्रस्तुत आम बजट इसलिए विशेष रूप से उल्लेखनीय है, क्योंकि मोदी सरकार ने देश के आर्थिक भविष्य को […] Read more » budget is a far-reaching elixir of national interest देशहित का दूरगामी अमृत बजट
आर्थिकी राजनीति केंद्र सरकार की आपात ऋण गारंटी योजना व्यवसाईयों एवं एमएसएमई क्षेत्र के लिए सिद्ध हुई हैं एक वरदान February 3, 2022 / February 3, 2022 by प्रह्लाद सबनानी | Leave a Comment कोरोना महामारी के प्रथम दौर के काल में केंद्र सरकार द्वारा मई 2020 में आपात ऋण गारंटी योजना को प्रारम्भ किया गया था जिसके अंतर्गत विभिन्न बैंकों द्वारा एमएसएमई इकाईयों को प्रदान किए जाने वाले आपात ऋण की गारंटी केंद्र सरकार द्वारा प्रदान की गई थी। हाल ही में भारतीय स्टेट बैंक ने इस योजना […] Read more » The emergency loan guarantee scheme of the central government has proved to be a boon for the businessmen and MSME sector. आपात ऋण गारंटी योजना आपात ऋण गारंटी योजना व्यवसाईयों एवं एमएसएमई क्षेत्र के लिए सिद्ध हुई हैं एक वरदान एमएसएमई क्षेत्र के लिए सिद्ध हुई हैं एक वरदान