राजनीति आंखों से बोलते थे अटल जी August 17, 2018 / August 17, 2018 by प्रवीण गुगनानी | Leave a Comment प्रवीण गुगनानी प्रसिद्ध दार्शनिक सुकरात ने कहा था कि “जिस देश का राजा कवि होगा उस देश में कोई दुखी न होगा” – अटल जी के प्रधानमंत्रित्व काल में यह बात चरितार्थ हो रही थी. स्वातंत्र्योत्तर भारत के नेताओं में कुछ ही ऐसे नेता हुए हैं जो विपक्षियों से भी सम्मान पातें हों. और ऐसे जननेता तो […] Read more » Featured अटल बिहारी वाजपेयी आंखों से बोलते थे अटल जी ग्वालियर नागपुर परमाणु परीक्षण राजनैतिक अवधारणा राष्ट्रधर्म पाञ्चजन्य राष्ट्रवाद
राजनीति वाजपेयीजी को अलविदा नहीं कहा जा सकता August 17, 2018 / August 17, 2018 by ललित गर्ग | Leave a Comment ललित गर्ग- भारतीय राजनीति का महानायक, भारतीय जनता पार्टी के 93 वर्षीय दिग्गज नेता, प्रखर कवि, वक्ता और पत्रकार श्री अटल विहारी वाजपेयी मौत से जंग करते हुए इस संसार से विदा हो गये हैं। उनका निधन न केवल भारत की राजनीति की बल्कि राष्ट्रीयता की अपूरणीय क्षति है। पूरा राष्ट्र अपने महानायक से जुदा […] Read more » Featured गांवों झोपड़ियों और भवनों पगडंडियों परमाणु परीक्षण पाकिस्तानी सेना पाँचजन्य महानगरों राजमार्गों राष्ट्रधर्म श्री अटल विहारी वाजपेयी
राजनीति चकनाचूर होता महागठबंधन का सपना August 16, 2018 / August 16, 2018 by अरविंद जयतिलक | Leave a Comment अरविंद जयतिलक 2019 के आमचुनाव से पहले कांग्रेस पार्टी की दिली इच्छा क्षेत्रीय क्षत्रपों को एकजुट कर राहुल गांधी के नेतृत्व में महागठबंधन को आकार देने की है। लेकिन हाल ही में राज्यसभा के उपसभापति चुनाव में उसके उम्मीदवार बीके हरिप्रसाद को मिली करारी शिकस्त और राजग उम्मीदवार सांसद हरिवंश की जीत ने उसकी रणनीतिक […] Read more » Featured आंध्रप्रदेश उत्तराखंड एवं उत्तर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी गुजरात गोवा चकनाचूर होता महागठबंधन का सपना छत्तीसगढ़ जम्मू-कश्मीर तेलंगाना दिल्ली पंजाब भाजपा अध्यक्ष अमित शाह मध्यप्रदेश महाराष्ट्र राजस्थान सोनिया गांधी हरियाणा हिमाचल प्रदेश और मणिपुर
राजनीति वैसे ही बाकी पत्रकारों का हक बनता है सवाल पूछना August 16, 2018 / August 16, 2018 by विवेक कुमार पाठक | Leave a Comment विवेक कुमार पाठक आम आदमी पार्टी के नेता और पत्रकारिता छोड़कर कलम की जगह राजनीति की झाडू़ पकड़ने वाले आशुतोष ने आप से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने इस्तीफे का कारण व्यक्तिगत कारण बताएं हैं और अपना इस्तीफा स्वीकारने का पार्टी पीएसी से अनुरोध किया है। आशुतोष ने टिवटर पर इस्तीफा शब्दों की जादूगरी के […] Read more » Featured अरविंद केजरीवाल आशुतोष दल की नीतियां दल के कार्यकर्ता दल के लाभ दल के हित
राजनीति राजनीतिक August 16, 2018 / August 16, 2018 by डॉ अजय खेमरिया | Leave a Comment डॉ अजय खेमरिया लिंगायतों को अलग धर्म का दर्जा देने सबंधी कर्नाटक सरकार की सिफारिश जिन आधारों पर की गई है वह विशुद्ध राजनीतिक है औऱ सिर्फ हिंदुओं को विभाजित कर वोट हासिल करना इसका एकमात्र लक्ष्य है।जिस समिति के अध्ययन पर मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने लिंगायतों को हिन्दू धर्म से अलग बताया है उसके अनुसार […] Read more » Featured अल्पसंख्यकवाद की राष्ट्र केवट निषाद मल्लाह रघुवंशी राम को राजनीतिक राहुल गांधी लिंगायतों सिद्धारमैया
राजनीति दिलचस्प दिन August 14, 2018 / August 14, 2018 by गंगानन्द झा | 11 Comments on दिलचस्प दिन गङ्गानन्द झा श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारतीय जनता पार्टी की सरकार का सत्तारूढ़ होना गणतान्त्रिक भारत के विकास के इतिहास की दिशा और दशा परिभाषित करनेवाली घटना है। उनका आश्वासन है— “अच्छे दिन आनेवाले हैं।“ हमें विश्वास है कि आनेवाले दिन अच्छे न भी हों पर, दिलचस्प तो अवश्य होंगे। सत्ता परिवर्तन पहली […] Read more » Featured अटल बिहारी वाजपेई अल्पसंख्यकों जवाहरलाल दिलचस्प दिन राजनीतिक स्वाधीनता
मनोरंजन राजनीति शंभू शिखर के बेहतरीन और मज़ेदार कविताओं को सुनने के लिए इस विशेष पेशकश को अंत तक देखें August 14, 2018 / August 14, 2018 by अभिलेख यादव | 1 Comment on शंभू शिखर के बेहतरीन और मज़ेदार कविताओं को सुनने के लिए इस विशेष पेशकश को अंत तक देखें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर प्रसिद्ध हास्य कवि शंभू शिखर ने प्रवक्ता॰कॉम के साथ बात करते हुए अपनी ज़िंदगी के कई अहम राज़ खोले साथ ही उन्होंने देश की समस्याओं पर अपने चिर-परिचित अंदाज़ में व्यंग किया । इसके साथ ही उन्होने बड़े साफगोई से अपने संघर्ष के दिनों की बात साझा की। […] Read more » Featured मज़ेदार कविताओं शंभू शिखर
राजनीति शिवराज सिंह चौहान को हातिमताई बनाते अंत्योदय मेले August 14, 2018 / August 14, 2018 by विवेक कुमार पाठक | Leave a Comment मोनिका पाठक मध्यप्रदेश में अब चुनावी रंग में सराबोर है। सूबे के मुखिया पिछले सात महीने से पूरी तरह चुनावी मोड में हैं तो विपक्ष भी अपने बस तक दम लगा रहा है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की विशाल सभा के बिना अफसर जनता को नियमित सौंगातें बांटने से बच रहे हैं। अब तक के […] Read more » Featured अंत्योदय मेले इमदाद लाड़ली लक्ष्मियों विधवाओं की पेंशन शिवराज सिंह चौहान सांस्कृतिक प्रस्तुतियों
राजनीति समाज स्वतंत्रता के बाद स्वावलंबन का प्रश्न August 14, 2018 / August 14, 2018 by प्रमोद भार्गव | Leave a Comment प्रमोद भार्गव 15 अगस्त 1947 की आधी रात को खंडित स्वतंत्रता स्वीकारने के बाद बड़ा सवाल आर्थिक विकास और स्वाबलंबन का था। स्वावलंबन ही वह आधार है, जो नागरिक और उसके पारिवारिक सदस्यों की आजीविका और रोजागार के संसाधनों को उपलब्ध कराने का काम आसान करता है। यह इसलिए जरूरी था, क्योंकि ब्रिटिश हुक्मरानों ने […] Read more » Featured आदिवासी महिलाएं वरिष्ठ आभूषण कृषि चंद्रशेखर प्रधानमंत्री दलित धातु पीवी नरसिंह पूर्व गर्वनर मनमोहन सिंह मजदूर मिट्टी के बर्तन वस्त्र विश्व बैंक
राजनीति स्वतंत्रता दिवस पर अंधविश्वास की परछाई August 13, 2018 / August 13, 2018 by संजीव खुदशाह | 1 Comment on स्वतंत्रता दिवस पर अंधविश्वास की परछाई संजीव खुदशाह यह प्रश्न अटपटा हो सकता है। लेकिन क्या आपको मालूम है कि 14 अगस्त को पाकिस्तान में आजादी का दिवस मनाया जाता है। इसके पीछे इतिहास में कुछ कहानियां छिपी हुई है। 1929 में तत्कालीन कांग्रेस के अध्यक्ष पंडित जवाहरलाल नेहरु ने ब्रिटिश शासन से पूर्ण स्वराज की मांग की थी। उस समय […] Read more » Featured क्षेत्रीयतावाद पंडित जवाहरलाल नेहरु ब्रिटिश शासन भारत में लोकतंत्र महिलाओं सुख शांति स्वतंत्रता दिवस पर अंधविश्वास की परछाई
राजनीति आज़ादी : एक शब्द कितने मायने ! August 13, 2018 / August 13, 2018 by देवेंद्रराज सुथार | Leave a Comment देवेंद्रराज सुथार आज़ादी की कीमत पिंजरे में कैद तोता ही जान सकता है। जिसके पंख फड़फड़ाकर स्वर्ण सलाखों से टकरा रहे हैं। जिसकी आत्मा कैद की गुलामी से आज़ाद होने के लिए तड़प रही है। चीत्कार और पुकार के बीच संघर्ष करता यह तोता उन तमाम लोगों का प्रतीक है, जिनको 15 अगस्त, 1947 से […] Read more » 15 अगस्त 1947 Featured आज़ादी : एक शब्द कितने मायने ! उच्च शिक्षा नमामि गंगे प्रधानमंत्री पंडित जवाहर लाल नेहरु भारतीयों भ्रष्टाचार सरदार वल्लभ भाई पटेल
राजनीति समाज विदेशों में ही क्यों बढ़ रही है हिन्दी की ताकत August 13, 2018 / August 13, 2018 by ललित गर्ग | Leave a Comment ललित गर्ग- भारत एक है, संविधान एक है। लोकसभा एक है। सेना एक है। मुद्रा एक है। राष्ट्रीय ध्वज एक है। लेकिन इन सबके अतिरिक्त बहुत कुछ और है जो भी एक होना चाहिए। बात चाहे राष्ट्र भाषा हो या राष्ट्र गान या राष्ट्र गीत- इन सबको भी समूचे राष्ट्र में सम्मान एवं स्वीकार्यता मिलनी […] Read more » Featured अफगानिस्तान तिब्बत नेपाल बांग्लादेश बाथरूम भूटान भोजन महोदय महोदया मैडम म्यांमार राष्ट्रभाषा हिन्दी लंच विदेशों में ही क्यों बढ़ रही है हिन्दी की ताकत श्रीमन् सर स्नानघर