राजनीति विधि-कानून तो क्या ट्रायल कोर्ट सर्वोच्च न्यायालय से बड़ा है January 5, 2018 by वीरेंदर परिहार | 1 Comment on तो क्या ट्रायल कोर्ट सर्वोच्च न्यायालय से बड़ा है वीरेन्द्र सिंह परिहार 2 जी स्पेक्ट्रम मामले में सी.बी.आई. की विशेष अदालत का फैसला जिसमे ए. राजा और काणिमोझी समेत अन्य आरोपियों को दोषमुक्त कर दिया गया, एक बहुत ही आश्चर्यजनक फैसला है। इतना आश्चर्य जनक कि देश के बहुत से लोग इस फैसले को लेकर सन्न हैं। ऐसा इसलिये कि सर्वोच्च न्यायालय ने इसे […] Read more » 2 जी स्पेक्ट्रम मामले 2g spectrum Featured trial court verdict on supreme court ए. राजा काणिमोझी चारा घोटाला ट्रायल कोर्ट शशिकला सर्वोच्च न्यायालय
राजनीति बांग्लादेशी घुसपैठियों पर निर्णायक मूड में नमो सरकार January 4, 2018 by प्रवीण गुगनानी | Leave a Comment अंततः संघ परिवार की नीतियों के अनुरूप बांग्लादेशी घुसपैठियों के संदर्भ में असम की सर्वानंद सरकार ने व केंद्र कीनमो सरकार ने अपना राष्ट्रवादी मास्टर प्लान लागू कर दिया है. 22 फरवरी 2014 को, लोस चुनाव के दौरान भाजपा के प्रधानमंत्री पद के प्रत्याशी नरेंद्र मोदी ने असम के सिलचर में कहा था- ‘बांग्लादेश से दो तरह के लोगभारत में आए हैं. एक शरणार्थी हैं जबकि दूसरे घुसपैठिये. अगर हमारी सरकार बनती है तो हम बांग्लादेश से आएहिंदू शरणार्थियों को नागरिकता देने के साथ ही घुसपैठियों को यहां से बाहर खदेड़ने का भी वादा करते हैं.’ भाजपा नेअसम में लोकसभा व विधानसभा दोनों चुनावों में “जाति, माटी, भेटी” यानि जाति, जमीन और अस्तित्व की रक्षा करनेके नाम पर वोट मांगे थे. सत्ता में आने के बाद 19 जुलाई 2016 को नमो सरकार के गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने लोकसभा में ‘नागरिकता(संशोधन) विधेयक,2016’ पेश किया. यह विधेयक 1955 के उस ‘नागरिकता अधिनियम’ में बदलाव के लिए था, जिसकेजरिए किसी भी व्यक्ति की भारतीय नागरिकता तय होती है. इस विधेयक में प्रावधान था कि अफगानिस्तान, बांग्लादेशऔर पकिस्तान से आने वाले हिंदू, सिख, बौद्ध, जैन, पारसी और ईसाई लोगों को ‘अवैध प्रवासी’ नहीं माना जाएगा.’इसका सीधा सा अर्थ ये था कि इसके जरिए बांग्लादेशी हिंदुओं को भारत की नागरिकता दी जानी थी. अब इस दिशा मेंठोस कदम के रूप में NRC यानि नैशनल रजिस्ट्रेशन ऑफ सिटिजन का पहला ड्राफ्ट 31 दिसंबर की रात सामने आयाहै. इस ड्राफ्ट में असम के कुल 3.29 करोड़ लोगों में से 1.9 करोड़ लोगों को जगह दी गई और उन्हें कानूनी तौर परभारत का नागरिक मान लिया गया है. वहीं बचे हुए लोगों का प्रमाणीकरण हो रहा है, जिसके बाद उनका नाम इसलिस्ट में शामिल किया जाएगा. जो व्यक्ति इस लिस्ट में अपना नाम दर्ज नहीं करवा पाएंगे या उनके पास इसके लिएज़रूरी कागजात नहीं होगें, उन्हें असम का नागरिक नहीं माना जाएगा और उन्हें देश के बाहर जाना पड़ेगा. 1971 मेंजब पाकिस्तान विभाजन ले पश्चात बांग्लादेश अस्तित्व में आया, उसके बाद से ही असम घुसपैठियों के विषय चर्चितरहने लगा था. असम के रास्ते घुसपैठिये देश में घुसकर देश के प्रत्येक हिस्से में जाकर बसने लगे थे. बांग्लादेश के निर्माणके दौरान बड़े पैमाने पर हिंसा हुई व वहां की एक बड़ी आबादी भारत आकर बस गई थी, इसमें हिंदुओं के अलावामुस्लिमों की भी बड़ी आबादी थी. 1971 के इस दौर में लगभग 10 लाख बांग्लादेशी असम में ही बस गए. 1971 के बादभी बड़े पैमाने पर बांग्लादेशियों का असम में आना जारी रहा. बांग्लादेश के लोगों की बढ़ती जनसंख्या ने असम केस्थानीय लोगों में भाषायी, सांस्कृतिक व सामाजिक असुरक्षा की स्थितियां उत्पन्न कर दी. घुसपैठिये असम में नाना प्रकारसे अशांति, अव्यवस्था, अपराध व उत्पात मचाने लगे. 1978 में असम के मांगलोडी लोकसभा क्षेत्र के उपचुनाव केदौरान चुनाव आयोग के ध्यान में आया कि इस चुनाव में वोटरों की संख्या में कई गुना वृद्धि हो गई है. चुनावी गणित वतुष्टिकरण की नीति के चलते सरकार ने 1979 में बड़ी संख्या में अवैध बांग्लादेशियों को भारतीय नागरिक बना लिया.असम में ऑल असम स्टूडेंट्स यूनियन (आसू) और असम गण संग्राम परिषद के नेतृत्व में बांग्लादेशी घुसपैठियों पर सरकारी नीति के विरोध में आन्दोलन हुआ और असम भड़क गया. आसू व अगप को असम की स्थानीय जनता ने बहुतप्यार व समर्थन दिया. छात्र संगठन आसू ने असम आंदोलन के दौरान ही 18 जनवरी 1980 को केंद्र सरकार को एकNRC अपडेट करने हेतु ज्ञापन दिया. इस बड़े व हिंसक आन्दोलन की परिणति 1985 में असम में राजीव गांधी के साथ “असम समझौते” के रूप में हुई. 1999 में वाजपेयी सरकार ने इस समझौते की समीक्षा की और 17 नवंबर 1999 कोतय किया गया कि असम समझौते के तहत NRC को अपडेट किया जाना चाहिए. अटल जी की सरकार जाने के बाद2005 में मनमोहन सरकार भी इस निर्णय पर कायम रही व NRC की समीक्षा हेतु बारपेटा और चायगांव में पायलटप्रोजेक्ट शुरू किया गया. असम के कुछ संगठनों ने इसका विरोध शुरू कर दिया और वहां हिंसा हो गई और असम कीगोगोई सरकार इसमें बेतरह विफल रही. इसके बाद नेता सर्वानंद सोनोवाल ने 2013 में बांग्लादेश के घुसपैठ के मुद्दे कोसुप्रीम कोर्ट में उठाया और न्यायालय ने NRC 1951 को अपडेट करने का आदेश दिया जिसमें 25 मार्च, 1971 से पहलेबांग्लादेश से भारत में आने वाले लोगों को स्थानीय नागरिक माने जाने की बात कही गई थी और उसके बाद के असम मेंपहुंचने वालों को बांग्लादेश वापस भेजने के आदेश दे दिए गए थे. सर्वोच्च न्यायालय के इस निर्णय के बाद ही NRC कीसमीक्षा व अपडेशन का कार्य प्रारम्भ हुआ और 1951 की जनगणना में शामिल अल्पसंख्यकों को राज्य का नागरिक मानलिया गया. 1951 से 25 मार्च, 1971 के बीच असम में आने वाले बांग्लादेशी शरणार्थियों के पास वैध कागजात नहीं थे.एनआरसी को अपडेट करने के दौरान पंचायतों की ओर से जारी नागरिकता प्रमाणपत्र को मान्यता नहीं दी जा रही थी.इसके बाद मामला असम हाईकोर्ट में पहुंच गया. हाई कोर्ट ने लगभग 26 लाख लोगों के पहचान के दस्तावेज अवैध करारदे दिए. इसके बाद मामला एक बार फिर से सुप्रीम कोर्ट में पहुंच गया. असम की सर्वानंद सरकार ने न्यायालय केआदेशानुसार 31 दिसंबर 2017 को नैशनल रजिस्टर ऑफ सिटिजंस (एनआरसी) का पहला ड्राफ्ट जारी कर दिया जिसमेंअसम के कुल 3.29 करोड़ लोगों में से 1.9 करोड़ लोगों को कानूनी तौर पर भारत का नागरिक माना गया. यद्दपिरजिस्ट्रार जनरल ऑफ इंडिया शैलेष ने ड्राफ्ट को जारी करते हुए कहा है कि लोगों कलो घबराना नहीं चाहिए व इसकेबाद और वेरिफिकेशन होगा व और ड्राफ्ट भी जारी होगा. लिस्ट जारी होने के बाद असम सरकार के वित्त मंत्री औरनागरिकता रजिस्टर के इंचार्ज हेमंत विश्व शर्मा ने कहा कि जिन लोगों का नाम एनआरसी रजिस्टर में नहीं है, उन्हें हरहाल में देश छोड़ना होगा. अब देखना यह है कि हमारा देश एक दीर्घ प्रतीक्षा के बाद किस प्रकार और कब बांग्लादेशीघुसपैठियों की समस्या से मुक्ति पायेगा. Read more » Bangladeshi infiltration Bangladeshi intruders Featured नमो सरकार बांग्लादेशी बांग्लादेशी घुसपैठि
राजनीति अपनी अलग राह बनाता भारत January 3, 2018 by दुलीचंद कालीरमन | Leave a Comment दुलीचन्द रमन पिछले दिनों अमेरिका ने अपनी 68 पृष्ठों का राष्ट्रीय सुरक्षा रणनीति-2017 दस्तावेज़ प्रकाशित किया हैं जिसमें भारत का आंकलन उभरती हुई वैश्विक शक्ति के रूप में किया गया है। भारतीय परिप्रेक्ष्य में यह उत्साहवर्धक लग सकता है। लेकिन अगर इसका गहराई से विवेचन करे तो यह अमेरिका की शीत युद्व कालीन मानसिकता का […] Read more » Featured भारत
राजनीति रजनीकांत राजनीति की एक नई सुबह January 3, 2018 by ललित गर्ग | Leave a Comment – ललित गर्ग- नयावर्ष प्रारंभ होते ही सुपर स्टार रजनीकांत ने सबको चैका दिया। उनकी राजनीति में आने की घोषणा ने जहां राजनीति के क्षेत्र में एक नयी सुबह का अहसास कराया वहीं राजनीति को एक नये दौर में ले जाने की संभावनाओं को भी उजागर किया है। रविवार को रजनीकांत ने कहा कि उनकी […] Read more » A new dawn of Rajinikanth politics Featured Rajinikanth politics तमिलनाडू की राजनीति रजनीकांत सुपर स्टार रजनीकांत
राजनीति महाराष्ट बन्द के परिप्रेक्ष्य में सेक्युलरों का सोची समझी साजिस January 3, 2018 by डा. राधेश्याम द्विवेदी | 1 Comment on महाराष्ट बन्द के परिप्रेक्ष्य में सेक्युलरों का सोची समझी साजिस डा. राधेश्याम द्विवेदी ब्राह्मण विरोधी राजनीति की जड़ 19वीं शताब्दी के उत्तरार्द्ध में ज्योतिबा फुले के सत्यशोधक समाज के रूप मंक रखा गया था, और जिसका राजनीतिक स्वरूप 20वीं शताब्दी के प्रारंभ में जस्टिस पार्टी के द्वारा रखा गया था, वह आंदोलन अपने उतरार्द्ध में मूल स्वरूप से ही भटक गया। ब्राह्मण विरोध राष्ट्र-विरोध में […] Read more » Featured Maharashtra bandh कोरेगांव का युद्ध ब्राह्मण विरोधी राजनीति महाराष्ट बन्द महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस
राजनीति दुर्जन से कैसी सज्जनता … January 1, 2018 by विनोद कुमार सर्वोदय | Leave a Comment क्या पाकिस्तान के अनेक अपमानजनक व अमर्यादित कटु व्यवहारों के बाद भी हम मौन रहें और उसे सहते रहें , पर कब तक और क्यों ? अधिक पीछे न जाते हुए अभी पिछले सप्ताह ऐसा ही एक प्रकरण हुआ जिसमें पाकिस्तान की एक जेल में बंद हमारे नागरिक कुलभूषण जाधव से मिलने गई उनकी माँ […] Read more » Featured Kulbhushan Jadhav kulbhushan jadhav wife harassed in Pakistan कुलभूषण दुर्जन
राजनीति नमामि गंगे अभियान की असफलता December 30, 2017 / December 30, 2017 by प्रमोद भार्गव | Leave a Comment संदर्भः नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक की रिपोर्ट का खुलासा- प्रमोद भार्गव प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सर्वोच्च प्राथमिकता वाली ‘नमामि गंगे‘ परियोजना नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (कैग) की रिपोर्ट के अनुसार जिस दुर्दशा को शिकार हुई है, वह आश्चर्य में डालने वाली स्थिति की बानगी है। कैग ने आॅडिट रिपोर्ट में खुलासा किया है कि केंद्र […] Read more » Failure of Namami Ganga Abhiyan Featured Namami Ganga Abhiyan नमामि गंगे अभियान
राजनीति आजादी के बाद विचारधारा से हटी कांग्रेस December 29, 2017 by अरविंद जयतिलक | Leave a Comment अरविंद जयतिलक 28 दिसंबर 1885। कांगे्रस का स्थापना दिवस। दिन के 12 बजे थे और मुंबई का गोकुलदास तेजपाल संस्कृत कालेज कांग्रेसजनों से खचाखच भरा था। अंग्रेज अधिकारी एलन आक्टेवियम ह्यूम ने व्योमेश चंद्र बनर्जी के सभापतित्व का प्रस्ताव रखा और एस सुब्रमण्यम अय्यर और काशीनाथ त्रयंबक तैलंग ने उसका समर्थन किया। इस तरह कांग्रेस […] Read more » Congress Featured कांग्रेस
राजनीति अन्यथा सारी प्रगति को भ्रष्टाचार खा जाएगा December 29, 2017 / December 29, 2017 by ललित गर्ग | Leave a Comment ललित गर्ग देश में भ्रष्टाचार पर जब भी चर्चा होती है तो राजनीति को निशाना बनाया जाता है। आजादी के सत्तर साल बीत जाने के बाद भी हम यह तय नहीं कर पाये कि भ्रष्टाचार को शक्तिशाली बनाने में राजनेताओं का बड़ा हाथ है या प्रशासनिक अधिकारियों का? प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी भ्रष्टाचार को समाप्त करने […] Read more » Corruption progress प्रगति भ्रष्टाचार
राजनीति कौन हैं जयराम ठाकुर? December 29, 2017 by पंडित दयानंद शास्त्री | Leave a Comment जानिए कौन हैं हिमाचल प्रदेश के नए मुख्यमंत्री — श्री जयराम ठाकुर… जयराम ठाकुर हिमाचल प्रदेश बीजेपी के अध्यक्ष रह चुके हैं। 52 साल के ठाकुर हिमाचल में बीजेपी की पूर्व सरकार में मंत्री रह चुके हैं। जयराम ठाकुर का जन्म 6 जनवरी 1965 को हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले के टांडी कसबे में हुआ […] Read more » Featured Jairam Thakur जयराम ठाकुर
राजनीति योगी सम्पत्ति का खुलासा नही करने वाले नौकरशाही पर सख्त December 29, 2017 by संजय सक्सेना | Leave a Comment संजय सक्सेना नेताओं के बाद अगर किसी का भ्रष्टाचार सबसे अधिक जनता की नजरों में खटकता है तो निसंदेह उसमें ब्यूरोक्रेट्स का नाम सबसे ऊपर आता है। नेता तो फिर भी आते-जाते रहते हैं, भ्रष्ट नेताओं को सत्ता से उखाड़ फेंकने का रास्ता भी जनता के पास मौजूद होता है, लेकिन भ्रष्ट नौकरशाहोें के सामने […] Read more » Bureaucracy bureaucrats in yogi government bureaucrats to disclose property UP govt on bureaucrats Yogi strict on bureaucracy Yogi strict on bureaucracy who does not disclose property नौकरशाही नौकरशाही पर सख्त योगी सम्पत्ति का खुलासा
राजनीति जाधव मामला : एक और पाकिस्तानी प्रहसन December 28, 2017 by सुरेश हिन्दुस्थानी | Leave a Comment सुरेश हिन्दुस्थानी भारत के बारे में पाकिस्तान कैसा सोच रखता है, इसका खुलासा एक बार फिर हो चुका है। कई अवसरों पर पाकिस्तान की यह मानसिकता विश्व के सामने आ चुकी है, इसके बाद भी पाकिस्तान किसी भी प्रकार से सुधरने का नाम नहीं ले रहा है। पाकिस्तान की मंशा पर उठ रहे सवालों के […] Read more » Featured jhadhav Kulbhushan Jadhav Pakistani drama जाधव मामला