राजनीति खो रही है चमकः कुछ करिए सरकार August 8, 2015 by संजय द्विवेदी | 2 Comments on खो रही है चमकः कुछ करिए सरकार संजय द्विवेदी नरेंद्र मोदी के चाहने वाले भी अगर उनकी सरकार से निराशा जताने लगे हों तो यह उनके संभलने और विचार करने का समय है। कोई भी सरकार अपनी छवि और इकबाल से ही चलती है। चाहे जिस भी कारण से अगर आपके चाहने वालों में भी निराशा आ रही है तो आपको सावधान […] Read more » कुछ करिए सरकार खो रही है चमक
जन-जागरण राजनीति बच्चों को आतंकी बनाने का खेल, खेलता पाकिस्तान August 7, 2015 by प्रमोद भार्गव | Leave a Comment प्रमोद भार्गव इस्लाम के बहाने अपने ही बच्चों को आतंकवादी बनाने में पाकिस्तान जुटा दिख रहा है। मुबंई हमलों के जिंदा बचे गुनहगार अजमल कसाब के बाद आतंकवादी मोहम्मद नावेद उर्फ कासिम खान का जिंदा पकड़ा जाना इस तथ्य का पुख्ता सबूत है। नावेद ने पुलिस को दिए बयान में कबूला भी है कि […] Read more » आतंकी बनाने का खेल पाकिस्तान
राजनीति अगस्त क्रांति August 7, 2015 by शैलेन्द्र चौहान | Leave a Comment शैलेन्द्र चौहान द्वितीय विश्व युद्ध में भारत का समर्थन लेने के बावज़ूद जब अंग्रेज़ भारत को स्वतंत्र करने को तैयार नहीं हुए तो महात्मा गाँधी ने भारत छोड़ो आंदोलन के रूप में आज़ादी की जंग का ऐलान कर दिया, जिससे ब्रितानिया हुक़ूमत दहशत में आ गई। 9 अगस्त, सन् 1942 ई. में इस आंदोलन की […] Read more » अगस्त क्रांति
राजनीति सभ्य समाज पर बदनुमा दाग है सांप्रदायिकता August 6, 2015 by सिद्धार्थ शंकर गौतम | 1 Comment on सभ्य समाज पर बदनुमा दाग है सांप्रदायिकता देश में वर्ष 2015 के शुरूआती छह माह में; बीते साल की इसी अवधि की तुलना में सांप्रदायिक हिंसा की घटनाएं बढ़ी हैं। इस साल जून तक सांप्रदायिक दंगों के 330 मामलों में 51 लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी है। गृह मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, जनवरी 2015 से जून 2015 के बीच […] Read more » सभ्य समाज पर बदनुमा दाग सांप्रदायिकता
राजनीति लोकतांत्रिक भूमिका से दूर होती कांग्रेस August 6, 2015 by सुरेश हिन्दुस्थानी | 1 Comment on लोकतांत्रिक भूमिका से दूर होती कांग्रेस सुरेश हिन्दुस्थानी वर्तमान में भारत की संसद में जिस प्रकार का विरोधाभास दिखाई दे रहा है, उसमें लोकतंत्र की धज्जियां उड़ती नजर आ रही हैं। अपने अपने पक्ष पर फेविकोल की तरह चिपकी हुई दोनों प्रमुख राजनीतिक दल कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी टस से मस होने का नाम तक नहीं ले रहीं है। ऐसे […] Read more » लोकतांत्रिक भूमिका से दूर होती कांग्रेस
राजनीति नितीश के नमो पत्र का उत्तर August 6, 2015 by प्रवीण गुगनानी | Leave a Comment नितीश जी, आपके राजनैतिक डी एन ए को लेकर मैनें आपको एक खुला पत्र जुलाई, 2012 में भी लिखा था; उसे स्मरणार्थ पढ़ें, लिंक प्रस्तुत है – https://www.pravakta.com/an-open-letter-in-the-name-of-nitish-kumar आप समय समय पर अपनें विभिन्न रंग बताते रहें हैं. आपनें मंडल आयोग के समय भी कई प्रकार के रंग बताये थे. जाति-समाज में राजनीति […] Read more » नितीश के नमो पत्र का उत्तर
राजनीति विश्ववार्ता वियना समझौते के मायने August 4, 2015 by अंकुर विजयवर्गीय | Leave a Comment यदि हम ईरान और अयातुल्ला खुमैनी को जानते हैं, यदि हम रूस, चीन और मध्य-पूर्व एशिया के देशों से ईरान के गहरे रिश्तों को जानते हैं, और यदि हम अमेरिका और यूरोपीय संघ के नेतृत्वकर्ता देशों को जानते हैं, तो यह कहने में हमें कोई हिचक नहीं होगी कि 18 दिनों की लंबी वार्ता के […] Read more » वियना समझौते के मायने
राजनीति क्या सचमुच आतंकवाद का कोई मज़हब नहीं होता? August 4, 2015 by डॉ प्रवीण तिवारी | 2 Comments on क्या सचमुच आतंकवाद का कोई मज़हब नहीं होता? मुंबई धमाकों का गुनहगार फांसी पर चढ़ा दिया गया। भारतीय न्यायव्यवस्था और लोकतंत्र की सुंदरता भी दुनिया के सामने आई। इतने बड़े गुनाह के लिए किसी और मुल्क में पकड़े जाने के बाद ही सरेआम किसी को सजा दे दी जाती लेकिन ये हमारे लोकतंत्र की मजबूती है कि हमारे देश में गुनहगार को […] Read more »
राजनीति स्वार्थी राजनीति का नमूना है संसदीय गतिरोध August 4, 2015 by मृत्युंजय दीक्षित | Leave a Comment मृत्युंजय दीक्षित जैसी की संभावना व आशंका व्यक्त की जा रही थी कि संसद का मानसून सत्र हंगामें की भेंट चढ़ जायेगा ठीक वैसा ही हो रहा है। विदेश यात्रा से लौटकर आने के बाद कांग्रेसी युवराज राहुल गांधी ने कांग्रेस की राजनीति को पटरी पर लाने के लिए मोदी सरकार पर एक के बाद […] Read more » संसदीय गतिरोध स्वार्थी राजनीति का नमूना है
राजनीति भारत-बांग्लादेश भूमि समझौते पर अमल August 4, 2015 by प्रमोद भार्गव | Leave a Comment नागरिकता को मिली नई पहचान प्रमोद भार्गव इसी साल जून माह में भारत और बांग्लादेश के बीच हुए भूमि समझौते पर शांतिपूर्ण अमल हो गया। दोनों देशों के 51 हजार नागरिकों को एक देश और उसकी नागरिक पहचान मिल गई है। इस दृष्टि से इन नागरिकों को शनिवार की सुबह उम्मीद की नई किरण के […] Read more » भारत-बांग्लादेश भूमि समझौते
राजनीति कलाम से प्रेम याकूब से घृणा – भारत के दो रूप August 4, 2015 by प्रवीण गुगनानी | Leave a Comment गत सप्ताह की दो घटनाओं से भारत के दो सशक्त रूप देखनें को मिले. एक घटना घृणा, विद्रूपता के रूप में आई तो दूसरी में सम्पूर्ण भारत सृजन, निष्ठा और प्रेम को वंदन करता दिखा. इन दो घटनाओं को संयोग कतई नहीं कहा जा सकता, क्योंकि एक घटना में भारत के प्रिय पुत्र, पूर्व राष्ट्रपति, […] Read more » कलाम से प्रेम भारत के दो रूप याकूब से घृणा
राजनीति …. लिपटे रहत भुजंग! August 3, 2015 by प्रवक्ता ब्यूरो | 1 Comment on …. लिपटे रहत भुजंग! शोध-प्रबंध : देवेश शास्त्री ‘‘जो रहीम उत्तम प्रकृति, का करि सकत कुसंग। चन्दन विष व्यापत नहीं, लिपटे रहत भुजंग।’’ रहीमदास के इस सूक्ति-परक दोहे को प्रयोग कर नीतीश कुमार चन्दन और विषधर भुजंग के प्रतीकात्मक पात्रों की खोज की जिज्ञासा जगाई, जब खुद (नीतीश कुमार) को चन्दन और सहयोगी (लालू यादव) को भुजंग के […] Read more »