राजनीति शख्सियत समाज बाबासाहेब की अंतर्दृष्टि के अनुरूप हैं संघप्रमुख के विचार September 22, 2015 by प्रवीण गुगनानी | 1 Comment on बाबासाहेब की अंतर्दृष्टि के अनुरूप हैं संघप्रमुख के विचार सरसंघचालक जी अर्थात राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ, प्रमुख मोहन रावजी भागवत के आरक्षण व्यवस्था पर पुनर्विचार की आवश्यकता व्यक्त करनें से वैचारिक तूफ़ान खड़ा हो गया है. संघप्रमुख ने आरक्षण के औचित्य पर प्रश्न कतई नहीं किया है, यह स्पष्ट है. मीडिया ने जानबूझकर उनसे बीते वर्षों में समय समय पर सार्वजनिक तौर पर उलझानें […] Read more » Featured बाबासाहेब की अंतर्दृष्टि के अनुरूप हैं संघप्रमुख के विचार
राजनीति कहीं महाभारत के शल्य की भूमिका में अब मोहन भागवत जी तो नहीं आ गए ? September 22, 2015 by श्रीराम तिवारी | 5 Comments on कहीं महाभारत के शल्य की भूमिका में अब मोहन भागवत जी तो नहीं आ गए ? लालू यादव की महाभृष्ट छवि , नीतीश की प्रशाशनिक असफलताएँ और उन का बिहारी डीएनए रोदन एवं उनके ‘ घोर जातिवादी महागठंबधन को मुलायम द्वारा लतियाये जाने के बाद बिहार में एनडीए की जीत के आसार बनने लगे थे । प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की आम सभाओं में भी काफी भीड़ जुटती रही। इसीलिये भाजपा […] Read more » शल्य की भूमिका में मोहन भागवत जी
राजनीति विश्ववार्ता नेपाल: भारत चले फूंक-फूंककर September 22, 2015 / September 22, 2015 by डॉ. वेदप्रताप वैदिक | Leave a Comment डॉ. वेदप्रताप वैदिक नेपाल में नए संविधान की घोषणा का दिन वैसा क्यों नहीं हो सकता था,जैसा कि अन्य देशों में प्रायः होता है? नेपाल के सातवें संविधान की घोषणा के पहले 40 लोग मारे गए और अभी मधेस में प्रदर्शनों का तांता लगा हुआ है। राष्ट्रपति रामबरन यादव खुद मधेशी हैं। उन्होंने इस संविधान को सिर […] Read more » Featured नेपाल भारत
राजनीति भ्रष्टाचार मिटाने की दिशा में प्रभावी कदम September 22, 2015 / September 22, 2015 by वीरेंदर परिहार | Leave a Comment वीरेन्द्र सिंह परिहार हमारे देश में भ्रष्टाचार एक बड़ी समस्या है। कुल मिलाकर यदि इसे देश की मुख्य समस्या ही नहीं बल्कि मूल समस्या कहा जाए तो कतई अतिशयोक्ति नहीं होगी। कहने वाले कह सकते हैं कि देश में व्याप्त भयावह गरीबी, बेकारी एवं महंगाई को क्यों देश की मुख्य समस्या नहीं कहा जाना चाहिए? […] Read more » effective ways to eradicate corruption Featured भ्रष्टाचार
आर्थिकी राजनीति पूँजीवाद की कोई और शक्ल ? September 22, 2015 by शैलेन्द्र चौहान | Leave a Comment शैलेन्द्र चौहान आदिकालीन साम्यवादी समाज में मनुष्य पारस्परिक सहयोग द्वारा आवश्यक चीजों की प्राप्ति और प्रत्येक सदस्य की आवश्यकतानुसार उनका आपस में बँटवारा करते थे। परंतु यह साम्यवाद प्राकृतिक था; मनुष्य की सचेत कल्पना पर आधारित नहीं था। आरंभ के ईसाई पादरियों के रहन-सहन का ढंग बहुत कुछ साम्यवादी था, वे एक साथ और समान […] Read more » capitalis Featured पूंजीवाद
राजनीति शिक्षामित्रः सही निर्णय पर नाजायज आंदोलन , दबाव की राजनीति September 22, 2015 by मृत्युंजय दीक्षित | Leave a Comment मृत्युंजय दीक्षित 12 सितम्बर 2015 के दिन इलाहाबाद हाइ्र्रकोर्ट ने एक ओर अत्यंत ऐतिहासिक निर्णय सुनाया जिसके बाद प्रदेश में निुयक्त किये गये 1.72 लाख शिक्षामित्रों का समायोजन रदद कर दिया । शिक्षामित्रों का समायोजन रदद हो जाने के बाद प्रदेशभर के शिक्षामित्र आक्रोशित हो रहे हैं। अनेक शिक्षामित्रों ने आत्महत्या कर ली है जबकि […] Read more » Featured दबाव की राजनीति शिक्षामित्र सही निर्णय पर नाजायज आंदोलन
राजनीति गठबंधन की गाँठ, असमंजस में मतदाता September 22, 2015 by हिमकर श्याम | Leave a Comment हिमकर श्याम राजनीति संभावनाओं का खेल है, यहां कुछ भी असंभव नहीं. सियासत में कुछ भी स्थायी नहीं होता. यही उसका स्वभाव है. न दोस्ती, न दुश्मनी. पांच साल पहले भाजपा और जदयू मिलकर चुनाव लड़े और प्रचंड बहुमत से जीते भी. दोनों का एजेंडा एक था. दूसरी तरफ लालू और रामविलास थे. कांग्रेस अकेले दम मैदान में […] Read more » Bihar politics Featured असमंजस में मतदाता गठबंधन की गाँठ
राजनीति हार्दिक के पीछे कौन September 21, 2015 by उमेश चतुर्वेदी | 3 Comments on हार्दिक के पीछे कौन उमेश चतुर्वेदी जिस पाटीदार समुदाय के हाथ गुजरात के सौराष्ट्र इलाके की खेती का बड़ा हिस्सा हो, जिसके पास हीरा तराशने वाले उद्योग की चाबी हो, जिसके हाथ कपड़ा उद्योग का बड़ा हिस्सा हो, जिसके पास राज्य के कुटीर उद्योगों का बड़ा हिस्सा हो, जिसके पास गुजरात के मूंगफली और गन्ना की उपज का जिम्मा […] Read more » Featured hardik patel हार्दिक के पीछे कौन
राजनीति औवेसीः भाजपा नहीं सेकुलर दलों की देन है! September 20, 2015 by इक़बाल हिंदुस्तानी | Leave a Comment -इक़बाल हिंदुस्तानी जातिवाद और भ्र्रष्टाचार का कॉकटेल मुसलमानों को क्या देगा? असदुद्दीन औवेसी अगर आज हैदराबाद की सीमा से निकलकर पूरे देश में अपनी साम्प्रदायिक पार्टी एमआईएम को फैलाना चाहते हैं तो इसके लिये भाजपा नहीं वो सेकुलर दल ज़्यादा ज़िम्मेदार हैं जो खुद को सेकुलर बताकर जातिवादी और मुस्लिम साम्प्रदायिकता की ख़तरनाक राजनीति करते […] Read more » Featured औवेसी
राजनीति ‘कांग्रेस मुक्त-आरएसएस युक्त’ भारत के निहितार्थ ? September 20, 2015 / September 20, 2015 by तनवीर जाफरी | 1 Comment on ‘कांग्रेस मुक्त-आरएसएस युक्त’ भारत के निहितार्थ ? तनवीर जाफ़री विगत् लोकसभा चुनाव प्रचार के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा देश को ‘कांग्रेस मुक्त’ किए जाने का आह्वान ऐसे समय में किया गया था जबकि देश मंहगाई तथा भ्रष्टाचार से पूरी तरह जूझ रहा था। साथ-साथ मोदी के नेतृत्व में भाजपा नेताओं ने देश को मंहगाई व भ्रष्टाचार मुक्त सुशासन देने का वादा […] Read more » Featured आरएसएस युक्त’ भारत कांग्रेस मुक्त
टॉप स्टोरी राजनीति मीट बैन और गोमांस को लेकर विकृत राजनीति September 20, 2015 by मृत्युंजय दीक्षित | Leave a Comment जैन समाज के पयुर्षण पर्व के अवसर पर जब से महाराष्ट्र की राजधानी मुंबई व कई अन्य हिस्से में मीट की बिक्री पर प्रतिगबंध लगाया गया गया उसके बाद भाजपा की परम सहयोगी शिवसेना व महाराष्ट्र की मनसे ने जिस प्रकार से मीट बैन के खिलाफ अपनी आवाज बुलंद की व जैन समाज तथा उनके […] Read more » Featured गोमांस को लेकर विकृत राजनीति मीट बैन
राजनीति लाल दुर्ग में भगवा सेंध के सियासी निहितार्थ September 19, 2015 by उमेश चतुर्वेदी | Leave a Comment उमेश चतुर्वेदी दिल्ली विश्वविद्यालय में चारों प्रमुख सीटों पर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद की जीत हाल के दिनों में विधानसभा चुनावों में बुरी तरह मात खा चुकी भारतीय जनता पार्टी के लिए राहत भरी खबर है। लेकिन उससे कहीं ज्यादा बीजेपी के लिए जेएनयू में एक ही सीट का ज्यादा प्रतीकात्मक महत्व है। जिस विश्वविद्यालय […] Read more » Featured भगवा सेंध