राजनीति आरक्षण का विकल्प और वोटबैंक की राजनीति! August 31, 2015 by इक़बाल हिंदुस्तानी | 3 Comments on आरक्षण का विकल्प और वोटबैंक की राजनीति! इक़बाल हिंदुस्तानी पटेल आंदोलन जातियों के टकराव की वजह न बन जाये! पटेल आरक्षण की मांग को लेकर आज गुजरात में आंदोलन चल रहा है लेकिन इसका बिना सोचे समझे राजनीतिक कारणों और पीएम मोदी को सबक सिखाने की नीयत से ध्ूार्ततापूर्ण समर्थन करने वाले बिहार के सीएम नीतीश कुमार और दिल्ली के सीएम अरविंद […] Read more » आरक्षण का विकल्प वोटबैंक की राजनीति!
राजनीति मोदी हैं हुशियार – एक तीर से कई शिकार | August 31, 2015 by हरिहर शर्मा | 1 Comment on मोदी हैं हुशियार – एक तीर से कई शिकार | सरकार की नीतिगत घोषणाएं सीधे जनता के बीच करने की अनोखी पहल प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ने की है | कल 11 वीं बार जनता से “मन की बात” करते हुए उन्होंने यह घोषणा की कि विवादास्पद भूमि अधिग्रहण को अब दोबारा नहीं लाया जायेगा | स्मरणीय है कि उक्त अध्यादेश की अवधि 31 अगस्त […] Read more »
राजनीति औचित्यहीन आरक्षण की मांग और सर्वोच्च न्यायालय के दिशा निर्देश August 31, 2015 by प्रमोद भार्गव | 1 Comment on औचित्यहीन आरक्षण की मांग और सर्वोच्च न्यायालय के दिशा निर्देश आखिरकार पटेल समुदाय भी आरक्षण की मांग को लेकर हिंसा,आगजनी और तोड़-फोड़ की उसी राह पर चल पड़ा,जिसकी मांग करते गुर्जर और जाट समुदाय के लोग चल रहे थे। पटेल जाति के युवा नेता हार्दिक पटेल ने तो एक बयान में साफ कर दिया कि उनकी मांगें नहीं मानी गई तो वे गांधी और सरदार […] Read more » Featured औचित्यहीन आरक्षण की मांग सर्वोच्च न्यायालय के दिशा निर्देश
राजनीति महागठबंधन की स्वाभिमान रैली : “ रैली एक , मायने अनेक ” August 31, 2015 / August 31, 2015 by आलोक कुमार | Leave a Comment अगर जुटी हुई ‘भीड़’ चुनावी नतीजों के आक्लन का पैमाना है तो कल दिनांक ३०.०८.२०१५ को पटना में महागठबंधन(राजद –काँग्रेस – जदयू ) के द्वारा आयोजित स्वाभिमान रैली की भीड़ आसन्न विधानसभा चुनावों के संदर्भ में एनडीए ,विशेषकर भाजपा , के लिए कुछ अच्छे संकेत देती हुई नहीं दिखती है l संख्या के लिहाज से देखा जाए तो गाँधी मैदान के अंदर […] Read more » Featured महागठबंधन की स्वाभिमान रैली रैली
राजनीति सैद्धांतिक सहमति August 30, 2015 / August 30, 2015 by प्रवक्ता ब्यूरो | 1 Comment on सैद्धांतिक सहमति केशव झा राजनीति और नेताओं के दोहरे चरित्र को समझना टेढ़ी खीर होती है। अब देखिये ना अपने को भ्रष्टाचार का दुश्मन और सुशासन का झंडाबरदार कहने वाले नीतीश और केजरीवाल ने एक दूसरे से राजनीतिक गठजोड़ कर लिया है। जबकि केजरीवाल और नीतीश, लालू शासन काल के जंगलराज पर सोची- समझी चुप्पी साधे हुए है अर्थात […] Read more » Featured सैद्धांतिक सहमति
राजनीति गुजरात में मोदी को बिहार से बाहर बैठाने का षड्यंत्र August 29, 2015 / August 30, 2015 by प्रवीण गुगनानी | 3 Comments on गुजरात में मोदी को बिहार से बाहर बैठाने का षड्यंत्र आंदोलन की बलि पर अनावश्यक चढ़ा कर खड़े कर दिए गए गुजरात के संदर्भ में तीन नाम प्रतीक स्वरूप प्रस्तुत हैं. एक- कभी प्रधानमंत्री की दौड़ में असमय प्रवेश करके विध्वंस मचानें वाले नितीश, दूजे- समय-समय पर परिपक्वता का परिचय देते रहे शरद यादव और तीजे- गुजरात के पूर्व कांग्रेसी मुख्यमंत्री माधवसिंह सोलंकी. गुजरात […] Read more » Featured गुजरात
राजनीति भारत में ‘राष्ट्रवाद और अंधराष्ट्रवाद का फर्क पुनः परिभाषित किया जाना जरुरी है ! August 29, 2015 / August 30, 2015 by श्रीराम तिवारी | Leave a Comment किसी के लिए मैं दुनिया का सबसे बड़ा लोकतान्त्रिक राष्ट्र हूँ ! किसी के लिए मातृभूमि हूँ ! किसी के लिए मादरे-वतन हूँ ! किसी के लिए सारे ‘जहाँ से अच्छा हिंदोस्ता हमारा’ हूँ ! किसी के लिए आरक्षण की वैतरणी हूँ ! किसी के लिए तिजारत का बहुत बड़ा बाजार हूँ !किसी के लिए […] Read more » Featured अंधराष्ट्रवाद राष्ट्रवाद
राजनीति आरक्षण का जिन्न एक बार फिर… August 28, 2015 / August 30, 2015 by प्रवक्ता ब्यूरो | 4 Comments on आरक्षण का जिन्न एक बार फिर… गंगा प्रसाद देश में आरक्षण का जिन्न आजादी के पहले से चला आ रहा है। इसका जिक्र भी करूगा, कब से आरक्षण मिलना शुरू हुआ। लेकिन जिस तरह से गुजरात में एक बार फिर से जाति के आधार पर आरक्षण की लपटों ने आग लगाई है उस आग का असर आगे चल कर पूरे […] Read more » Featured आरक्षण का जिन्न
राजनीति बिहार चुनावः अग्निपरीक्षा किसकी ? August 28, 2015 by संजय द्विवेदी | Leave a Comment संजय द्विवेदी बिहार का चुनाव वैसे तो एक प्रदेश का चुनाव है, किंतु इसके परिणाम पूरे देश को प्रभावित करेंगें और विपक्षी एकता के महाप्रयोग को स्थापित या विस्थापित भी कर देगें। बिहार चुनाव की तिथियां आने के पहले ही जैसे हालात बिहार में बने हैं, उससे वह चर्चा के केंद्र में आ चुका है। […] Read more » बिहार चुनाव
राजनीति कांग्रेस में बड़े बदलाव की जरूरत August 27, 2015 by आदर्श तिवारी | 1 Comment on कांग्रेस में बड़े बदलाव की जरूरत भारतीय राजनीति में सबसे पुरानी और सबसे अनुभवी पार्टी कांग्रेस आज सबसे बुरी हालत में है,विगत लोकसभा चुनाव के बाद इस विरासत का पतन निरंतर देखने को मिल रहा है,पार्टी को एक के बाद एक चुनावों में मुंह की खानी पड़ रही है, फिर भी अभी तक कांग्रेस अध्यक्षा ने पार्टी में कोई बड़ा […] Read more »
महत्वपूर्ण लेख राजनीति नागा समझौता- अखंड भारत की दिशा में एक और कदम August 27, 2015 by गुलशन कुमार गुप्ता | Leave a Comment 3 अगस्त 2015 को भारत सरकार और भारतीय नागा मूल के आइसाक-मुइवा द्वारा संचालित नागा आन्दोलनकारी संगठन ‘नेशनल सोशलिस्ट काउंसिल ऑफ़ नागालैंड’ यानि NSCN(IM) के बीच ऐतिहासिक समझौता हुआ है | ऐसे कई समझौते अतीत में हो चुके हैं, लेकिन जब मणिपुर में इसी के साथी संगठन NSCN (K) के हमले में हमारे 18 […] Read more » नागा समझौता
राजनीति ताकतवर समाजों के लोग मजहब-धर्म व आरक्षण जैसे फ़ालतू मुद्दे उठाकर जनता का ध्यान क्यों भटका रहे हैं ? August 26, 2015 by श्रीराम तिवारी | 2 Comments on ताकतवर समाजों के लोग मजहब-धर्म व आरक्षण जैसे फ़ालतू मुद्दे उठाकर जनता का ध्यान क्यों भटका रहे हैं ? “अहा ! भारत हमारा कैसा सुंदर सुहा रहा है !” जिस किसी ने भी ये पंक्ति लिखी हो ! परमात्मा उसे जन्नत में मुकाम दे ! टीवी चेनल्स पर आरक्षण की माँग करते हुए गुजरात की सड़कों पर लाखों ,खाते-पीते -चिकने -चुपड़े – हंसमुख और गदगदायमान चेहरे नजर आ रहे हैं ! हष्ट-पुष्ट सुंदर-नर-नारी […] Read more »