राजनीति विधायक योग्य होंगे तो सब ठीक होगा October 4, 2015 by संजय स्वदेश | Leave a Comment संजय स्वदेश बिहार विधानसभा चुनाव में उम्मीदवारों के मैदान में उतरने से पहले ऐसी उम्मीद थी कि इस का चुनाव पंरपरागत मुद्दों को तोड़ेंगे। जाति की बोल मंद पड़ेगी और विकास का मुद्दा तेज होगा। लेकिन उम्मीदवारों की घोषणा होते-होते और प्रचार प्रसार में आरोप-प्रत्यारोप की राजनीति ने एक सकारात्मक उम्मीद पर पानी फेर दिया। […] Read more » Featured विधायक विधायक योग्य
राजनीति ‘प्रिवीपर्स’ के जीवनमरण की कहानी October 4, 2015 / October 4, 2015 by राकेश कुमार आर्य | Leave a Comment जब 15 अगस्त 1947 को देश स्वतंत्र हुआ तो बड़ी अजीब स्थिति उस समय इस देश की थी। कहने के लिए तो भारत ने उस समय लोकतंत्र का स्वरूप ग्रहण कर लिया था और देश की सत्ता की बागडोर पं. नेहरू ने संभाल ली थी। परंतु अभी कई समस्याएं ऐसी थीं जिन पर पार पाना […] Read more » Featured
जन-जागरण राजनीति स्वच्छता अभियान में हरीश सरकार का संदेश October 3, 2015 by मयंक चतुर्वेदी | Leave a Comment डॉ. मयंक चतुर्वेदी राजनीति में रहकर राजनीतिक पार्टी से ऊपर उठकर देशहित में विचार करते हुए राजनीति के जरिए केंद्र में मोदी सरकार की देश को स्वच्छ बनाने और सभी घरों में आवश्यक रूप से शौचालयों के निर्माण को हकीकत में बदलने के लिए जिस प्रकार का अनोखा प्रयोग करने का निर्णय उत्तराखण्ड की हरीश […] Read more » Featured स्वच्छता अभियान हरीश सरकार का संदेश
जन-जागरण राजनीति किन्नरों पर ममता के प्रयासों को सराहने की जरूरत October 3, 2015 by मयंक चतुर्वेदी | Leave a Comment डॉ. मयंक चतुर्वेदी भारत में तीस लाख से ज्यादा किन्नर हैं, लेकिन राजनीतिक स्तर पर देशभर में दो-चार किन्नरों को छोड़ दिया जाए तो इस समाज का विकास आज भी ऐसा लगता है जैसे वह किसी तीसरी दुनिया में जी रहे हैं। उन्हें परस्पर हंसने-बोलने की आजादी तो है लेकिन स्त्री-पुरुषों के सभ्य समाज में […] Read more » Featured किन्नरों पर ममता के प्रयासों को सराहने की जरूरत :
राजनीति आप कब लौटाएंगे कश्मीर? October 3, 2015 by डॉ. वेदप्रताप वैदिक | Leave a Comment भारत सरकार को मैं बधाई देता हूं। उसने संयुक्तराष्ट्र में वह बात उठाई है, जो बात आज तक हमारे किसी भी प्रधानमंत्री ने नहीं उठाई। कश्मीर के सवाल पर हमारी सभी सरकारें- नेहरु से लेकर मोदी तक- दब्बूपन की नीति चलाती रही हैं। वे या तो कश्मीर पर बात करने से कतराती हैं या फिर […] Read more »
राजनीति समाज किसान आत्महत्याओं का अर्थशास्त्र October 3, 2015 by संजय पराते | Leave a Comment भूख से होने वाली मौतें और किसान आत्महत्याएं कभी भी सत्ताधारी पार्टी और शासक वर्ग के लिए चिंता का विषय नहीं बनती, क्योंकि इससे धनकुबेरों के मुनाफों पर कोई चोट नहीं पहुंचती.लेकिन वे हमेशा इस परिघटना के एक राजनैतिक मुद्दा बनने से जरूर डरते हैं, क्योंकि इससे उनके वोट बैंक को नुकसान पहुंचता है.इसलिए उनकी […] Read more » Featured किसान आत्महत्या किसान आत्महत्याओं का अर्थशास्त्र-
राजनीति जंगल में मोर नाचा तो किसने देखा ? October 3, 2015 by प्रवक्ता ब्यूरो | Leave a Comment विदेश नीति के रंग डिजिटल इंडिया ,मेक इन इंडिया,स्किल इंडिया में हम इतने सराबोर हो चुके है कि हमारे आंतरिकता में स्थित देश की पहचान जो गाँवो से है , किसानो से है ,खेतो से है ,जंगलो से है ,मज़दूरों से है उसे लगभग भूल चुके है। यह पहल सही है की विदेश नीति का […] Read more » जंगल में मोर नाचा तो किसने देखा ?
राजनीति कितना साकार हुआ स्वच्छ भारत का सपना October 3, 2015 / October 3, 2015 by शाहिद नकवी | Leave a Comment आज का दिन राष्ट्रपिता को याद करने का एक अवसर प्रदान करता है । मोहनदास करमचन्द गांधी एक समूचे दर्शन का नाम है, जिसकी ओर दुनियाभर में असंख्य लोग आकर्षित हुए। हिंसा और मानव निर्मित घृणा से ग्रस्त दुनिया में महात्मा गाँधी आज भी सद्भावना और शांति के नायक के रूप में अडिग खड़े हैं […] Read more » Featured कितना साकार हुआ स्वच्छ भारत का सपना स्वच्छ भारत का सपना
राजनीति आस्था को तर्कों की कसौटी पर तौलने के मायने ? October 1, 2015 by निर्मल रानी | Leave a Comment निर्मल रानी हमारे देश और दुनिया में विभिन्न धर्मों व समुदायों के मध्य इस प्रकार की अनेकानेक ऐसी धार्मिक व सामाजिक मान्यताएं व रीति-रिवाज हैं जिनका सीधा संबंध लोगों की आस्था,उनके संस्कार तथा धार्मिक विश्वास से जुड़ चुका है। इनमें तमाम रीति-रिवाज व मान्यताएं ऐसी भी हैं जो भले ही इन्हें मानने वालों के लिए […] Read more » Featured
राजनीति क्या आरक्षण अपने मूल उद्देश्य से भटक गया है? October 1, 2015 / October 3, 2015 by वीरेश्वर तोमर | 2 Comments on क्या आरक्षण अपने मूल उद्देश्य से भटक गया है? स्वतंत्रता प्राप्ति के समय भारत की सामाजिक संरचना में विभिन्न कारकों का वर्चस्व रहा| समाज के कुछ विशेष वर्ग, वर्षों से शोषण परक सत्ता के कुकृत्यों से दबे हुए थे| संविधान निर्माताओं द्वारा एक समतामूलक समाज की प्राप्ति हेतु इस वर्ग के उत्थान हेतु दोहरे उपबंध करना आवश्यक प्रतीत हुआ- भेदभाव को समाप्त किया जाये| […] Read more » Featured आरक्षण आरक्षण अपने मूल उद्देश्य से भटक गया है
राजनीति जनता ही जनार्दन है : तेजस्वी यादव September 30, 2015 / September 30, 2015 by आलोक कुमार | Leave a Comment आलोक कुमार :- राघोपुर की जनता आपको क्यूँ वोट दे और राघोपुर के लिए आपकी क्या प्राथमिकताएँ हैं ? तेजस्वी यादव :- राघोपुर की मिट्टी से जुड़ा हूँ , मेरे माता-पिता इस क्षेत्र की जनता के सुख-दुख के साथी रहे हैं और अब मैं वही जिम्मेवारी निभाने राघोपुर की जनता के बीच आया हूँ […] Read more » Featured तेजस्वी यादव
राजनीति विदेशों में बढ़ रही है भारत की धाक September 29, 2015 by सुरेश हिन्दुस्थानी | Leave a Comment सुरेश हिंदुस्थानी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के डिजीटल इंडिया का सपना अब साकार रूप में परिणत होता दिखाई दे रहा है। प्रधानमंत्री जब किसी विदेश यात्रा पर जाते हैं, तब उनके कार्यक्रमों में जो झलक प्रादुर्भित होती है, उसके मूल में भारत का डिजीटल स्वरूप दिखाई देता है। आज सारा विश्व इस बात को लेकर चकित […] Read more » Featured भारत की धाक