राजनीति आधुनिक भारतीय इतिहास का सबसे काला दिन June 3, 2013 / June 4, 2013 by अनिल गुप्ता | 5 Comments on आधुनिक भारतीय इतिहास का सबसे काला दिन आज तीन जून है, आधुनिक भारतीय इतिहास का सबसे काल दिन, क्योंकि आज के दिन 66 वर्ष पूर्व देश के विभाजन की घोषणा हुई थी। जवाहरलाल नेहरु और एडविना माऊंटबेटन की बंद कमरे में तीन घंटे हुई ’वार्ता’ के बाद. लार्ड माऊंटबेटन के जीवनीकार फिलिपज़िग्लेर ने लिखा है की अंग्रजों ने अखंड हिंदुस्तान के दो […] Read more » आधुनिक भारतीय इतिहास का सबसे काल दिन
राजनीति भारत निर्माण या भारत निर्वाण ??? !! June 3, 2013 by अभिनव शंकर | 1 Comment on भारत निर्माण या भारत निर्वाण ??? !! भारत निर्माण या भारत निर्वाण ???भारत निर्माण या भारत निर्वाण ??? इन दिनों चैनलों और अखबारों में “भारत-निर्माण” विज्ञापनों की धूम है. करीब 570 करोड़ के भारी भरकम बजट वाला ये विज्ञापन सरकार के कथित उपलब्धियों (??) को जन जन तक पहुँचाने के लिए विशेष रूप से तैयार किया गया है। इसका एक उद्देश्य ये […] Read more » भारत निर्माण या भारत निर्वाण ??? !!
राजनीति समाज पशुपति से तिरुपति तक बहती लाल धारा June 3, 2013 by प्रमोद भार्गव | 1 Comment on पशुपति से तिरुपति तक बहती लाल धारा विशमता और शोषण से जुड़ी भूमण्डलीय आर्थिक उदारवादी नीतियों को जबरन अमल में लाने की प्रक्रिया ने देष में एक बड़े लाल गलियारे का निर्माण कर दिया है, जो पशुपति ; नेपालद्ध से तिरुपति ; आंध्रप्रदेशद्ध तक जाता है। इन उग्र चरमपंथियों ने पहले पश्चिम बंगाल की माक्र्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी के नेता-कार्यकर्ताओं को चुन-चुनकर मारा […] Read more » पशुपति से तिरुपति तक बहती लाल धारा
मीडिया राजनीति समाज जब अन्याय और अत्याचार चर्म पर पहुँचता है तो नक्सलवाद जन्मता है! June 3, 2013 / June 3, 2013 by डॉ. पुरुषोत्तम मीणा 'निरंकुश' | 1 Comment on जब अन्याय और अत्याचार चर्म पर पहुँचता है तो नक्सलवाद जन्मता है! छत्तीसगढ में नक्सलियों के हमले में अनेक निर्दोष लोगों सहित वरिष्ठ कांग्रेसी नेताओं के मारे जाने के बाद देशभर में एक बार फिर से नक्सलवाद को लेकर गरमागर्म चर्चा जारी है। यह अलग बात है कि नक्सलवादियों द्वारा पिछले कई वर्षों से लगातार निर्दोष लोगों की हत्याएँ की जाती रही हैं, लेकिन इस बारे में […] Read more » जब अन्याय और अत्याचार चर्म पर पहुँचता है तो नक्सलवाद जन्मता है!
राजनीति शमशानघाट की राजनीति और महेन्द्र कर्मा की शहादत को शत शत नमन June 1, 2013 by डॉ. कुलदीप चन्द अग्निहोत्री | Leave a Comment छत्तीसगढ़ में सोनिया कांग्रेस की परिवर्तन यात्रा चल रही थी। कांग्रेस इस यात्रा से प्रदेश में सत्ता का परिवर्तन करना चाहती थी। लेकिन मंच का दृश्य संकेत दे रहा था कि यात्रा के साथ–साथ पार्टी के भीतर ही परिवर्तन की आंधी चल रही है। केन्द्र सरकार में ग्रामीण विकास मंत्री और सोनिया गांधी के खास-उल-खास […] Read more » शमशानघाट की राजनीति और महेन्द्र कर्मा की शहादत को शत शत नमन
राजनीति व्यंग्य मनमोहन और “बोधि धर्म” June 1, 2013 / June 1, 2013 by राकेश कुमार आर्य | Leave a Comment बात उस समय की है जब चीन में राजा वू का शासन था। एक दिन बौद्घ भिक्षु बोधिधर्म राजधानी में पधारे। राजा वू ने भिक्षु का श्रद्घा भाव से सत्कार किया। वह बौद्घ भिक्षु के पास गया और बोला-’स्वामी मैंने बुद्घ के अनेक मंदिर बनवाए, धर्मप्रचार पर अपार धन खर्च किया, अनेक धर्मशास्त्र बंटवाए, अब […] Read more » कम्यूनिस्ट पार्टी चीनी नेता माओ चीनी राजा डा.मनमोहन सिंह नक्सलवाद बोधिधर्म भारतीय नक्सलवाद भारतीय प्रधानमंत्री राजा 'वू'
राजनीति लोकतंत्र और नेता May 30, 2013 / May 30, 2013 by डा. रवीन्द्र अग्निहोत्री | 2 Comments on लोकतंत्र और नेता डा. रवीन्द्र अग्निहोत्री अनेक विद्वानों का मानना है कि लोकतंत्र की परम्परा अपने देश में बहुत पुरानी है . सांस्कृतिक जागरण काल के एक प्रमुख नेता महर्षि दयानंद सरस्वती ने इसे वैदिक कालीन बताया है . अपने प्रसिद्ध ग्रन्थ ” सत्यार्थ प्रकाश ” में उन्होंने लगभग चालीस पृष्ठों का एक पूरा अध्याय “ राजधर्म “ पर […] Read more » लोकतंत्र और नेता
राजनीति राम जेठमलानी का भाजपा से निष्कासन May 30, 2013 / May 30, 2013 by डॉ. कुलदीप चन्द अग्निहोत्री | 1 Comment on राम जेठमलानी का भाजपा से निष्कासन डा. कुलदीप चन्द अग्निहोत्री एक अच्छे वकील के नाते ख्याति प्राप्त राम जेठमलानी को आखिरकार भारतीय जनता पार्टी ने पार्टी से बाहर निकाल दिया। राजनीति में थोड़ी-सी भी रुचि रखने वाले लोगों के लिए इस खबर में आश्चर्यजनक कुछ भी नहीं है। इसके विपरीत आश्चर्य इस बात का है कि जेठ मलानी इतने लम्बे […] Read more » राम जेठमलानी राम जेठमलानी का भाजपा से निष्कासन
राजनीति चीन के अनुकूल रही वार्ता May 28, 2013 / May 28, 2013 by प्रमोद भार्गव | 1 Comment on चीन के अनुकूल रही वार्ता प्रमोद भार्गव विश्व – भूगोल पर नए शक्ति-केंद्रों के रुप में उभर रहे भारत और चीन की वार्ता, आखिरकार चीन के पक्ष में जाती दिखार्इ दी। कटुता फैलाने वाले जो बुनियादी मुददे हैं, वे अनुत्तरित ही रहे। सीमा विवाद, घुसपैठ, स्टेपल वीजा और जल-विवाद यथावत ही रहेंगे। जिन आठ मुददों पर समझौते हुए हैं, उनमें […] Read more » चीन के अनुकूल रही वार्ता भारत और चीन की वार्ता
टॉप स्टोरी राजनीति लाल क्रांतिवाद बनाम लोकतंत्र। May 27, 2013 / May 28, 2013 by सुधा राजे | Leave a Comment भारत को आजाद कराने और उसे प्रजातंत्र बनाने में हम सबके पुऱखों ने कुरबानी दी । देश की आजादी की ललक में । सपना लोकतंत्र था लाल तानाशाही कभी नहीं ।ये लोग तब भी लाल विश्व का सपना देख रहे थे । लाल विश्व जिसमें किसी का कुछभी अपना नहीं होगा । एक समूह तानाशाही […] Read more » लाल क्रांतिवाद लाल क्रांतिवाद बनाम लोकतंत्र लोकतंत्र
राजनीति राष्ट्र की भावना समझे भाजपा May 25, 2013 / May 25, 2013 by विनोद कुमार सर्वोदय | 3 Comments on राष्ट्र की भावना समझे भाजपा भाजपा को यह समझना चाहिये कि जनमानस कांग्रेस के खिलाफ है, लेकिन जब तक वह मजबूत विकल्प और आक्रमक भूमिका में नहीं होगी, मतदाताओं का भरोसा नहीं जीत सकेगी। उसे अब आपसी एकजुटता बनाकर मजबूत होकर जनता के लिये जनता के सामने आना होगा। बड़े खेद के साथ लिखना पड़ता है कि भाजपा के वयोवृद्ध […] Read more » राष्ट्र की भावना समझे भाजपा
राजनीति व्यंग्य मनमोहन सिंह की अंतरिम उपलब्धि May 24, 2013 by सिद्धार्थ मिश्र “स्वतंत्र” | Leave a Comment सिद्धार्थ मिश्र”स्वतंत्र” समाचार पत्रों में प्रकाशित हालिया दो बड़ी खबरों ने हम सभी का ध्यान आकर्षित किया है । प्रथम मनमोहन सिंह जी की राज्यसभा चुनावों के लिए नामांकन की तथा दूसरी भारतीय इतिहास की सबसे भ्रष्ट और बेशर्म सरकार द्वारा शासन के नौ वर्ष पूरे करने की । इन दोनों खबरों में निहित सार […] Read more » मनमोहन सिंह की अंतरिम उपलब्धि