राजनीति एक पाती अन्ना काका के नाम January 15, 2014 / January 15, 2014 by विपिन किशोर सिन्हा | 4 Comments on एक पाती अन्ना काका के नाम पूजनीय काका, चरण-कमलों में सादर प्रणाम! आगे काका के मालूम हो कि ईहां का समाचार अच्छा है, हम राजी खुशी हैं। बस, ठंढिए कभी-कभी वाणप्रस्थी हडियन में समा जाती है। काका, तुम तो जानते ही हो कि अपनी दिहाड़ी की मज़दूरी से सिर्फ नून, तेल और लकड़ी का ही इन्तज़ाम हो पाता है। तोहार […] Read more » A letter to Anna एक पाती अन्ना काका के नाम
राजनीति वैकल्पिक राजनीति की दिशा में ‘आप’ January 14, 2014 / January 14, 2014 by प्रमोद भार्गव | 1 Comment on वैकल्पिक राजनीति की दिशा में ‘आप’ -प्रमोद भार्गव- दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के जनता पर जादुई असर ने आम आदमी पार्टी के लिए वैकल्पिक राजनीतिक दल के रूप में खड़ा होने का रास्ता खोल दिया है। गैर-कांग्रेस और गैर-भाजपावाद का यह दल सही विकल्प है, क्योंकि अब तक भाजपा और राममनोहर लोहिया के समाजवादी आंदोलन से निकले लोग ही […] Read more » AAP वैकल्पिक राजनीति की दिशा में 'आप'
राजनीति अब राजनीति का नया चेहरा देखना चाहती है मतदाता January 14, 2014 / January 14, 2014 by देवेन्द्र कुमार | Leave a Comment -देवेन्द्र कुमार- कभी गाय-गोबर पट्टी के रूप में पहचाना जाने वाला हिन्दी भाषा-भाषी चार प्रदेशों में लोकसभा चुनाव के पूर्व सेमीफाइनल के बतौर देखा जाने वाला विधानसभा चुनावों में कांग्रेस चारों खाने चित्त हुई। स्वाभाविक है कि कांग्रेस के अन्दर आत्ममंथन और आत्मचिंतन की प्रक्रिया चले। इस अवसान पराजय और पराभव के कारक-कारणों की […] Read more » Voters want new political face अब राजनीति का नया चेहरा देखना चाहती है मतदाता
राजनीति प्रशांत भूषण पर ही जनमत संग्रह क्यों न करा लिया जाये ? January 13, 2014 / April 9, 2014 by राजीव रंजन प्रसाद | 5 Comments on प्रशांत भूषण पर ही जनमत संग्रह क्यों न करा लिया जाये ? -राजीव रंजन प्रसाद- यह सही है कि आम आदमी पार्टी का उदय जिस दृष्टिकोण के साथ हुआ, उसके केन्द्र में भ्रष्टाचार से त्राहि-त्राहि करते आम लोग ही हैं। आम आदमी पार्टी से लोगों की अपेक्षायें जिस तेजी से बढ़ी, उतनी ही शीघ्रता से इस पार्टी ने स्वयं को प्रसारित-प्रचारित करने वाली राजनीति को भी […] Read more » Prashant Bhushan प्रशांत भूषण पर ही जनमत संग्रह क्यों न करा लिया जाये ?
राजनीति कांग्रेस-भाजपा के मध्य ‘आप’ का निशाना January 13, 2014 / January 13, 2014 by बीनू भटनागर | 1 Comment on कांग्रेस-भाजपा के मध्य ‘आप’ का निशाना -बीनू भटनागर- 2014 लोकसभा चुनाव में परंपरागत कांग्रेस पार्टी और भाजपा के बीच टकराव को आम आदमी पार्टी ने त्रिकोणीय मुक़ाबला बना दिया है। एक साल पहले जन्मी इस पार्टी के लिये दिल्ली विधानसभा में 28 सीटें जीतने के बाद यह दूसरी उपलब्धि है। अन्य राजनैतिक दल पहले भी उनकी उपस्तिथि स्वीकार करने को […] Read more » AAP bjp Congress कांग्रेस-भाजपा के मध्य 'आप' का निशाना
राजनीति कांग्रेस चाहे जो कर ले, भाजपा की बढ़त को रोक नहीं सकती! January 12, 2014 / April 9, 2014 by इक़बाल हिंदुस्तानी | 10 Comments on कांग्रेस चाहे जो कर ले, भाजपा की बढ़त को रोक नहीं सकती! -इक़बाल हिंदुस्तानी- केजरीवाल सरकार बनवाकर उसने मोदी को ब्रेक ज़रूर लगाये हैं ? लोकपाल बिल पास कराने का दांव हो या कुकिंग गैस के सब्सिडी वाले सिलेंडरों की संख्या 9 से बढ़ाकर 12 करने पर विचार का मामला कांग्रेस नेतृत्व की यूपीए सरकार दिन-ब-दिन अलोकप्रिय होती जा रही है। भाजपा ने जब से मोदी को […] Read more » AAP Congress Narendra Modi कांग्रेस अब चाहे जो कर ले भाजपा की बढ़त को रोक नहीं सकती!
राजनीति प्रशांत भूषण बहाना: केजरीवाल हैं निशाना January 12, 2014 / April 9, 2014 by तनवीर जाफरी | 2 Comments on प्रशांत भूषण बहाना: केजरीवाल हैं निशाना -तनवीर जाफरी- भारतीय राजनीति में लोकतांत्रिक प्रक्रिया के माध्यम से चमत्कारिक रूप से अवतरित होने वाली आम आदमी पार्टी तथा उसके नेता व दिल्ली के नवनिर्वाचित मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की दिनोंदिन बढ़ती लोकप्रियता ने भारतवासियों को आश्चर्यचकित कर दिया है। इस अद्भुत राजनैतिक घटनाक्रम से जहां न्यायप्रिय लोग, ईमानदार व पारदर्शी शासन व्यवस्था की […] Read more » Arvind Kejrival Prashant Bhushan प्रशांत भूषण बहाना: केजरीवाल हैं निशाना
राजनीति राहुल-प्रियंका की जुगलबंदी से होगा बदलाव? January 12, 2014 / January 12, 2014 by सिद्धार्थ शंकर गौतम | Leave a Comment -सिद्धार्थ शंकर गौतम- देश की सबसे पुरानी पार्टी इन दिनों संक्रमण काल से गुजर रही है| केंद्र में 10 वर्षों तक गठबंधन सरकार चलाने की कीमत उसे अपनी कमजोरियों की फेहरिस्त को सार्वजनिक होने से चुकाना पड़ी है| फिर हाल ही में चार राज्यों के विधानसभा चुनाव में मिली करारी हार ने उसके सांगठनिक […] Read more » Rahul-Priyanka Gandhi राहुल-प्रियंका की जुगलबंदी से होगा बदलाव?
राजनीति बंगाल में ममता का टूटता तिलिस्म January 10, 2014 / January 10, 2014 by प्रवक्ता.कॉम ब्यूरो | Leave a Comment -ललित कुमार- पश्चिम बंगाल में ममता का सिंहासन डोलने लगा है. बंगाल में ममता का प्रभाव अब तक कोई खास असर नहीं छोड़ पाया है. ममता बनर्जी ने जिन मुद्दों के आसरे करीब 35 साल के वाम पार्टी के किलों को ध्वस्त किया था. उससे तो यही लगता था कि ममता बनर्जी राज्य के […] Read more » Mamta Banarjee बंगाल में ममता का टूटता तिलिस्म
राजनीति शोषणवादी आशुतोष और समाजवादी “आप” January 10, 2014 / January 10, 2014 by नीरज वर्मा | 3 Comments on शोषणवादी आशुतोष और समाजवादी “आप” -नीरज वर्मा- IBN7 के प्रबंध सम्पादक आशुतोष ने इस्तीफ़ा देकर “आप” पार्टी ज्वाइन करने का मन बनाया है ! सतही तौर पर ये ख़बर “आप” के नेताओं के लिए उत्साहजनक है। मगर बुनियादी तौर पर बेहद खतरनाक ! आशुतोष जैसे पत्रकार, “आप” जैसे समाजवाद के लिए क्यों खतरनाक हो सकते हैं ! आशुतोष वो […] Read more » Ashutosh and AAP शोषणवादी आशुतोष और समाजवादी "आप"
राजनीति सवाल शहजादे-शहजादियों की राजनीति का January 8, 2014 / January 8, 2014 by देवेन्द्र कुमार | Leave a Comment -देवेन्द्र कुमार- नरेन्द्र मोदी को प्रधानमंत्री का उम्मीदवार घोषित होते ही यह आशंका व्यक्त की गई थी कि अब आगे का पूरा चुनाव नरेन्द्र मोदी बनाम राहुल गांधी बनने वाला है। यद्यपि कांग्रेस की पूरी कोशिश इससे बचते हुए चुनाव को मुद्दों पर आधारित बनाने की ही थी। सूचना का अधिकार, भोजन का अधिकार, […] Read more » Rahul Gandhi-Priyanka Gandhi सवाल शहजादे-शहजादियों की राजनीति का
राजनीति प्रधानमंत्री की बातों के मायने January 8, 2014 / January 11, 2014 by पियूष द्विवेदी 'भारत' | Leave a Comment -पीयूष द्विवेदी- अपने लगभग दस साल के कार्यकाल के दौरान ये तीसरा मौका था जब प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह सीधे-सीधे मीडिया से मुखातिब हुए ! विकट से विकट स्थिति में भी आम तौर पर मौन रहने वाले मनमोहन सिंह के लोकसभा चुनाव से चंद महीने पहले मीडिया के सामने आकर सवालों के जवाब देने के […] Read more » Dr Manmohan Singh प्रधानमंत्री की बातों के मायने